नगरपालिका ने पक्षपात कर लोगो को जमीन का पट्टा दिया, कलेक्टर से हुई शिकायत


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के नगर पालिका पर पक्षपात का आरोप लगाया गया हैं। नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 10 के रहवासियों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका पक्षपात कर लोगों को जमीन का पट्टा दिया है। इसकी शिकायत रहवासियों ने कलेक्टर से की है व जमीन के पट्टा की मांग की हैं।

उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि नगर पालिका स्थित वार्ड क्रमांक 10 शांति नगर में विगत 15 वर्षों से शासकीय भूमि पर गरीब परिवार झुकी झोपड़ी बनाकर रह रहे है। मुख्यमंत्री के आदेश अनुसार 17 लोगों जमीन का पट्टा दिया गया, किंतु 100 से अधिक रहवासियों को पट्टा प्रदान नहीं किया गया।

जबकि अन्य लाभार्थियों की तरह सभी पट्टा के लिए हकदार थे। और इसकी पात्रता भी रखते थे, लेकिन उसके बाद भी जानबूझकर इस प्रक्रिया में इन परिवारों को वंचित रखा गया। जिसके लिए उन्होंने अपनी व्यथा कलेक्टर को सुनाया और कलेक्टर से मांग किया कि भौतिक सत्यापन कराकर वंचित लोगों को पट्टा दिया जाए।

शासन की राशि का दुरुपयोग कर रहे है सरपंच, सचिव कलेक्टर से हुई शिकायत


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के ग्राम पंचायत पसला में पदस्थ सरपंच और सचिव पर शासन की राशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगा । जिसकी शिकायत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्टर से की। ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि ग्राम पंचायत पसला में पदस्थ सचिव दिलीप पाठक और सरपंच संतरी सिंह शासन से आने वाले विकास कार्यों के पैसों का दुरुपयोग कर रहे है। बिना पंचायत के प्रस्ताव के बिल वाउचर लगाकर राशि का आहरण किया जा रहा हैं।

इन का उपयोग सचिव एवं सरपंच अपने निजी कामों में उपयोग करते हैं। संबल योजना जैसे सहायता राशि भी ग्रामीण को समय पर नहीं मिलता। वर्षों बीत जाते है, गरीब मजदूर दर-दर भटकते रहते है। यहां तक कि संबल योजना में अधिक राशि का आहरण सचिव ने किया, न ही सचिव कार्यालय में उपस्थित रहते है और न किसी प्रकार के आय-व्यय पंजीकरण का संसाधन नहीं किया जाता। सरपंच पति रोहित सिंह ने शराब पीकर पंचायत कार्य में बाधा पैदा करता है। जिसके कारण शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम आदमी को नहीं मिल पा रहा है।

गांजा मामले में आरोपी को हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत, अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने की पैरवी


अनूपपुर

अनूपपुर कोतवाली पुलिस के द्वारा 28 जून 2023 को शाम 5:30 बजे सूचना मिलने पर ग्राम पंचायत मौहरी निवासी वाल्मीकि पेट्रोल पंप जैतहरी रोड के पास आरोपी बिहारी लाल गुप्ता के निर्माणाधीन घर पर छापा मार कार्यवाही करते हुए लगभग 50 किलोग्राम जिसकी कीमत 503650 गांजा को जप्त करते हुए मामले में बिहारी लाल गुप्ता को आरोपी बनाया गया। कार्यवाही के दौरान बिहारी लाल गुप्ता फरार होना बताया गया था  इस पूरे मामले की कार्यवाही को अंजाम देने में अनूपपुर कोतवाली के उप निरीक्षक त्रिलोक सिंह की  अहम भूमिका रही। फरार आरोपी बिहारी लाल गुप्ता के द्वारा अपनी दलीलों के लिए मुख्य विद्वान अधिवक्ता अभिषेक पांडे पिता मिथिलेश पांडे निवासी जमुना कॉलरी के माध्यम से हाई कोर्ट जबलपुर में अग्रिम जमानत हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था  अधिवक्ता अभिषेक पांडे द्वारा अपनी दलीलों से शासकीय अधिवक्ता के सवालों को धराशाही करते हुए पुलिस के द्वारा की गई कार्यवाही को दूषित सिद्ध किया। जिससे न्यायालय  के द्वारा अधिवक्ता की दलीलों को सही पाया और आरोपी बिहारी लाल गुप्ता की अग्रिम जमीन जमानत को स्वीकार किया। उच्च न्यायालय जबलपुर के न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की बेंच पर मामले को रखते हुए युवा अधिवक्ता अभिषेक पांडे ने जबरदस्त तरीके से दलील प्रस्तुत करते हुए कोतवाली पुलिस के करतूतो को  उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति के समक्ष रखा और बताया कि किस तरह से पुलिस के द्वारा आरोपी के अधूरे निर्माणधीन मकान से गांजा बरामद  किया गया और पुलिस के द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में आरोपी को पुलिस ने भागते हुए देखा था लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं की थी इसलिए यह साबित नहीं होता है की भागता हुआ व्यक्ति बिहारी लाल गुप्ता ही था ।इस आधार पर पुलिस की कार्यवाही को गलत ठहराते हुए गांजा के आरोपी बिहारी लाल गुप्ता को अग्रिम जमानत उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति के द्वारा प्रदान की गई। एनडीपीएस एक्ट जैसे संगीन अपराध में आरोपियों को अग्रिम जमानत नहीं मिलती है लेकिन पुलिस की लापरवाही और हाई कोर्ट जबलपुर के युवा विद्वान अधिवक्ता अभिषेक पांडे द्वारा शानदार तरीके से प्रस्तुत की गई दलील का परिणाम रहा कि आरोपी को अग्रिम जमानत मिली।

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