जिला व तहसील स्तरीय पत्रकारों को सरकार प्रदान करे आयुष्मान योजना का लाभ- मनोज द्विवेदी


अनूपपुर

जिला एवं तहसील स्तर पर कार्यरत जमीनी , सक्रिय , वास्तविक पत्रकार विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका पूरा समय समाजोपयोगी समाचार संकलन, प्रकाशन में बीतने के कारण अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान नहीं दे पाते हैं। आमदनी की पुष्ट व्यवस्था ना होने से उन्हे गंभीर बीमारियों के ईलाज के लिये परेशानियों‌ का सामना करना पडता है। ऐसी चिंताजनक स्थिति से निपटने के लिये जिले के वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार द्विवेदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक्स पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी , मुख्यमंत्री डा मोहन यादव एवं उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला से मांग की है कि जिला एवं तहसील स्तरीय वास्तविक पात्र पत्रकारों को आयुष्मान योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान करें। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण करते हुए लिखा है कि दैनिक कीर्तिक्रांति ,अनूपपुर, मप्र के संपादक ,  

ईएमएस जिला प्रतिनिधि एवं पिछले 20-22 साल से मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के विभिन्न दायित्वों में कार्य करते हुए मैने जिला एवं तहसील स्तरीय पत्रकारों की आर्थिक, सामाजिक और उनके स्वास्थ्य संबंधित तमाम समस्याओं को बहुत नजदीक से देखा, समझा और यथा संभव मदद करने की कोशिश की है। सच्चे पत्रकार बन्धुओं का जीवन संघर्ष , आभाव और सामाजि -- पारिवारिक दायित्वों के बीच उलझा हुआ है। उन्हे और उनके परिजनों को स्वास्थ्य संबंधित तमाम दिक्कतें हैं। जिनका इलाज ही बड़ा चैलेंज है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ,मुख्यमंत्री डा मोहन यादव एवं उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला से जिला एवं तहसील स्तरीय सभी पत्रकारों को आयुष्मान योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के दायरे में लाने, इन योजनाओं का लाभ देने की मांग समय - समय पर की है। आज पुन: इस मांग को दोहराया है।

पत्रकारों के कल्याणार्थ सभी पत्रकार संगठनों, पत्रकारों से उन्होने निवेदन किया है कि पत्रकार संगठनों के दायरे से ऊपर उठ कर पूरी ताकत से , अपने संस्थान के बैनर तले आप भी मेरी इस मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री , अपने क्षेत्र के सांसद , विधायकों तक जरुर पहुंचाएं। एकता में ही शक्ति है। आप सभी आवाज दें कि हम सब नेक हैं, एक हैं ।

पत्नी को कुल्हाड़ी मारकर हत्या व एक को घायल करने पर आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

*न्यायालय ने 5 हजार का लगाया जुर्माना*


 अनूपपुर

21 अप्रैल 2019 को आरोपी रामधनी साहू के द्वारा रात पचपेढ़ी नाका मुहार गाम गुलीडाड थाना बिजुरी में अपनी पत्नी कुसुम साहू को कुल्हाड़ी से मारकर हत्या व लवकेश कि कुल्हाड़ी से चोट पंहुचा कर घायल कर दिया, जिसकी सूचना थाना बिजुरी में प्राप्त होने पर उक्त अपराध कायम कर उप निरीक्षक सुमित कौशिक के द्वारा विवेचना के दौरान आरोपी की गिरफ्तारी पश्चात आरोपी रामधनी से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी जब्त कर गिरफ्तार कर विवेचना पूर्ण करने पश्चात न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया जिस पर आरोप विरचित कर विचरण किया गया और अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य व अपर अभियोजक राजगौरव तिवारी द्वारा प्रस्तुत तर्क पर दंड से दंडित किया गया।

मामला प्रथम अपर सत्र न्यायालय कोतमा के न्यायालय के सत्र प्रकरण शासन बनाम रामधनी साहू थाना बिजुरी के अपराध क्र 127/19 धारा 302,324 भादवि  से सम्बंधित है उक्त मामले में आरोपी रामधनी को धारा 302, भादवि  में दोषी पाते हुए, आजीवन कारावास और 5 हजार रुपए के अर्थ दंड धारा 324 एक वर्ष का कारावास और पांच सौ रु का अर्थदंड से दंडित किया है।

