बाजार कर लौट रहे सोने के 2 व्यापारी को अज्ञात हमलावर ने मारी गोली, घायल अस्पताल में भर्ती

*लूट की नीयत से हुआ हमला, पुलिस जांच में जुटी*


शहडोल 

जिले के गिरवा बजार से लौट रहे व्यापारी पर गोली चलाकर अज्ञात हमलावर फरार हो गए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है, गोली लगने के बाद भी व्यापारी रुक नहीं और 1 किलोमीटर तक बाइक चलाकर बस्ती पहुंचे,और लोगों से मदद मांगी, हमलावर कुछ दूर तक व्यापारी का पीछा करते रहे, लेकिन उन्हें यह समझ आ गया कि अब वह पकड़े जाएंगे, गोली लगने के बाद भी व्यापारी रुक नहीं रहे हैं और बस्ती की ओर भाग रहे हैं। इसे देख बदमाश फरार हो गए। घटना केशवाही क्षेत्र के सकरा पुलिया के पास हुई है। हॉट बाजार से लौटते समय सोने के व्यापारी पर गोली चलाई गई है। व्यापारी का एक साथ ही भी घायल हुआ है। यह घटना लूट की नीयत से की गई है।

जानकारी के अनुसार केशवाही चौकी के गिरवा गांव में हाट बाजार लगती है, जिसमें हर एक समान की खरीदी बिक्री के लिए दूर दराज से व्यापारी एवं लोग पहुंचते हैं। पुलिस ने बताया की हाट बाजार में केशवाही के रहने वाले प्रिंस सोनी एवं राजेश सिंह बारगाही सोने चांदी के जेवरात लेकर बाजार गिरवा पहुंचे थे।

बाजार खत्म होने पर दोनों अपनी मोटरसाइकिल में सवार होकर घर केशवाही के लिए निकले तभी, सकरा पुलिया के पास सफेद रंग की रेसर बाइक में सवार दो बदमाशों ने व्यापारी के पास रखे नगद रुपए से भरा बैग एवं जेवरात लूटने के प्रयास से आरोपियों ने व्यापारियों पर गोली दाग दी और उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन व्यापारी के पास सोने चांदी के जेवरात से भरा बैग एवं नगद रुपए काफी मात्रा में मौजूद था। जिसको लेकर गोली लगने के बाद भी व्यापारी ने अपनी मोटरसाइकिल नहीं रोकी और जख्मी हालत पर व्यापारी एवं उसका साथी सकरा बस्ती तक पहुंच गए, और चिल्ला चिल्ला कर लोगों से मदद मांगने लगे, तभी बदमाशों ने यह सब देख लिया,और बदमाश डर कर भाग गए।

पुलिस ने बताया कि प्रिंस सोनी एवं राजेश सिंह के पैर में गोली लगी है, हमलावरों ने दो गोलियां चलाई हैं जिसमें दोनों लोग घायल हुए हैं, प्रिंस सोनी सोने चांदी का व्यापार करते हैं और उनके साथ राजेश सिंह रहते है। घायल व्यापारियों ने सकरा बस्ती पहुंच लोगों को आवाज दी, कुछ लोग सड़क पर ही टहल रहे थे, खून से लथपथ व्यापारियों को देख लोग दौड़ पड़े और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया और मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।

जानकारी लगने के बाद चौकी प्रभारी आशीष झरिया मौके पर पहुंच गए हैं, और पड़ताल कर रहे हैं, चौकी प्रभारी ने बताया कि हाट बाजार से लौट रहे व्यापारी एवं उसके साथी को पैर में गोली लगी है, दोनों का उपचार चल रहा है। बदमाशों की पता तलाश जारी है। लूट की नीयत से हमलावरों ने गोली चलाई थी।

दो बाइक में जबरदस्त भिड़ंत, एक की मौत तीन घायल


उमरिया

जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शहपुरा रोड पर गुरूवार की रात हुई भीषण सडक़ दुर्घटना मे एक युवक की मौत हो गई जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। मृतक का नाम अशोक सिंह 45 निवासी ग्राम छीरपानी बताया गया है। जो बाईक पर उमरिया से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान बिचुआ के पास सामने से आ रही बाईक के सांथ उनकी जोरदार टक्कर हो गई। इस घटना मे दूसरी बाईक पर बैठे सुरेंद्र सिंह पिता जयभान सिंह निवासी रोहनिया, पीयूष सिंह पिता विमल सिंह निवासी मगरघरा एवं पंजाब सिंह निवासी ग्राम छटन घायल हो गये। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया। इस बीच घायलों को 108 एंबुलेंस द्वारा जिला अस्पताल रवाना किया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। शुक्रवार को पीएम के बाद मृतक अशोक सिंह का शव परिजनो को सौंप दिया गया है। पुलिस ने इस मामले मे अपराध कायम कर विवेचना शुरू की है।

नियम विरुद्ध शिक्षको का संलग्नीकरण, आयुक्त के आदेश की धज्जियां उड़ा रही है संभागीय उपायुक्त

*नियम विरुद्ध संलग्नीकरण, स्थानांतरण आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त के दिये थे आदेश*


