छात्रा का अन्तर विश्वविद्यालय स्तरीय खो- खो महिला प्रतियोगिता में हुआ चयन


अनूपपुर

मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित खेल कैलेंडर सत्र 2024-25 के अनुसार राज्य स्तरीय खो - खो महिला प्रतियोगिता का आयोजन सीधी जिले के शासकीय कन्या  महाविद्यालय सीधी मे हुआ। राज्य स्तरीय खो - खो महिला प्रतियोगिता में 9 टीमों भोपाल, सागर, इंदौर, रीवा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, छतरपुर,खरगौन, उज्जैन ने प्रतिभाग किया। मंगलवार को पहला सेमीफाइनल मैच रीवा और उज्जैन संभाग के मध्य खेला गया, जिसमें रीवा संभाग की टीम विजई रही। दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला इंदौर और जबलपुर संभाग के मध्य खेला गया, जिसमें जबलपुर संभाग की टीम विजयी रही। फाइनल मुकाबला जबलपुर और रीवा संभाग के मध्य खेला गया जिसमें रीवा संभाग की टीम विजय रही। रीवा संभाग की टीम में अनूपपुर की छात्रा सावित्री देवी  का चयन अन्तर विश्वविद्यालय स्तरीय  प्रतियोगिता के लिए हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अनिल कुमार सक्सेना, क्रीड़ा प्रमुख डॉ नीरज श्रीवास्तव, क्रीड़ा अधिकारी डॉ रामायण प्रसाद वर्मा तथा डॉ इन्द्रनारायण कांछी ने छात्रा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दीं।

बारिश ने बचाया सिंचाई का ख़र्चा, धीमी गति से धान उपार्जन, किसानों की बढ़ाई चिंता

*ट्रक लगा कर करायें धान का परिवहन-कलेक्टर*


उमरिया

जिले में पिछले दिनों हुई बारिश से एक तरफ किसानों में खुशी देखी जा रही है वही दूसरी ओर धान उपार्जन केंद्र में किसानों की रखी हुई धान पूरी तरह भीग जाने से धान खराब होने की चिंता व धान सुखाने की चिंता सताने लगी है। बिन मौसम बारिश से किसानों को कही लाभ कही हानि उठाना पड़ रहा है।

*बारिश ने बचाया सिचाई का खर्च*

विगत दिनों हुई बारिश ने किसानो को सिचाई के खर्च से राहत दिलाई है। मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों मे जिले मे 50 एमएम औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसमे सर्वाधिक 56.4 एमएम बारिश पाली तथा सबसे कम 28.6 एमएम बारिश चंदिया तहसील मे हुई है। इस दौरान बांधवगढ़ मे 55.8, नौरोजाबाद मे 53.6, करकेली मे 52.40 तथा बिलासपुर मे 52.2मिमी वर्षा हुई है। इसे मिला कर जिले मे अब तक 1086.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। गत वर्ष इसी अवधि मे बारिश का आंकड़ा 1007.4 मिमी था। कृषि विशेषज्ञों का मत है कि बारिश से खेतो को पर्याप्त नमी मिली है।  

*धीमी गति से उपार्जन ने बढ़ाई समस्या*

बारिश से फसलों को भले ही फायदा हुआ है, पर जिन किसानो की धान खरीदी केन्द्रों मे रखी हुई है, उन्हे इससे खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि विगत दिनों हुई बारिश की वजह से जिले के सैकड़ों किसानो की हजारों क्विंटल धान पूरी तरह भीग गई है। अब उन्हे अपनी उपज को सुखाने के लिये खासी मशक्कत करनी पड़ेगी। किसान उपार्जन केन्द्रों मे व्याप्त अव्यवस्थाओं से भी खासा नाखुश हैं। उन्होने बताया कि इस स्थिति के लिये मंथर गति से हो रही अनाज की तुलाई भी बहुत हद तक जिम्मेदार है। यदि तेजी से धान का उपार्जन और परिवहन होता तो इस समस्या से बचा जा सकता था।

*ट्रक लगा कर करायें धान का परिवहन*

इस बीच कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने रविवार को करकेली तथा ददरौडी के कछराटोला मे उपार्जन केन्द्रों की व्यवस्था तथा वहां रखी धान पर बारिश के प्रभाव का जायजा लिया। इस मौके पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति करकेली मे 5400 क्विंटल धान रखी पाई गई। अभी तक 146 किसानों से 7386 क्विंटल धान की खरीदी गई है। केन्द्र मे 18100 बारदाने उपलब्ध हैं। 5648 बारदाने उपयोग किये गये हैं। स्लॉट बुकिंग की संख्या 202 है। वहीं ददरौडी केंद्र स्थल कछराटोला मे अब तक 27483.6 क्विंटल धान की खऱीदी होना बताया गया। प्राप्त बारदानों की संख्या 59150 तथा उपयोग किये गए बारदानों की संख्या 17657 है। धान खरीदी केंद्र के बाहर करीब 20 हजार क्विंटल धान पड़ी हुई है। कलेक्टर ने बताया कि शासन ने उपार्जन केन्द्रों पर पड़ी धान के सुरक्षित भण्डारण को देखते हुए 30 से 31 दिसंबर एवं 1 जनवरी 2025 तक खरीदी का कार्य बंद रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होने प्रभारियों से केन्द्रों मे रखी धान का परिवहन ट्रक लगाकर कराने तथा आगामी दिनों मे बारिश से बचाने के इंतजाम करने को कहा। कलेक्टर श्री जैन ने उपार्जित धान का भुगतान शीघ्र कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये हैं।

3 दिन धान खरीदी केंद्र रहेंगे बंद,  अब 23 जनवरी तक होगी धान की खरीदी


अनूपपुर

खरीफ विपणन वर्ष 2024- 25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन कार्य किया जा रहा है। जिले में धान उपार्जन के लिए 34 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं उपार्जन के लिए 10785 किसानों द्वारा धान विक्रय किया गया है अब तक धान उपार्जन की विक्रय मात्रा 55067.5 एमटी है। 

उक्ताशय की जानकारी देते हुए जिला आपूर्ति अधिकारी बी एस परिहार ने बताया है कि आगामी दिवसों में वर्षा की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा उपार्जन केदो पर उपलब्ध धान के सुरक्षित भंडारण हेतु 30 व 31 दिसंबर 2024 एवं 1 जनवरी 2025 को (केवल तीन दिवस) समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन कार्य स्थगित किया गया है।

उन्होंने बताया है कि उक्त अवधि में धान विक्रय करने हेतु जिन किसानों द्वारा स्लॉट बुक किया गया है उनके स्लॉट की वैधता अवधि पांच कार्य दिवस बढ़ाई गई है इसकी सूचना एसएमएस के माध्यम से किसानों को दी जा रही है 2 जनवरी 2025 से किसानों द्वारा नियमित रूप से धान का विक्रय उपार्जन केन्द्र पर किया जा सकेगा। 

ई- उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को समर्थन मूल्य पर धान विक्रय का अवसर देने हेतु उपार्जन की अंतिम दिनांक 20 जनवरी 2025 को बढ़ाकर 23 जनवरी 2025 तक की गई है।

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