असम के छात्र के साथ हुई मारपीट के विरोध में अभाविप ने सौपा ज्ञापन, सड़क हादसे में कई घायल


अनूपपुर

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अनूपपुर जिले के कार्यकर्ताओं द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय में असम के छात्र के साथ हुई मारपीट के विरोध में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सोपा। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय में लगातार भय का वातावरण बनता जा रहा है ,असामाजिक तत्वों का लगातार प्रवेश बढ़ रहा है जिसके कारण से छात्रों में भय का माहौल बढ़ता जा रहा है  छात्र छात्राएं स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे है, विश्वविद्यालय के अंदर आसामाजिक तत्वों के प्रवेश के कारण नशीले पदार्थों का सेवन लगातार बढ़ रहा है जिसके कारण से आए दिन कई बड़ी घटनाएं सामने आती हैं, साथ ही छात्रावासों के मुख्य अधीक्षक द्वारा अपने निजी स्वार्थ के लिए आसामाजिक तत्वों को फर्जी तरीके से विश्वविद्यालय के अंदर शरण व संरक्षण देते हैं व उनकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम लगातार कर रहे हैं इन सभी विषयों को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी परिषद ने अनूपपुर जिले की पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए यह कहा कि यदि सा दिवस में गंभीर निर्णय नहीं लिया गया तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा जिसका जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन व पुलिस प्रशासन रहेगा।

*सड़क हादसे में कई हुए घायल*

उमरिया नोरोजाबाद थाना अंतर्गत ग्राम मनेरी में हुए सड़क हादसे में राजू पिता सुरेश बैगा उम्र 26 वर्ष निवासी कौड़िया,पंकज पिता अमित कोल उम्र 22 वर्ष निवासी जरहा,राखी पिता सुदामा कोल उम्र 18 वर्ष निवासी बोदली,प्रीति पिता कमलेश कोल उम्र 19 निवासी रहठा घायल हुए है,ये सभी मेला में शामिल होकर वापस आ रहे थे,तभी सड़क हादसे का शिकार हुए है।इसके अलावा ग्राम कौड़िया के पास हुए सड़क हादसे में सुदीप पिता कुमरईया बैगा उम्र 60 वर्ष,संजय पिता राजू बैगा, राजू पिता सुदीप बैगा घायल बताये जा रहे है।

इन दोनों घटनाओं के अलावा गुरुवार की रात निगहरी के पास भी सड़क हादसा हुआ है,इस हादसे में भी देर रात दो बाइक की आपसी भिड़ंत हुई है,ये हादसा धुर्वे क्रेसर के पास बताया जा रहा है।इस हादसे में ग्राम हर्रई निवासी सोनू सिंह एवम डिंडौरी जिले के ग्राम चौरा निवासी दो युवकों के गम्भीर रूप से घायल होने की खबर है।

क्रिकेट प्रतियोगिता के एक तरफा मुकाबले में नागपुर की हुई जीत, कोरिया हुई प्रतियोगिता से बाहर


शहडोल

जिले के बुढ़ार में नगर के स्व. कुशाभाऊ ठाकरे स्टेडियम में खेली जा रही अखिल भारतीय विधायक गोल्ड कप क्रिकेट प्रतियोगिता का पहला क्वार्टर फाइनल नागपुर और डीसीए कोरिया के बीच खेला गया, मैच में नागपुर की टीम ने कोरिया की टीम को हर मामले में पछाड़ते हुए शानदार जीत हासिल की ।

*टॉस जीतकर नागपुर ने चुनी बल्लेबाजी*

मैच का टॉस नागपुर ने जीता , पिच का मिजाज भांपते हुए नागपुर के कप्तान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया , पगले बल्लेबाजी करते हुए नागपुर की टीम ने निर्धारित बीस ओवरों में छह विकटों के नुकसान पर 195 रन बनाए ,  नागपुर की तरफ से सलामी  बल्लेबाज आकिब खान ने 51 रन,हिमांशु ने 48 एवं राठी ने 37 रनों का योगदान दिया , कोरिया की ओर से गेंदबाज राज ने 2 विकेट लिए ।

