अकुआ में विचरण कर रहे दो हाथी, रात को चार मकान व एक दुकान में की तोड़फोड़

*ग्रामीणो में दहशत का माहौल, फसल व घर को लगातार बना रहे हैं निशाना*


अनूपपुर

छत्तीसगढ़ राज्य से 7 दिन पूर्व आए दो नर हाथी वन परिक्षेत्र एवं तहसील जैतहरी के ग्राम पंचायत गोबरी के जंगल से निकलकर, वन परिक्षेत्र एवं तहसील अनूपपुर के दुधमनिया बीट तथा ग्राम पंचायत पगना के ग्राम बांका,ग्राम पंचायत दुधमनिया के ग्राम दुधमनिया,केकरपानी ग्राम पंचायत बैहार के डालाडीह,दोखहाटोला के गांव एवं जंगल में विचरण करते, केकरपानी,डालाडीह के जंगल में विश्राम करने बाद, देर रात ग्राम पंचायत औढेरा के ग्राम अकुआ पहुंचकर पूरी रात चहलकदमी करते हुए, बैगा का समाज के चार ग्रामीणो के घरों खेत-बांड़ी में तोड़फोड़ कर खाने पीने की सामग्री को खाते हुए एक किराना दुकान में तोड़फोड़ कर सोमवार की सुबह से अकुआ एवं डालाडीह के बीच के जंगल में विश्राम कर रहे हैं। ग्रामीण अंचलों में जंगलों से निकलकर आए दोनों हाथियों को ग्रामीण अंचलों के बीच बस्ती में घुसने से रोकने का प्रयास किया गया, जिसमें केकरपानी,दुधमनिया,बांका,बैहार के दुखवाटोला आदि गांव के लोग सफल रहे, लेकिन रविवार की रात दोनों हाथी अकुआ गांव में यादव मोहल्ला से बैगान मोहल्ला में पूरी रात बीच बस्ती में घुसकर तांडव मचाते रहे, इस बीच ग्रामीणों के साथ वनविभाग की टीम हाथियों को बीच बस्ती से भगाने की कोशिश में लग रहे, किंतु सुबह होने तक दोनों हाथी विभिन्न तरह के प्रयासों के बाद भी अकुआ गांव के बीच बस्ती में तोड़फोड़ कर खाने-पीने बाद ही सोमवार की सुबह होने पर जंगल की ओर विश्राम करने के लिए रवाना हुये। दोनों हाथियों के अकुआ गांव जो बैगा बाहुल्य है के बीच बस्ती में विचरण करने से  दहशत पर आए ग्रामीणों में वृद्ध जन,महिलाएं एवं बच्चे पूरी रात प्रधानमंत्री आवास से मिले आवासों की छतों मे चढ़कर रात बिताते रहे। सोमवार को जनपद पंचायत जैतहरी के मुख्य कार्यपालनअधिकारी लालबहादुर वर्मा,मोहम्मद निसार,ग्राम पंचायत औढेरा सचिव राजू नायक एवं अन्य के साथ हाथी द्वारा किए गए नुकसान के स्थलो का निरीक्षण कर ग्रामीणों के साथ बैठक लेकर हाथियों पर निगरानी रखने हेतु हाथी मित्र दल बनाये जाने उन्हें टॉर्च दिए जाने का आश्वासन देते हुए देर रात होने पर ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की बात कही, इस दौरान हल्का पटवारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हाथियों द्वारा नुकसान किए गए स्थलों का निरीक्षण कर राहत प्रकरण तैयार किया गया।

राष्ट्रीय शोक दिवस पर रेंजर का अनुभूति कार्यक्रम करके पूर्व प्रधानमंत्री का किया अपमान


*भाजपा का दोहरा चरित्र जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी कार्यक्रम में हुए शामिल*

