जे.एम.एस. माईनिंग कंपनी के साथ मिलकर पटवारी करवा रहा है फर्जी रजिस्ट्री, कलेक्टर से हुई शिकायत

*गरीबो के साथ हो रहा है षडयंत्र, बिक्री हो रही शासकीय व आवंटन की भूमि, जांच की हुई मांग*


अनूपपुर

ग्राम ठोड़हा, तहसील कोतमा, जिला अनूपपुर में पदस्थ वर्तमान हल्का पटवारी राजीव द्विवेदी और सेवानिवृत्त पटवारी लल्लूराम मिश्रा, निवासी बुढ़ानपुर द्वारा अवैधानिक व षड़यंत्रपूर्वक कार्य करते हुए शासकीय भूमि एवं शासन के द्वारा दी गई आवंटन भूमि, व अन्य काश्तकारों की भूमियों का रजिस्ट्री (विक्रय पत्र) पर रोक लगाये जाने तथा दोनों पटवारियों का चल व अचल सम्पत्ति की उच्च स्तरीय विभागीय जांच कराये जाने हेतु मुख्यमंत्री समेत कलेक्टर अनूपपुर को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौपा है।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में लेख किया है कि ग्राम पंचायत गोहण्ड्रा, ठोड़हा, बसखला, तहसील कोतमा, जिला अनूपपुर (म०प्र०) में वर्तमान पदस्थ हल्का पटवारी राजीव द्विवेदी और सेवानिवृत्त पटवारी लल्लूराम मिश्रा, निवासी बुढानपुर हाल निवासी कोतमा द्वारा अवैधानिक व षड़यंत्रपूर्वक राजस्व कर्मचारियों, अधिकारियों, दलालों के साथ मिलकर ग्राम बसखला, तोडहा और गोहण्ड्रा में खुलने वाली मेसर्स जे.एम.एस. माईनिंग प्रा०लि० कम्पनी द्वारा मिलकर शासकीय व प्राईवेट भूमियों का विक्रय पत्र, नामांतरण, वसीयत, दानपत्र फर्जी तरीके से अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम पर अपने पदीय कर्तव्यों का दुरूपयोग करते हुए करा रहा है और भूमि आवंटन कराकर मुआवजा और नौकरी लिया जा रहा है कुछ भूमियों के राजस्व खसरे में अहस्तांतरणीय भी दर्ज है उक्त भूमियों का भी मिलकर कुटरचना के अन्तर्गत आता है और प्रशासन को करोड़ो रूपये का चूना लगाने के प्रयासरत है।

वर्तमान पदस्थ पटवारी राजीव द्विवेदी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी व तहसीलदार से सांठगांठ कर अपना अतिरिक्त प्रभार उक्त गांवों में प्राप्त कर चुका है' तथा प्राईवेट कम्पनी को कोयला उत्खनन के लिये जो भूमियां अधिग्रहण की जानी है और कुछ भूमिया अधिग्रहण करनी हैं, उक्त भूमियों को वर्तमान भूमिस्वामी से हल्का पटवारी मिलकर 20-25 डिसमिल भूमि का पैकेज बनाकर फर्जी तरीके से क्रेता से 5 से 10 लाख रूपये विक्रय कर किसान को बरगलाते हुए रजिस्ट्री फर्जी तरीके से किया जा रहा है। क्योंकि किसान अशिक्षित होने के कारण उनके इस षड़यंत्र को नहीं समझ पा रहा है तथा भूमि अधिग्रहण के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।

वर्तमान हल्का पटवारी व सेवानिवृत्त पटवारी द्वारा खसरे की कॉलम नं0-12 में व्यवस्थापन की अहस्तांतरणीय दर्ज है, फिर भी किस प्रकार अधिकारियों से मिलकर अहस्तांतरणीय शब्द को विलोपित कर उक्त भूमियों का विक्रय कराकर अपने सगे रिश्तेदारों के नाम से कराया जा रहा है तथा भूमि ग्राम ठोड़हा, प०ह० ठोड़हा, तहसील कोतमा के ख0नं0-1018/1/2, 1016/2, 1018/2, 1047/1/1/1, 1047/1/1/2 उक्त भूमियां पूर्व में बंटन व शासन की भूमियां थी, फिर भी सेवानिवृत्त पटवारी लल्लूराम मिश्रा ने कैसे पूर्व भूमिस्वामियों का नाम विलोपित कर अपना व अपने बच्चों का नाम दर्ज करा दिया है, जो जांच का विषय है।

भूमि ग्राम ठोड़हा की आराजी ख0नं0-1047/1/1/1 रकवा 1.264 हे0 भूमि जो बाबूलाल पिता ईश्वरदीन महरा, निवासी ग्राम कटकोना के नाम पर दर्ज था, उक्त भूमि को तत्कालीन हल्का पटवारी लल्लूराम मिश्रा, निवासी ग्राम बुढ़ानपुर द्वारा हरिजन की भूमि को सूरज प्रसाद पिता लल्लूराम मिश्रा के नाम करा दिया है। भूमि ग्राम ठोड़हा की आराजी ख0नं0-1047/1/1/2 रकवा 1.264 है0 भूमि भी रामनाथ गड़ारी पिता राममिलन उर्फ लालमन गड़ारी के नाम था, वर्तमान में फर्जी तरीके से शंकर प्रसाद मिश्रा पिता लल्लूराम मिश्रा का नाम अंकित हो गया है।

भूमि ग्राम ठोड़हा की आराजी ख0नं0-1018/1/2 रकवा 0474 हे0 एवं 1016/2 रकवा 1.214 हे0 भूमि लालमान काछी पिता भूखन काछी, निवासी ग्राम बुढानपुर के स्थान पर फर्जी तरीके से रामनारायण मिश्रा पिता लल्लूराम मिश्रा के नाम अंकित हो गया है। इसी प्रकार सुनीता दुलिया पिता रामसहाय की भूमि को हल्का पटवारी द्वारा बंटन व्यवस्थापन हटाने के नाम से 100 एकड़ भूमि लेकर अपने रिश्तेदारों के नाम विक्रय पत्र करा दिया गया है तथा 5 से 10 लाख रूपये लेकर 20-25 डिसमिल का पैकेज बनाकर अपने रिश्तेदारों को भूमि का विक्रय किये हैं तथा उक्त गांव के ही सरमन यादव पिता राममनोहर यादव की भूमि का भी फर्जी तरीके से लेने के प्रयासरत हैं तथा हल्का पटवारी द्वारा फर्जी कार्यवाही एवं आदेश कराकर नाजायज लाभ लिया जा रहा है।

हल्का पटवारी को कई सम्मानित लोग तथा ग्राम पंचायत के भले व्यक्तियों द्वारा उक्त गलत कार्य पर आपत्ति की गई, तब हल्का पटवारी द्वारा कहा गया कि यहां मेरे बृजेश गौतम जो पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष हैं, बिसाहूलालसिंह विधायक एवं दिलीप जायसवाल मंत्री और नवल किशोर से मेरे निजी व व्यक्तिगत संबंध है, जिन्हें में पैसे देकर सभी राजस्व कर्मचारियों से मिलकर उक्त हल्के में मेरी नियुक्ति हुई है तथा मेरे खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं की जा सकती है। यदि मेरे एवं मेरे रिश्तेदारों के विरुद्ध लिखित व मौखिक शिकायत करता है तो उसे में जान से खत्म करवा दूंगा और झूठे मुकदमें में फंसा दूंगा।

हल्का पटवारी व सेवानिवृत्त पटवारी के हौसले बुलंद है तथा इनके मनोबल बढ़ा हुआ है, जिससे उक्त गांव के किसान डरे व सहमे हुए है। शिकायत करने पर भी उनके आवाज को धनबल, बाहुबल के आधार पर दबा दिया जाता है, जिससे वहा के किसान महगी भूमियों को कौडी के दाम हल्का पटवारी को विक्रय करने में मजबूर हो रहे है, तथा कृषकों को डरा धमका व डराकर उनकी भूमियों को फर्जी व अवैधानिक तरीके से गोलमाल किया जा रहा है तथा हल्का पटवारी व सेवानिवृत्त कर्मचारी, दलाल, व नेता सभी मिलकर करोड़ों अरबों की कमाई कर रहे है। जब तक सभी विषयवस्तु की विधिवत जाँच नहीं हो जाती है, तो क्रय, विक्रय कोतमा रजिस्ट्रार, अनूपपुर रजिस्ट्रार को रोक लगाया जाना अति आवश्यक है. जिससे आगे कोई भूमि विक्रीत न हो सके।

