पटवारियों की अनिश्चित कालीन हड़ताल, तहसील का चक्कर लगाकर परेशान हो रहे किसान


अनूपपुर

पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को जिले के न्यायालय अनूपपुर तहसील  के सामने धरना  बैठे हुए हैं। पटवारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते भूस्वामियों को दस्तावेजों के लिए भटकना पड़ रहा है। नहीं हो रहा है किसान एवं पक्ष कारों का कार्य तहसील कार्यालय के चक्कर लगाती लगती अन्य कार्य भी प्रभावित होते जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश पटवारी संघ के आव्हान पर जिले के  पटवारियों ने पिछले 17 दिनों से कलमबंद हड़ताल पर चले जाने का असर जिले भर के  सभी तहसीलों में दिखाई देने लगा है। यहां पर अब राजस्व संबंधी सभी तरह का काम बाबुओं के हवाले हो गए हैं। इसी वजह से भूस्वामियों को दस्तावेजों के लिए भटकना ही पड़ रहा है। दरअसल पटवारियों के हड़ताल पर चले जाने से भूमि संबंधी सभी तरह के काम पर अंकुश लग गया है। ऐसे में रिपोर्ट, दस्तावेज, नकल आदि मिलना भी मुश्किल हो गया है। इतना ही नहीं लोगों की पेशियां तक नहीं हो पा रही हैं। इस वजह से जिले की तहसीलों में लगभग हजारों राजस्व सहित अन्य प्रकरण अटक गए हैं। ऐसे में यहां पदस्थ एसडीएम, तहसीलदार,नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षकों पर काम का बोझ बढ़ गया  है। बता दें कि मध्यप्रदेश पटवारी संघ के नेतृत्व में पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया है।

*तहसील के बाहर कर रहें प्रदर्शन*

पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को अनूपपुर तहसील के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं । तहसील में सुबह 11 बजे से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और शहर से किसानों  का आना शुरू हो जाता है। वह यहां अपने काम के लिए तहसील तो पहुंचे, लेकिन उनको न तो दस्तावेज मिले और बाबुओं ने पेशी व काम की आगे की तारीख देकर वापस लौटा दिया जाता है।पटवारियों के हड़ताल पर जाने से जिले की चारो तहसील अनूपपुर, कोतमा, जैतहरी , राजेंद्रग्राम में लोग नामांतरण, सीमांकन, खसरा-खतौनी, नक्सा, रजिस्ट्री,बंटवारा,फसल गिरदावरी, पीएम-सीएम पेमेंट सहित खेती- किसानी से जुड़े अन्य काम पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।

मध्य प्रदेश पटवारी संघ के अनूपपुर जिला अध्यक्ष ने बताया कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं करेगी सरकार तब तक हम अनिश्चित हड़ताल पर रहेंगे और धरना प्रदर्शन के साथ- साथ अलग-अलग तरीके से कार्यक्रम करके सरकार की ध्यान अपनी तरफ लाने की कोशिश करेंगे ताकि सरकार हमें अपने वादे के मुताबिक हमसे बातचीत करें और हमारी मांगों को पूरी करें।

पटवारी संघ के कोतमा तहसील अध्यक्ष ने बताया कि "सरकार द्वारा वादा करने के बाद भी पटवारियों का ग्रेड पे 25 साल से यथावत 2100 रुपये है जिसे 2800 किया जाना था, लेकिन नहीं किया गया. इसी मांग को लेकर हमारी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

 दबंगो ने बंद किया रास्ता, ग्रामीण रास्ता खुलवाने कलेक्टर से लगाई गुहार


अनूपपुर/पुष्पराजगढ़

अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रौसरखार में आने-जाने के लिए रास्ता नहीं होने के कारण ग्रामीणों को का सामना करना पड़ रहा हैं। समस्या को लेकर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग कि की गांव एक व्यक्ति ने आने-जाने के रास्ते को बंद कर दिया और गाली गलौज, मारपीट करता है, उक्त व्यक्ति पर कार्रवाई की जाए। ग्राम रौसरखार में आने-जाने वाले आम रास्ते को गांव के ही व्यक्ति लोधी सिंह पिता बिसाहू सिंह और विजय सिंह पिता लोधी सिंह ने कांटो, झाड़ियों से बंद कर दिया हैं। जिससे ग्रामीणों और मवेशियों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि यह रास्ता पूर्वजों के समय से खुला था और सभी इससे आते-जाते थे। लेकिन कुछ दिनों से उक्त व्यक्ति द्वारा पूर्णतः रास्ते को बन्द कर दिया गया हैं। वह रास्ते से गुजरने वाले से गाली-गलौज करता हैं और मारपीट करने की धमकी देता है। ग्रामवासियों ने थाना करनपठार में रिपोर्ट दर्ज कराई,जिसके बाद पुलिस के कहने पर रास्ता खोला गया था। लेकिन फिर से रास्ते को बंद कर दिया गया हैं। उन्होंने कलेक्टर से उक्त व्यक्ति पर कार्रवाई की मांग की हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय वशिष्ठ ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, ग्रामीणों की मांग के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

30 दिन बाद फिर जिले में लौटा पांच हाथों का दल, वन विभाग लगा निगरानी में


अनूपपुर

पांच दंतैंल हाथियों का समूह 30 दिनों बाद पुनः छत्तीसगढ़ राज्य के वन परीक्षेत्र मरवाही में रहने बाद मंगलवार की सुबह मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला अंतर्गत कोतमा तहसील एवं वन परीक्षेत्र के पोड़ी गांव से लगे भेड़वा नाला के राजस्व क्षेत्र के जंगल में पहुंच कर विश्राम कर रहे हैं,हाथियों के समूह के आने पर वन विभाग का अमला मुस्तैदी से लगा हुआ है वही ग्रामीणों को हाथियों के नजदीक जाने से रोका जा रहा है, वही 41 हाथियों का समूह छत्तीसगढ़ राज्य के कोरबा जिला अंतर्गत पसान वन परीक्षेंत में विचरण कर रहा है जिसके छत्तीसगढ़ राज्य कोरबा जिले से मरवाही जिले की ओर आने की संभावना बन रही है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार 04 जुलाई एवं 13 अगस्त के मध्य 40 दिन तक पांच हाथियों का समूह छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परीक्षेत्र से मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला अंतर्गत जैतहरी तहसील एवं वन परीक्षेत्र के चोलना गांव से प्रवेश करता हुआ जैतहरी,अनूपपुर एवं कोतमा तहसीलों के विभिन्न ग्रामीण अंचल के ग्रामीण के घरों को तोड़फोड़ फसलों को नुकसान पहुचाते हुए कई लोगो को घायल भी किया था। 13 अगस्त की सुबह वन परीक्षेंत व तहसील कोतमा के पोडी बीट एवं गांव से सोन नदी पार कर मरवाही वन परीक्षेंत के इलाके में जाकर निरंतर 30 दिनों तक विचरण करते हुए एक बार फिर से मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश कर गया है,पांच हाथियों का समूह मंगलवार की सुबह छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत करहनी से भेडवानाला पार करते हुए मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला अंतर्गत वन परीक्षेंत एवं तहसील कोतमा अंतर्गत पोडी गांव के भेड़वानाला एवं सोननदी के मध्य राजस्व क्षेत्र के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं।

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