पंचायत में अवैधनिक निर्माण कार्य, अनुचित आहरण का आरोप, सचिव सरपंच पर लाखों की रिकवरी

नोटिस जारी किया आदेश, राशि जमा करे नही तो होगी एक पक्षीय कार्यवाही*


अनूपपर

न्यायालय अपर कलेक्टर (विकास) / मुख्य कार्यपालन अधिकारी (विहित प्राधिकारी पंचायत) जिला पंचायत अनूपपुर  ने जारी की वसूली नोटिस निर्देशित किया की  ग्राम पचायत सकोला में चेकडेम निर्माण कार्य  रु. 2,65,000/- का शासन के राशि का आहरण कर दुरुपयोग करने पर कुल खयानत राशि का बराबर-बराबर राधा बाई, सरपंच से 1,32,500/- एवं शारदा प्रसाद पाण्डेय,तत्कालीन सचिव, ग्राम पंचायत सकोला, वर्तमान सचिव, ग्राम पंचायत लतार से राशि रु. 1,32,500/- कार्यालय जिला पंचायत अनूपपुर के खाता के 3326236753 सेंट्रल बैंक सामतपुर (अनूपपुर) में राशि जमा कर अधोहस्ताक्षरी के समक्ष उपस्थित होकर रसीद सहित उपस्थित हो जाए। अनुपस्थिति एवं राशि जमा न होने की दशा में आपके विरुद्ध म०प्र० पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत् एकपक्षीय कार्यवाही की जावेगी, जिसके लिये आप स्वयं उत्तरदायी होगें।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 01 जून 2023 द्वारा कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग अनूपपुर को निर्देशित किया गया था कि ग्राम पचायत सकोला में कराये गये कार्यों का स्थल परीक्षण कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग अनूपपुर का पत्र कंमाक /1290/2023 अनूपपुर दिनांक 14 अगस्त 2023 द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में लेख किया गया है कि, ग्राम पंचायत सकोला में दिनांक 07 जुलाई 2023 को चेकडेम निर्माण कार्य का मौके पर परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान तकनीकी स्वीकृति कंमाक-602/दिनांक 26 फरवरी 2022 एवं प्रशासकीय स्वीकृति राशि रू. 10.00 लाख के विरूद्ध ऑनलाईन पोर्टल ई-ग्राम स्वराज अनुसार राशि रु 2,65,000/- ग्राम पचायत द्वारा व्यय किया गया है। परन्तु मौके पर कोई भी निर्माण सामग्री उपलब्ध नहीं पाया गया। चेकडेम निर्माण कार्य के लिये नीव की खोदाई किया गया है। उक्त स्थल चेकडेम निर्माण हेतु उचित प्रतीत नहीं होता है। क्यों कि जलभराव क्षेत्र समतल न होकर ढलान में है, जिसके कारण पानी का भराव कम होगा। स्थल पर पानी भराव को ध्यान में रखते हुये चेकडेम निर्माण कार्य उपयुक्त प्रतीत नहीं पाये जाने पर राशि रूपये 2.85,000/ सरपंच/सचिव द्वारा राशि वापस करने का कथन किया है

इस प्रकार ग्राम पंचायत सकोला, जनपद पंचायत अनूपपुर में निर्माण कार्यों में कुल योग राशि रूपये 10,05,715/- (दस लाख, पांच हजार सात सौ पन्द्रह रूपये मात्र) शासन की राशि अवैधानिक आहरण कर दुरूपयोग व प्रभक्षण किये जाने का जांच प्रतिवेदन में राशि वसूली करने हेतु प्रस्तावित किया गया था। पेशी दिनांक 27 जून 2023 को उपयंत्री, सरपंच एवं सचिव समक्ष होकर प्रस्तुत जबाव में लेख किया है कि, कार्य पूर्ण होना स्वीकार किया गया है।

 जी एम के आदेश के बाद भी स्टेशन के पैदल पुल की नहीं हुई कोई जांच, यात्री परेशान 


     