*नागपुर की गेंदबाजी के सामने ढेर हुई कोरिया*

184 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोरिया की टीम को नागपुर के गेंदबाजों ने जमकर परेशान किया और कोरिया के दोनों सलामी बल्लेबाजों को 15 रनों के भीतर ही पवेलियन की राह दिखा दी , शुरुआती झटकों से कोरिया की टीम पूरे मैच के दौरान नहीं उबर पाई और 16 वें ओवर में ही 100 रनों पर आल आउट हो गई , कोरिया की ओर से बल्लेबाज राज ने ही कुछ देर तक संघर्ष किया और अपनी टीम के लिए 30 रन बनाए , नागपुर की ओर से शानदार गेंदबाजी करते हुए कुणाल ने 3 और आर्य तथा अथर्व ने 2-2 विकेट लिए  इस तरह इस मुकाबले को नागपुर की टीम ने 95 रनों ने जीत लिया नागपुर टीम की ओर से शानदार आलराउंड प्रदर्शन करने वाले कुणाल को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया , जिन्हें चाट दी हट्टी कैफे के प्रोपराइटर संदीप आहूजा  ने पुरस्कृत किया।

*ये रहे टीमों के प्रायोजक*

टूर्नामेंट में आज कोरिया टीम के प्रायोजक जिला पंचायत शहडोल के सभापति जगन्नाथ शर्मा रहे जबकि नागपुर टीम के प्रायोजक दीपक मांझी (लालू) एवं पवन चीनी रहे।

मैच में अंपायरिंग आनंद त्रिपाठी और नृपेंद्र सिंह ने की , जबकि मैच का आंखों देखा हाल कलाम मोहम्मद , अजय द्विवेदी और सुधीर शर्मा ने सुनाया। मैच के स्कोरिंग का दायित्व मो. याहया एवं राहुल दुबे ने संभाला । पिच क्यूरेटिंग का जिम्मा अमृतांशु मिश्रा और साहिल ताम्रकार ने संभाला।


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बरगवां मेला बना अपराधियों का गढ़, अपराधी राजू द ग्रेट संभाल रहा है मेले की कमान, नप पर उठ रहे सवाल

*मेला जाने वाले हो जाए सावधान, घूम रहे हैं राजू के गुर्गे*

अनूपपुर

जिले के बरगवां स्थित मकर संक्रांति पर्व पर लगने वाले गौरवशाली बरगवां मेला का अस्तित्व अब संकट में नजर आने लगा है, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की मार झेल रहा मेला कभी इतिहास के पन्नों में विशाल रूप से दर्ज था, लेकिन अब इसका आकार किसी हाट बाजार से अधिक नहीं है, कभी इस मेले को दूर दराज से आए व्यापारियों से वसूले गए गए अवैध राशि ने तोड़ा तो कभी वाहन स्टैंड की अवैध वसूली का मामला पहले दिन ही आ चुका है, जहाँ पर मोटरसाइकिल वालो से 10 रुपए की जगह 40 से 50 रुपये वसूल रहे हैं, अब हालात यह है कि आधे मेले पर कब्जा तो मीना बाजार का हो गया है, जिसका सही मूल्यांकन कर नगर पालिका वसूली में सक्षम नहीं जान पड़ती। चारो तरफ अव्यवस्था के पीछे कही न कही नगर परिषद अध्यक्ष सीएमओ व मेले की देखरेख में लगे कर्मचारियों का है।

*मीना बाजार में बाहरी अपराधियों का डेरा*

बरगवां के आधे मेले में कब्जा कर कान फोडू अश्लील गानों के साथ मीना बाजार प्रदर्शनी का संचालक हिस्ट्रीशीटर राजू द ग्रेट द्वारा किया जा रहा है आपको बता दें कि राजू द ग्रेट के नाम कई अपराध दर्ज हैं, कभी बाजार बाजार स्ट्राइगर नचाकर जुआ को अंजाम देने वाला तो कभी डीजल चोर गिरोह का सरगना बन कोयला खदानों के वर्कशॉप से लाखों रुपए के डीजल चोरी की घटना को अंजाम देने वाला दबंग राजू द ग्रेट के द्वारा मीना बाजार के संचालन से अनहोनी की आशंका का बनी हुई है।

