शनि दुर्गा मंदिर में हुई चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

चोर सूचना प्राप्त हुई कि सामतपुर गोविंदम होटल के पास स्थित श्री शनि दुर्गा मंदिर में मध्य रात्रि में पीछे का गेट का ताला तोड़कर मंदिर में रखी दान पेटी से चढ़ोतरी की राशि चोरी कर ली गई है। थाना प्रभारी कोतवाली के द्वारा इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। उक्त घटना पर अपराध क्रमांक 428/23 धारा 457 380 आईपीसी पंजीबद्ध करते हुए सूचना तंत्र एवं वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग करते हुए जांच प्रारंभ की गई।  मुखबिर सूचना से प्राप्त जानकारी के आधार पर एक अपचारी बालक उम्र 14 वर्ष को संदेह के आधार पर थाना लाकर पूछताछ की गई, पूछताछ के दौरान आरोपी ने उपरोक्त घटना दिनांक को श्री शनि दुर्गा मंदिर में चोरी करना स्वीकार किया जिसकी निशानदेही पर मंदिर से चोरी गई रकम को उसके घर में बनी अटारी से बरामद किया गया। अनूपपुर पुलिस के द्वारा कुछ घंटों में ही चोरी की घटना में पतासाजी व माल बरामद करने में सफलता प्राप्त की गई। उपरोक्त संपूर्ण कार्यवाही में प्रभारी थाना प्रभारी कोतवाली उनि संजय खलको,  सउनि. नागेश सिंह, आसूचना संकलन आरक्षक प्रकाश तिवारी का सराहनीय योगदान रहा।

रेलवे अधिकारियों की सांठ-गांठ से कैंटीन संचालक बेच रहा सड़ा गला सामान, हो सकती हैं अप्रिय घटना


रेलवे अधिकारियों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है रेलवे स्टेशन में हर रोज हजारों यात्रियों का आना जाना लगा रहता है कहने को तो रेलवे अधिकारियों ने की नियम कानून बना रखे पर सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि जिन नियमों को बनाया गया है क्या उन नियमों का पालन रेलवे स्टेशन पर पदस्थ अधिकारी कर्मचारी नहीं मानते उल्टा नियम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं वहीं गरीब ग्रामीणों को नियम कानून की धौंस दिखाते हैं रेलवे स्टेशन शहडोल में जिस तरह की भररेशाही चल रही है शहडोल रेलवे स्टेशन के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर आखिर कौन करेगा कार्यवाही..?

शहडोल

अंधेरे नगरी चौपट राजा टके सेर भाजी टके सेर खाजा ' की तर्ज पर चल रहा है शहडोल रेलवे स्टेशन यहां रेलवे का नियम कानून नहीं बल्कि  एक कथित पेटी कांट्रेक्टर विनोद सिंह का नियम कानून चलता है रेलवे स्टेशन के अधिकारी वही करते हैं जो कथित पेटी कांट्रेक्टर विनोद सिंह कहता है वहीं अगर शहडोल रेलवे स्टेशन के कैंटीन की बात करें तो रेलवे के नियम के अनुसार कुछ भी नहीं बिकता है बल्कि सडा गला सामान बेचा जाता है वहीं यात्रीयों द्वारा शिकायत भी की जाती है पर सुनने वाला कोई नहीं ऐसा ही ताजा मामला प्रकाश में आया है एक यात्री ने कैंटीन से सामान खरीदा और सामान खराब निकला जिसकी शिकायत भी यात्री ने कैंटीन संचालक को बताया वही कैंटीन संचालक के द्वारा यात्री को ही दबंगई से धमकाया गया।

 *यह है पुरा मामला* 

कस्टमर यात्री संदीप कटारे ने रात्रि दिनांक 11 सितंबर 2023 को 12 बजकर 55 मिनट पर एक मजा फ्रूटी 10 रुपए वाला लिया जोकि प्रिंट रेट 10 रुपये था और 12 रुपये का दिया जिसमें कैंटीन संचालक ने कहा कि 2 रुपये ठंडा करने का लगता है यात्री ने कहा ठीक है 12 रुपए दिए फिर जैसे मजा में पाइप डाला तो तुरंत मजा में चीटी व कीड़े निकलने लगे जिसे देख कर दंग रह गया और उसने कैंटीन संचालक को कहा और दिखाया भी तो कैंटीन संचालक ने कहा कि हम तो पैक समान बेचते है हमको नही पता कि कहा से कैसे चीटी आ गई आप कॉम्पनि को बोलो मुझे नही और कैंटीन संचालक ने यात्री को भगाने लगा ।वहां के आस पास के लोगो ने वीडियो भी बनाई और वीडियो में कैंटीन संचालक की हरकत व यात्री की बात और मजा की चीटी किड़े की वीडियो बनाई और मीडिया को भेजी और मजा के और पैकेट काउंटर के नीचे छुपाने लगा।

 *कैंटीन संचालक ने कोतवाली पुलिस को धमका के भगा दिया* 

उतने में सिटी कोतवाली पुलिस भी वहां से गुजर रही रही थी तो यात्री ने आवाज दी तो पुलिस आई और सभी मामले को पुलिस को बताया गया फिर पुलिस देखना चाही तो कैंटीन संचालक ने दबंगई से कहा की आपकी पुलिस का यहाँ से कोई लेना देना नही है क्योंकि यह दुकान रेलवे में आती है आप आर पी एफ ,जीआरपी लेके आओ तब कुछ बताऊंगा आप यहां से जा सकते हो।

