सोन नदी पार करने के दौरान एसडीएम के फूफा बहे, तलाश में जुटी पुलिस


शहडोल 

जिले में निमंत्रण में शामिल होकर लौट रहे SDM के फूफा नदी में बह गए। वह अपने चार साथियों के साथ लौटते समय सोन नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान हादसे का शिकार हो गए। मामले की जानकारी मिलते ही गोहपारू पुलिस मौके पर पहुंची और उनकी तलाश में जुट गई।

उमरिया जिले के पाली थाना क्षेत्र के जमोड़ी निवासी इंद्र पाल सिंह अपने साथी मनदीप सहित 3 अन्य साथियों के साथ गोहपारू थाना क्षेत्र के बेलहा गांव में निमंत्रण में शामिल होने गए थे। वापसी के दौरान जब सभी नदी पार कर समतल जगह पर पहुंचे तो देखा कि इंद्रपाल लापता है। काफी तलाश के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला तो मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।

उमरिया और शहडोल जिले की पुलिस सर्चिंग अभियान चलाकर सर्चिंग में जुट गई है। कई घंटे की तलाश के बाद भी अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। नदी में घुटनों तक पानी होने और अंधेरा होने के कारण पुलिस को खोजबीन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में शहडोल एडिशनल एसपी का कहना है कि तलाश की जा रही है। टीम सर्च अभियान चला रही है। जल्द ही उन्हें ढूंढ लिया जाएगा।

भागो-भागो हाथी आया, दहशत का माहौल, पतौर पनपथा सड़क पर आया जंगली हाथियों का झुंड

*आवागमन हुआ बाधित, वन विभाग की टीम कर रही सतत निगरानी*


उमरिया

जिले में सिर्फ बाघ ही नहीं है बल्कि अन्य जानवर भी यहां घूमते पाए जाते हैं। जिले की बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघ, चीता, भालू, हिरन, बारहसिंघा सहित हाथी भी है। जहां वे लोगों को परेशान भी करते हैं और वन विभाग हालांकि कार्यवाही करके उन्हें दूर भगाने का प्रयास भी कुछ हद तक करता है।

दरअसल यह मामला उमरिया जिले के बाँधवगढ़ टाईगर रिजर्व के पतौर पनपथा सड़क मार्ग में जंगली हाथियों का झुंड आ गया। जिसमे करीब 20 से 25 की संख्या में सड़क में चहलकदमी करते जंगली हाथियों के झुंड को देखकर आवागमन करने वाले लोग सहम गए और मामले की सूचना तत्काल वन विभाग को दी। इस दौरान काफी समय तक आवागमन पूरी तरह बाधित भी रहा है।

जहा बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र अधिकारी पतौर अर्पित मैराल की टीम ने किसी कदर कुछ समय के लिए जंगली हाथियों को वन अमले और मौजूद संसाधनों की मदद से जंगल में खदेड़ दिया गया है। लेकिन कुछ ही समय के अंदर फिर से जंगली हाथियों का झुंड सड़क पर आ गया।

वही मामले की सूचना पार्क के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई और जंगली हाथियों को खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जहा इसके साथ ही वन विभाग की टीम द्वारा पतौर पनपथा सड़क मार्ग में सतत निगरानी रखी जा रही है और लोगो से भी सतर्क और सावधान रहने की अपील भी की गई है।

राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता में कपिल को मिला स्वर्ण पदक, जिले का बढ़ाया मान


शहडोल 

योगा एक प्राचीन भारतीय विद्या है, जो शरीर, मन और आत्मा के सामंजस्य के लिए की जाती है। इसका उद्देश्य शारीरिक और मानसिक संतुलन को प्राप्त करना है, जिससे व्यक्ति स्वस्थ और शांतिपूर्ण जीवन जी सके। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक और आध्यात्मिक विकास का भी साधन है। और इसी योग ने शहडोल के एक छात्र को गोल्ड मैडल दिलाया है।

विद्या भारती की राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता गाजियाबाद में आयोजित हुई। जिसमे शहडोल जिले के सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र कपिल त्रिपाठी ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सबका मन मोह लिया। उन्होंने इस प्रतियोगिता में ट्रेडिशनल योगासन में तथा आर्टिस्टिक में स्वर्ण पदक प्राप्त कर शहडोल जिले का मान बढ़ाया है। इनका चयन स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SGFI) में आयु वर्ग 17 में हुआ है। अब आगे की योगासन प्रतियोगिता महाराष्ट्र में आयोजित होगी। बता दें कि इनके पिता शिवेंद्र त्रिपाठी योग प्रशिक्षक हैं। जिनके मार्गदर्शन में शहडोल जिले कई बच्चे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रति वर्ष पदक प्राप्त कर चुके हैं। श्री त्रिपाठी ने कहा कि योगा एक जीवनशैली है, जो न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है, बल्कि व्यक्ति को उसकी आत्मा के साथ भी जोड़ती है। यह स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का एक अद्भुत साधन है।

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