मीना बाजार के संचालन हेतु जबलपुर कटनी डिंडोरी के क्षेत्र से आए हुए आडे तिरछे चेहरे वाले अपराधिक प्रवृत्ति के कर्मचारी साफ तौर पर देखे जा सकते हैं जिनके यहां लगभग 15 दिनों पूर्व से डेरा है और मेला खत्म होने के 10 दिन बाद तक रहेगा जिनका कोई भी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं किया गया है और ना ही संबंधित थाने में मुसाफिर दर्ज है, 24 घंटे नशे की हालत में टुल्ल इन अपराधियों को टिकट चेक करने तथा एंट्री गेट पर महिलाओं को गलत इरादे से टच करते देखा जा सकता है

*नहीं हैं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम*

मीना बाजार में अगर आप जा रहे हैं तो सोच समझ कर कदम रखने की जरूरत है, क्यू की वहाँ पर सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नही है, कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। मीना बाजार मे लगे विशाल झूलों की श्रृंखला में सुरक्षा के कोई  इंतजाम नहीं किए गए हैं पूरी तरह से नियम कायदों को दरकिनार करते हुए 100 से 150 फीट तक की ऊंचाई के झूलो का संचालन धड़ल्ले से से किया जा रहा है जिसके ब्रेकडाउन होने तथा किसी अनहोनी की स्थिति में किसी भी प्रकार की कोई सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं इसलिए मेले में पहुंचे आगंतुक अपनी स्वयं की जवाब देही पर झूला झूलते देखे जा सकते हैं वही स्थानीय पुलिस बल भी अपने सिविल में  मूकदर्शक बना बैठा कार्रवाई के नाम पर बेबस नजर आ रहा है। राजू द ग्रेट के मीना बाजार में यदि आप घूमने या फिर झूलो का लुफ्त का मन बना रहे हैं तो हो जाएं सावधान अपनी जान जोखिम में डालकर आनंद उठाना कहीं आप पर भी भारी पड़ सकता है।

*स्थानीय मचिया झूले को दे प्राथमिकता*

वर्ष भर मकर संक्रांति पर्व की राह देखते यहां के स्थानीय ग्रामीण रोजगार की आस लिए माचिया झूला लेकर मेले में आते हैं और सुरक्षित तरीके से उचित मूल्य के साथ झूला उपलब्ध कराते हैं, लेकिन राजू के गुर्गे दादागिरी करके उनके झूले नही लगने देते, अगर ज्यादातर मचिया झूला लगता है तो निश्चित ही आप सुरक्षित तरीके से झूले के लुप्त उठा सकते हैं और साथ ही स्थानीय ग्रामीणों की आमदनी मे थोड़ा सहयोग भी हो सकता है।

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रेंजर की तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर उतरे ग्रामीण, रेंज कार्यालय का किया घेराव व प्रदर्शन

*अवैध वसूली का आरोप- खाली ट्रैक्टर को जप्त, ड्राइवर से मारपीट, बंधक बनाने का आरोप*

अनूपपुर

वन परिक्षेत्र बिजुरी में पदस्थ रेंजर पवन ताम्रकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ मंगलवार को ग्रामीणों और ट्रैक्टर मालिकों का धैर्य जवाब दे गया। दर्जनों ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे ग्रामीणों ने बिजुरी रेंज कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रेंजर द्वारा नियम-कानून ताक पर रखकर खाली ट्रैक्टरों को जप्त किया जा रहा है और विरोध करने पर चालकों के साथ मारपीट की जा रही है।