 *आरपीएफ से शिकायत पर कार्यवाही शुन्य* 

वहीं यात्री ने आरपीएफ शहडोल को सारी घटना की जानकारी दी बड़े आश्चर्य की बात यह है कि शहडोल आरपीएफ ने कोई कार्यवाही कैंटीन संचालक पर नहीं की गई जो कई सवालों को जन्म देता है वहीं रेलवे स्टेशन के नियम कानून के अनुसार कैंटीन संचालक के द्वारा खुला आईटम नही बेचा जा सकता है सूत्रों से तो यह भी जानकारी मिली है की काउंटर से अवैध रूप से समोसा आलु बंडा चाय जैसे खुली चीज भी बिकती है और सुना है कि सिगरेट गुटका भी बिकता है और कैंटीन में जो जो चीजे बिकना चाहिए वह सब चीज बोर्ड में बस लिखी है लेकिन कुछ भी बिकता है वहीं मजा के पैकेट में कई प्रकार के दाग भी लगे हुए थे जैसे डेट तो ठीक थी ऐसा लग रहा था जैसे कई सालों से पैकेट रखे हुए थे और बेचा गया जिसकी वीडियो रेलवे के सभी बड़े अधिकारी को भेजा गया था ट्विटर के माध्यम से और शहडोल में रेलवे के सम्बंधित अधिकारी को भेजा गया और बिलासपुर डीआरएम को भी भेजा गया पर अभी तक कोई कार्यवाही रेलवे स्टेशन के अधिकारियों द्वारा नहीं किया गया।

 *जरा गंभीरता से सोचिए.....* 

जरा सोचिए शहडोल रेलवे स्टेशन पर हर रोज हजारों यात्रियों का आना जाना लगा रहता है वहीं रेलवे प्रशासन ने यात्रीयों के लिए अच्छी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कैंटीन का संचालक किया गया पर रेलवे स्टेशन पर पदस्थ अधिकारी कर्मचारीयों की लापरवाही के कारण आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है वहीं रेलवे स्टेशन की कैंटीन से सडागला समान बेचा जाता है पर न तो कोई कार्यवाही अधिकारियों द्वारा की जाती है और न जांच वहीं यात्रीयों ने रेलवे अधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि शहडोल रेलवे स्टेशन के कैंटीन संचालक पर कड़ी कार्यवाही कि जाए।

 *इनका कहना है* 

आपके द्वारा इस मामले की वीडियो व जानकारी मूझे दी गई है मैं जरूर जांच कराकर कार्यवाही करूँगा,और जो ट्वीट किया गया है ऊपर बड़े अधिकारियों को उनके द्वारा भी जांच चल रही है।

 *पंकज कुमार गुप्ता,सी एच आई,रेल विभाग शहडोल*

कर्मचारी के पास इतने प्रभार, माई की बगिया में आस्था के नाम पर लूट, कब होगी कार्यवाही


अनूपपुर/अमरकंटक

विगत कई महीनों से जिला प्रशासन द्वारा नगर परिषद अमरकंटक में कार्यरत कर्मचारी गणेश पाठक को माई की बगिया का प्रभारी बनाकर बैठा दिया गया है। जिनके द्वारा माई की बगिया में श्रद्धालु भक्तगणों से अनाप-शनाप वसूली की जा रही है, जैसे पूजा के नाम पर, जल परिवर्तन करने के लिए, अखंड धूनी की भस्म देने के बहाने, कन्या पूजन के बहाने इत्यादि अनेक कारण बना कर नर्मदा भक्तों को लूटा जा रहा है। अमरकंटक नगर वासियों की स्थानीय प्रशासन से मांग है की इस इस कर्मचारी को माई की बगिया से हटाया जाय। इसके स्थान पर किसी योग्य व्यक्ति को बैठाए जो चढ़ोत्री का सारा सामान शासन के खजाने में जमा करें एवं श्रद्धालु भक्तों से दुर्व्यवहार न करे, मां नर्मदा की पवित्र पुण्य उद्गम स्थली अमरकंटक यूं तो युगो युगो से आस्था का केंद्र बना हुआ है यहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु भक्तजन मां नर्मदा के दर्शन पूजन एवं स्नान के लिए आते हैं साथ ही यहां लाखों की संख्या में मां नर्मदा की परिक्रमा करने के लिए भारत के कोने कोने से भक्तजन आते हैं। मां नर्मदा के उद्गम कुंड से लगभग 01 किलोमीटर की दूरी पर माई की बगिया नामक एक स्थान है यहां मां नर्मदा की परिक्रमा करने वाले लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्त आते हैं गणेश पाठक कर्मचारी द्वारा अपने पुरे परिवार के सदस्यों से डरा धमका कर करवाते है रुपयों की उगाही अगर कोई भक्त पंडित जी के कहे अनुसार दान दक्षिणा नहीं देता तो उन्हें श्राप तथा डरा धमका कर रुपये की उगाही की जाती है। इसके अलावा माई की बगिया मे भक्तों द्वारा मां नर्मदा को भेंट स्वरूप दिए जाने वाला चढ़ोत्री कपड़ा साड़ी, नारियल, सोन -चांदी शासन को जमा करने के स्थान पर अपने पास रख अपने घर ले जाया जाता है। अमरकंटक नगर वासियों की मांग है की इस इस कर्मचारी को माई की बगिया से हटाया जाय। जिससे आस्था के नाम पर लूट बन्द हो जाए।

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