कोयला के अवैध परिवहन मामले में प्रतिष्ठित व्यापारियों का किया जा रहा है बदनाम


अनूपपुर

अनूपपुर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत कुछ दिनों पूर्व  सांधा मोड़ हाईवे के पास 40 टन कोयले का अवैध परिवहन करते पुलिस ने ट्रेलर वाहन को जब्त करते हुये पुलिस लाईन ग्राउंड में खड़ा करते हुये वाहन चालक व अन्य दो निवासी रूमगा थाना कोटमी छग के खिलाफ धारा 379, 414, 34, खान एवं खनित अधिनियम 1957 की धारा 4/21 के तहत मामला दर्ज किया गया। शहड़ोल जिले के ग्राम  खाड़ा  रामपुर के कोयला खदान से  कोयला  चोरी की  लगातार खबरे आती रहती हैं इस अवैध कोयला की चोरी में पुलिस कई बार कार्यवाही करके कई टन कोयला जप्त कर चुकी हैं। कोयले के अवैध  कार्यो का संचालन कौन कर रहा  हैं, इसका पता अभी तक नही चल पा  रहा हैं, खदान से अगर कोयला चोरी होकर डंप हो रहा हैं और वहाँ से अन्य जगह परिवहन किया जा रहा हैं तो यह जांच का विषय हैं और इस मामले में जनरल मैनेजर, सब एरिया मैनेजर टेक्निकल इंस्पेक्टर  पूरी तरह जिम्मेदार हैं। जो कोयला बटुरा रामपुर से चोरी हो रहा है उस मामले में शहड़ोल ज़िले के प्रतिष्ठित व्यापारी अशोक चतुर्वेदी, बद्री पाण्डेय व विजय यादव जो कोयला ट्रांसपोर्ट व अन्य कार्य करते है इनकी सफलता को देखते हुए इनके व्यापार के प्रतिद्वंद्वी जिनका व्यापार इनकी वजह से नही चल पा रहा है। उस कारण से कोयला चोरी के मामले में इन तीनो का नाम उछालकर बदनाम करने की साजिश की जा रही हैं। जब कि इन तीनो का कोयला चोरी मामले में कोई लेना देना नही है। जबकि कोयला चोरी के मामले में पुलिस मामले दर्ज करके पूरे मामले की जांच कर रही हैं। जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कोयला चोरी के मामले में संलिप्त लोगों का जल्द खुलासा हो जाएगा। सबसे बड़ी बात है यह हैं कि खदान परिसर से कोयला चोरी होकर कहि डंप होकर परिवहन हो रहा हैं तो कोल प्रबंधन व एसआईएसएफ क्या कर रही हैं। ऐसा लगता हैं कि इन सारे मामलो में कोल प्रबंधन व सुरक्षा गार्ड ही संदेह के घेरे में नजर  आ रहे है।

 विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी की पहली महिला विधायक हो सकती है एडवोकेट दीपा सिंह

*महिलाओं ने मांग हैं कि विधानसभा सीट से कॉग्रेस पार्टी से महिला को मिलना चाहिए टिकट*


अनूपपुर

अनूपपुर विधानसभा सीट में एडवोकेट दीपा सिंह पूर्व में दो बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी किस्मत को आजमा चुकी हैं जिस कारण से चुनावी रणनीति व बारीकियों के बारे में भलीभांति से वाकिफ हो चुकी हैं। दो बार चुनाव लड़ने के बाद कांग्रेस पार्टी की सदस्य बन गई। वर्तमान समय में कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ के पद पर कार्यरत हैं। एडवोकेट दीपा सिंह ने अपने पूरे तन मन धन से कांग्रेस पार्टी को अपनाते हुए लोगों की निस्वार्थ सेवा कर रही हैं। दीपा सिंह गांव गांव जाकर लोगो की समस्याओं से रूबरू होकर उनकी समस्या हल करने के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं। वकील होने के नाते न्यायालय में भी गरीबो के मदद के लिए हमेशा खड़ी रहती हैं। जिस कारण से गांव गांव में आम लोगो व महिलाओं के बीच अच्छा प्रभाव देखने को मिल रहा है ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं का कहना है की अनूपपुर जिला बनने के बाद अनूपपुर जिले के किसी भी विधानसभा सीट में अब तक किसी भी पार्टी के द्वारा महिला विधायक को टिकट नहीं दिया गया हैं। दीपा सिंह ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के पास अनूपपुर विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी की हैं। पहली बार अनूपपुर विधानसभा में कांग्रेस पार्टी किसी महिला विधायक को विधानसभा टिकट मिल सकती है, अगर महिला को टिकट मिल जाती हैं तो इस सीट पर कांग्रेस की धमाकेदार जीत होने के लिए कोई नही रोक सकता हैं। जिससे विधानसभा में महिलाओं के बीच एक अलग ही उमंग खुशी देखने को मिल सकती है। हालांकि वर्तमान स्थिति में कांग्रेस पार्टी में तीन दावेदार है जिसमें दो पुरुष एक महिला है। मगर इस बार महिला सब पर भारी पड़ सकती हैं। सूत्र बताते हैं कि इस बार कुछ नया हो सकता हैं। अब टिकट मिलने की उल्टी गिनती शुरू हो गयी हैं। बहुत ही जल्द सब कुछ साफ हो जाएगा।