*25 हजार की मांग, बर्बाद करने की धमकी*

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ित ट्रैक्टर मालिक रवि सिंह बघेल ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, उनका ट्रैक्टर (MP65ZA7949) जो कि अंचल ट्रेडर्स में मटेरियल शिफ्टिंग और पानी सप्लाई के काम में लगा है, उसे वन कर्मियों ने रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि कर्मचारियों ने ड्राइवर ओम कुशवाहा से गाली-गलौज करते हुए 25 हजार रुपये की मांग की। पैसे देने से इनकार करने पर रेंजर ने कथित तौर पर ड्राइवर की पिटाई की और उसे बंधक बना लिया।

*नियमों की आड़ में वसूली का खेल, साख पर लगा बट्टा*

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि बिना किसी वैध कारण के खाली ट्रैक्टरों को रोकना और उन्हें छोड़ने के बदले मोटी रकम की मांग करना रेंजर की आदत बन चुकी है। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब रेंजर की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रेंजर मुर्दाबाद के नारों के बीच ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।

*शांतिपूर्ण प्रदर्शन में गूंजे 'रेंजर मुर्दाबाद' के नारे*

रेंजर की इस कथित गुंडागर्दी से नाराज होकर क्षेत्र के दर्जनों ट्रैक्टर मालिक और ग्रामीण लामबंद हो गए। रेंज कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने 'रेंजर पवन ताम्रकार मुर्दाबाद' के नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर निर्दोष लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं।

*इन प्रमुख बिंदुओं पर ग्रामीणों ने घेरा प्रशासन को*

अवैध रूप से जप्ती कर बिना किसी ठोस कारण के खाली ट्रैक्टर को रेंज ऑफिस में खड़ा किया गया और मानवाधिकार उल्लंघन कर ड्राइवर को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट किया गया जब ट्रैक्टर छोड़ने की बात कही गई तो छोड़ने के बदले मोटी रकम की डिमांड की गई जो कि विभाग के ऊपर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा करता दिखाई दे रहा है इस तरह रेंजर पवन ताम्रकार के द्वारा किए गए कृत्य से फॉरेस्ट विभाग के निचले स्तर के कर्मचारी के साथ साथ बड़े स्तर के अधिकारियों के भी जमकर छवि धूमिल हो रही है अब देखना यह है कि इस पूरे मामले पर फॉरेस्ट विभाग के उच्च अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं या फिर इस तरह अवैध तरीके से ग्रामीणों को परेशान करने की खुली छूट दे देंगे।

*थाने पहुंची शिकायत, जांच व कार्यवाही की मांग*

पीड़ित पक्ष ने बिजुरी थाना प्रभारी को आवेदन देकर रेंजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मांग की गई है कि घायल ड्राइवर का मेडिकल कराया जाए और अवैध रूप से रोके गए वाहन को तुरंत मुक्त किया जाए। इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है और वन विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है!

इनका कहना है।

मेरे ड्राइवर को बंधक बनाकर पीटा गया और मुझसे 25 हजार मांगे गए। रेंजर साहब ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो गाड़ी राजसात कराकर मुझे बर्बाद कर देंगे।

*रवि सिंह बघेल, पीड़ित ट्रैक्टर मालिक*

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लाखों की लागत से बना डंपिंग यार्ड कराया ध्वस्त, अब मुख्य मार्ग पर फेंक रहे हैं कचरा, उड़ा रहे सरकारी धन की धज्जियां

*सीएमओ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल*

अनूपपुर

नगर पालिका परिषद बिजुरी में स्वच्छता के नाम पर न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, बल्कि सरकारी खजाने को भी बेरहमी से चूना लगाया जा रहा है। वर्तमान मुख्य नगरपालिका अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जहां एक ओर पूर्व में निर्मित सर्वसुविधायुक्त डंपिंग यार्ड को उजाड़ दिया गया, वहीं दूसरी ओर अब मुख्य सड़क मार्ग को कचरा घर बनाकर जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया है।

*​लाखों के सरकारी निवेश पर चला बुलडोजर*

​विश्वस्त सूत्रों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिषद के पूर्व कार्यकाल के दौरान तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी मीना कोरी द्वारा शासकीय नियमानुसार रिहायशी क्षेत्र से काफी दूर एक व्यवस्थित कचरा डंपिंग यार्ड का निर्माण कराया गया था। इस प्रोजेक्ट में शासन के लाखों-करोड़ों रुपये खर्च हुए थे ताकि नगर का अपशिष्ट प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से हो सके। लेकिन वर्तमान प्रशासन ने स्वलाभवश या घोर लापरवाही के चलते उस बने-बनाए यार्ड को तुड़वा दिया। यह सीधे तौर पर शासकीय राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।

*​नियमों को ठेंगा, मार्ग पर कचरे का अंबार*

​पुराने डंपिंग यार्ड को बंद करने के बाद, अब नगर का सारा कचरा वार्ड 1 और वार्ड 14-15 को जोड़ने वाले मुख्य मौहरी-लोहसरा मार्ग के किनारे खुले में फेंका जा रहा है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 स्पष्ट कहता है कि कचरा डंपिंग साइट चारदीवारी से घिरी और आबादी से दूर होनी चाहिए। इसके बावजूद, मुख्य सड़क पर कचरा फेंककर न केवल पर्यावरण को प्रदूषित किया जा रहा है, बल्कि आवारा पशुओं और कचरे के फैलाव के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

*​प्रशासनिक मिलीभगत व स्वलाभ की चर्चा*

​नगर में यह चर्चा जोरों पर है कि एक व्यवस्थित डंपिंग यार्ड होने के बावजूद उसे नष्ट कर सड़क किनारे कचरा फेंकने के पीछे क्या मंशा है? जानकारों की मानें तो यह स्वलाभ के चक्कर में उठाया गया कदम है, जो कि सीधे तौर पर शासकीय राशियों के दोहन का मामला प्रतीत होता है। लाखों की सरकारी संपत्ति को नष्ट करना और नए सिरे से अव्यवस्था फैलाना जांच का विषय है।

*​महामारी की आहट, जिम्मेदार मौन*

​सड़क किनारे जमा कचरे की सड़ांध से समीपवर्ती स्कूलों और बस्तियों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। एक तरफ जहां पूरा देश स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता रैंकिंग सुधारने में जुटा है, वहीं बिजुरी नपा के जिम्मेदार अधिकारी नियमों के विपरीत जाकर नगर को नरक बनाने पर तुले हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में निर्मित डंपिंग यार्ड को नष्ट करने और सड़क किनारे कचरा फेंकने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर वित्तीय अनियमितता का मामला दर्ज किया जाए और इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

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ज़मीनी विवाद को लेकर भाई ने भाई के ऊपर किया जानलेवा हमला, जान से मारने की धमकी, मामला हुआ दर्ज

अनूपपुर

जिले कोतमा थाना अंतर्गत रेउसा पंचायत के चाका गाँव का जहाँ एक भाई ने अपने ही भाई के ऊपर ज़मीनी विवाद को लेकर अपने ही भाई के ऊपर लोहे के सबल से जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया व वही जमीन पर पटकर लात घूसों से बेदम पिटाई कर दी, दुबारा उलझने पर जान से मार देने की धमकी दी गई, पडोसियो बीच बचाव करने पर फरयादी चंद्रशेखर जायसवाल पिता रामचंद्र जायसवाल ने आरोपी सुरेंद्र जायसवाल पिता रामचंद्र जायसवाल के खिलाफ कोतमा थाने लिखित शिकायत की, कोतमा पुलिस ने मेडिकल कराकर बिभिन्न धारा 296(बी), 115(2), 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