अनूपपुर

गुरुवार की शाम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का निधन हो गया इसके बाद पूरे राष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई और कैबिनेट ने राष्ट्रीय शोक दिवस 7 दिन के लिए घोषित कर दिया, लेकिन मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में राष्ट्रीय शोक दिवस और कैबिनेट के फैसले का उल्लंघन करते हुए सत्ता पक्ष  को आड़ में लेकर वन विभाग अनूपपुर द्वारा अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राजनीतिक लोगों को बुलाकर उनका स्वागत सत्कार और भाषण और कुर्सी दौड़ जैसे खेलों का आयोजन किया गया, जो की साफ तौर पर कैबिनेट के द्वारा दिए गए आदेश और शोक दिवस का खुले आम उल्लंघन है। कार्यक्रम की जानकारी लगने के बाद कांग्रेस के नेताओं ने सत्ता पक्ष पर दिखावा करने का आरोप लगाया है। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि कैबिनेट में दिखावे का 7 दिन शोक दिवस घोषित किया गया है लेकिन अंदर ही अंदर कार्यक्रम कर पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि ना देकर उनका अपमान किया जा रहा है जोकी बेहद निदनीय है, अनूपपुर जिले का कोतमा वन परिक्षेत्र में हुए अनुभूति कार्यक्रम इसका उदाहरण है कि सत्ता पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर शोक की जगह कार्यक्रम और मनोरंजन में व्यस्त है।

*डीएफओ का संरक्षण, नहीं हुई कार्यवाही*

पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन पर शुक्रवार को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया गया था जिसमें देश भर में किसी प्रकार के शासकीय और राजनीतिक कार्यक्रमों नहीं किए जाने थे, लेकिन अनूपपुर जिले के कोतमा वन परिक्षेत्र अंतर्गत शिवलहरा धाम में वन विभाग कोतमा द्वारा राष्ट्रीय शोक दिवस के अवसर पर अनुभूति  कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी जानकारी समाचार पत्रों और पत्रकारों द्वारा अनूपपुर के डीएफओ को दी गई जिस पर 24 घंटे बीतने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई, वही कोतमा रेंजर को डीएफओ का पूरा संरक्षण प्राप्त है, कोतमा वन परिक्षेत्र अंतर्गत लगातार पेड़ों की कटाई और जंगल की जमीन पर हो रहे कब्जे पर डीएफओ की चुप्पी से वैसे ही रेंजर पर संरक्षण का तमगा लगा हुआ है। 

*रेंजर का  गैर जिम्मेदाराना कार्य*

कोतमा वन परिक्षेत्र के रेंजर द्वारा राष्ट्रीय शोक के अवसर पर अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन गैर जिम्मेदाराना कार्य ही है और उसके बाद जानकारी का अभाव होना बताना गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है, कार्यक्रम के संबंध में जब अनूपपुर डीएफओ और कोतमा रेंजर से जानने का प्रयास किया तो अनूपपुर डीएफओ ने कोतमा रेंजर को शोक दिवस की जानकारी न होने की बात कह कर गैर जिम्मेदाराना बयान दिया, अधिकारी पर कार्यवाही करने के बजाय अपने रेंजर को बचाते हुए डीएफओ ने जानकारी देने वाले से ही आवेदन की मांग कर ली, कुल मिलाकर राष्ट्रीय शोक पर केंद्र राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना की गई, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि देने के बजाय शोक दिवस पर खेल और भाषण का आयोजन कर गरिमा पर सवाल उठा दिए। 

*श्रद्धांजलि सरकार का सिर्फ दिखावा*

कोतमा विधानसभा के पूर्व विधायक सुनील सराफ ने प्रशासन और भाजपा पर आरोप लगाए हैं कि एक ओर कैबिनेट में शोक दिवस के प्रस्ताव पर मोहर लगाई जाती है तो दूसरी ओर सत्ता और शासन चोरी छुपे कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण अनूपपुर जिले के कोतमा वन परिक्षेत्र में किया गया अनुभूति कार्यक्रम है, जो की शासकीय शोक दिवस घोषित होने पर भी शासकीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधि और मंडल कमंडल श्रद्धांजलि के जगह भाषण और आयोजित किए गए कुर्सी दौड़ जैसे खेल में शामिल होकर पूर्व प्रधानमंत्री का अपमान किया है जो कि भारतीय जनता पार्टी के चरित्र को दर्शाता है, सत्ता और शासन पाने के बाद शोक संवेदना भी उनके दिल और दिमाग से चली गई है, कोतमा रेंजर द्वारा किए गए कार्यक्रम की हम अवहेलना करते हैं और कड़ी से कड़ी कार्यवाही रेंजर के ऊपर की जानी चाहिए।

