अवैध गिट्टी परिवहन पर कार्रवाई, प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल, राजस्व का हो रहा नुकसान


अनूपपुर 

जिले के कोतमा पुलिस ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर कार्रवाई की है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त ट्रैक्टर बिना टीपी (ट्रांजिट पास) के गिट्टी का परिवहन कर रहा था। जांच के दौरान चालक के पास वाहन, खनिज परिवहन अथवा स्वामित्व से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई प्रारंभ की है।।

इस एकल कार्रवाई के बाद क्षेत्र में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रतिदिन बड़ी संख्या में अवैध ट्रैक्टर-ट्रॉली खुलेआम मुख्य सड़कों से गुजरते हैं, तो कार्रवाई केवल एक वाहन तक ही सीमित क्यों रही। नागरिकों का यह भी कहना है कि यदि पुलिस, खनिज विभाग और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से नियमित जांच अभियान चलाएं, तो अवैध गिट्टी परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

अवैध रूप से हो रहे गिट्टी परिवहन से शासन को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कों की हालत लगातार खराब हो रही है और यातायात दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई बार भारी वाहनों की आवाजाही से आम नागरिकों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ लगातार, सख्त और पारदर्शी कार्रवाई की जाए। 

बीमारों की सांसों पर संकट, एम्बुलेंस संचालन में व्यापक फर्जीवाड़ा कर कंपनी कर रही लाखों का खेल

*जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की एम्बुलेंस की सेवा से काली कमाई*


उमरिया

जिले के मरीजों को राहत भरी यात्रा कर सुलभता से चिकित्सालय तक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध  कराने के लिए मध्यप्रदेश शासन की यशस्वी योजना एम्बुलेंस (108) जिसे आपातकालीन चिकित्सा सेवा और जननी एक्सप्रेस के नाम पर संचालित कर मरीजों की जान बचाने का उद्यम कर रही वही पर सरकार की इस सुखद मंशा पर ठेकेदार व्दारा पानी फेरते हुए  अपनी  तिजोरियां भरने का जरिया बना  चुकी है। बताया जाता है की उमरिया जिले में जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के एम्बुलेंस की सेवा का बीड़ा उठा  रही है जो सेवा कम काली कमाई का जरिया ज्यादा बनायी है और इसके चलते वह कतिपय फर्जी कॉल्स का सहारा लेकर  ऐसा घिनौना खेल चल रही है, जि  बिना सेवा के ही कमायी होती रहेंगी और दुसरे की सेवा से भी बच जायेगें। एक तरफ बिना काम किये एम्बुलेंस का मीटर चलता रहेंगा, दुसरी ओर  असली मरीज को भी लाने की झंझट खत्म। इस घिनौने भरे खेल से एक तरफ जहाँ ठेकेदार की जेबें गर्म होती रहती है वही इस खेल में कई मरीजों को  अस्पताल पहुंचने के इंतजार में  जान से गवां बैठते हैं,  जिस के लिये इस ठेकेदार को कदापि दोषी नहीं माना जा सकता।पडताल करने पर पता चलता है कि एक  तरफ एम्बुलेंस के पहिए सिर्फ कागजों और फर्जी कॉल्स पर दौडक़र सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं, वही कुछेक मरीज अपने जीवन से हाथ धो लिये। उल्लेखनीय है कि जिले के पाली, करकेली,मानपुर, चंदिया और नौरोजाबाद समेत तमाम लोकेशंस पर तैनात एम्बुलेंस सेवाओं की जमीनी हकीकत दुखभरी और  भयावह है, बताया जाता है की  पाली लोकेशन के वाहन संख्या (सीजी-04-एनएस-4602) ने तो इस मामले में  बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। पीसीआर बुक की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिन नंबरों से एम्बुलेंस बुलाई गई, वे नंबर या तो खुद एम्बुलेंस स्टाफ के हैं, या फिर बंद और अनरिचेबल हैं। हैरानी की बात तो यह है कि जब जिला चिकित्सालय के कंप्यूटर रिकॉर्ड खंगाले गए, तो अधिकांश केसों में पेशेंट नॉट फाउंड का मैसेज सामने आया। साफ है कि सरकारी तेल फूंकने और केस नंबर बढ़ाकर शासन से ज्यादा फंडिंग ऐंठने के लिए यह पूरा जाल बुना गया है।