यह कि सेवानिवृत्त पटवारी लल्लूराम मिश्रा द्वारा पूर्व में अपने हल्के में शासकीय सेवा का लाभ लेते हुए कई एकड़ों का फर्जी पट्टा बनवाकर अपने नाम से कराया है तथा भूमि ग्राम कल्याणपुर, नगरपालिका कोतमा में लगभग 14.00 एकड़ भूमि जो पूरन यादव, प्रकाश यादव, तथा पूरन यादव की चाची की भूमि को षड्यंत्रपूर्वक उक्त भूमियों का अपने नाम फर्जी तरीके से हस्ताक्षर करा करवा लिया है तथा केन्द्रीय स्कूल कोतमा के सामने जो आदिवासी की भूमि पर मकान बनाया है, जिसकी कीमत लगभग करोड़ों रूपयों की है तथा रेलवे की भूमि पर दो मेडिकल स्टोर बनवाया है, उसके राजस्व रिकार्डों की जांच अति आवश्यक है।

यह कि ग्राम बुढ़ानपुर की भूमि जिसका भूमिस्वामी शिवलाल कुम्हार का भूमि फर्जी तरीके से अपने नाम राजस्व रिकार्ड में चढ़ा लिया है तथा उक्त रिकार्ड में कई सह खातेदार भी थे, तथा उक्त भूमि का प्रकरण पूर्व में शहडोल न्यायालय में विचाराधीन था, फिर उक्त भूमियों का कैसे व किस प्रकार अपने नाम पर राजस्व रिकार्ड में दर्ज करा लिया है तथा उक्त गांव के कई शासकीय भूमि का अपने नाम से फर्जी तरीके से अपना नाम राजस्व रिकार्ड में अंकित कराकर विक्रय कर रहा है। वर्तमान हल्का पटवारी राजीव द्विवेदी, सेवानिवृत्त पटवारी लल्लूराम मिश्रा, शंकर प्रसाद मिश्रा, सूरज प्रसद मिश्रा, रामनारायण मिश्रा की सम्पत्ति का विधिवत् जांच कराकर फर्जी कार्यवाहियों को निरस्त करते हुए दण्डित करे।


कामचोरों परिषद छोड़ो, नगर की बदहाली न सड़क न नाली नाराज लोगो ने लगाए नारे, सड़क किया जाम

प्रस्तावित सड़क निर्माण न होने से नाराज लोगो ने चक्का जाम, आश्वासन के बाद खुला जाम



अनूपपुर

अनूपपुर जिले के कोतमा नगर पालिका अंतर्गत वार्ड 8-9 की जनता ने सालों से प्रस्तावित सड़क निर्माण न होने के कारण हो रही समस्याओं को लेकर चक्का जाम और आंदोलन किया। वार्ड की जनता के साथ नेताओं ने भी मिलकर नगर परिषद से सड़क निर्माण कराए जाने के साथ ठेकेदार के ऊपर कार्रवाई करवाए जाने की मांग की। परिषद के विरोध में लोगों ने 'कामचोरो परिषद छोड़ो' का तख्ती लेकर प्रदर्शन भी किया और नारे लगाए। सुबह से चल रहे चक्का जाम पर कोतमा के तहसीलदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी और थाना प्रभारी पहुंचकर आम जनमानस को समझाइश दी। समझाइश के बाद ना मानने पर नगर पालिका अध्यक्ष ने जनता की मांगों पर आश्वासन देते हुए चक्का जाम हटाए जाने का आह्वान किया। जहां जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू किए जाने का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद चक्का जाम हटाया।