फरियादी चन्द्रशेखर जयसवाल पिता रामचन्द जयसवाल उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम ढाका का हमराह परिवारिक भाई कैलाश जयसवाल के साथ थाना उपस्थित आकर जुबानी रिपोर्ट किया की सुबह करीब 09.00 बजे मेरा छोटा भाई सुरेन्द्र कुमार जयसवाल घर के पास बाड़ी के मेड़ रास्ता में खूँटा सब्बल से गाड़ रहा था। मैं उसे बोला कि रास्ते में खूँटा मत गाड़ो रास्ते के किनारे से खूँटा गाड़ो। इसी बात को लेकर भाई सुरेन्द्र कुमार जयसवाल मुझे मादर बहन की अश्लील गालियां देते हुए हाथ में रखे सब्बल से मुझे मारा सब्बल मेरे बांये पैर के बीच की अंगुली में लगी, बांये पैर की अंगुली भोठरी होकर खून निकलने लगा।

तब सुरेन्द्र जयसवाल मुझे पकड़कर जमीन में उठाकर पटक कर हाथ मुक्का से मेरे पेट में व पसलियों में सामने मारपीट करने लगा। मारपीट होते देख मेरी पत्नी धनमतिया जयसवाल ने मेरे परिवारिक भाई कैलाश जयसवाल को फोन लगाई तब कैलाश आकर पत्नी के साथ बीच बचाव किये तो भाई सुरेन्द्र मुझे बोला खूँटा नहीं गाड़ने दोगे तो तुझे जान से खत्म कर दूंगा। मारपीट से मेरे बांये पैर की बीच की अंगुली में, दांये आंख के भौं, पेट के सामने दोनों पसलियों में चोट लगी है। घटना को रजनी जयसवाल, सुषमा तिवारी, शिवम तिवारी चश्मदीद गवाह है।

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मकर संक्रांति पर युवाओं ने बांटी पतंग और मिठाइयां, खुशी से झूम उठे बच्चे, गोवंश को खिलाया हल्दी गुड़

उमरिया

मकर संक्रांति के पावन पर्व जिला कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन के मार्गदर्शन पर जिले की सक्रिय युवाओं की टोली युवा टीम उमरिया के द्वारा पहल खुशी  के तहत  जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में नन्हे व बच्चों को  पतंग, धागा, मिठाइयां एवं बिस्किट नमकीन का पैकेट उपहार स्वरूप भेंट कर महोत्सव मनाया गया।

टीम लीडर हिमांशु तिवारी ने बताया कि छोटा सा प्रयास हमारा, खुशियों से खिल उठे जहान साराश् इस उद्देश के साथ मकर संक्रांति के पर्व पर ग्रामीण क्षेत्रों से लगी हुई बस्तियों में जरूरतमंद परिवारों के बीच यह सामग्री वितरित की गई। नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ पतंग उड़ा कर उन्हें खुशियां देने का प्रयास किया गया। उपस्थित बच्चों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई भी दी गई। उन्होंने बताया कि नगर के लोगों के सहयोग से बच्चों को 100 पतंगों का वितरण किया। पतंग मिलने से बच्चों का उत्साह दोगुना हो गया। इस दौरान गुड़-तिल्ली का वितरण भी किया गया। पतंग मिठाइयां व लड्डू पाते ही बच्चों के चेहरे खिल उठे।बच्चों के बीच चूड़ा और मुढ़ी के बने लाई सहित तिल के बने सामग्री भी वितरित किए गए। इस पर्व को स्नान दान का पर्व भी माना जाता है। साथ ही तिल, गुड़, खिचड़ी और फल का राशि के अनुसार दान करने पर पुण्य की भी प्राप्ति होती है। अंत में बच्चों के बीच पतंग वितरित किए गए। इस दिन पतंग उड़ाने का भी अपना अलग ही महत्व है। इनके बीच पतंगबाजी प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।

