बिना रॉयल्टी के मिनी ट्रक से हो रहा था रेत का अवैध परिवहन, वाहन हुआ जब्त


शहडोल 

जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र के नगर से दिनदहाड़े रेत का अवैध परिवहन मिनी ट्रक से किया जा रहा था। पुलिस ने वाहन की जांच की तो पता लगा कि वाहन में अवैध रेत लोड है। पुलिस ने मिनी ट्रक को जब्त किया है और चालक को गिरफ्तार कर विवेचना शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार बुढ़ार थाना क्षेत्र के रेलवे ब्रिज के पास से मिनी ट्रक में अवैध रेत लोड था। पुलिस ने बताया कि अवैध रेत से लोड मिनी ट्रक कॉलेज तिराहे की ओर जा रहा था, तभी पेट्रोलिंग कर रही पुलिस टीम ने वाहन को देखा। पुलिस को देखकर चालक वाहन को लेकर तेज गति से भागने लगा, तभी पुलिस को शंका हुई और पुलिस ने रेत से भरे मिनी ट्रक को रुकवा कर कागजात की जांच की, तो चालक के पास रेत के कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिले। जिस पर पुलिस ने अवैध रेत से लोड मिनी ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक को गिरफ्तार किया है।

थाना प्रभारी बुढ़ार संजय जायसवाल ने बताया कि मिनी ट्रक क्रमांक एमपी 18 जेड एफ 7722 के चालक अंजनी कुमार उपाध्याय एवं मलिक प्रकाश नारायण शर्मा के विरुद्ध खनिज अधिनियम व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। ट्रक का मालिक अभी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

गलत चिकित्सा एवं लापरवाही के कारण नवजात की हुई मृत्यु न्याय की आस में दर-दर भटक रहे परिजन

* बच्चे का शव निकालकर पीएम कराने का प्रशासन ने दिया आदेश*


अनूपपुर

डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप माना जाता है किंतु कलयुगी डॉक्टर रुपए की लालच में पहुंच और रुपयों के दम पर हॉस्पिटल का तो रजिस्ट्रेशन करवा लेते हैं, किंतु अनुभवहीन एवं प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण पीड़ित मरीज को लापरवाही के कारण जान जोखिम में डालना पड़ता है।

मामला मीरा देवी मेमोरियल हॉस्पिटल मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़ का है जहां मनजीत सिंह पिता सुरेश कुमार निवासी वार्ड क्रमांक 4 कोतमा जिला अनूपपुर द्वारा अपनी गर्भवती पत्नी को रुटीन चेकअप के लिए मीरा देवी मेमोरियल हॉस्पिटल ले गए, जहां पर पदस्थ डॉक्टर द्वारा 25 दिसम्बर 2024 को मनजीत सिंह की पत्नी को एडमिट कर ऑपरेशन द्वारा बच्चा पैदा हुआ, किंतु कुछ देर बाद ही डॉक्टर द्वारा बच्चों की हालत बिगड़ता देख एम्स रायपुर के लिए रेफर किया गया, जहां पर बच्चों को ले जाया गया और एम्स रायपुर के डॉक्टरों द्वारा बच्चों के नाभि में गलत पंचिंग के कारण ब्लड सरकुलेशन बंद न होना मृत्यु का कारण बताया गया और बच्चे को मृत्यु घोषित कर वापस ले जाने के लिए सलाह दी गई, मनजीत सिंह ने अपने नवजात पुत्र की मृत्यु की घटना सुनते ही विक्षिप्त हो गया और वह वहां से वापस कोतमा चले आए और उन्होंने यहां आकर बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। बच्चे के मृत्यु उपरांत अंतर ग्लानि एवं पत्नी की दुख को देखकर बच्चों का पोस्टमार्टम करवाने एवं लापरवाही पूर्वक चिकित्सा किए जाने वाले डॉक्टर के विरुद्ध वाद प्रस्तुत करने का निर्णय लिया, जिसके लिए उन्होंने कोतवाली मनेद्रगढ़ जाकर प्राथमिक की दर्ज करना चाहा किंतु कोतवाली प्रभारी द्वारा डॉक्टर वर्षा सिंह को बुलाकर आपसी समझौते करने का निर्णय लिया, जिससे विवस होकर मनजीत सिंह वापस कोतमा आए और कलेक्टर अनूपपुर तथा एसपी अनूपपुर को पत्राचार कर मृतक नवजात का पोस्टमार्टम के लिए दफन गए शव को निकालने के लिए आवेदन दिया, जिस पर प्रशासन द्वारा अनुमति प्रदान करने के बाद शव निकालकर पोस्टमार्टम करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया किंतु अनुभवी शिशु विशेषज्ञ ना होने के कारण पीएम नही हो सका, जल्द पीएम कराया जाएगा अब देखना यह है कि लापरवाह मीरा देवी मेमोरियल हॉस्पिटल पर क्या कार्यवाही होती है।