*जिला प्रभारी पर गंभीर आरोप*

भ्रष्टाचार का यह सिंडिकेट ऊपर से नीचे तक जुड़ा हुआ है। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया की  यह सब कंपनी के जिला अधिकारी सतेंद्र वर्मा के इशारे पर हो रहा है। जो कर्मचारी इस काले खेल में शामिल होने से इनकार करता है, उसे मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जाता है। स्थानीय गुर्गों से धमकियां दिलवाई जाती हैं, वेतन काट लिया जाता है या नौकरी से निकालने का भय दिखाकर घर बैठा दिया जाता है। पायलट रोहनी कुशवाहा ने इस जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई और थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है, जो इस बात का प्रमाण है कि कंपनी के भीतर तानाशाही और उगाही का साम्राज्य चल रहा है।

*जब एम्बुलेंस फेक केस में बिजी*

इस घोटाले का सबसे काला पहलू यह है कि जब एम्बुलेंस फर्जी कॉल्स के कारण सडक़ों पर हवा में दौड़ रही होती है, ठीक उसी वक्त किसी प्रसव पीड़ा से गुजरती महिला या दिल के दौरे से तड़पते मरीज को वाहन नहीं मिल पाता। कंट्रोल रूम से वाहन व्यस्त है का संदेश दे दिया जाता है। यह सिर्फ आर्थिक भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि यह गैर इरादतन  हत्या के समान है। क्या शासन-प्रशासन को उन मौतों का हिसाब नहीं लेना चाहिए जो एम्बुलेंस की अनुपलब्धता के कारण हुईं?

*अफसरों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल*

जिले में इतना बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं। एम्बुलेंस जिला प्रभारी सतेंद्र वर्मा से जानकारी लेने की कोशिश की गयी लेकिन उन्होंने   फोन उठाना उचित नहीं समझा। जिससे इस संवेदनशील मामले में उनकी भी संलिप्तता की बू आ रही है। वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.एस. चंदेल ने करेंगे का रटा-रटाया जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया है। सवाल यह है कि यह खानापूर्ति कब तक चलेगी, क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद टूटेगी। 

*प्रदेशव्यापी ऑडिट की दरकार*

उमरिया जिले में कार्यरत जेएईएस कंपनी का कारोबार जिले के साथ ही  पूरे प्रदेश में फैला हुआ है। यदि एक छोटे से  जिले में फर्जी काल का खेल चल रहा है तब अन्य जिले अछूते रह पायेंगे कह पाना कठिन है। इसलिए इस मामले की प्रदेश स्तरीय सघन जांच करायी जाये तो  करोड़ों का घोटाले सामने आ सकता है ।इस मामले की विस्तृत जांच करने पर  इस कंपनी का खेला सामने आयेगा।

तेज ट्रक ने स्कूटी को मारी टक्कर, युवक की घटनास्थल पर हुई मौत, ट्रक चालक गिरफ्तार



शहडोल

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बंधा बाजार के पास रविवार शाम करीब 7 बजे एक भीषण सड़क हादसे में स्कूटी सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान करन सिंह गोंड़ पिता सूर्यभान सिंह (उम्र 24) के रूप में हुई है। बताया गया कि करन सिंह रविवार शाम स्कूटी से बंधा बाजार से जयसिंहनगर की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया। घटना को देख स्थानीय लोगों ने तुरंत जयसिंहनगर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई करते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने ट्रक का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर ट्रक को पकड़ लिया। पुलिस ट्रक चालक को हिरासत में लेकर वाहन सहित थाने लेकर आई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे यह हादसा हुआ।

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है वहीं युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में मातम पसर गया है। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

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