*गोवंश को ठंड से बचाने खिलाया हल्दी गुड़*

उमरिया जिले में जगह-जगह बेसहारा घूमते हुए गौवंशो का संरक्षण कर उनकी चिंता करने में युवा टीम उमरिया के सदस्य गण सबसे आगे हैं। सर्दी में गौवंश को बचा कर उनको मकर संक्रांति पर गुड़ और हल्दी मिलाकर उनका भंडारा भी गौ सेवकों ने कराया। हिमांशु तिवारी ने जानकारी देते हुए कहा कि युवा टीम उमरिया के द्वारा पांच साल से मूक पशुओं  की सेवा में तत्पर हैं और लगातार मूक पशुओं के लिए युवाओं के द्वारा विभिन्न प्रकार के अभियान आयोजित कर रहे। युवाओं की टोली ने गायों के लिए मकर संक्रांति में 30 किलो गुड़ और हल्दी भंडारा कराया। हल्दी और गुड़ गोवंश को भी ठंड से बचने में मदद करता है। युवाओं की टोली ने जगह-जगह घूम कर 100 गोवंश को हल्दी और गुड़ खिलाने का कार्य किया गया।

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न्यू जोन–टोरेंटो पावर के आगे प्रशासन नतमस्तक, जनसुनवाई बनी कागजी औपचारिकता,

*विकलांग आदिवासी किसान की पीड़ा अनसुनी*

अनूपपुर

किसी भी लोकतांत्रिक देश में विकास का अर्थ केवल उद्योगों की स्थापना नहीं होता, बल्कि यह देखा जाता है कि उस विकास की कीमत कौन चुका रहा है। यदि किसी उद्योग की नींव किसी गरीब, विकलांग और आदिवासी किसान की उजड़ी हुई ज़िंदगी पर रखी जा रही हो, तो ऐसे विकास पर सवाल उठना लाज़िमी है। अनूपपुर जिले के ग्राम रक्सा–कोलमी में प्रस्तावित न्यूज़ोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (टोरेंट पावर की सहयोगी कंपनी) के पावर प्लांट की जनसुनवाई ने यही कड़वा सच उजागर किया है।

7 जनवरी 2025 को आयोजित इस जनसुनवाई का उद्देश्य था स्थानीय लोगों की आपत्तियाँ सुनना,पर्यावरणीय प्रभावों पर चर्चा करना और जनसहमति बनाना।लेकिन हकीकत में यह जनसुनवाई कंपनी के पक्ष में पूर्व-निर्धारित स्क्रिप्ट जैसी नजर आई। मंच पर सवाल उठाने वाले ग्रामीणों को या तो चुप कराया गया, या उनकी बात अधूरी छोड़ दी गई। जिला प्रशासन के आला अधिकारी जनहित के मुद्दों पर गंभीरता दिखाने के बजाय औपचारिकता निभाते और चाय की चुस्कियों में व्यस्त दिखाई दिए।

इस जनसुनवाई का सबसे दर्दनाक और शर्मनाक पहलू तब सामने आया, जब विकलांग आदिवासी किसान रामदीन राठौर, निवासी ग्राम रक्सा–कोलमी, अपनी पीड़ा लेकर मंच तक पहुँचे। रामदीन राठौर पिछले 32 वर्षों से उसी भूमि पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनकी पूरी आजीविका उसी जमीन से जुड़ी थी।

लेकिन जनसुनवाई के दौरान कंपनी के कर्मचारियों ने सरेआम यह कहकर उनके अस्तित्व को ही नकार दिया “इसकी तो कोई जमीन ही नहीं है, यह कब्जे की जमीन थी।” यह कथन न केवल अमानवीय है, बल्कि यह दर्शाता है कि किस तरह बड़ी कंपनियाँ गरीब आदिवासियों के परंपरागत अधिकारों को कागजों के अभाव में रौंद देती हैं।

रामदीन राठौर अपनी पूरी बात रखना चाहते थे,कैसे उन्होंने जीवनभर उस जमीन पर खेती की कैसे वही जमीन उनके बच्चों के पेट भरने का साधन थी और कैसे कंपनी ने उन्हें अचानक बेघर कर दिया लेकिन उन्हें पूरी बात कहने तक का अवसर नहीं दिया गया। कंपनी के अधिकारी तमाशबीन बने रहे, और प्रशासन मूकदर्शक।

सबसे गंभीर सवाल यह भी है कि,फ्लाई ऐश प्रबंधन को लेकर कंपनी के पास अब तक कोई ठोस रोडमैप नहीं है, जल स्रोतों, कृषि भूमि और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर अस्पष्ट जवाब,फिर भी पर्यावरण विभाग द्वारा मंजूरी की राह आसान की जा रही है। 