अनूपपुर

जंक्शन स्टेशन अनूपपुर में जीआरपी चौकी के सामने बने पैदल पुल फुट ओवर (एफओबी) को रेलवे ने ।असुरक्षित घोषित कर लगभग डेढ़ वर्ष से अधिक समय से बंद कर रखा है।जब इसकी शिकायत अनूपपुर दौरे पर हाल ही में आए बिलासपुर रेलवे महाप्रबंधक(जी एम) को की गई तो उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि अनशेफ नहीं होगा तो जांच कराकर आवश्यक निर्माण के पश्चात कुछ दिनों के लिए उसे प्रारंभ करा देंगे। लेकिन उनके जाने के बाद किसी भी तरह की जांच संबंधित अधिकारियों ने आज तक नहीं की।जिससे अनूपपुर जंक्शन स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उनकी बुरी फजीहत हो रही है लेकिन कोई देखने सुनने वाला नहीं। बताया गया की अमृत भारत योजना के तहत नया ब्रिज बनाया जाएगा।लेकिन लगता है की बिलासपुर रेल मंडल अनूपपुर जंक्शन स्टेशन के यात्रियों की परेशानियों से पूरी तरह अनभिज्ञ है।पैदल पुल बंद होने से लंबी दूरी पर बने कटनी साइट के पुल से लोगों को आना-जाना करना पड़ रहा है।अनूपपुर जंक्शन स्टेशन पर पर्याप्त मात्रा में कुली की व्यवस्था भी नहीं है,जिससे यात्रियों को अपना सामान खुद उठाकर ले जाना पड़ता है या मजबूरी में रेलवे लाइन क्रॉस कर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाना पड़ रहा है।लेकिन रेलवे को इससे कोई लेना-देना नहीं।कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है।

प्लेटफार्म नंबर एक पर कटनी साइट पर जो ब्रिज बनाया गया है वह प्लेटफार्म से काफी दूर है।एवं प्लेटफार्म नंबर 3-4 पर यात्रियों को बिलासपुर दिशा की ओर जाने के लिए काफी लंबी दूरी तय कर वहां जाना पड़ता है।यही नहीं कई यात्री तो ट्रेन छूट न जाए इसके लिए प्लेटफार्म से लाइन क्रॉस करते हुए दूसरे प्लेटफार्म पर चले जाते हैं।जल्दबाजी में किसी भी दिन कोई भयावह हादसा रेलवे लाइन में घटित हो सकता है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को कोई लेना-देना नहीं। जबकि पैदल पुल फुट ओवर (एफओबी) को प्राथमिकता में लेकर रेलवे को उसे पहले बनना चाहिए।लेकिन रेलवे उसे छोड़कर अन्य नए निर्माण कार्य प्लेटफार्म नंबर 1 एवं 3-4 पर कर रही है।जबकि यात्रियों के लिए सबसे बड़ी समस्या पैदल पुल फुट ओवर (एफओबी) हैं।जिसको रेलवे ने प्राथमिकता में नहीं लिया और डेढ़ वर्ष से अधिक समय होने को आ रहा है यात्रियों को,बुजुर्गों को,विकलांगों को, महिलाओं को प्लेटफॉर्म 1 से 3-4 में जाने में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।विकलांगों को जाने के लिए प्लेटफार्म पर कोई व्यवस्था नहीं है।रेलवे के पार्सल,मोटरसाइकिल,अन्य सामान को लाइन क्रॉस कर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म को ले जाया जा रहा है जो कि नियम विरुद्ध है।लेकिन कोई बोलने वाला नहीं।उंगली उठती है तो केवल यात्रियों पर,रेलवे के कर्मचारियों पर कोई भी कानून लागू नहीं होता। 

आवश्यकता है कि बिलासपुर में बैठे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी यात्रियों की समस्याओं को गंभीरता से लें।  कई बार रेल मदद एप,ट्विटर के माध्यम से शिकायत की गई।लेकिन बस इसे असुरक्षित घोषित किया गया है बनाने की योजना है।यह सीधा जवाब देकर रेलवे अपने कार्य की इति श्री कर लेती है और यात्री लगातार परेशान हो रहा है।  देखना है रेलवे कब तक यात्रियों की परेशानियों की सुध लेता है।बिलासपुर रेलवे के रेल महाप्रबंधक के आदेश के बाद भी किसी तरह की जांच ना होना तमाम तरह के प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है...? बिलासपुर रेलवे महाप्रबंधक से पुनः अपेक्षा है कि अनूपपुर रेलवे जंक्शन पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए बंद पड़े पैदल पुल को सुधार कर यात्रियों के लिए उसे तत्काल प्रारंभ कराया जाए जब तक नया ब्रिज नहीं बनता।

जी एम के आदेश के बाद भी स्टेशन के पैदल पुल की नहीं हुई कोई जांच, यात्री परेशान       


   

