सोन नदी में पुल निर्माण में एजेंसी की धीमी रफ्तार, 15 कि.मी. ज्यादा पड़ती है दूरी, ग्रामीण परेशान
सोन नदी में पुल निर्माण में एजेंसी की धीमी रफ्तार, 15 कि.मी. ज्यादा पड़ती है दूरी, ग्रामीण परेशान
*चोलना-पड़ौर मार्ग पर सोन नदी में 12 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण हो रहा है*
अनूपपुर
अनूपपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत चोलना-पड़ौर मार्ग पर सोन नदी में पुल का निर्माण न होने के कारण यहां के ग्रामीणों को परेशानियों के बीच आवागमन करने की मजबूरी बनी हुई है। इसके कारण दो पहिया तथा पैदल चलने वाले लोग जलस्तर कम होने पर नदी को पार कर दूसरे गांव तक पहुंचते हैं।
चोलना-पड़ौर मार्ग पर सोन नदी में बीते सात दशक से पुल न होने की वजह से यहां के ग्रामीण नदी को पार करते हैं। इसके पश्चात दिसंबर 2022 में लोक निर्माण विभाग सेतु पुल निर्माण विभाग के द्वारा 12 करोड़ रुपये की लागत से यहां पुल निर्माण स्वीकृत करते हुए तत्कालीन खाद्य मंत्री बिसाहुलाल सिंह के द्वारा चार दिसंबर 2022 को इसका भूमि पूजन किया गया था। इसके निर्माण की जिम्मेदारी रीवा की फर्म मेसर्स क्लासिक इंफ्रास्ट्रक्चर रीवा को प्रदान की गई हैं।
पुल निर्माण के भूमि पूजन के 15 महीने बीतने के बाद अभी तक बेस लेवल पर ही निर्माण कार्य जारी है, जिसके कारण पुल निर्माण का कार्य लेटलतीफी का शिकार होता जा रहा है। ठेकेदार को 24 महीने में इसका निर्माण कार्य पूरा करना है और निर्माण का ज्यादातर कार्य अभी तक अधूरा है। ऐसे में यहां के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
*15 किलोमीटर दूर घूमकर जाने की मजबूरी*
बारिश के मौसम में चोलना-पड़ौर सहित इस गांव के समीप स्थित दर्जनों ग्रामों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सोन नदी पर पुल निर्मित न होने के कारण उन्हें 15 किलोमीटर दूर भालूमाड़ा मार्ग से होकर आवागमन करना पड़ता है।
वर्तमान में यहां पर पुल का निर्माण नहीं हो पाने के कारण स्थानीय ग्रामीण दोपहिया साइकिल तथा पैदल चलने वाले राहगीर सोन नदी के रेतीले तथा पानी से भरे हुए इस मार्ग से होकर ही दूसरी तरफ आवागमन करते हैं। दिन के समय तो यह सफर हो भी जाता है, लेकिन रात के समय उन्हें काफी परेशानी होती है। अधिकारी ने कहा, मेरे द्वारा कार्यस्थल का निरीक्षण किया गया है। अभी थोड़ा धीमा है। लेकिन समय पूर्व इसे पूरा कर लिया जाएगा।


