तानसेन समारोह में तबला वादन पर उमंग अग्रवाल ने गिनीज बुक में दर्ज कराया नाम


अनूपपुर

वग्वालियर में 99 वां तानसेन समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम में 1500 तबला वादकों द्वारा एक साथ तबला वादन कर ताल दरबार में सम्मिलित हुए तथा 1500 तबला वादकों ने एक साथ प्रस्तुति देकर विश्व रिकॉर्ड बनाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड। रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया। उक्त आयोजन में अनूपपुर की बिटिया स्वाति अग्रवाल स्वर्गीय प्रमोद अग्रवाल के पुत्र एवं मनीष अग्रवाल के भांजे उमंग अग्रवाल ने तानसेन समारोह में भाग लेकर समाज और माता-पिता का गौरव बढ़ाया है।छात्र उमंग अग्रवाल संगीत महाविद्यालय मैहर में अध्यनरत है। 25 दिसंबर को भारत के ग्वालियर में 99वें अंतर्राष्ट्रीय तानसेन समारोह के दौरान संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गिनीज बुक में दर्ज कराने का प्रमाण पत्र प्रदत किया गया।

तेंदुआ ने किया मवेशी का शिकार, कार्यालय में पशु मालिक का बाबू ने आवेदन लेने से किया इनकार


अनूपपुर

जिला मुख्यालय से 05 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत बरबसपुर के पुरनिहाटोला निवासी 50 वर्षीय रामप्रसाद पिता स्व,शंकर प्रसाद पाठक का एक पालतू चार वर्ष का उम्र का नाटा जिसे पुरनिहा तालाब के जंगल के पास अन्य मवेशियों के साथ चर रहा था तभी एक जंगली जानवर द्वारा नाटा को पकड़ कर जंगल में घसीट ले गया वहीं पास मलिक का जंगली जानवर तेंदुआ से सामना होने पर आवाज देते हुए भाग कर अपनी जान बचाई आवाज सुनकर पड़ोस में परिवार के पहुंचे इस बीच डर के कारण मवेशी को देखने जंगल में कोई नहीं गया बस में खोजबीन करने पर मवेशी नहीं मिल सका लेकिन सुबह खोजबीन करने पर लाल रंग का नाटा का शव पेड़ में लगभग सात फीट की ऊंचाई में टंगा मिला इस बीच जंगली जानवर के पेड़ में चढ़ने पर नाखून के निशान मिले घटना की जानकारी पशु मालिक द्वारा पोड़ी बीट के वनरक्षक को देते हुए वनरक्षक के निर्देश पर वन परिक्षेत्र कार्यालय अनूपपुर में आवेदन देने पुत्र अजय पाठक के साथ गया कार्यालय में पदस्थ एक बाबू द्वारा घंटो इंतजार के बाद भी आवेदन लेने से मना कर दिया इस बीच शिकायत पर डीएफओ अनूपपुर के हस्तक्षेप पर परीक्षेत्र सहायक फुनगा रमेश प्रसाद पटेल द्वारा पशु मालिक का आवेदन स्वीकार करते हुए पावती प्रदान की गई, वन परिक्षेत्र कार्यालय में पदस्थ इस बाबू को इतना मालुम नही है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह का आवेदन कार्यालय में प्रस्तुत करता है तो उसे लेते हुए पद मुद्रा के साथ पावती प्रदान किया जाना अनिवार्य रहता है।

 ड्राइवर संघ के बैनर तले नया कानून के विरोध में ट्रक बस चालक गए हड़ताल पर

*सभी वाहनों के थमे पहिया, सड़क पर बैठ काला कानून वापस लेने का जताया विरोध, यात्री हो रहे है परेशान*


अनूपपुर

केंद्र सरकार द्वारा भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत ई-टेंडर मामले में दोषी पाए जाने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना व 7 साल तक की सजा के प्रावधान के खिलाफ सोमवार 1 जनवरी को देशभर के ट्रक, बस चालक हड़ताल पर चले गए हैं। इस काले कानून को वापिस लेने की मांग कर रहें हैं। अनूपपुर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर अनूपपुर में ड्राइवर एकता संघ के बैनर तले सैंकड़ों ट्रक, बस चालकों ने हड़ताल कर सड़क जाम करते हुए इस कानून की वापसी की मांग के नारे लगायें। इस हड़ताल में अनूपपुर टैक्सी यूनियन भी शामिल है। देर रात तक पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ नजर आई। इस दौरान चालको ने कलेक्टर मांग पत्र सौंपते हुए नए कानून के संशोधन पर वाहन चालको के खिलाफ जो कड़ी सजा और भारी जुर्माना का प्रवधान किया गया है उन्हें वापस लेने की मांग की है।