अनूपपुर

जंक्शन स्टेशन अनूपपुर में जीआरपी चौकी के सामने बने पैदल पुल फुट ओवर (एफओबी) को रेलवे ने ।असुरक्षित घोषित कर लगभग डेढ़ वर्ष से अधिक समय से बंद कर रखा है।जब इसकी शिकायत अनूपपुर दौरे पर हाल ही में आए बिलासपुर रेलवे महाप्रबंधक(जी एम) को की गई तो उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि अनशेफ नहीं होगा तो जांच कराकर आवश्यक निर्माण के पश्चात कुछ दिनों के लिए उसे प्रारंभ करा देंगे। लेकिन उनके जाने के बाद किसी भी तरह की जांच संबंधित अधिकारियों ने आज तक नहीं की।जिससे अनूपपुर जंक्शन स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उनकी बुरी फजीहत हो रही है लेकिन कोई देखने सुनने वाला नहीं। बताया गया की अमृत भारत योजना के तहत नया ब्रिज बनाया जाएगा।लेकिन लगता है की बिलासपुर रेल मंडल अनूपपुर जंक्शन स्टेशन के यात्रियों की परेशानियों से पूरी तरह अनभिज्ञ है।पैदल पुल बंद होने से लंबी दूरी पर बने कटनी साइट के पुल से लोगों को आना-जाना करना पड़ रहा है।अनूपपुर जंक्शन स्टेशन पर पर्याप्त मात्रा में कुली की व्यवस्था भी नहीं है,जिससे यात्रियों को अपना सामान खुद उठाकर ले जाना पड़ता है या मजबूरी में रेलवे लाइन क्रॉस कर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाना पड़ रहा है।लेकिन रेलवे को इससे कोई लेना-देना नहीं।कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है।

प्लेटफार्म नंबर एक पर कटनी साइट पर जो ब्रिज बनाया गया है वह प्लेटफार्म से काफी दूर है।एवं प्लेटफार्म नंबर 3-4 पर यात्रियों को बिलासपुर दिशा की ओर जाने के लिए काफी लंबी दूरी तय कर वहां जाना पड़ता है।यही नहीं कई यात्री तो ट्रेन छूट न जाए इसके लिए प्लेटफार्म से लाइन क्रॉस करते हुए दूसरे प्लेटफार्म पर चले जाते हैं।जल्दबाजी में किसी भी दिन कोई भयावह हादसा रेलवे लाइन में घटित हो सकता है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को कोई लेना-देना नहीं। जबकि पैदल पुल फुट ओवर (एफओबी) को प्राथमिकता में लेकर रेलवे को उसे पहले बनना चाहिए।लेकिन रेलवे उसे छोड़कर अन्य नए निर्माण कार्य प्लेटफार्म नंबर 1 एवं 3-4 पर कर रही है।जबकि यात्रियों के लिए सबसे बड़ी समस्या पैदल पुल फुट ओवर (एफओबी) हैं।जिसको रेलवे ने प्राथमिकता में नहीं लिया और डेढ़ वर्ष से अधिक समय होने को आ रहा है यात्रियों को,बुजुर्गों को,विकलांगों को, महिलाओं को प्लेटफॉर्म 1 से 3-4 में जाने में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।विकलांगों को जाने के लिए प्लेटफार्म पर कोई व्यवस्था नहीं है।रेलवे के पार्सल,मोटरसाइकिल,अन्य सामान को लाइन क्रॉस कर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म को ले जाया जा रहा है जो कि नियम विरुद्ध है।लेकिन कोई बोलने वाला नहीं।उंगली उठती है तो केवल यात्रियों पर,रेलवे के कर्मचारियों पर कोई भी कानून लागू नहीं होता। 

आवश्यकता है कि बिलासपुर में बैठे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी यात्रियों की समस्याओं को गंभीरता से लें।  कई बार रेल मदद एप,ट्विटर के माध्यम से शिकायत की गई।लेकिन बस इसे असुरक्षित घोषित किया गया है बनाने की योजना है।यह सीधा जवाब देकर रेलवे अपने कार्य की इति श्री कर लेती है और यात्री लगातार परेशान हो रहा है।  देखना है रेलवे कब तक यात्रियों की परेशानियों की सुध लेता है।बिलासपुर रेलवे के रेल महाप्रबंधक के आदेश के बाद भी किसी तरह की जांच ना होना तमाम तरह के प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है...? बिलासपुर रेलवे महाप्रबंधक से पुनः अपेक्षा है कि अनूपपुर रेलवे जंक्शन पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए बंद पड़े पैदल पुल को सुधार कर यात्रियों के लिए उसे तत्काल प्रारंभ कराया जाए जब तक नया ब्रिज नहीं बनता।

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