अनूपपुर

कार्यालय आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग भोपाल के व्दारा संलग्नीकरण समाप्त किये जाने के सख्त आदेश जारी किये गये थे । अपने पत्र क्र -स्था/4 टी (27) 2024 /23422 भोपाल - दिनांक 10-12-24 से आदेश जारी करते हुए उल्लेख किया गया था कि प्रदेश में मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा के स्पष्ट आदेश है कि संभाग जिला स्तर पर कर्मचारी/अधिकारी शिक्षक संवर्ग का संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्त कर दी गई है ,इसी प्रकार प्रतिबंध अवधि में बिना सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के स्थानांतरण नहीं किये जाये , परन्तु संज्ञान में आया है कि संभागीय उपायुक्त, सहायक आयुक्त, जिला संयोजक, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास व्दारा अपने स्तर पर नियम विरुद्ध संलग्नीकरण, स्थानांतरण किये गये है, ऐसे सभी  संलग्नीकरण स्थानांतरण आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर  निर्धारित प्रपत्र में 16-12-24 तक आवश्यक रूप से प्रमाण पत्र आदेशित कार्यालय को प्रस्तुत करें । इसके बाबजूद संलग्नीकरण - स्थानांतरण के मामले प्रकाश में आने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी । 

आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग का आदेश हुए चार महीने पूरे हो गए लेकिन अभी भी शिक्षक संवर्ग के पदों पर संलग्नीकरण व्यवस्था आयुक्त के आदेशो की धज्जियां उड़ाते हुए धड़ल्ले से चल रही है । बताया जाता है कि ऐसा ही एक संलग्नीकरण संबंधित आदेश संभागीय उपायुक्त जन जातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग शहडोल संभाग शहडोल के व्दारा अपने पत्र क्र / संभा/ उपा/शि स्था/ 2024/ 1676 शहडोल दिनांक 12-3-2024 के माध्यम से जारी करते हुए सुरेन्द्र कुमार पटेल मा शिक्षक माध्यमिक शाला खरसौंल विकास खंड पुष्पराज गढ़ को हाई स्कूल बड़ी तुम्मी विकास खंड पुष्पराजगढ़ को प्रभारी प्राचार्य के पद पर दायित्व निर्वहन करने हेतु आदेशित किया जाता है । संभागीय उपायुक्त शहडोल के इस पत्र जारी दिनांक से आज तक प्रभारी प्राचार्य के दायित्व का निर्वहन करते आ रहे । जबकि आयुक्त के आदेश के बाद यह संलग्नीकरण का आदेश स्वमेव शून्य घोषित हो जाना चाहिए । इस संदर्भ में सतीश तिवारी खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी चाही गयी,तो उन्होंने बताया कि विकास खंड स्तर से जो संलग्नीकरण किये गये थे , सभी अपने मूल पदांकित कार्य स्थल को कार्यमुक्त कर दिया गया है , ऐसा ही कहना सहायक आयुक्त सरिता नायक का है कि हमारे कार्यालय से जारी संलग्नीकरण स्थानांतरण किये गये थे उन्हें निरस्त करते हुए संबंधी जनों को पदांकित विद्यालय में भेज दिया गया है। जब सुरेन्द्र पटेल के संलग्नीकरण के मामले में बड़े ही साफगोई से चर्चा की गयी तो सहायक आयुक्त ने कहा कि उक्त आदेश उपायुक्त शहडोल व्दारा किया गया है उसे निरस्त करने की अधिकारिता हमारी नहीं है , इसके संबंध में आप उन्हीं से चर्चा करिये। खेद जनक कहा जाये कि संभागीय उपायुक्त शहडोल ऊषा अजय से जब इस संदर्भ में दूरभाष पर उनका पक्ष जानना चाहा गया,तब फोन की घंटियां खनखनाती रही और उन्होंने फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा , इसलिए उनकी संलग्नीकरण समाप्त न कर पाने की विवशता का उजागर नहीं हो सका । सुरेन्द्र पटेल को आज भी सलंग्न करने के पीछे की विवशता चाहे जो हो, लेकिन यह तय हो चुका है कि आयुक्त भोपाल के आदेश की उपायुक्त शहडोल को कोई परवाह नहीं है , नहीं तो इनका भी संलग्नीकरण समाप्त हो जाता । जानकार सूत्रों का मानना है कि इस पूरे मामले में मजेदार पक्ष यह है कि बडी तुम्मी में हाई स्कूल विद्यालय में विभिन्न निर्माण कार्यों में लगभग 70 लाख रुपए के विकास कार्य शाला प्रबंध समिति बड़ी तुम्मी में चल रहे हैं जो कि अत्यंत घटिया और गुणवत्ता हीन है , इस विकास निधि की काली कमाई की रसद उच्च अधिकारियों तक अनवरत रूप से पहुंचती रहें , इसलिए आयुक्त भोपाल को कुतके में रखकर सुरेन्द्र पटेल को आज भी संलग्न कर रखा गया है।

इस पूरे मामले में उपायुक्त शहडोल की संलिप्तता के कारण अधीनस्थ अधिकारी हाथ नहीं डाल सकते ,यही वजह है कि प्रभारी प्राचार्य धड़ल्ले से नियम कानूनो को बलाय ताक पर रखकर मनमर्जी का साम्राज्य कायम कर रखें है । देखना लाजिमी होगा कि आयुक्त भोपाल अपने आदेश का पालन करा पाते हैं कि उपायुक्त की मनमर्जी के सामने वह भी नतमस्तक होकर अपने कर्त्तव्य से विमुख होकर बहती गंगा में डुबकी लगायेंगे

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