जंगल मे युवती की रस्सी में लटकी हुई मिली लाश, हत्या या आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

*घटनास्थल में मिली टूटी हुई चूड़ियां, ज्यादती करने की।आशंका*


शहडोल

जिले के झींक बिजुरी चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मामरा के जंगल में एक युवती का पेड़ पर फंदे से लटका हुआ शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। जिस स्थान पर युवती की लाश फंदे पर लटकती हुई मिली है, वही पास में जमीं पर टूटी हुई चूड़ियाँ व बाल का टूटा हुआ बक्कल पड़ा हुआ मिला है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस वहाँ पहुँच गयी ।प्राप्त जानकारी के अनुसार झींक बिजुरी चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मामरा के जंगल में एक युवती का पेड़ पर फंदे से लटका हुआ शव मिला। जिसकी खबर आसपास के गाँव में आग की तरह फैल गयी। जिस स्थान पर युवती का शव मिला वहाँ जमीन में टूटी हुई चूड़ियाँ व टूटा हुआ बाल का बक्कल भी पड़ा हुआ दिखाई दिया।

जिससे ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि उक्त सामग्री मृतिका की हो और उसके साथ घटना से पूर्व मारपीट की गयी हो । महिला के उपयोग के टूटे हुए सामान मिलने से यह भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि उसके साथ कहीं जबरन ज्यादती करने की तो कोशिश नहीं की गयी। साथ ही इस बात का भी कयास लागाया जा रहा है कि कहीं उसकी हत्या करने के बाद शव को फंदे पर लटकाकर मामले को आत्म हत्या का रूप देने की तो कोशिश नहीं की गयी। बहरहाल पुलिस द्वारा पंचनामा कार्यवाही पूर्ण करने के बाद शव को पोस्ट मार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा। पुलिस द्वारा फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गयी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृतिका कब घर से निकली थी, उसका किसी के साथ विवाद तो नहीं हुआ था। सारे एंगल को देखते हुए जांच की जा रही है। जांच के बाद सच सामने आ सकता है।

लिटिल स्टेप्स स्कूल का ड्राइवर शराब पीकर चलाता हैं वाहन, हुई कार्यवाही


 अनूपपुर

जिला मुख्यालय अरकंटक तिराहा पर वाहन चेकिंग दौरान स्कूल वेन एमपी 65 ZA 7281 तेज गति से जा रही थी, वेन को यातायात पुलिस द्वारा रोककर चालक सोनू दाहिया को ब्रईथ एनालाइजर से चेक किया गया, जो चालक शराब के नशे मे वाहन चलाते पाया गया, वाहन के दस्तावेज चेक करने पर वाहन बिना परमिट पाया गया। चालक के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धारा अंतर्गत प्रकरण तैयार किया  गया। जिसे  न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। जिला मुख्यालय अनूपपुर में दर्जनो प्राइवेट विद्यालय संचालित है, लगभग सभी विद्यालयों में नियम विरुद्ध बिना फिटनेस, बीमा, प्रदूषण समेत अन्य कमियों से वाहन संचालित हो रहा है। मगर कार्यवाही कभी कभार ही देखने को मिलती है अगर लगातार कार्यवाही होने लगे तो सारे विद्यालयो में नियम से वाहन संचालित होने लगेगा। जब तक कोई बड़ी घटना नही होती तब तक प्रशासन भी हरकत में नही आता।

मोजर बेयर प्रभावित गांव को गोद लेकर नही किया एहसान, बल्कि खजाने में किया इजाफा

*ग्रामीणों द्वारा खस्ता हाल सड़क नवनिर्माण हेतु कई शिकायत के बावजूद प्रशासन अनभिज्ञ*


अनूपपुर

अनूपपुर/जिले के जैतहरी नगर में स्थापित मोजर बेयर पावर प्लांट जो की विद्युत उत्पादन करके अन्यत्र विक्रय करते हुए अपनी खजाना में इजाफा कर रहा है मोजर बेयर स्थापना के समय इस क्षेत्र के काफी गांव प्रभावित हुए जिन्हें नियम और शर्त के अनुरूप बिजली पानी शिक्षा सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं निशुल्क प्रदाय करने का प्रावधान है। परंतु जैसे ही इनका चारों ओर से रेखा खींचकर दीवारें खड़ी हो गई वैसे ही मनमाना रवैया भी प्रारंभ हो गया प्रभावित गांवों को इनके द्वारा नजर अंदाज करते हुए किसी भी प्रकार की मूलभूत सुविधा देने में अनदेखा किया जा रहा है क्या प्रभावित गांवों को गोद लेकर इन्होंने एहसान किया है नहीं बल्कि अपनी तिजोरी भरने में इजाफा किया है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत भी कलेक्टर महोदय के समक्ष की गई परंतु प्रशासन भी मोजर बेयर प्रबंधन के आगे नतमस्तक दिखाई पड़ी आखिर क्यों यह कह पाना बड़ा मुश्किल है..?

*मामला अमगवां पहुंच सड़क मार्ग का*

जनपद पंचायत जैतहरी जिला अनूपपुर वार्ड क्रमांक 19 के जनपद सदस्य चंद्र प्रकाश जायसवाल एवं ग्रामीणों ने अपना लिखित आवेदन पूर्व कलेक्टर एवं वर्तमान कलेक्टर को देकर के अवगत कराया गया था की जैतहरी से अमगवां पहुंच मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माण सन 2011-12 में की गई थी जिसका अंश भाग लगभग डेढ़ किलोमीटर मोजर बेयर प्रबंधन के अंदर आ रहा था जिसे अधिग्रहित भी कर लिया गया और उसके स्थान पर बाहर से अंश भाग सड़क निर्माण मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क प्राधिकरण एवं पीआईयू की सहमति से सड़क को मोजर बेयर प्रबंधन को दिया जाकर आदेशित किया गया कि उक्त निर्माण कार्य करें और जिसका निर्माण कार्य भी प्रबंधन द्वारा औपचारिकता पूर्ण करके लीपापोती गुणवत्ता विहीन सड़क बना दिया गया। जो कुछ समय बाद ही अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाने लगा महज कुछ वर्षों में ही बरसात के पानी पढ़ते ही गड्ढे में तब्दील हो गया। अब मोजर बेयर प्रबंधन मेंटेनेंस के नाम पर उक्त पक्की डामरीकरण सड़क में मुरूम डालकर पक्की सड़क को कच्चे में तब्दील कर पल्ला झाड़ रहा है जब इस संबंध में कलेक्टर महोदय के समक्ष शिकायत की गई तो प्रशासन भी प्रबंधन के तगड़े मैनेजमेंट के आगे नतमस्तक अनभिज्ञ दिखाई पड़ रहा है।अगर ग्रामीणों के पक्ष में शासन प्रशासन ही उदासीन रवैया अपनाएंगे तो प्रभावित गांवों को गोद लेना और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना कहां संभव हो सकेगा। शिकायतकर्ता जनपद सदस्य एवं ग्रामीणों ने खस्ताहाल उक्त सड़क को पुनः निर्माण हेतु निवेदन किया गया है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget