परीक्षा के दौरान नकल कराकर की गोपनीयता भंग, 3 शिक्षक समेत 1 भृत्य पर हुआ मामला दर्ज

*शिक्षक भेज रहे थे नकल सामग्री, हटाए गए केंद्राध्यक्ष*


अनूपपुर

अमरकंटक थाना अंतर्गत शासकीय हायर सेकेण्ड्री स्कूल पोडकी में माध्यमिक शिक्षा मंडल की अंग्रेजी विषय की परीक्षा के दौरान तीन शिक्षकों एवं एक भृत्य द्वारा बच्चों को नकल कराये जाने का वीडियो सोशल मीडिया में वॉयरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम भेज जांच कराई गई। जिसके बाद परीक्षा की गोपनीयता एवं विश्वसनीयता भंग करने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी के आवेदन पर पुलिस ने चार लोगों जिनमें सहायक केन्द्राध्यक्ष सुशीला सिंह, अतिथि शिक्षक वर्ग 2 मोहन लाल चन्द्रवंशी, प्रेमलाल दरकेश एवं भृत्य शोभित सिंह गोड़ के खिलाफ शुक्रवार को मामला करते हुए धारा 316(2), 318 (4) बीएनएस एवं 1937 की धारा 3सी/4 परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही पोडकी परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष छंगूराम भगत को हटाते हुए नए केंद्राध्यक्ष लामू सिंह टेकाम को बनाया गया है।

जानकारी के अनुसार हाई सेकेंड्री पोडक्री के परिसर में झाडियों के बीच दो अतिथि शिक्षकों मोहनलाल चंद्रवंशी एवं प्रेमलाल दरकेश द्वारा हाथ में किताब रखकर कागज में कुछ लिख रहे है। ग्रामीणों ने पूरे मामले का वीडियो बनाते हुए उनके नजदीक पहुंचे, जहां दोनो शिक्षक प्रश्न बैंक से कागज में उत्तर हल कर पर्चियां बना रहे है और उन्हे भृत्य के माध्यम से परीक्षा कक्ष तक पहुंचा कर बच्चों को नकल करवाया जा रहा है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वॉयरल होते ही जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता में लेते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने टीम गठित कर मामले की जांच कराई गई। जहां टीम द्वारा नकल कराये जाने की पुष्टि की गई। पूरे मामले में जिला शिक्षा के आवेदन पर पुलिस ने तीनों शिक्षकों सहित भृत्य से सख्ती के साथ पूछताछ की गई। जिसके बाद देर शाम को तीन शिक्षकों एवं एक भृत्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। वहीं प्रशासन ने पोडकी परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष छंगूराम भगत को हटाते हुए नए केंद्राध्यक्ष लामू सिंह टेकाम को बनाया है।

जांच टीम के अनुसार परीक्षा केन्द्र के बाहर झाडिय़ों में बैठ कर दो अतिथि शिक्षकों द्वारा नकल की पर्चियां बनाकर भृत्य के माध्यम से परीक्षा कक्ष में सहायक केन्द्राध्यक्ष सुशीला सिंह तक पहुंचाया जाता रहा है, जहां से वे पर्चिया बच्चों तक पहुंचाकर उनसे नकल करवाई जा रही थी।

 समाचार 

*महाशिवरात्रि पर्व पर निकली भव्य शिव बारात, नगरवासियों ने किया स्वागत*

*भोलनाथ की बारात में मध्यप्रदेश शाशन के मंत्री दिलीप जायसवाल हुए सामिल*

अनूपपुर

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर डोला के प्रसिद्ध तुर्राधाम में भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। दो दिवसीय मेले और अखंड मानस पाठ के साथ, भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात नगर परिषद डोला के शिव मंदिर से ढ़ोल नागाड़ो के साथ धूमधाम से निकाली गई। जहाँ पर नगर के श्रद्धालु इस अद्भुत आयोजन में बढ़-चढ़कर शामिल हुए और पूरे नगर में भक्ति का वातावरण बना रहा। जहाँ पर मध्यप्रदेश शाशन के मंत्री दिलीप जायसवाल भगवान भोलेनाथ की बारात में सम्लित रहें. सड़को के किनारे भगवान भोलेनाथ की बारात में सम्लित बारातियों के लिए जगह जगह जल पान की ब्यवस्था नगर के लोगों द्वारा की गई थी।