क्या जिला प्रशासन इस पीड़ा को गंभीरता से सुनेगा, क्या रामदीन राठौर को उसका हक मिलेगा या फिर जनसुनवाई केवल कागजी खानापूर्ति बनकर रह जाएगी, यह मामला अब केवल जमीन अधिग्रहण का नहीं, बल्कि इंसाफ, मानवता और संविधान की आत्मा का है। यदि गरीब और विकलांग होना गुनाह नहीं है, तो इस आदिवासी किसान को न्याय मिलना ही चाहिए,वरना यह तथाकथित विकास इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज होगा।

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सेवा और सद्भाव का अनुपम संगम, मृत्युंजय आश्रम ने कराया खिचड़ी प्रसाद वितरण, गुरु नानक गुरुद्वारा ने दिया नाश्ता-चाय

अनूपपुर

प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में मकर संक्रांति का पावन पर्व श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता के साथ मनाया गया। भगवान भास्कर सूर्यदेव के दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश के शुभ अवसर पर नगर के विभिन्न धार्मिक संस्थानों द्वारा पुण्य एवं सेवा कार्य किए गए।

मकर संक्रांति के अवसर पर स्थानीय मृत्युंजय आश्रम द्वारा दूर-दराज से आए भक्त श्रद्धालुओं, तीर्थ यात्रियों एवं दर्शनार्थियों को सुस्वादिष्ट खिचड़ी प्रसाद वितरित कर सेवा भाव का परिचय दिया गया। आश्रम के प्रमुख व्यवस्थापक योगेश दुबे एवं संत योगानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में आश्रम सेवकों ने श्रद्धालुओं को ससम्मान आमंत्रित कर प्रसाद ग्रहण कराया। इस अवसर पर खिचड़ी के साथ-साथ तिल के लड्डू एवं तिल की रेवड़ी का भी वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने इस पुण्य कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आश्रम परिवार को आशीर्वाद प्रदान किया।

इसी क्रम में स्थानीय गुरु नानक गुरुद्वारा द्वारा भी सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया। गुरुद्वारा के मुख्य द्वार पर आवागमन कर रहे भक्त श्रद्धालुओं, तीर्थ यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों को गरमा-गरम नाश्ता एवं चाय वितरित की गई। कड़ाके की ठंड के बीच इस सेवा से श्रद्धालु अत्यंत प्रसन्न नजर आए।

गुरु नानक गुरुद्वारा के प्रमुख सरदार जंग सिंह एवं ग्रंथी सरदार विनय सिंह अपने सेवादारों के साथ प्रातः 6 बजे से ही सेवा कार्य में जुटे रहे। गर्म नाश्ता और चाय की चुस्की पाकर श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा के सेवादारों को हृदय से धन्यवाद देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया। मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर अमरकंटक में धर्म, सेवा और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने नगर की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया।

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शराबबंदी के लिए महिलाओं ने खोला मोर्चा

उमरिया 

जिले के कोयलारी में शराबबंदी को लेकर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है,अवैध शराब निर्माण के दर्जनों ठिकानों पर धावा बोलकर, निर्माण सामग्री को नष्ट कर,सड़क में तख्ती लेकर प्रदर्शन कर रही है, आबकारी विभाग की खुली पोल खुलते नजर आ रही है। गांव की सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने अवैध शराब निर्माण वाली जगह पर पहुंचकर सामग्री को नष्ट कर दिया साथ ही हाथों में तख्ती लेकर शराबखोरी के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया है बता दें ग्राम कोयलारी में कई ठिकानों में अवैध शराब का निर्माण कराया जा रहा था जिसके विरोध में गांव की महिलाएं लगातार शिकायत कर रही थीं लेकिन जिम्मेदार आबकारी विभाग ने नहीं सुनी, जिसकी वजह से महिलाओं ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है।

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