शिक्षाविद,समाजसेवी,साहित्यकार पी.यादव ‘ओज अंतरराष्ट्रीय आइडल प्राइड अचीवर अवार्ड से हुए सम्मानित 


जी.एल.ए.विश्वविद्यालय,मथुरा एवं गोपाल किरण सेवी समाज संस्थान,ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं सम्मान समारोह में प्रतिष्ठित शिक्षाविद,साहित्यकार एवं समाजसेवक पी.यादव ‘ओज’ को अंतरराष्ट्रीय आइडल प्राइड अचीवर अवार्ड 2025–26 से सम्मानित किया गया।यह सम्मान उन्हें शिक्षा,साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक,निरंतर एवं अभूतपूर्व योगदान के लिए प्रदान किया गया।समारोह में देश-विदेश से आए शिक्षाविदों,शोधार्थियों,साहित्यकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।श्री पी.यादव ‘ओज’ पिछले कई वर्षों से साहित्य सृजन,शैक्षिक नवाचार,मूल्यपरक लेखन तथा सामाजिक जागरूकता के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।उनकी रचनाएँ मानवीय संवेदना,सामाजिक सरोकार और दार्शनिक दृष्टि से समृद्ध मानी जाती हैं।शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके प्रयासों ने अनेक युवाओं और विद्यार्थियों को प्रेरित किया है।इस सम्मान की प्राप्ति पर पी यादव ‘ओज’ ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक समर्पण,उत्तरदायित्व और सृजनशीलता के साथ कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करता है।आयोजक संस्थाओं ने उनके योगदान को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।यह सम्मान न केवल पी.यादव ‘ओज’ के व्यक्तिगत कृतित्व की पहचान है,बल्कि हिंदी साहित्य, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। कवि संगम त्रिपाठी संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने बधाई दी और कहा कि पी यादव ' ओज' हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपना विशिष्ट योगदान दे रहे है।

उप वनपाल की  कार्य शैली से आदिवासियों के ऊपर छाया संकट, रिश्वत की कमी तो मुर्गा से भरपाई  


उमरिया

आदिवासियों के हित संवर्धन के लिए कृत संकल्पित सरकार के कदमों पर राष्ट्रीय उद्यान बांधवगढ़ के धमोखर रेंज के रायपुर सर्किल के उप वनपाल पैर में बंधे पत्थर साबित हो रहे हैं। बताया जाता है कि यह उप वनपाल पिछले एक दशक से यहाँ पदांकित होकर आदिवासियों का जमकर शोषण कर रहे हैं। बताया जाता है कि आदिवासियों का शोषण, वन्य प्राणियों का शिकार, और वन संपदा के दोहन की इनकी कुशलता और उससे प्राप्त काली कमायी के कारण यह उप वनपाल  राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों का कमाऊ पूत बनकर उभरा है और इसी के बदौलत अधिकारी- कर्मचारी  कोई भी रहे उप वनपाल उमेश वर्मन ही रहेंगे।

अभी हाल में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस शासकीय सेवक की कलई खोलकर रख दी है। वीडियो में सकरिया निवासी रतन रैदास  से 1050 .00 रूपये हुकुम सिंह 1500.00 और  काशी रैदास  1500.00 रूपये की रिश्वत की बात बतायी गयी है। इसी तरह इन्ही अधिकारी के व्दारा रायपुर सर्किल के ग्राम पंचायत सकरिया के गिडरी में साठ वर्षीय कमल भान सिंह के बैंल (नटवा) का शिकार हो जाने के कारण वन विभाग व्दारा प्रदान की जाने वाली सहयोग राशि के बदले उप वनपाल के व्दारा खुले आम पैसो की मांग की जाती रही है और वद्ध  विकलांग आदिवासी रिश्वत की पूर्ति नहीं कर पाया तो उसने उसके मुर्गे को ही जबरन उठाकर ले गया। उप वनपाल की इस हरकत से आदिवासियों में व्यापक तौर पर क्षोभ व्याप्त है। खेद जनक कहा जाता है कि इन चार वीडियो के वायरल होने से राष्टीय उद्यान के अधिकारियों की    प्रतिष्ठा पर काले धब्बे लग रहे हैं परंतु आरोपित उप वनपाल को संरक्षित करने से यह सवाल उन पर लगने लगे हैं की इस रिश्वत में वरिष्ठ  अधिकारियों की सह पर ही उप वनपाल की दुकान दारी चल रही है। चार वीडियो जो  सामने आये है इस तरह की घटना कोई पहली और अनोखी नहीं है। भले ही उनका राज फाश न हो पाया हो लेकिन इनकी कार्य शैली से जन जन प्रभावित है । 

राष्ट्रीय उद्यान बांधवगढ़ के कतिपय अधिकारियों के व्दारा जिस तरह आदिवासियों का शोषण करने के मामले जिस तरह प्रकाश में लगातार आ रहें हैं इस पर जिला प्रशासन के आलाकमान अधिकारियों को संज्ञान लेते हुए आदिवासियों के हितों को संवर्धन करते हुए दोषियों को दंडित करने की आवश्यक कदम उठायेंगे।

शराब पीकर शिक्षक पहुँचा स्कूल, मचा बवाल, कलेक्टर ने किया निलंबित


उमरिया

बीते दिनों एक शिक्षक शराब के नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचने के बाद काफी बवाल मचा था, वहीं यह खबर अखबारों और न्यूज़ चैनलों की सुर्खियां भी बनी हुई थी। इसके बाद जिले के कलेक्टर ने मामले का संज्ञान लेते हुए शिक्षक चंद्रभान कोल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

दरअसल शिक्षक चंद्रभान कोल मानपुर के करौंदी टोला शासकीय प्राथमिक स्कूल में पदस्थ है। लेकिन जब बच्चों को पढ़ने स्कूल पहुंचा तब वह शराब के नशे में धुत रहा है। स्कूल पहुंचने के बाद शिक्षक इस कदर नशे में चूर था कि वह हाथ पैर भी नहीं डूला पा रहा था। स्कूल में मौजूद बच्चों ने शिक्षक की यह हरकत देखी तब उन्होंने इसकी जानकारी परिजनों को दी तब परिजनों ने शराबी शिक्षक के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी। इस दौरान किसी ने शराबी शिक्षक का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।

शराब के नशे में चूर शिक्षक का वीडियो सोशल मीडिया सहित कई प्रमुख अखबारों और न्यूज़ चैनलों की सुर्खियां बन गए। मामले का संज्ञान जिले के कलेक्टर ने लिया और पूरे मामले की जांच ब्रा मानपुर से कराई गई जिसमें शिक्षक चंद्रभान कोल अक्सर शराब के नशे में ही स्कूल पहुंचता है। शिक्षक चंद्रभान कोल दोषी पाए जाने के चलते कलेक्टर ने उसे निलंबित कर दिया है।

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