कोतमा नगर पालिका के वार्ड 8 और 9 की मुख्य सड़क कई वर्षों से जर्जर स्थिति में थी। लोगों का आना-जाना, गाड़ियों का चलाना सड़क पर मुश्किल होता था। वहीं सड़क से उड़ने वाली धूल और डस्ट से आम जनमानस सड़क से उड़ने वाली धूल और डस्ट से आम जनमानस परेशान हो रहे थे। परिषद ने कई माह पहले कायाकल्प योजना के तहत सड़क निर्माण का कार्य स्वीकृत किया, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण अब तक सड़क निर्माण नहीं हुआ। इससे आम जनमानस में आक्रोश व्याप्त है, जो की चक्काजाम के रूप में सामने आया। चक्काजाम के बाद नगर पालिका अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका के आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म किया। सड़क निर्माण का कार्य शुरू हुआ।

 रेत माफिया को मिली खुली छूट अवैध घाटों से खुलेआम कर रहे है रेत का परिवहन, जिम्मेदार मौन

*रेत माफिया लठैतों के दम करवा रहे हैं रेत का अवैध उत्खनन, नदियो का अस्तित्व खतरे में*


अनूपपुर

अनूपपुर जिले में खनिज माफिया द्वारा सोन, तिपान, केवई, गोडरू, बकान, अलान सहित अन्य नदियों से रोजाना रात के समय रेत का अवैध उत्खन्न कर दर्जनों डंफर वा ट्रैक्टर ट्राली के माध्यम से परिवहन किया जा रहा है। जिले भर में हो रही रेत की इस चोरी पर खनिज विभाग सहित जिला प्रशासन व पुलिस विभाग पूरी तरह से मौन है। जिसके चलते खनिज माफिया सक्रिेय होकर अपना गिरोह बनाकर रेत चोरी की घटना को अंजमा देते हुए विवाद की स्थिति निर्मित करते है। जिस कारण से रेत ठेकेदार जो पूरे ज़िले का करोड़ो का रेत का ठेका लिए है उनको प्रतिदिन लाखो का नुकसान उठाना पड़ रहा है, रेत माफिया रेत ठेकेदार बस को चूना नही लगा रहे है बल्कि सरकार को भी लाखों की राजस्व की क्षति उठानी पड़ रही है।रेत माफिया इतने शातिर हैं कि इनकी सेटिंग पूरे जिले में रहती हैं। इनको अगर रेत का परिवहन करने से रोकने की कोशिश करते हैं तो हमला करने से चूकते। जिले के कोतवाली अनूपपुर, जैतहरी, कोतमा, बिजुरी एवं भालूमाड़ा थाना क्षेत्र की पुलिस इन रेत माफिया चोरो पर कार्यवाही करने से परहेज कर रही है। बस खानापूर्ति के लिए माह में एक से दो कार्यवाही करके अपनी खुद पीठ थपथपा कर अपना कोरम पूरा कर लेती हैं। खनिज विभाग व प्रशासन से रेत ठेकेदार व सरकार की क्षति से कोई मतलब नही है।

दर्जनों घाटों से रेत माफिया का काला कारोबार*

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के पांच थाना क्षेत्र में दर्जनों अवैध घाट जिनमें कोतवाली अनूपपुर अंतर्गत सीतापुर घाट, मानपुर घाट, कन्या शिक्षा परिसर के पास स्थित कचरा घाट, जेल बिल्डिंग के आगे चिल्हारी घाट, कोतमा थाना अंतर्गत निगवानी घाट, बिजुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत कोठी घाट एवं कटकोना घाट, भालूमाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत सोन नदी के भालूमाड़ा घाट, जैतहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलिया फाटक के अंदर से एवं तिपान नदी स्थित बलबहरा खदान जैतहरी से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में रेत चोरी की जा रही है। लेकिन इन थाना क्षेत्रों के थाना प्रभारी द्वारा इन अवैध रेत चोरी करने वालो पर लगाम कस पाने में अपनी असमर्थता व्यक्त करते नजर आ रहे है।

*रेत स्टॉक से रात में होता हैं परिवहन*

जिले में पसला में पिछले वर्ष रेत का स्टॉक बनाया गया था जहाँ पर अभी भी लगभग 2 हजार डंफर रेत का स्टॉक पड़ा हुआ है। इसके अलावा जिला मुख्यालय के नजदीक जेल बिल्डिंग के पास व नगदहा छुलहा के पास बड़ी मात्रा में रेत का पुराना स्टॉक मौजूद हैं। वहाँ से रात के अंधेरे में कई डंफर रेत प्रतिदिन चोरी करके बेची जाती है। इन स्टॉक से बिजुरी, कोतमा, राजनगर, अनूपपुर, जैतहरी, राजेन्द्रग्राम, चचाई के क्षेत्र के अलावा अन्य जिलों में भी अवैध रेत की सप्लाई खुलेआम की जा रही है। पसला स्टॉक में खड़ी पोकलेन खराब बताई जा रही हैं मगर रात में खराब पोकलेन चालू होकर ट्रकों में रेत लोड करती हैं। इन  रेत स्टॉक में खनिज विभाग का कोई अंकुश नही दिख रहा है।

*रेत माफिया के गुर्गे करते हैं निगरानी*

जिले में सभी जगह रेत माफिया बेरोजगार युवकों से अवैध रेत के कारोबार का काम करवाते हैं लगभग पूरे से जिले में दर्जनों युवकों को इस अवैध कार्य के लिए रखा गया हैं सभी युवक पूरे दिन घर पर सोते हैं और रात में अस्त्र, शस्त्र से लैस होकर अवैध खदानों व शहर के तिराहा, चौराहा में निगरानी व गश्त करते रहते हैं। ये युवक गस्त व निगरानी करते हुए हर मामले से निपटने को तैयार रहते हैं अभी कुछ दिनों पहले रेत ठेकेदार के लोगो पर हमला हुआ था। रेत माफिया चंद रुपया देकर लाखो कमाकर बेरोजगार युवकों से अपराध करवाने का काम करवाकर उनको अपराधी बना रहे हैं।

*नदियों का अस्तित्व खतरे में*

जिले की जीवनदायनी कही जाने वाले कई प्रमुख नदियों का अस्तित्व खतरे में है, जहां रेत चोरी करने वाले गिरोह अवैध तरीके से घाट बनाकर रात होते ही अपने-अपने वाहन को नदियों में उतार कर रेत का अवैध उत्खनन करते आसानी से देखे जा सकते है। लेकिन इन गिरोह को ना तो पुलिस का भय है और ना ही खनिज विभाग का डर है। जिनके द्वारा चोरी के रेत लोड़ कर सड़को में वाहन फर्राटा मारते नजर आ जाते है। लेकिन इन रेत लोड़ वाहनों की जांच करने जिला प्रशासन वा पुलिस विभाग के किसी भी अधिकारी द्वारा जहमत नही उठाई जा रही है। जिसके कारण रेत के अवैध उत्खनन पर अंकुश नही लग पा रहा है। जिले में रेत माफिया के खिलाफ प्रशासन की कार्यवाही केवल खानापूर्ति व दिखावा साबित हो रही है।

*कृषि कार्य वाले ट्रैक्टर होता है रेत का परिवहन*

जिले के अनूपपुर, कोतमा, भालूमाड़ा, जैतहरी, चचाई, राजेंद्रग्राम, वेंकटनगर सहित बिजुरी थाना क्षेत्र में कृषि कार्य के नाम पर परिवहन विभाग में ट्रैक्टर ट्रॉली पंजीकृत कर उनका उपयोग व्यावसायिक रूप से अवैध रेत के परिवहन में उपयोग करते नजर आ रहे हैं। जबकि नियमानुसार परिवहन विभाग में ट्रैक्टर इंजन वा ट्रॉली को कमर्शियल पंजीकृत करने पर ट्रैक्टर इंजन वा ट्रॉली की कीमत का 10 प्रतिशत टैक्स शासन को जमा करना अनिवार्य होता है, लेकिन अधिकतर ट्रैक्टर इंजन वा ट्रॉली के मालिक द्वारा टैक्स बचाने के चक्कर में वाहन को कृषि कार्य हेतु पंजीकृत कराए हुए है। जिसके कारण परिवहन विभाग को भी लाखों रुपए की क्षति हो रही हैं। कृषि कार्य हेतु पंजीकृत ट्रैक्टर इंजन वा ट्रॉली का रेत चोरी करने में किया जा रहा है। 

*इनका कहना है*

मैं अभी कलेक्टर कार्यालय में मीटिंग में हूँ। रेत वाले मामले में खाली होकर बात करता हूँ।

*शिवकुमार सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर*

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