पोंनाग धाम परिसर रामकृष्ण मंदिर से भगवान हुए चोरी


शहडोल

जिले के हालात बद से बद्तर होते जा रहे हैं, पहले आमलोगों के घर से चोरी की घटनाएं सामने आती थी, अब भगवान ही चोरी हो गये, यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि विराट की नगरी में नंदगोपाल भी अब सुरक्षित नहीं रहे। चोरी की शिकायत थाने में की गई है। 

घटना के संदर्भ में बताया गया कि पोंनाग तालाब के समीप स्थित पोंनाग धाम परिसर में रामकृष्ण मंदिर स्थापित है, यहां के पुजारी पं. मोहन लाल आज मंदिर का गेट बंद करने गये तो, उन्होंने देखा कि मंदिर से भगवान की प्रतिमा ही गायब है, सूचना पर सोहागपुर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे है और मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

डिजिटल अरेस्ट की कोशिश, वीडियो कॉल में असली पुलिस को देखकर ठग ने काट दिया फोन

*युवक को झूठे केस में फंसाकर रुपये की मांग*


शहडोल 

जिले में एक बार डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया। युवक को झूठे केस में फंसाकर रुपये की मांग की गई। गनीमत रही कि युवक घबराया नहीं औा तुरंत ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित साइबर सेल के पास पहुंच गया।  समय पर मदद मिल जाने से युवक डिजिटल अरेस्ट का शिकार होने से बच गया।

जानकारी के अनुसार आवेदक आशीष कुमार सेन पिता चंद्रशेखर सेन, जोकि पामगढ़ जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ का रहने वाला है। वो शहडोल अपने रिश्तेदार को छोड़ने आया था। आशीष के पास जैसे ही फोन आया उसने तुरंत ही मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय शहडोल के साइबर सेल को दी। इसके बाद ठग से साइबर सेल शाखा में पदस्थ पुलिसकर्मी सत्य प्रकाश मिश्रा ने खुद वीडियो कॉल पर बात की और जमकर फटकार लगाई। आरक्षक ने तीखे शब्दों में इंस्पेक्टर को कहा कि तुम लोगों को बेवकूफ बनाकर पैसे ऐंठते हो। साइबर सेल कर्मी और ठग के बीच वीडियो कॉल में बात हुई तो पुलिस कर्मी ने देखा कि ठग ने खाकी वर्दी पहन रखी है और उसकी वर्दी में तीन तीन सितारे जड़े हुए हैं। 

तीन सितारे वाली वर्दी पहनने वाला कोई इंस्पेक्टर नहीं बल्कि लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी करने वाले ठग गिरोह का एक सदस्य था। ठग युवक को झांसा देते हुए डरा धमकाकर उससे रुपये ऐंठना चाह रहा था। युवक फोन आने के दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ही आसपास था, इसलिए वह तुरंत जालसाज से बात करते हुए साइबर सेल शाखा में पहुंच गया। वहां मौजूद आरक्षक सत्य प्रकाश मिश्रा से युवक की मुलाक़ात हुई। 

फिर आरक्षक ने तथा कथित इंस्पेक्टर बनाम ठग से बातचीत की और उसे जमकर लताड़ लगाई। जब ठग को यह आभाष हो गया कि युवक सच में असली पुलिस के पास पहुंच गया है तो फिर उसने फोन काट दिया।

बुजुर्ग की मौत के बाद सिविल सर्जन के चैंबर में घुसकर डॉक्टर से किया गाली गलौच


शहडोल 

जिला चिकित्सालय शहड़ोल में एक 65 वर्षीय व्यक्ति को सांस फूलने की वजह से परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जिसे डॉक्टर मुकुंद चतुर्वेदी ने देखकर मरीज को आईसीयू वार्ड में भर्ती करने के लिए कहा। कुछ देर बाद अचानक उनकी मौत हो, जिसके बाद परिजन नाराज हो गए और आक्रोश में आकर गाली-गलौज वार्ड में करने लगे। नर्सों ने कहा कि आप डॉक्टर से जाकर बात करें यहा और भी मरीज हैं जिन्हें दिक्कत होगी।

वृद्ध के परिजन में से दो लोग जिसमें एक गोलू नामक व्यक्ति अपने एक साथी के साथ जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा के चैंबर में गाली-गलौज देते हुए अंदर घुस गया और डॉक्टर मुकुंद चतुर्वेदी को गाली-गलौज कर धमकी देने लगा, जिसे सुन सभी डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ से डर गया। सिविल सर्जन ने गोलू को समझने की कोशिश की, लेकिन वह माना नहीं और गालियां देता रहा। तभी प्रबंधन ने इस मामले की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। समय रहते ही कोतवाली थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन गाली देने वाला गोलू पुलिस बल के सामने भी डॉक्टर को गाली देता रहा, जिसका वीडियो भी किसी स्टॉफ ने बना लिया और पुलिस के सामने प्रस्तुत भी किया गया है। 

जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि सांस फूलने की वजह से मरीज को जिला अस्पताल लाया गया था, जिनका उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान उन्हें हार्ट अटैक जैसा कुछ आया और उनकी मौत हो गई है, जिसके बाद मेरे चैंबर घुसकर मेरे सामने बैठे डॉक्टर को गाली देने वाले शख्स की शिकायत मैंने स्वयं कोतवाली में भेजी है। पुलिस ने कार्रवाई की या नहीं, मुझे अभी पता नहीं। कोतवाली थाना प्रभारी रावेंद्र तिवारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही कार्रवाई होगी।

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