इनका कहना है।

मनजीत सिंह के रिश्तेदार एम्स में पदस्थ रहे जिसके कारण एम्स में कंसर्ट कर प्रीमेच्योर डिलीवरी डिलीवरी करने के लिए बोले उनके कहने पर और मरीज की हालत को देखकर प्रीमेच्योर डिलीवरी करना पड़ा अब दुर्भाग्य बस ऐसी घटना हो गई इसके लिए हम काफी दुखी हैं!

*डॉ सतीश सिंह, मीरा देवी मेमोरियल हॉस्पिटल मनेंद्रगढ*

हाथी के हमले से बाल बाल बचे वनकर्मी व ग्रामीण, लाघाटोला के जंगल में ठहरे दोनों हाथी


अनूपपुर

दोनों प्रवासी नर हाथी शनिवार को 12 वें दिन वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील राजेंद्रग्राम/पुष्पराजगढ़ के पटना बीट एवं ग्राम पंचायत अंतर्गत लाघाटोला के जंगल में ठहरे एवं विश्राम कर रहे हैं जिनके द्वारा शुक्रवार एवं शनिवार की मध्य रात्रि बधार के जंगल से निकलकर विचरण करते हुए बधार,पटना के लाघाटोला में दो घरों तथा तीन ग्रामीणों के खेतों में लगी विभिन्न प्रजाति के फसलों को अपना आहार बनाया है इस दौरान लाघाटोला में मंदिर  शहडोल अमरकंटक मुख्य मार्ग के समीप एक घर को दोनों हाथी घर में अचानक पहुंच कर तोड़फोड़ रहे थे जिन्हें घर के पास से भगाने के लिए हाथी गश्ती दल में लगे वनकर्मियो जिसमें परिक्षेत्र सहायक पडमनिया देवेंद्र पांडेय एवं वनरक्षक रामगोपाल पाठक ग्रामीण कौशल यादव पिता मंगल यादव एवं केवल सिंह पर एक हाथी अचानक दो बाद निरंतर चिघाड़ते/तेजी से आवाज करते हुए दौड़ाए जाने पर अपनी जान बचाने के लिए भागने दौरान दो वनकर्मी एवं ग्रामीण गिरने से घायल हो गए सुबह शनिवार की सुबह फिर से दोनों हाथी दूसरे दिन पटना बीट एवं ग्राम पंचायत के लाघाटोला गांव के समीप स्थित चिरईपानी नामक जंगल में पहुंचकर विश्राम करते जंगल के अंदर स्थित भेलमा,गुंजा,चार,तेंदू आदि पसन्दीदा पेड़ों को उखाड़ कर पेड़ों की जड़ों एवं टहनियों को खाते दिन व्यतीत करते नजर आ रहे हैं,दोनों हाथियों के निरंतर विचरण पर वनविभाग,पुलिस विभाग का गश्ती दल हाथियों पर निरंतर निगरानी रखते हुए ग्रामीणों को सचेत तथा सतर्क रहने की अपील कर रही है वहीं हाथियों के विचरण क्षेत्र की संभावना वाले स्थलों पर रात्रि होते ही हाथियों की सुरक्षा को देखते हुए विद्युत लाइन बंद रखी जा रही है शनिवार की देर रात दोनों हाथी राजेंद्रग्राम के किस गांव में पहुंचकर विचरण करेंगे यह देर रात होने पर ही पता चल सकेगा।

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