बारिश के बीच विभिन्न उपार्जन केन्द्रों का कलेक्टर ने निरीक्षण कर लिया जायजा

*कृषक सुविधा तथा उपार्जन स्कंध को सुव्यवस्थित रखने के संबंध में दिए निर्देश*


अनूपपुर

खरीफ उपार्जन वर्ष 2023-24 के अंतर्गत जिले में 21 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए हैं। कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ ने आज बदले मौसम व रिमझिम हो रही बारिश के बीच अनूपपुर मण्डी स्थित उपार्जन केन्द्र तथा तुलसी वेयर हाऊस मेड़ियारास, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति दुलहरा (दमना) तथा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित राजेन्द्रग्राम का निरीक्षण कर जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अनुविभागीय दण्डाधिकारी अनूपपुर दीपशिखा भगत, जिला आपूर्ति अधिकारी बी.एस. परिहार, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक मधुर खर्द, नायब तहसीलदार मंगलादास चक्रवर्ती तथा अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण करते हुए किसानों द्वारा लाई गई उपज की वाहनों से स्कंध अनलोडिंग हेतु उपलब्ध स्थान, उपज तौलने हेतु इलेक्ट्रानिक तौल कांटे की जांच के साथ ही किसान पंजीयन तथा भण्डारण आदि की व्यवस्था का अवलोकन किया। उपार्जन केन्द्र आदिम जाति सेवा सहकारी समिति दुलहरा (दमना) में उपार्जित स्कंध के व्यवस्थित एवं सुरक्षित नही होने पर नाराजगी जताई गई तथा तत्काल इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिसके बाद तत्काल ही अमले द्वारा उपार्जित अनाज को व्यवस्थित रखने का कार्य किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जित स्कंध का भण्डारण सुव्यवस्थित तरीके से हो, अन्यथा सभी जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जिले के सभी उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण सुनिष्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कृषकों की सहायता और बैठक व्यवस्था तथा एफएक्यू के अनुरूप स्कंध के खरीदी के संबंध में निर्देश दिए। कलेक्टर ने उपार्जन केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान तिरपाल, इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे, मास्चर मीटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण आदि की भी मौके पर जांच की। उन्होंने समितियों को शीतकालीन मौसम तथा तापमान में गिरावट को दृष्टिगत रखते हुए उपार्जन स्कंध के सुरक्षा के लिए तिरपाल आदि की वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश मौके पर दिए गए।

जिले में पहुँचा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र मंदिर अयोध्या का अभिमंत्रित अक्षत कलश 


अनूपपुर

अमरकंटक में आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र मंदिर अयोध्या का अभिमंत्रित अक्षत कलश पवित्र नगरी अमरकंटक पहुंचा । हिन्दूओं के 500 वर्षों के संघर्ष के पश्चात श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में श्रीराम लला का भव्य मंदिर बन रहा है । 22 जनवरी 2024 को श्रीराम लला का नूतन मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने जा रहा है । जिसका निमंत्रण देश के प्रत्येक घर को 01 जनवरी से 15 जनवरी 2024 तक आमंत्रित करने का अभियान संकल्प राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लिया है । जिसके लिए चित्रकूट में अयोध्या से आए अक्षत कलश का वितरण कार्यक्रम मंगलवार 05 तारीख को आयोजित हुआ । अनूपपुर जिले के लिए संत व अनेक जन चित्रकूट के लिए रवाना हुए , वहा से कलश प्राप्त करके आज वापस लौटे । यह जानकारी साथ गए दिनेश साहू ने प्रदान की ।अमरकंटक के संत परमहंस धारकुंडी आश्रम के महंत लवलीन बाबा जी महाराज , राकेश शुक्ला (जिला कार्यवाह) अनूपपुर , दिनेश साहू (खंडकार्यवाह) अमरकंटक एवं वाल्मीकि जैसवाल जिला महामंत्री (विश्व हिंदू परिषद) कलश लेकर अमरकंटक पहुंचे । अब मां नर्मदा  उद्गम मंदिर अमरकंटक में आयोजित होगा जिले के प्रत्येक स्थान के लिए अक्षत कलश वितरण कार्यक्रम।

संतोष सोनी की 2 रचना का हुआ वाचन, नवांकुर पुस्तक में होगा प्रकाशन


*मंत्रणा*

किसकी टांग खींचना है कहाँ भगदड़ करना है कौन सामने, कौन पीछे होगा इस बात की हो रही मंत्रणा

किस पर किस बात का आरोप लगाना व छिपाना है क्या खोकर क्या पाना है कौन कामयाब होगा इस बात की हो रही मंत्रणा

जो काबिल है उसे करना है पंगु जो सख्त है, उसे बनाना है मूक जो सक्षम है, उससे कराना है चूक कब कहाँ कौन साधक बनेगा हो रही है इस बात पर मंत्रणा

मंत्रणा, किस पर लादना है भूत-प्रेत किसे करना है जिन्द के बस में कहाँ करना है बातें मंदिर-मस्जिद की कहाँ धर्म पर संकट बताना है हो रही है इन बातों पर मंत्रणा

कहाँ बाटना है शराब-कबाब कहाँ देना है गलत जबाब, कहाँ बताना है शूल को मखमल कहाँ बाटना है साड़ी साल कंबल हो रही इन बातों पर मंत्रणा

न हो बात जन सरोकार की उनके दारोमदार की नहीं है वो जिम्मेदार निज कमियों के छिपाने अपनी निज नाकामयाबियों को "आनंद" मिलजुल कर रहे मंत्रणा

*स्वरचित संतोष सोनी "आनंद" एडवोकेट*

*कविता*

वो आज आये हैं हाथ मिलाने को, जिंदगी में नया गीत गुनगुनाने को।

कल तक कहते थे बेसुरा है राग मेरा, आज अर्ज करते हैं मधुर गीत गाने को।

आड़े वक्त पर मेरे नमक लिए फिरते थे जो, इस वक्त वो आए हैं मरहम मुझे लगाने को।

सुना है मुझे वो अपना मान बैठे हैं, कल तलक मशगूल थे हमें सताने को।

वो गुनाहगर नहीं है अब भी कहते हैं, दोष अब लगा रहे नादान जमाने को।

हर जगह अलग पकाते थे खिचड़ी अपनी, "आनंद" अपना कहने लगे, दाल अपनी गलाने को।

*संतोष सोनी "आनंद" एडवोकेट-अनूपपुर*

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