भाजपा कार्यकर्ता को जिंदाबाद बोलना पड़ा भारी, कांग्रेसी कार्यकर्ता ने कर दी पिटाई, अस्पताल में भर्ती


अनूपपुर

अनूपपुर जिला मुख्यालय पॉलिटेक्निक कालेज में मतगणना के बाद विधानसभा अनूपपुर से भाजपा के बिसाहू लाल सिंह की जीत हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं को जमकर खुशी हुई, खुशी का इजहार करने के लिए पटाखा फोड़कर, मिठाई बांटकर, नाचकर, रैली निकालकर, नारे लगाकर कार्यकर्ता अपने आप मे मस्त रहे। इसी माहौल के बीच मुन्ना लाल यादव निवासी बरटोला ग्राम पंचायत सकरा अनूपपुर जो बिसाहू लाल पिता स्वर्गीय श्याम लाल यादव उम्र 60 निवासी बरटोला (सकरा) ने बताया कि वह खेती-किसानी मजदूरी का काम करता है। चम्मू कोल के घर के पास बिसाहू लाल सिंह जिंदाबाद शिवराज सिंह जिंदाबाद का नारा लगा रहा था। उसी समय रम्मू यादव नारा सुनकर उसके पास आया और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए बोला भाजपा के जीत का नारा क्यों लगा रहे हो। तब उसने बोला ठीक लगा रहा हूं वह जीते हैं। रम्मू यादव हाथ में रखे डंडे से मेरे सिर पर हमला कर दिया। सिर में मारने से सर व कान से खून निकलने लगा और मैं बेहोश होकर जमीन में गिर गया। आवाज लगाने पर गंगा यादव, शंकर यादव भी आ गए। फिर दोनों लोगों ने जिला अस्पताल अनूपपुर लेकर आए। जहां मुन्ना यादव का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।जिला अस्पताल ने इस मामले की सूचना अस्पताल चौकी को दी हैं जिसके बाद चौकी पुलिस ने पीड़ित का बयान लेकर मेडिकल कराकर पूरे मामले की जांच में लग गयी हैं। हार जीत तो होती रहती हैं मगर कांग्रेसी कार्यकर्ता हार का बदला इस तरह लेना, नियम कानून का उल्लंघन करना बिल्कुल उचित नही है।

*इनका कहना है*

मारपीट का मामला अस्पताल चौकी में आया है। पूरे मामले की जांच की जाएगी। अगर जांच में दोषी पाया गया मामला दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।

*अमर बर्मा कोतवाली प्रभारी अनूपपुर*


सरस्वती शिशु मंदिर में धूमधाम से संपन्न हुआ शिशु नगरी समारोह

*अरुण, उदय से प्राथमिक कक्षा के बच्चो एवम उनकी माताओं ने लिया विभिन्न कार्यक्रमों में भाग*


अनूपपुर

अनूपपुर में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर/उच्चतर मांध्यमिक विद्यालय अनूपपुर में संपन्न हुआ शिशु नगरी समारोह का कार्यक्रम। आज कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक रामलाल रौतेल केबिनेट मंत्री दर्जा कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्षद श्रीमती रेणु सोनी , श्रीमती  संध्या राय ने की विशिष्ट अतिथि शैलेंद्र सिंह , राम शिरोमणि शर्मा, आर एस मिश्रा चचाई, विद्यालय की कोषाध्यक्ष श्रीमती रमा मिश्रा  के साथ विद्यालय की अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी ,व्यवस्थापक आदर्श दुबे ,एवम विद्यालय के प्राचार्य सतीश सिंह प्रधान अध्यापक नियानंद जी की उपस्थिति रही । कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती जी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर संगीतमय वन्दना के साथ किया गया। शिशु वाटिका का बारह शैक्षिक विषयो का प्रतियोगिता के माध्यम से प्रदर्शन किया गया साथ ही माताओं के द्वारा  नृत्य ,भजन गायन ,मेंहदी प्रतियोगिता, राम कोशिल्या, कृष्ण यशोदा, लवकुश सीता की झांकी, कंचा प्रतियोगिता एवम साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए । प्रथम, दुतीय,तृतीय स्थान पर आने वाले भैया बहनों के साथ माताओं को पुरुस्कृत किया गया ,विद्यालय द्वारा आए हुए सभी जनो के लिए दोपहर भोजन की व्यवस्था विद्यालय द्वारा की गई । शिशु वाटिका प्रभारी उत्तरा सिंह दीदी के साथ विद्यालय के सभी शिक्षकों ,शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ , कार्यक्रम का सफल संचालन आचार्य संतोष शुक्ला किया।

खांड़ा की पहाड़ी में बाबा द्वारा बनाई गुफा बना आकर्षण का केंद्र, पहाड़ी में कर्चुली कालीन मूर्तियां


अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर से आठ कि,मी,दूर स्थित खांड़ा गांव के भिलाईडोंगरी पहाड़ के मध्य लगभग पचास वर्ष पूर्व एक आदिवासी बाबा द्वारा चट्टान को खोद कर बनाई गई गुफा आकर्षण का केंद्र बना रहता है,गुफा की समीप कर्चुली कालीन मूर्ति होने से भक्त जनों द्वारा मंदिर का रूप देखकर महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रत्येक वर्ष विशाल मेले का आयोजन करते है,पहाड़ के ऊपर सिद्धबाबा स्थल में आसपास कई गांव के ग्रामीणो के लिए धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है गुफा को देखने आसपास के लोगों के साथ अनूपपुर,बुढार एवं अन्य स्थानों के ग्रामीण एवं शहरी नागरिक जाते हैं ,गुफा में समय-समय पर वन क्षेत्र होने के कारण अनेकों वन्यजीव भी अपना अस्थाई रहबास बना कर रहने के प्रमाण मिलते हैं।

विदित है कि अनूपपुर जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर स्थित खांड़ा गांव एवं अनूपपुर वन परिक्षेत्र के पोड़ी बीट अंतर्गत खांड़ा गांव के समीप भिलाईडोंगरी नामक एक पहाड़ जो वन क्षेत्र से घिरा हुआ है में लगभग 50 वर्ष पूर्व शहडोल जिले के ढ़ोलकू(बलबाहरा)गांव के फुल्ली बैगा जिनका विवाह अनूपपुर जिले की खांड़ा गांव में हुआ रहा है के धार्मिक प्रवृत्ति के होने पर पुजारी बाबा बन जाने पर कहा जाता है कि ईश्वर द्वारा स्वपन्न आने पर पैदल भारत यात्रा कर वर्षों बाद वापस लौटने पर खांड़ा गांव में स्थित भिलाईडोंगरी के भीषण जंगल के बीच अपना रहवास बनाकर रहते हुए पहाड़ के बीच की चट्टान खोद कर गुफा बनाई जिसका मुख्य दरवाजा 5 फीट लंबा तथा अंदर 20 से 25 फीट लम्बा है जिसके अन्दर पचास से अधिक व्यक्ति बैठ-खडे हो सकते हैं पुजारी बाबा ग्रामीणों द्वारा दिए गए कच्चे अनाज का ही   अपने स्थल पर मिट्टी के बर्तन में खाना बनाकर आहार करते रहे तथा उस समय भीषण जंगल होने पर जंगलों से प्राप्त होने वाले फलो को ग्रहण करते रहे उनके द्वारा एक छोटा सा कुंआ के साथ खांड़ा के आसपास स्थित कर्चुली कालीन मंदिर से एक रेतीले मिट्टी के एक फिट ऊंची एवं चौड़ी नरसिंह देव की मूर्ति एवं दो फीट के लगभग ऊंचे काले पत्थर की शिवलिंग की स्थापना की जिसे ग्रामीण दरबरिहाई पहाड़ी में भक्तजन मंदिर का स्वरूप देते हुए स्थल को धार्मिक स्थल के रूप में विकसित किया।

ग्रामीणों ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा कई वर्ष पूर्व नरसिंंह देव की मूर्ति को चोरी कर ले गए रहे जो कुछ समय बाद फिर इस स्थान पर ला कर रख दिए,पुजारी बाबा की विगत 13 वर्ष पूर्व निधन हो जाने पर गुफा के समीप ही समाधि बनाते हुए ग्रामीणो द्वारा उनकी याद में प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर मेले का आयोजन करते है पहाड़ी के ऊपर सिद्धबाबा नमक स्थल ग्रामीणों का आस्था एवं धार्मिक स्थल बना हुआ है,यह क्षेत्र जिला मुख्यालय से आठ कि,मी,दूर जंगल के बीच होने पर अनूपपुर शहर एवं गांव के लोग विशेष अवसरों पर जाकर स्थल के दर्शन करते हुए समय व्यतीत करते हैं वन क्षेत्र से घिरे इस स्थल पर पूर्व से भालू,तेंदुआ एवं अन्य वन्यजीवो का रहवास एवं विचरण का क्षेत्र है विगत शनिवार की शाम अनूपपुर जिला के पर्यटन एवं पुरातत्व समिति के सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल ने अपने साथी विशाल चौधरी एवं विकास मिश्रा के साथ बाबा द्वारा खोदे गए गुफा एवं मंदिर की स्थल का भ्रमण किया स्थल के विकास एवं भव्यतापूर्ण बनाए रखने के लिए कुछ प्रयास किए जाने की आवश्यकता महसूस की गई।

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