नर्मदा की उद्गम नगरी ट्रैकिंग में एनएसएस के स्वयंसेवकों में दिखा उत्साह एवं उमंग


अनूपपुर

मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के द्वारा मां नर्मदा की उद्गम नगरी अमरकंटक में राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्यस्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है, शिविर के पांचवें दिन अमरकंटक में प्राकृतिक वातावरण से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने उत्साह एवं उमंग दिखाया तथा एडवेंचर ट्रैकिंग पर्यावरण संरक्षण हेतु की जा रही गतिविधियों में सहभागिता निभाई। इस दौरान स्वयंसेवकों को अमरकंटक के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों माई की बगिया,तुरीय आश्रम, सोनमूडा, यंत्र मंदिर और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने बाली बस्तुओ  को एकत्र कर उक्त स्थलों का भ्रमण कराया गया। ट्रैकिंग के दौरान स्वयंसेवकों ने न केवल प्रकृति की महत्व को समझा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारियों को भी महसूस किया।

इस अवसर पर राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ.मनोज अग्निहोत्री ने कहा कि अमरकंटक एक सुंदर और पौराणिक स्थल है, यहाँ की पहाड़ियाँ एक सुंदर और रोमांचक अनुभव प्रदान करता है इसके साथ ही प्रकृति के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। ट्रैकिंग के दौरान अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक अभिमन्यु प्रसाद, राहुल सिंह परिहार,एवं सभी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक, कार्यक्रम अधिकारी सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहे।

राष्ट्र व समाज सेवा करके मनुष्य जीवन को सार्थक किया जा सकता है- महामंडलेश्वर रामकृष्णानंद महाराज

*गणेश धूनी मंदिर परिसर में स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर आमजन को जागरूक किया*


अनूपपुर

राज्य एन.एस.एस. अधिकारी डॉ. मनोज अग्निहोत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग, राज्य स्तर रासेयो (प्रकोष्ठ)भोपाल द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश राज्य स्तर नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर अमरकंटक  के चतुर्थ दिवस पर प्रदेश के कोने कोने से आए 600 स्वयंसेवकों ने परियोजना कार्य के रूप में मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित गणेश धूनी मंदिर परिसर व नगरपालिका मेला परिक्षेत्र में श्रमदान कर परिसर को प्लास्टिक मुक्त किया।

स्वयंसेवकों ने "हम सबने यह ठाना है, अमरकंटक को स्वच्छ बनाना है" इन नारों को गुंजायमान करते हुए पर्वतराज अमरकंटक की गोद में स्थित मां नर्मदा की मैकल परिक्रमा के प्रारंभिक स्थल गणेश धूनी व शिवरात्रि मैला परिक्षेत्र व समीप के जंगल फैले हुए 2 ट्राली प्लास्टिक कचरे को बिनकर स्वच्छता का सन्देश दिया। परियोजना कार्य के पश्चात श्रम सीकर में शिविर संचालक राहुल सिंह परिहार ने विद्यार्थियों को एनएसएस की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा से रूबरू कराया।

शिविर के चतुर्थ दिवस के बौद्धिक सत्र में संतों का समागम हुआ। अतिथियों का स्वागत शिविर संगठक डॉ. मनोज अग्निहोत्री एवं शिविर आयोजक डॉ. अभिमन्यु प्रसाद ने किया।  कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अग्निपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर रामकृष्णानंद महाराज ने कहा कि मां नर्मदा के तट पर एक दिन भर वास करने से जीवन धन्य हो जाता है आपने एक सप्ताह स्वच्छता अभियान चलाकर अपने जीवन को सार्थक कर दिया। बौद्धिक सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारें महंत रामभूषण दास महाराज ने मां नर्मदा के आध्यात्मिक स्वरूप को स्पष्ट किया। 

सारस्वत अतिथि के रूप में स्वामी गिरजानंद महाराज ने कहा कि राष्ट्र व समाज सेवा करके मनुष्य जीवन को सार्थक किया जा सकता है। उन्होंने सनातन धर्म की अवधारणा को स्पष्ट किया। बौद्धिक सत्र में स्वामी लवलीन महाराज का सान्निध्य प्राप्त हुआ। बौद्धिक सत्र में अध्यक्षीय भाषण प्रदान करते हुए स्वामी महेश चैतन्य महाराज ने मां नर्मदा की उत्पत्ति कथा को बताया। 