*शिव बारात का  हुआ भव्य स्वागत*

भगवान शिव की बारात नगर परिषद न्यू डोला के शिव मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली गई। नगरवासियों ने श्रद्धा और उल्लास के साथ बारात का स्वागत किया। जगह-जगह स्टॉल लगाए गए, जहां श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर शिव बारात का अभिनंदन किया। बारात में शिवभक्त अलग-अलग स्वरूपों में सजे-धजे चल रहे थे। कोई भोलेनाथ का रूप धरकर नृत्य कर रहा था, तो कोई शिव के गणों के रूप में भक्तिभाव से सराबोर था। सबसे मनमोहक दृश्य तब देखने को मिला जब छोटे-छोटे बच्चों ने बाल शिव का रूप धारण किया। उनकी भोली सूरत और अद्भुत श्रृंगार ने सभी का मन मोह लिया। श्रद्धालु उन्हें देखकर भाव-विभोर हो उठे और आशीर्वाद देते रहे। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने पूरे भक्ति भाव से इस आयोजन में भाग लिया।

*तुर्राधाम में हुआ विशेष पूजन और महाआरती*

भगवान भोलेनाथ की बारात  तुर्राधाम पहुंचने पर भगवान शिव का विशेष रुद्राभिषेक किया गया। इसके उपरांत महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालु "हर-हर महादेव" के जयकारों के साथ शिवमय वातावरण में डूब गए।

*अखंड मानस पाठ और भंडारे का आयोजन*

महाशिवरात्रि के अवसर पर 26 फरवरी को सुबह 9 बजे से अखंड मानस पाठ प्रारंभ हुआ, जो अगले दिन पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। 27 फरवरी को महाप्रसाद वितरण के रूप में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नगरवासियों और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। विशेष रूप से 101 कन्याओं के लिए कन्या भोज का आयोजन किया गया, जिससे भक्ति और सेवा का माहौल बना रहा।

*नगरवासियों की सराहनीय भागीदारी*

इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में तुर्राधाम जन कल्याण समिति, एस.ई.सी.एल. परिवार, नगर परिषद डोला व म.प्र./छ. ग. पुलिस प्रशासन, सामाजिक संगठनों और नगरवासियों का विशेष योगदान रहा। आयोजन समिति में ओम प्रकाश पांडे, गिरधारी लाल गुप्ता, आधाराम वैश्य, विनोद तिवारी, प्रेमचंद यादव, रवि शंकर तिवारी, राकेश पांडे, श्रीमती रीनू सुरेश कोल, सीएमओ राजेश मार्को, नंदलाल तिवारी, पुष्पराज सिंह, आशीष प्रताप सिंह, राजेंद्र यादव, शिवेंद्र सिंह, शिव मिश्रा, अवधेश राय, लालमन यादव, अशोक कोल, रिंकू दूबे, उपेंद्र पांडे, मुनीम चाचा, पप्पू पांडे, बैजनाथ मेहता, बी.पी. सिंह, भूपेंद्र सिंह, ओम सिंह, उपेंद्र खुटिया, ऋषि दुबे, दिलीप सिंह, सदानंद सिंह, शारदा मरावी, द्वारिका सिंह, असरफीलाल यादव, राहुल सिंह परिहार, अनिल साव,मृतुंजय चौबे, पवन सिंह, संजय चौरसिया और बी.एल. सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 चरण तीर्थ पावन धाम मे विशाल भंडारे के साथ संपन्न हुआ महायज्ञ