भारत सरकार के सड़क दुर्घटना संबंधी नए कानून से डरे सहमें बसों और ट्रकों के चालकों की हड़ताल का अनूपपुर जिले में जबरदस्त असर देखने को मिला है। वाहनों का परिचालन ठप्प रहने से आम यात्री इस भीषण ठंड में कई तरह की परेशानियां सहने को मजबूर हो गए हैं। नए कानून का विरोध करते हुए अनूपपुर के समातपुर तालाब के पास हड़ताल पर बैठ गए। जिसके वजह से शहर में जाम की स्थिति बन गई। जिले में आज बस के भी पहिए थम गए हैं। बसों का संचालन न होने से पड़ा बस स्टैंड वीरान हैं, यात्री परेशान हैं। इस दौरान चालकों ने नारेबाजी करते हुए पुलिस वाहन को भी रोक लिया। जैतहरी में स्थित मोजर बेयर पावर प्लांट में लगे निजी ट्रक ड्राइवर हड़ताल में चले गए। जिसके कारण काम प्रभावित हो रहा हैं। जैतहरी चौक में भी वाहन चालकों ने इस कानून का विरोध करते हुए हड़ताल पर बैठे हुए हैं। शहर में वाहन चालकों द्वारा चक्का जाम किए जाने से बसों, ऑटो के पहिए थमने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्री बस स्टैंड पर बस, ऑटो का इंतजार करते हुए बस स्टैंड पर बैठे हुए हैं। जिले में आज ऑटो का चालक भी हड़ताल पर है। जिसके कारण यात्रियों को आने-जाने में सबसे जाता मुसीबत का सामना करना पड रहा हैं।

ड्राइवर एकता संघ द्वारा कलेक्टर को एक मांग पत्र सौंपा जिसमे भारत सरकार द्वारा नए कानून के संशोधन पर वाहन चालको के खिलाफ जो कड़ी सजा और भारी जुर्माना का प्रवधान किया गया है उन्हें वापस लेने की मांग की गई है। मांगे न माने जाने पर आज ही से गाड़ियां न चलाने के बात करते हुए पूरे देश में पहिए रोकने की बात कहीं, सरकार द्वारा जो नया कानून लागू किया गया है इसे वापस लिया जाये। एक जनवरी 2024 से वाहन चालको द्वारा वाहन नहीं चलाया गया। इससे देश को होने वाली आर्थिक क्षति की जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।

सरकार द्वारा जो नया कानून लागू किया गया है इसमें ड्राईवर की सजा 10 साल एवं 7 लाख रूपये जुर्माना घोषित किया गया है। एक्सीडेंट होने पर इस कानून को वापस लिए जानें बावत्। जो कानून सरकार द्वारा बनाया गया है जिसमें यदि दुर्घटना हो जाता है तो ड्राईवर को 10 साल की सजा 47 लाख का जुर्माना से दण्डित किया जाना है ऐसे में ड्राईवर जिसकी सेलरी कहीं पर तीन हजार रूपये या कही पर 7000 रूपये महीनें की सैलरी वाला जिसका कोई रहने का ठिकाना नहीं है एवं सैलरी का कोइ अता पता नहीं ऐसे में ड्राईवर सात लाख का जुर्माना कहा से दे पाएगा जिसके कार्य का कोई समय नहीं रहता और ऐसे में 10 साल की सजा हो जाती है तो ड्राईवर के परिवार का पालन पोषण कौन करेगा। पहले कानून में ड्राईवर की जमानत होना फिर वाहन की जमानत होना तय था। थाना भालूमाडा के अंतर्गत बदरा तिराहा एन एच 43 में ड्राइवर यूनियन ने परिवहन कानून के नए निगम का किया विरोध करते हुए काला कानून वापस लेने की मांग की। सड़क पर हादसा होने पर पालको के खिलाफ होने वाली कठोर कार्यवाही के प्रस्ताव का विरोध किया। इस दौरान पुलिस ने समझाएं दी।

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