*भाजपा का दोहरा चरित्र ही भाजपा*

गुड्डू चौहान ने कहा कि एक ओर भाजपा के बड़े नेता पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने का दिखावा कर रहे हैं तो दूसरी और उनके शासन और सत्ता द्वारा ही राष्ट्रीय शोक दिवस के अवसर पर कार्यक्रमों का आयोजन कर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने की जगह उनका अपमान कर रही है यही भारतीय जनता पार्टी का दोहरा चाल और चरित्र है। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधि और उनकी पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद थे जिनके द्वारा भाषण देना और खेलों के आयोजनों में शामिल होना उनकी मरी हुई संवेदना का प्रतीक है, श्रद्धांजलि और संवेदना व्यक्त करने के जगह कार्यक्रमों का आयोजन भारतीय जनता पार्टी के चरित्र का प्रमाण है जो की दोहरापन दिखाते हुए सदैव जनता को छलने का कार्य करती है, कोतमा वन विभाग द्वारा किए गए कार्यक्रम की हम निंदा करते हैं और कोतमा रेंजर के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हैं। 

*इनका कहना है*

राष्ट्रीय शोक दिवस पर कार्यक्रम करना बेहद गलत है इस पर हम स्पष्टीकरण मांग कर उचित कार्यवाही करेंगे।

 *अजय कुमार पाण्डेय, वन संरक्षक,वन वृत्त शहडोल*

श्याम बहादुर नंबर की स्मृति में विमर्श व रचना पाठ, म.प्र. उर्दू अकादमी का आयोजन


अनूपपुर

म.प्र.शासन संस्कृति विभाग द्वारा संचालित मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी ज़िला अनूपपुर के समन्वयक दीपक अग्रवाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी के निर्देशन और मार्गदर्शन में सिलसिला कार्यक्रम के तहत आगामी 3 जनवरी को  अनूपपुर में मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा इस अंचल के प्रख्यात शिक्षाविद् साहित्यकार श्याम बहादुर नम्र की पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में दोपहर 3 बजे से शासकीय उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल चेतनानगर अनूपपुर में स्मृति प्रसंग, विमर्श और रचनापाठ का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन अनूपपुर शहडोल और उमरिया जिले का संयुक्त आयोजन है। जिसमें तीनों जिलों के प्रतिभागी रचनाकार भाग लेंगे। साथ ही विशेष आमंत्रित अतिथि के तौर पर कटनी के वरिष्ठ शायर सतीश आनंद उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में नम्र जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्य वक्ता के तौर पर शहडोल के वरिष्ठ समाजसेवी राम अवतार गुप्ता और उमरिया के वरिष्ठ साहित्यकार संतोष कुमार द्विवेदी रहेंगे। संभाग भर के सभी वरिष्ठ रचनाकार इस कार्यक्रम में आ रहे हैं जिनमें शहडोल से

पूर्व अग्रणी महाविद्यालय प्राचार्य और पेंशनर क्लब के संभागीय अध्यक्ष डॉ. परमानन्द तिवारी, वरिष्ठ शायर मो. क़ासिम इलाहाबादी, बृजमोहन सराफ बशर, पंडित शंभू नाथ शुक्ला महा विश्वविद्यालयके हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. गंगाधर ढोके, अकादमी सम्मान से सम्मानित डॉ. प्रियंका त्रिपाठी,  शानदार तरन्नुम और आवाज़ के जाने-माने शायर राजिंदर सिंह 'राज', कवयित्री श्रीमती किरण सिंह 'शिल्पी शिरकत करेंगी।

वहीं उमरिया जिले से सुप्रसिद्ध वरिष्ठ नवगीतकार, दोहाकार डॉ. रामनिहोर तिवारी, वरिष्ठ शायर मो. नसीर अंसारी 'नाज़ुक', सुरीली गीतकार श्रीमती रंजना गौतम, युवा शायर कुलदीप कुमार, तन्मय मिश्रा और आयुष सोनी रचनापाठ करेंगे। वहीं अनूपपुर ज़िले से वरिष्ठ कवि गिरीश पटेल, जैतहरी के सीनियर शायर फै़य्याज़ हसन, ख्यातिलब्ध हास्य व्यंग्य कवि पवन छिब्बर, कवयित्री सुधा शर्मा एडवोकेट, अग्रणी तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ.नीरज श्रीवास्तव, कवयित्री आकांक्षा शुक्ला, कोतमा के शायर यासीन खान, अविनाश अग्रवाल सहित अन्य रचनाकार सम्मिलित होंगे। दीपक अग्रवाल ने जिले के समस्त रचनाकारों, पत्रकारों, शिक्षकों और नागरिकों से सम्मिलित होने का अनुरोध किया है।

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