भोले भाले सनातनियों का धर्म परिवर्तन मे लगी विदेशी ताकते : जगतगुरु

अनूपपुर

अनंत विभूषित जगतगुरु रामानुजाचार्य संप्रदाय के पीठाधीश्वर रामललाचार्य महाराज के पावन सानिध्य मे चरण तीर्थ पावन धाम में 9 दिवसीय राम महायज्ञ जगद्गुरु स्वामी के मुखर बिंदु से श्री राम कथा की अमृत वर्षा एवं आदर्श रामलीला मंडली खजुरी ताल का  आयोजन किया गया। चरण तीर्थ पवन धाम के आसपास के ग्रामीणों द्वारा आज दिनांक 28 फरवरी 2025 को विशाल भंडारा आयोजित किया गया इस भंडारे में लगे हुए गांव से ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर उत्साह पूर्वक सहभागिता निभाई ।भंडारे के महाप्रसाद प्राप्त कर लोगों ने स्वयं को धन्य माना। जिला मुख्यालय एवं कोतमा से पधारे पत्रकारों से चर्चा के दौरानअनंत विभूषित जगतगुरु रामानुजाचार्य संप्रदाय के पीठाधीश्वर रामललाचार्य महाराज ने बताया कि सर्वप्रथम हमारे शिष्य जयसवाल जी द्वारा बताया गया कि हमारे गांव के पास जंगल में एक पावन धाम है जहां बैठने से शांति मिलती है आप एक बार यहां अवश्य पधारे उनके आग्रह पर हम यहां पहुंचे और किसी पवन धाम पर ही रात विश्राम किया उधर विश्राम के उपरांत मुझे स्वप्न द्वारा जानकारी मिली के यहां पर चार कुंड है तथा भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चरण चिन्ह माता जानकी के चरण चिन्ह एवं भैया लक्ष्मण के चरण कॉन की छाप स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है तथा भगवान राम के धनुष तथा तरकश एवं तीर के निशान भी दिखाई पड़े जिसके चलते पूर्व में यहां ऋषि मुनि तप किया करते रहे होंगे और इस पावन धाम में पांडवों के भी आने का प्रमाण मिलता है। स्वामी ने बताया कि इस सिद्ध पीठ में आज भी प्रमाण के रूप में शीला को गर्मी में छूने से उसमें शीतलता महसूस होती है अब इससे ज्यादा इस शिला को प्रमाण की क्या आवश्यकता है। स्वामी जी ने यह भी बताया कि इन जंगलों में बसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां ईसाई मिशनरीज के द्वारा धर्म परिवर्तन की भी घटनाएं सुनने में आती हैं जो अत्यंत निंदनीय कार्य है धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए हम सभी सनातन धर्मियों को एकता का परिचय देते हुए अपने भटके हुए परिवार को धर्म शास्त्रों एवं प्राकृतिक प्रमाणों को बढ़ाकर घर वापसी कराई जा सकती है मैं घर वापसी करने के लिए लगातार प्रयासरत हूं और आने वाले समय में इस क्षेत्र में सनातन धर्म की पुनर्स्थापना होगी और हमारे भटके हुए परिवारों को घर वापसी करवाना ही हम सब का मुख्य उद्देश्य होगा। स्वामी ने यह भी बताया कि हमारे धर्म में छुआछूत एवं उच्च नीच की बात केवल सनातन धर्मियों को बांटने के लिए अंग्रेजों की चल रही जिसके चलते उन्होंने अगड़ी पिछड़े अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजातियों का वर्गीकरण  किया गया। हम सब ईश्वर के दर्शन करने के लिए  श्रद्धालुओं का उमड़ रहा है जन सैलाब अष्टम दिवस की कथा का वाचन करते हुए जगद्गुरु रामलला चार्य ने बताया कि भगवत प्राप्ति के अधिकारी सभी जाति वर्ग के लोग,  भगवत प्राप्ति के अधिकारी हैं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम अपने अधिकारों को छोड़कर कर्तव्यों को सर्वोपरि माना एवं उन्होंने अपने 14 वर्ष के वनवास में भीलन मां शबरी के झूठे बेर खाकर यह बताया कि समाज में कोई ऊंचा और कोई नीचा नहीं होता केवल वह अपने भाव से ही महान होता है जैसे मां शबरी ने अपने गुरु की आज्ञा मानकर सैकड़ो वर्ष भगवान राम की प्रतीक्षा की और भगवान राम मिलने के बाद अपने भाव से उन्हें झूठे बेर खिलाई और उसे झूठे बेर में भगवान श्री राम को आनंद की अनुभूति हुई। जगतगुरु ने आगे बताया कि यह पावन चरण तीर्थ अत्यंत ही पवन है यहां पर स्थापित शीला पर अपनी मन्नत मांगने पर अवश्य पूर्ण होती है यहां के लोगों का यह अनुभव है। इस क्षेत्र में धर्म परिवर्तन की जानकारी मिलती रही है जो अत्यंत निंदनीय कार्य है हमारे सनातन भाई जिन्हें भ्रमित कर दूसरे धर्म में परिवर्तित कर दिया गया है उनके घर वापसी करना हम सब का परम कर्तव्य है और इस कार्य में हम सब अपनी पुरी इच्छा शक्ति के साथ कार्य करेंगे।

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