मेन्टेनेन्स कार्य के कारण 3 घण्टे बिजली रहेगी बन्द


अनूपपुर

म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अनूपपुर के अधीक्षण अभियंता ने बताया है कि उप संभाग अनूपपुर अंतर्गत 220 के.व्ही. उपकेन्द्र अनूपपुर में 33 के.व्ही. फीडर के मेन बस साइड आइसोलेटर वाय फेज के नट वोल्ट में हॉट प्वाइंट के मेन्टेनेन्स का कार्य किया जाएगा। उक्त कार्य के प्रभावी रूप से सम्पादन हेतु 220 के.व्ही. उपकेन्द्र अनूपपुर से निकलने वाले समस्त 33 के.व्ही. फीडर की विद्युत आपूर्ति बुधवार 05 मार्च को प्रातः 8ः00 बजे से प्रातः 11ः00 बजे तक अवरुद्ध रहेगी। कार्य के अनुसार विद्युत आपूर्ति अवरुद्ध रहने की समयावधि को बढ़ाया या घटाया जा सकता है।

फसल पर भारी पड़ेगा मौसम का मिजाज, बढ़ते तापमान से चिंतित किसान, घट सकता है गेहूं का उत्पादन


उमरिया

इस बार भी मौसम के बदले मिजाज ने किसानो की चिंता बढ़ा दी है। उनकी परेशानी का सबसे बड़ा कारण ठंड तथा उसकी अवधि मे लगातार आ रही कमी और बढ़ रहा तापमान है। हलांकि बीते दो-तीन दिनो से दिन की गर्मी कम हुई है, वहीं रात मे भी ठंड का एहसास हो रहा है। इससे पहले दिन का तापमान अचानक  बढ़ गया था। जबकि रात के समय भी पंखों की जरूरत पडऩे लगी थी। कृषि के जानकारों का मानना है कि मौसम विभाग के मुताबिक मार्च से मई तक इस वर्ष गर्मियों मे सामान्य से ज्यादा तापमान रहने की आशंका है। जिसका असर गेहूं की उपज पर पड़ सकता है। पिछले चार साल से गेहूं के दाम बढऩे का एक बड़ा कारण खराब मौसम भी है। उनका कहना है कि इस साल का फरवरी पिछले 125 साल मे सबसे गर्म रहा है। मार्च मे गर्म हवाओं का दौर बढने की उम्मीद है। ये हवायें गेहूं के दाने बनने के प्रोसेस के लिए महत्वपूर्ण है।

*ठण्ड बेहद जरूरी*

वहीं अनुभवी किसानो ने बताया कि रबी की फसलों मे विशेषकर गेहूं के लिये ठण्ड बेहद जरूरी है। दिसंबर और जनवरी की कड़कड़ाती सर्दी इस फसल को मजबूत शुरूआत देती है। वहीं फरवरी की गुलाबी ठण्ड बालियों मे तैयार हो रहे दानों को पुष्ट करती है, परंतु ऐसा नहीं हो पा रहा है। इस बार बारिश की वजह से धान की कटाई मे हुई देरी के कारण गेहूं की बोनी भी लेट हो गई। इस विलंब के चलते फसल को बेहद कम समय तक ठंडा मौसम मिल सका। ऊपर से अब तेजी से गर्म हो रहा वातावरण उपज को प्रभावित कर रहा है।

*खरीफ मे भी हुआ घाटा*

फसल के जानकारों का कहना है कि उच्च तापमान के कारण अनाज सिकुड़ सकता है। जिससे उसका वजन भी कम होगा। इतना ही नहीं गमी के कारण बालियों की लंबाई भी रूक जाती है। उल्लेखनीय है कि खरीफ के सीजन मे बेमौसम बारिश के सांथ फसलों को कीट-व्याधियों के हमले का सामना करना पड़ा था। जिससे किसानो को खासा नुकसान हुआ, अब यही हाल गेहूं की फसल मे भी दिख रहा है। जिससे उनकी बेचैनी बढ़ गई है।

*इनका कहना है।*

तापमान मे वृद्धि का असर गेहूं की फसल पर पड़ता है। जिसके लिये कुछ उपाय जरूरी हैं। विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञ और जमीनी अमला किसानो के सांथ सतत संपर्क मे रह कर उन्हे आवश्यक सलाह दे रहा है।

*संग्राम सिंह,उप संचालक कृषि विभाग, उमरिया*

ज्ञानरुपी प्रकाश में निरंतर रत देश को भारत कहते हैं –डॉ. विश्वास चौहान, सदस्य, निजी विनियामक आयोग

*राज्य स्तरीय शिविर के तृतीय दिवस अमरकंटक के पुष्कर घाट पर स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर आमजन को जागरूक किया*


अनूपपुर

राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. मनोज अग्निहोत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य स्तर नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर अमरकंटक के तृतीय दिवस पर प्रदेश के कोने कोने से सहभागिता करने आए स्वयंसेवकों ने परियोजना कार्य के रूप में मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित रामघाट, पुष्पराज घाट एवं शिविर स्थल नगरपालिका परिसर को स्वच्छ  कर श्रमदान किया। स्वयंसेवकों ने प्रकृति के दुश्मन तीन, पाउच पानी और पालीथीन के नारों से घाट पर स्नान करने आए नागरिकों एवं भक्तजनों को  जागरूक कर घाटों को प्लास्टिक एवं अन्य कचरे से मुक्त किया।

तृतीय दिवस के बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में मध्यप्रदेश निजी विनियामक आयोग के सदस्य डॉ. विश्वास चौहान ने "भारतीय संविधान में जीवन मूल्य" विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि भारत शब्द का अर्थ है जो ज्ञान में रत हैं, उसे भारत कहते हैं और ज्ञान रूपी प्रकाश में निरंतर निमग्न जन भारतीय कहलाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि भारतीय संविधान में निहित समता, बंधुता आदि शब्द हमारे भारत की लोकतांत्रिक मूल्यों में समाहित है। उन्होंने ह्वेनसांग व मेगस्थनीज के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा कि इस जन्म में ऐसा अच्छा कार्य करो कि अगला जन्म भारत में हो। उन्होंने अधिकारों के स्थान पर  नागरिकों के कर्त्तव्यों की चर्चा की और कहा कि जब सभी नागरिक अपने कर्त्तव्यों का पालन करेंगे तो हमें अधिकारों के मांग करने की आवश्यकता ही नहीं होगी। राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. मनोज अग्निहोत्री ने कहा कि एनएसएस शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। कार्यक्रम समन्वयक जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर हरिशंकर कंसाना ने कहा कि एनएसएस शिविर विद्यार्थियों के  व्यक्तित्व विकास के साथ उनको राष्ट्र व समाज कार्यों की ओर प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वयंसेवक प्राची झरिया रहें एवं कार्यक्रम अध्यक्षता स्वयंसेवक राज जादौन ने की।  बौद्धिक सत्र का संचालन स्वयंसेवक समीर खान ने किया एवं आभार कार्यकम अधिकारी डॉ. बक़ील सिंह कौशल ने माना।

प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्वयंसेवकों द्वारा प्रभात फेरी का आयोजन किया गया एवं तत्पश्चात डॉ. मनजीत सिंह सलूजा द्वारा मन, आत्मा एवं शरीर के स्वास्थ्य हेतु स्वयंसेवकों को योगाभ्यास कराया गया। इससे एक दिन पूर्व रात्रि में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर एवं जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के स्वयंसेवकों द्वारा लोकनृत्य, लोकगीत, नुक्कड़ नाटक, कविता आदि विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget