ठंड के कारण स्कूलों में 2 दिन का अवकाश घोषित, 9.30 से स्कूल होंगे संचालित


अनूपपुर

जिले में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिले के अमरकंटक में सुबह उसकी बुदे जम रही है। ज्यादातर शहरों में कई सालों के सर्दी के रिकार्ड टूट गए हैं। अनूपपुर में न्यूनतम तापमान 8 से 11 डिग्री से कम पर पहुंच गया है। ठंड के कारण स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। सुबह की शिफ़्ट का समय बढ़ाने की मांग की जा रही थी। जिस पर अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने स्कूली विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की यह मांग मान भी ली है।


कड़ाके की ठंड को देखते हुए सुबह की शिफ़्ट के समय में बदलाव संबंधी आदेश शनिवार की रात जारी कर दिया है। जारी आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी तुलाराम मार्को ने बताया कि जिले पिछले दिनों से लगातार मौसम में परिवर्तन जारी है तथा मौसम में परिवर्तन के कारण ठण्ड बढ़ रही है। जिसके कारण विद्यार्थियों को होने वाली परेशानी, जोखिम एवं विद्यार्थियों के हित को देखते हुये जिले में संचालित समस्त शासकीय अशासकीय, मान्यताप्राप्त सीबीएसई आईसीएसई नवोदय विद्यालय जो दो पालियो में संचालित हो रही हैं उनके प्रथम पाली के संचालन समय में परिवर्तन करते हुए 22 एवं 23 दिसंबर 2025 को कक्षा 1 से 5 तक कि विद्यार्थियों के लिए पूर्णता अवकाश रहेगा वही 22 दिसंबर से दो पाली में होता है जिस परिवर्तन करते हुए आगामी आदेश तक के लिए सुबह 09:30 बजे से संचालित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

संयुक्त संचालक के निर्माण पर रोक आदेश के बाद भी बेखौफ जारी है विवादित भवन का निर्माण

*गोफ एरिया में हो रहा है मौत का निर्माण*


इंट्रो-नगर परिषद बनगवां में नियमों की धज्जियां उड़ाने और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहडोल संभाग के संयुक्त संचालक (नगरीय प्रशासन) ने पार्षद और क्षेत्रीय निवासियों की शिकायत पर नवीन कार्यालय भवन के निर्माण को तत्काल प्रभाव से रोकने का लिखित आदेश (क्र./2076) जारी किया है, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट है। प्रशासनिक आदेशों को रद्दी की टोकरी में डालते हुए निर्माण कार्य न केवल चालू है बल्कि उसे युद्ध स्तर पर पूरा करने की कोशिश की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह निर्माण उस संवेदनशील क्षेत्र में हो रहा है जिसके 'गोफ एरिया' (धसकने वाली जमीन) होने की आशंका जताई गई है फिर भी जिम्मेदार अधिकारी इसे रोकने के बजाय मूकदर्शक बने हुए हैं।

अनूपपुर 

जिले के नगर परिषद बनगवां में नियमों और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों को ठेंगे पर रखा जा रहा है। संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास शहडोल ने पत्र (क्र./2076) जारी कर नवीन कार्यालय भवन के निर्माण को  रोकने के निर्देश दिए थे लेकिन धरातल पर काम युद्ध स्तर पर जारी है। भाजपा पार्षद की शिकायत और कैबिनेट मंत्री दिलीप जायसवाल के हस्तक्षेप के बाद भी काम न रुकना परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर किसके रसूख के आगे संयुक्त संचालक का आदेश बौना साबित हो रहा है, क्या प्रशासन को किसी बड़ी अनहोनी या यह जारी सरकारी राशि का दुरुपयोग  का इंतजार है।

गोफ एरिया की आशंका के बावजूद अधिकारियों ने नहीं थामी निर्माण की रफ्तार क्या बनगवां का नया परिषद भवन किसी बड़े हादसे की नींव पर खड़ा हो रहा है? संयुक्त संचालक कार्यालय ने स्पष्ट पूछा है कि जिस जगह निर्माण हो रहा है, क्या वह एसईसीएल का गोफ एरिया (धसकने वाली जमीन) है, क्या वहा का एसबीसी टेस्ट हुआ है, इन तकनीकी और सुरक्षात्मक सवालों का जवाब देने के बजाय परिषद प्रबंधन ने निर्माण कार्य चालू रखा है। संयुक्त संचालक द्वारा कार्य रोकने के स्पष्ट आदेश के बावजूद मशीनें गरज रही हैं और ईंटें जुड़ रही हैं। यदि भविष्य में जमीन धसकती है या स्ट्रक्चर फेल होता है तो क्या इसकी जिम्मेदारी सीएमओ लेंगे? नियमों को दरकिनार कर किया जा रहा यह निर्माण सीधे तौर पर सरकारी धन की बर्बादी और जान से खिलवाड़ है।

नगर परिषद का भवन शहर के बीचों-बीच बने जिस पर कैबिनेट मंत्री दिलीप जायसवाल ने संज्ञान लेते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में नगरी प्रशासन एवं विकास शहडोल  संभाग से निर्माण रोकने का फरमान जारी हुआ लेकिन बनगवां परिषद के अधिकारियों के इरादे कुछ और ही नजर आते हैं। शिकायत का निराकरण तो दूर, विभाग को बिंदुवार जानकारी दिए बिना ही काम को बदस्तूर जारी रखा गया है। यह न केवल प्रशासनिक आदेश की अवेलना  है बल्कि जनता की भावनाओं और क्षेत्रीय मंत्री के निर्देशों को भी खुली चुनौती है। आखिर वह कौन सी मजबूरी या कमीशन का खेल है जिसके चलते रोक के बावजूद काम को बंद नहीं किया जा रहा।



तीन साल से फरार धोखाधड़ी का आरोपी गिरफ्तार


 अनूपपुर           

जिले के थाना बिजुरी पुलिस ने धोखाधड़ी के प्रकरण में तीन वर्ष से फरार चल रहे आरोपी पंचराम कश्यप को जिला बिलासपुर (छ.ग.) से गिरफ्तार किया है। आरोपी के विरुद्ध थाना बिजुरी में अपराध क्रमांक 10/24, धारा 420 भा.दं.सं. के तहत प्रकरण दर्ज है। फरियादिया संतोषी कश्यप से आरोपी ने आर्थिक तंगी और आत्महत्या की धमकी का हवाला देकर फोनपे के माध्यम से 10 बार में कुल ₹94,160/- प्राप्त कर लिए थे और बाद में मोबाइल बंद कर फरार हो गया था। पुलिस टीम व सायबर सेल की मदद से आरोपी का नया मोबाइल नंबर ट्रेस कर बिलासपुर से गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है तथा धोखाधड़ी की राशि की रिकवरी हेतु आगे की विवेचना जारी है।                            

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