 इस अवसर पर राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. मनोज अग्निहोत्री ने कहा कि मां नर्मदा के पावन तट पर आयोजित इस रासेयो शिविर में संतों का समागम हमारे सौभाग्य का उदय है। बौद्धिक सत्र में कार्यक्रम समन्वयक, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर हरिशंकर कंसाना ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया और आभार कार्यक्रम समन्वयक, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन डॉ. विजय कुमार वर्मा ने माना। बौद्धिक सत्र का संचालन शिविर संचालक राहुल सिंह परिहार द्वारा किया गया। 

द्वितीय बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में आगाज़ संस्था के डायरेक्टर एवं यूनिसेफ के प्रतिनिधि प्रशांत दुबे ने बाल संरक्षण व अधिकार विषय पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में बालकों के मुख्यत: चार अधिकार परिभाषित किए गए हैं– जीवन का अधिकार, विकास का अधिकार, संरक्षण का अधिकार एवं सहभागिता का अधिकार। उन्होंने बाल अधिकार व संरक्षण हेतु बाल संरक्षण हेल्पलाइन नंबर 1098 को साझा किया और कहा कि आपकी एक सूचना एक बालक के जीवन को तबाह करने से बचा सकती है। इस सत्र में आगाज़ संस्था के कॉर्डिनेटर विजय बघेल का भी सान्निध्य प्राप्त हुआ। बौद्धिक सत्र संचालन रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की स्वयंसेविका प्राची झारिया ने किया। प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्वयंसेवकों द्वारा प्रभात फेरी का आयोजन किया गया एवं तत्पश्चात डॉ. मनजीत सिंह सलूजा द्वारा मन, आत्मा एवं शरीर के स्वास्थ्य हेतु स्वयंसेवकों को योगाभ्यास कराया गया।

नगर परिषद अध्यक्ष गीता गुप्ता के प्रयास से अमलाई रेलवे स्टेशन होगा आधुनिक और सुविधायुक्त

*अमलाई रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों की हुई शुरुआत*


अनूपपुर

नगर परिषद अध्यक्ष गीता गुप्ता के प्रयासों के बाद अमलाई रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। रेलवे प्रशासन को भेजे गए पत्र के बाद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल ने इस स्टेशन को स्वच्छ, सुंदर और यात्री सुविधाओं से युक्त बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर परिषद अध्यक्ष गीता गुप्ता ने बताया कि अमलाई रेलवे स्टेशन, जो बिलासपुर से कटनी के बीच सबसे बड़े प्लेटफार्मों में से एक है, यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है। लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण यात्रियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसको ध्यान में रखते हुए उन्होंने डिवीजनल रेलवे मैनेजर, बिलासपुर सहित रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजा था, जिसमें स्टेशन के सुधार कार्यों की मांग की गई थी।

रेलवे प्रशासन ने इस पत्र को गंभीरता से लेते हुए कई महत्वपूर्ण कार्यों को प्रारंभ किया है। इनमें स्टेशन परिसर और आसपास की सफाई, मुख्य मार्ग के सड़क निर्माण, सभी प्लेटफार्मों पर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, एलईडी लाइट, पंखे और स्वच्छ शौचालय की स्थापना शामिल हैं। इसके अलावा, प्लेटफार्म नंबर 1 पर एक आधुनिक वेटिंग रूम बनाया जाएगा, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल की तैनाती बढ़ाई जाएगी।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फल-फ्रूट और खान-पान के स्टॉल लगाए जाएंगे तथा बैठने के लिए अतिरिक्त बेंच की व्यवस्था की जाएगी। सभी प्लेटफार्मों पर कोच पोजीशन डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि यात्रियों को गाड़ियों के कोच की सही स्थिति की जानकारी मिल सके। दिव्यांग यात्रियों के लिए प्लेटफार्म नंबर 3 और 4 पर विशेष रैंप ब्रिज का निर्माण किया जाएगा, जिससे उनकी यात्रा सुगम हो सके। इसके अतिरिक्त, रेलवे चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था और प्लेटफार्म नंबर 1 के शेड की ऊंचाई बढ़ाने के लिए भी प्रक्रिया शुरू हो गई है।

नगर परिषद अध्यक्ष के पत्र का संज्ञान लेते हुए रेलवे प्रशासन ने अमलाई रेलवे स्टेशन के उन्नयन की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है। डीआरएम बिलासपुर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी आवश्यक कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों की शुरुआत से नगरवासियों और यात्रियों में उत्साह है। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद अध्यक्ष गीता गुप्ता के प्रयासों की सराहना करते हुए रेलवे प्रशासन को धन्यवाद दिया है।

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