जुआ फड़ में पुलिस ने मारा छापा, 36 लाख का मशरूका हुआ जप्त, 7 लोग हुए गिरफ्तार


शहडोल

सिंहपुर क्षेत्र से जुआ खेल रहे सात जुआरियों को पुलिस ने पकड़ा है। जुआरियों के कब्जे से हजारों रुपए नगद,तीन लग्जरी कारे एवं मोबाइल फोन जप्त हुआ है। कुल मशरूका 36 लाख से अधिक का है।केलमनिया डैम के पास यह जुआ फड़ संचालित हो रहा था। तभी मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने यह कार्यवाही की है।

पुलिस ने बताया कि सिंहपुर थाना क्षेत्र के केलमनिया डैम के पास जुआ फड़ संचालित हो रहा था।तभी पुलिस को मुखबिर की सूचना मिली। और पुलिस ने घेराबंदी कर जुआरियों को पकड़ लिया है। पकड़े गए जुआरियों में दिलीप सोनी, आशिफ अली, रज्जू पटेल, सिराज उल्ला खान, राजेश जेठानी, वीरेंद्र मिश्रा, अजीत दसवानी, शामिल है।

पुलिस के अनुसार जब टीम ने जुआ फड़ पर दबिश दी तो कुछ जुआरी मौके से अंधेरे का फायदा उठा कर भागने में सफल हुए,उन पर भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा फरार होने वाले जुआरियों में राम जी शर्मा निवाशी सिंहपुर, सुनील पटेल, संजय पटेल, निवाशी केरहा एवं फरीद खान, तरवेज खान खैरहा शामिल है।

थाना प्रभारी एम एल रहगडाले के अनुसार जुआरियों के कब्जे से नगद 27 हजार रुपए तीन फोर व्हीलर  वाहन जिसमें एम पी 18 जेड जी 8864 क्रेटा काले रंग की, एम पी 13 जेड टी 6472 आर्टिका सफेद रंग, एम पी 18 सी 7202 स्कार्पियों सफेद रंग की एवं 9 नग मोबाईल कुल मशरूका की कीमत छत्तीस लाख सतरह हजार रूपये है। पुलिस ने बताया कि सभी जुआरियों पर 13 जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। सात पकड़े गए है। फरार पांच की तलाश जारी है।

युवक की मौत से मचा हड़कंप, सुसाइड नोट मिलने के बाद परिजनों ने किया चक्का जाम


अनूपपुर/कोतमा

जिले के कोतमा के वार्ड क्रमांक 11, निवासी सीताराम सिंह की मृत्यु का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जहां से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की।

परिजनों का आरोप है कि सीताराम सिंह लंबे समय से एक मामले को लेकर परेशान थे। उन्होंने पूर्व में संबंधित शिकायतें की थीं, लेकिन समय पर सुनवाई नहीं होने से वे मानसिक तनाव में थे। परिजनों का कहना है कि यदि उनकी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती, तो यह घटना टाली जा सकती थी। घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय नागरिक न्याय की मांग को लेकर मुख्य मार्ग पर बैठ गए और चकाजाम कर दिया। चकाजाम के कारण लगभग पांच घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान आमजन और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस बल मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा की। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद परिजन शांत हुए और जाम समाप्त कराया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार के लिए सहमति बनी।

थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। मौके से मिले सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और पूर्व में की गई शिकायतों की जांच की जा रही है। जांच के उपरांत तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं स्थानीय लोग प्रशासन से समय पर न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अवैध कब्जे और प्रशासनिक उदासीनता से टूटा आदिवासी युवक, फांसी लगाकर दी जान


कोतमा।

जिले के नगर पालिका क्षेत्र कोतमा के वार्ड क्रमांक 11 गोईंदा कदम टोला निवासी सीताराम सिंह गोंड, पिता नन बाबू सिंह गोंड, बीते 17 दिसंबर से लापता था। 23 दिसंबर को उसकी लाश नगर के वार्ड क्रमांक 9 नईमुदीन के बाड़ा के पीछे एक पेड़ पर फांसी के फंदे से झूलती हुई मिली। शव मिलने की सूचना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

बताया जा रहा है कि सीताराम सिंह गोंड की भूमि वार्ड क्रमांक 11 गोईंदा कदम टोला, भलुमाड़ा रोड पर स्थित है। इसी भूमि पर कदम टोला निवासी विनोद पटेल पिता कामता पटेल, द्वारा जबरन मकान बनाकर अवैध कब्जा कर लिया गया था। सीताराम सिंह को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था, जिसकी स्वीकृत राशि से उसने अपनी निजी भूमि पर नींव खुदवाई कर नींव भरा थी, लेकिन आरोप है कि उसी नींव के ऊपर विनोद पटेल द्वारा जबरन मकान बना लिया गया।

इस मामले को लेकर सीताराम सिंह ने तहसीलदार, एसडीएम एवं नगर पालिका परिषद कोतमा सहित थाना कोतमा में लिखित शिकायत की थी, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वह मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान रहने लगा। इसी मानसिक प्रताड़ना के चलते वह 17 दिसंबर को घर से लापता हो गया।

23 दिसंबर को जब उसकी लाश फांसी के फंदे पर मिली, तो शव के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। सुसाइड नोट में सीताराम सिंह ने विनोद पटेल पिता कामता पटेल के साथ-साथ नगर पालिका में पदस्थ भोलू तिवारी, तहसीलदार, एसडीएम एवं थाना कोतमा में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का उल्लेख करते हुए स्वयं को अत्यधिक प्रताड़ित और निराश बताया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फांसी से उतारकर पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

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