प्रकरण की विवेचना में उप निरीक्षक सुमित कौशिक द्वारा आरोपी से जब्त कुल्हाड़ी व घटना स्थल से जब्त खून आलूदा मिटटी में मानव रक्त को विधिवत जप्त कर साक्ष्य सुरक्षित कर एफ एस एल जांच कराई गई, जो कुल्हाड़ी के घटना में प्रयुक्त होने की ओर इशारा कर रहे थे, इसके अलावा आहत लवकेश व नीतू साहू के धारा 164 के कथन कराए गए थे । चिकित्सीय साक्षी से घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को भेजकर प्रश्न पूछने पर उक्त कुहाड़ी से मृतक को आई चोट संभव होना बताया था, चोटों को प्राणघातक बताया था, जो घटना को सिद्ध करने में महत्वपूर्ण रही। आरोपी ने कथन में विरोधाभास व साक्षियों के हितबद्ध होने का लिया था बचाव पर अभियोजन द्वारा तर्क दिया गया कि साक्षी जो स्वयं घायल रहा हो, वह असत्य नहीं बोलेगा, इस आधार पर साक्षियों कि साक्ष्य को विश्वसनीय पाया गया और बचाव पक्ष के तर्क को खारिज कर दिया गया।

न्यायालय ने आरोपी के कृत्य को गंभीर माना, साक्षी के बचाव को किया गया खारिज न्यायालय ने माना कि प्रथम अपराधी होने मात्र से अपराध की प्रकृति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, समाज में पड़ने वाले प्रभाव व अपराध की गंभीरता और आरोपी की पृष्ठभूमि आदि पर गौर करने के बाद न्यायलय में आरोपी को आजीवन कारावास के दण्ड से दण्डित किया साथ ही 5 हजार रु का जुर्माना भी लगाया।

नपा कर्मचारियों पर ईंट-पत्थरों से किया हमला, इंजीनियर पिता पुत्र पर मामला हुआ दर्ज

*अवैध निर्माण रोकने गए थे, सार्वजनिक सड़क खोदकर बना रहे थे नाली*


शहडोल

जिला मुख्यालय स्थित कोतवाली थाना में एक इंजीनियर पिता और पुत्र के विरुद्ध मारपीट एवं शासकीय कर में बाधा डालने को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई है। बता दें कि, यह शिकायत नगर पालिका परिषद शहडोल के कर्मी शिवेंद्र पाण्डेय ने की है। जिस पर आरोपियों के विभिन्न धाराओं के तहत पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना में लिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक नगर पालिका अंतर्गत वार्ड क्रं.17 बाणगंगा मेला मैदान के पीछे यह वारदात घटित हुई है। जहां इंजीनियर आर.पी. तिवारी व उनके पुत्र आदित्य त्रिपाठी निवासरत हैं। शिकायत पत्र में बताया गया है कि, वह अपने घर के सामने ही नगर पालिका की सार्वजनिक रोड खोदकर नाली निर्माण कर रहे थे। जिसकी शिकायत नगर पालिका में पहुंची।

शिकायत के बाद सब इंजीनियर शरद द्विवेदी ने एआरआई मयंक मिश्रा, रामचरण बैगा, धमेंद्र सोनी व फायर वाहन चालक अफजल खान को मौके पर रवाना किया। जब टीम वहां पहुंची तो पाया कि, सार्वजनिक मार्ग पर गड्डा खोदकर नाली निर्माण कराया जा रहा। जबकि उक्त मार्ग पर पूर्व से ही पक्की नाली बनी हुई है। मौजूद टीम ने निर्माण कार्य रोकने की बात कही। तभी आरोपी इंजीनियर और उनके सुपुत्र ने अवैध निर्माण कार्य रोकने गए अधिकारी, कर्मचारियों से धक्का-मुक्की व गाली गलौज करते हुए मारपीट की।

उन ईंट और पत्थर से मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। वहीं यह भी बताया गया है कि, इन आरोपियों ने नपा कर्मियों को जान से मारने और महिला मजदूरों से झूठी रिपोर्ट करवाने की भी धमकी दी है। बहरहाल, नपा कर्मचारी शिवेंद्र की शिकायत पर आरोपी पिता-पुत्र के विरूद्ध जान से मारने की धमकी व शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित विभित्र धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के विरूद्ध पुलिस विवेचना की जाकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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