तेंदुवे की मौत के बाद सियारों ने बनाया निवाला, पनपथा कोर रेंज में तेंदुए का क्षत विक्षप्त मिला  शव


उमरिया

बांधवगढ टाइगर रिज़र्व के पनपथा कोर रेंज के बीट सेहरा में तेंदुए का क्षत विक्षप्त शव मिला है। खबर है कि गश्त के दौरान इस बात की खबर पार्क टीम को लगी है,जब पार्क टीम मौके पर पहुंची तो कई सियार मिलकर तेंदुवे के शव का भक्षण कर रहे थे। पनपथा कोर के कक्ष क्रमांक आरएफ 449 छुई हाईहार में तेंदुवे के शव की खबर लगते ही पार्क अधिकारी एक्टिव हो गए और मौके पर पहुंच ज़रूरी कार्यवाही किये है। खबर ये भी है कि मृत तेंदुवे का 60 फीसदी से अधिक शरीर घटना स्थल पर नही है, सम्भावना जताई जा रही है कि जंगली सियारों ने मिलकर मृत तेंदुवे के अधिकांश अंग को अपना निवाला बना दिया है। इस मामले में अपराध क्रम 444/03 प्रकरण दर्ज कर टीम जांच में जुटी है। डॉ वैभव शुक्ल एवम डॉ विपिन चन्द्र आदर्श की मदद से शव परीक्षण आदि की कार्यवाही पूर्ण कर बांधवगढ टाइगर रिज़र्व के उप संचालक, तहसीलदार, एनटीसीए प्रतिनिधि एवम चिकित्सकों के समक्ष अंतिम संस्कार किया गया है। इस मामले में क्षेत्र संचालक डॉ अनुपम सहाय ने बताया कि तेंदुवे की मौत प्राथमिक दृष्ट्या बाघ का हमला से हुआ है, घटना स्थल के करीब बाघ द्वारा हमले के साक्ष्य मिले है, इसके अलावा पेड़ पर तेंदुवे तथा बाघ के पंजो के भी निशान भी है, जिससे साफ है कि बाघ के हमले में तेंदुवे की मौत हुई है, बाद में सियारों ने उसका शिकार कर शरीर के कई अंगों को खा लिया है। तेंदुवे के मौत के कारण को समझने घटना स्थल पर डॉग स्क्वार्ड आदि की भी मदद ली गई है। आपको बता दे वन मंडल हो या बांधवगढ टाइगर रिज़र्व दोनों ही वन क्षेत्रों में जंगली जानवरों की असमय मौत दुर्भाग्यपूर्ण है, ऐसी खबरों से निश्चित ही वन्य प्रेमियों में खासा निराशा है।

अवैध रूप से मवेशियों को ले जाते 25 जानवरो को पुलिस ने किया जप्त


शहड़ोल

जिले के थाना बुढ़ार, चौकी केशवाही क्षेत्रांतर्गत कस्बा भ्रमण के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग अवैध रूप से मवेशियों को क्रूरतापूर्वक पीट-पीटकर ग्राम कोटी अंतर्गत जंगल की तरफ से एक व्यक्ति 25 नग भैंस पड़वा ग्राम धुम्माडोल की तरफ ले जा रहा है। सूचना पर केशवाही पुलिस द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए सूचना स्थान पर दबिश देने पर कोटी के जंगल में सघन खोज-बीन शुरु की गई जिस पर 01 व्यक्ति 24 नग पड़वा, 01 नग भैस, कुल 25 नग (मवेशियों) को क्रूरतापूर्ण तरीके से हांकते, रगड़ते, दौड़ाते हुये ले जा रहा था, उक्त अज्ञात व्यक्ति पुलिस को देखकर जंगल के रास्ते भाग गया, खोज-बीन करने पर नहीं मिला, जिसकी पता-तलाश जारी है। अज्ञात आरोपी न मिलने से दस्तयाब शुदा मवेशियों को पुलिस द्वारा केशवाही गौशाला लाया गया। जिस पर केशवाही पुलिस द्वारा उक्त 25 नग मवेशियों को जप्त कर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध पशुक्रूरता अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया, अज्ञात आरोपी की खोज-बीन जारी है।

शादी में आमंत्रित न किए जाने से नाराज एक युवक ने दूल्हे की बरात को रोकने की कोशिश 

*मामला हुआ दर्ज, आरोपी हुआ फरार*


शहडोल 

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के खुटहरा गांव में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां शादी में आमंत्रित न किए जाने से नाराज एक युवक ने दूल्हे की बरात को रोकने की कोशिश की। मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर पहुंची पुलिस के साथ भी युवक और उसके परिवार ने मारपीट कर दी। पुलिस ने आरोपी युवक, उसकी पत्नी और पुत्री के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना बीती रात की है, जब कुशवाहा परिवार में विवाह समारोह के दौरान बरात गांव में पहुंची। पड़ोस में रहने वाले मनोज यादव ने गुस्से में बरात को रोकने का प्रयास किया। वह अपने घर के सामने डंडा लेकर खड़ा हो गया और दूल्हे की गाड़ी को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस अप्रत्याशित घटना से बरातियों में हड़कंप मच गया, और बैंड-बाजे की धुन बंद कर दी गई। लड़की पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंचे और मनोज को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार नहीं था। जानकारी के अनुसार, विवाह रमेश कुशवाहा की पुत्री का था। आरोपी मनोज यादव और रमेश के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते रमेश ने अपनी बेटी की शादी में मनोज को आमंत्रित नहीं किया था। आमंत्रण न मिलने से नाराज मनोज ने बरात रोकने की ठान ली और अपने घर के सामने डंडा लेकर खड़ा हो गया। जब मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, तो डायल 100 टीम मौके पर पहुंची।

बरात रोकने की सूचना पर डायल 100 के आरक्षक ऋषभ शुक्ला और पायलट भानु प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही मनोज वहां से भाग गया, और पुलिस ने बरात को आगे बढ़ाया। हालांकि, थोड़ी देर बाद मनोज वापस आया और आरक्षक ऋषभ शुक्ला पर डंडे से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे पायलट भानु प्रताप सिंह के साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान मनोज की पत्नी और पुत्री भी पुलिसकर्मियों से भिड़ गईं और उनके साथ मारपीट करने लगीं। घटना को देखकर गांव के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिसकर्मियों को छुड़ाया। इसके बाद आरक्षक और पायलट डायल 100 में सवार होकर थाने पहुंचे और मामले की जानकारी थाना प्रभारी को दी।

घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी अरुण पांडे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, तब तक मनोज यादव फरार हो चुका था। पुलिस ने उसकी पत्नी और पुत्री को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। थाना प्रभारी अरुण पांडे ने बताया कि आरोपी मनोज यादव, उसकी पत्नी और पुत्री के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जल्द ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी हुई है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget