पत्रकार अविनाश बच्चे को ब्लड देकर बचाई जान, बच्चे के परिजनों ने दिया धन्यवाद


अनूपपुर

जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती 3 वर्षीय बच्चे को रात में A पॉजिटिव ब्लड की जरूरत थी, बच्चे के परिजन ब्लड को लेकर काफी परेशान थे कि ब्लड नही मिल पा रहा है आपातकाल स्थिति में जैसे बच्चे को ब्लड चढ़ाना बहुत ही जरूरी था। जैसे ही हरिभूमि आई एन एच टीवी न्यूज के जिला ब्यूरो अविनाश कुमार दुबे को बच्चे के बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत बच्चे को अपना ब्लड देकर 3 वर्षीय बच्चे की जान बचाई। पिता महेश नायक निवासी ग्राम पंचायत शाहजहां जिला अनूपपुर अपना खून देना चाह रहे थे किंतु बी पॉजिटिव होने के कारण पिता का खून बच्चे को नहीं चढ़ाया जा सकता था। पत्रकार अविनाश दुबे ने बहुत ही नेक काम किया है, जिसकी चहु ओर प्रशंसा की जा रही है। अविनाश हमेशा ऐसे सामाजिक कार्य हमेशा करते रहते है। अविनाश दुबे ने कहा कि अपना ब्लड देकर किसी को जीवन दीजिए बहुत अच्छा लगता है करके देखिए। बच्चे के परिजन ने अविनाश दुबे को धन्यवाद दिया है। 

 

जिले की सीमा में पहुंचे चार वायसन, सुबह से कर रहे पुरगा एवं खजुरवार मे विचरण


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ तहसील एवं वन परिक्षेत्र से नर्मदा नदी के दूसरी ओर डिंडोरी जिले के करंजिया तहसील एवं वन परिक्षेत्र में एक शावक सहित चार वायसन निरंतर विचरण कर रहे हैं जो बुधवार की सुबह डिंडोरी जिले के करंजिया वन परिक्षेत्र अंतर्गत नर्मदा नदी के किनारे से तीन बड़े वायसनों द्वारा अपने साथी बच्चे को धक्का देने के कारण कोड़ा गिर में गिर जाने के बाद राजेंद्रग्राम वन परिक्षेत्र के पुरगा पंचायत अंतर्गत लगवाटोला एवं ठगुआटोला में ग्रामीणों के खेतों में विचरण करते हुए कुछ देर बाद फिर से नर्मदा नदी पार कर करंजिया वन परिक्षेत्र के मेडाखार पंचायत के मेडाखार गांव से लगे गढार में पहुंच कर दिन में विश्राम कर रहे हैं जिनके देर शाम वन परीक्षेत्र राजेंद्रग्राम के खजुरवार पंचायत अंतर्गत भीमकुंडी के समीप आने की संभावना बनी हुई है।

शाकाहारी वन्यप्राणी चार नग वायसन के विचरण पर वन विभाग के अधिकारी /कर्मचारी निरंतर नजर बनाए हुए हैं जिनके विचारण के संबंध में ग्राम पंचायत खजुरवार के सरपंच संतराम सिंह,उपसरपंच श्रवण सिंह मरावी ने बताया कि बुधवार की सुबह 7 से 8 बजे के बीच चार जंगली जानवर जिसे हम लोग जंगली भैंसा के नाम से जानते हैं डिंडोरी जिले के करंजिया क्षेत्र से नर्मदानदी पार कर पुरगा पंचायत के नयाटोला ठगुआनटोला के पास आ गए रहे जो कुछ ग्रामीणों के खेतों में विचरण करते हुए कुछ पालतू मवेशियों को दौड़ाने तथा धक्का देने बाद भगाए जाने पर नर्मदा नदी पारकर करंजिया क्षेत्र के मेडाखार कर पंचायत के मेडाखार कर गांव के समीप गढार में विश्राम कर रहे हैं अचानक जंगली भैंसा,वायसन को विचरण करते देखे हुए ग्रामीण दहशत में आ गए रहे जिसकी सूचना वन विभाग को दी गई रही है।

सरकार के संरक्षित अपराधियों द्वारा महिला पर किया अत्याचार हो कठोर कार्यवाही-एबीवीपी 

*राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*


अनूपपुर

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई अनूपपुर महाकौशल प्रांत द्वारा रैली निकाल करके प्रदर्शन के माध्यम से राष्ट्रपति भारत गणराज्य के नाम पर जिला कलेक्टर अनूपपुर को ज्ञापन सोपा है एवं पश्चिम बंगाल में हो रहे महिला अत्याचार के विरोध में न्याय दिलाने हेतु आग्रह किया गया है। अभाविप द्वारा उक्त ज्ञापन में लेख किया गया है कि राष्ट्रपति आपके संज्ञान में होगा कि विगत कुछ वर्षों से पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में संदेशखाली क्षेत्र की महिलाओं के साथ यौन शोषण उनकी सामूहिक अस्मिता का हनन एवं उनके परिवारों पर सुनियोजित अत्याचार राज्य सरकार द्वारा संरक्षित अपराधियों द्वारा किया जा रहा है अभाविप मानवता को सर्मसार करने वाले संदेशखाली घटना से आहत है और इसकी कठोर निंदा करती है विगत 10 फरवरी 2024 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आनंद बस के संदेश खाली दौरे के कारण इस वीभत्स शोषण की सच्चाई बृहद जनमानस के समक्ष आई पश्चिम बंगाल में सत्ता रूढ़ पार्टी के नेताओं द्वारा हिंदू घरों में जबरन नाबालिक कन्याओं महिलाओं को चिन्हित कर उनका भय पूर्वक प्रहार कर राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यालय में लाकर अत्याचार दुराचार करने के कई जगह मामले सामने आए हैं पीड़िताओं में अधिकांश महिलाएं अत्यंत पिछड़े और अनुसूचित वर्ग की है और अपने ऊपर हो रहे अत्याचार की अति से तंग आकर कई परिवार संदेश खली से पलायन करने को मजबूर है पश्चिम बंगाल राज्य की महिला मुख्यमंत्री के संरक्षण से वर्षों से शारीरिक एवं मानसिक शोषण के तंग आकर संदेशखाली की हजारों महिलाएं आज राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन रत है उक्त घटना मुख्यमंत्री के संरक्षण में राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं द्वारा संदेशखाली की महिलाओं को शोषण किया जा रहा है और राज्य की पुलिस उचित कानूनी कार्यवाही करने में विफल रही है। मांग है कि इन महिलाओं को न्याय दिलाने में आपके द्वारा हस्तक्षेप किया जाए न्याय की इस मुहिम में राज्यपाल, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के हस्तक्षेप का स्वागत करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आपसे यह निवेदन करती है कि राज्य सरकार की संलिप्तता को ध्यान में रखते हुए संदेशखाली के पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कराई जाए और दोषियों पर कार्यवाही की जाए। संदेशखाली की महिलाओं के ऊपर हो रही हिंसा एवं उनकी सामूहिक अस्मिता के हनन पर अबिलंब अंकुश लगाया जाए। महिलाओं के ऊपर हुई हिंसा एवं दुराचार की घटनाओं की वास्तविकता को निर्भरता पूर्वक शासन प्रशासन एवं न्यायिक संस्थाओं तक पहुंचाने एवं हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। न्याय की सुगमता हेतु पीड़ित महिलाओं को निशुल्क कानूनी सहायता प्रदाय कराई जाए वर्षों से मानसिक शोषण से धीरे-धीरे उबरने हेतु इन महिलाओं को मनोचिकित्सक द्वारा परामर्श सत्त्रो की भी सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। भयमुक्त संदेशखाली बनाने केंद्रीय बलों की प्रतिनियुक्त की जाए ताकि परिवारों के पलायन पर विराम लगाया जा सके इन सभी विषयों को लेकर अभाविप ने अत्याचार से प्रताड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने हेतु आग्रह किया गया है।

ज्ञापन प्रदर्शन के दौरान शिवम पटेल नगर मंत्री,ज्ञानेंद्र दिवेदी जिला सयोजक,आसिश मिश्रा पोलिटिकनिक महाविद्यालय अध्यक्ष, लोकेश दिवेदी आईटीआई अध्यक्ष, प्रियांशु अग्रवाल,सत्यम यादव, सत्यप्रकाश पटेल ,योगेश पटेल ,निशी यादव, ओजस गुप्ता ,आयुष मिश्रा, हरिओम दुवेदी, मुकेश पटेल सैकड़ो छात्रा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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