कांग्रेस की सीट से रमेश सिंह जो पूर्व में अपर कलेक्टर के पद पर रह चुके हैं पहले दावेदार हैं जिन्होंने राजनीति में आने के लिए शासकीय नौकरी से इस्तीफा देकर कांग्रेस पार्टी पर अपना भरोसा जताते हुए वर्तमान में कांग्रेस जिला अध्यक्ष के पद पर होने के साथ ही साथ अनूपपुर विधानसभा सीट पर विधायक के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। इनकी पत्नी प्रीति सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष अनूपपुर के पद पर विराजमान है।लगातार 4 पंचवर्षीय ग्राम पंचायत चुनाव में जीत हासिल कर चुके ग्राम पंचायत खमरिया सरपंच विश्वनाथ सिंह कांग्रेस पार्टी से दूसरे दावेदार हैं। हालांकि विधानसभा अनूपपुर उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी से टिकट मिली थी मगर भाजपा से इनको करारी हार मिली थी जिस कारण से इस बार इनको टिकट मिलना बहुत हीं मुश्किल है।


एडवोकेट दीपा सिंह वर्तमान समय में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं जिला उपाध्यक्ष के पद पर रहकर विधानसभा चुनाव की तैयारी पर जुटी हुई है कहा जाता है की ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की पहली पसंद बन चुकी है एडवोकेट दीपा सिंह जिनके लिए ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि 2003 में अनूपपुर जिला बना जिसके बाद अब तक अनूपपुर जिले के किसी भी  विधानसभा में किसी भी महिला को विधायक बनने का मौका नहीं दिया गया किंतु अगर कांग्रेस पार्टी एडवोकेट दीपा सिंह पर भरोसा जताते हुए अनूपपुर विधानसभा सीट से टिकट देती है तो वह अनूपपुर विधानसभा की पहली महिला विधायक  होगी। अब अनूपपुर विधानसभा सीट के लिए दो ही प्रत्याशी टिकट की दावेदार दिख रहे है। अब दीपा सिंह टिकट की दौड़ में महिला होने के कारण सबसे आगे और सब पर भारी दिख रही हैं।


विद्यालय में नियम विरुद्ध रिश्तेदारों की भर्ती पर कलेक्टर से शिकायत, कार्यवाही नही तो करेंगे अनशन


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के देवगवां विद्यालय सहित संकुल अन्तर्गत संचालित विद्यालयों का नियम विरुद्ध भर्ती की गई है। जिसकी शिकायत अतिथि विद्यानों द्वारा कलेक्टर अनूपपुर को करते हुऐ, मामले पर कार्यवाई कि मांग किया गया है। उक्त शिकायत में उल्लेख किया गया है कि शासकीय प्राथमिक शाला जरहाटोला में नियमित शिक्षक तिलकधारी प्रजापति को शा० प्रा० विद्यालय राजाकछार में अटैच कर विद्यालय जरहाटोला में अतिथि शिक्षक कि भर्ती बिना विज्ञापन के नियम विरुद्ध तरीके से कर ली गई है। जबकि पूर्व में जरहाटोला विद्यालय में अतिथि शिक्षक कभी नहीं रखा गया, क्योंकि वहां पद रिक्त नहीं है। वहीं राजाकछार विद्यालय में पदस्थ अटैच शिक्षक रमाकांत पांडे को स्वास्थ्य का हवाला देकर संकुल प्रचार्य प्रजापति को राजा कछार विद्यालय में अटैच किया गया है। जबकि श्री पांडेय भी विद्यालय में प्रतिदिन उपस्थित होते हैं। अतिथि शिक्षक भर्ती की आवश्यकता राजाकछार विद्यालय में थी। जिसके लिऐ प्रगति पाण्डेय द्वारा आवेदन किया गया था और वहाँ से उन्हे पावती भी मिली थी।लेकिन राजाकछार विद्यालय में अतिथी शिक्षक कि भर्ती न करते हुऐ, जिम्मेदारों ने जरहा टोला विद्यालय में उसी संकुल के प्राथमिक शिक्षक प्रभारी एवं सरईटोला के शिक्षक श्रीकांत मिश्रा के बहू की भर्ती करवा ली गई है। साथ ही शासकीय प्राथमिक विद्यालय सरईटोला के प्रभारी श्रीकांत मिश्रा एवं संकुल प्रभारी साकिर के द्वारा पूर्व कार्यरत अतिथि शिक्षक रविन्द्र महरा को अन्यत्र विद्यालय में अटैच करवा कर, अपने विद्यालय में प्रभारी श्रीकांत मिश्रा कि बड़ी बहू की भर्ती गोपनीय ढंग से कर ली गई है। जो कि पूर्ण-रूपेण शासकीय नियमों के विरूद्ध है। इन सबके इतर संकुल अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल बेलियाबड़ी में भी जबरन अतिथि शिक्षक को हटाकर, वहां भी धांधली करते हुऐ। रिस्तेदार कि भर्ती कर ली गयी है। उक्त शिकायत में शिकायतकर्ताओं ने जिला कलेक्टर से मामले कि निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही का मांग किया गया है, एवं शिकायत पर उचित जांच कार्यवाई नही कि स्थिती में शिकायतकर्ताओं ने अनशन में बैठने की बात कही है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget