पंडित दीनदयाल रसोई योजना पर पड़ा डाका, पहले ही दिन खा गए गरीबों का निवाला?

*नगर पालिका पसान में उद्घाटन के साथ ही दीनदयाल रसोई योजना पर लगा पलीता*


अनूपपुर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा प्रारंभ की गई गरीबों के लिए दीनदयाल रसोई योजना का शुभारंभ 2 सितंबर 2023 को नगर पालिका परिषद पसान के भालूमाडा पुरानी नगर पालिका में दीनदयाल रसोई का शुभारंभ मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष अजय द्विवेदी के उपस्थिति में किया गया लेकिन इस योजना के प्रारंभ होने के साथ ही योजना दम तोड़ती हुई दिखाई दी यहां पर मुख्यमंत्री के मनसा अनुरूप गरीबों को ₹5 में भोजन उपलब्ध कराया जाना था जिसमें मेहनतकस मजदूर और गरीब वर्ग को शामिल करना था लेकिन नगर पालिका परिषद पसान के मुख्य नगर पालिका अधिकारी पहले ही दिन से दीनदयाल रसोई योजना को पलीता लगाते दिखाई दिए। यहां पर शुभारंभ के दिन ही गरीबों का कोई अता-पता नहीं था। बताया जा रहा है कि रसोई की शुभारंभ पर क्षेत्र के नेता व व्यापारी एवं नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारी दीनदयाल रसोई योजना के शुभारंभ के अवसर पर फीता काटकर भोजन ग्रहण किया जबकि गरीबों का दूर-दूर तक इस योजना का कोई लाभ प्राप्त नहीं हुआ ,इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भविष्य में इस योजना का कितना लाभ यहां के लोगों को मिल पाएगा ।योजना को पहले ही दिन से मटिया मेट करने में लगे मुख्य नगर पालिका अधिकारी शशांक आर्मो क्या भविष्य में इस तरह की योजना का लाभ गरीबों तक पहुंच पाएंगे यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन पहले ही दिन जो नजर आया उसे तो यही लगता है कि गरीबों के हक पर डाका डालने की योजना का शुभारंभ हो चुका है और इस योजना में नगर पालिका के महारथी शामिल हो चुके हैं।

*इस मामले पर जब सीएमओ शशांक आर्मो नगरपालिका परिषद पसान से बात करना चाहे तो उन्होंने कॉल रिसीव नही किया*

नोटिस का जबाब न देने पर हाई कोर्ट ने नगरपालिका सीएमओ 20 हजार का जमानती वारेंट किया जारी


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के नगरपालिका पालिका परिषद पसान के सीएमओ के विरुद्ध हाई कोर्ट जबलपुर ने 20 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया है। और 05 सितंबर 2023 को हाई कोर्ट जबलपुर में उपस्थित होने का आदेश दिया है। आ आ आ  अनूपपुर वार्ड़ नम्बर 09बिहारी कॉलोनी के निवासी धर्मेंद्र चौबे संविदाकार ने वर्ष 2010 से 2012 तक नगर पालिका परिषद पसान में विभिन्न निर्माण कार्य किये थे जिनका भुगतान टैक्स काट कर कर दिया गया था किंतु टीडीएस राशि जो की लगभग बारह लाख रुपये होती है नगर पालिका परिषद् द्वारा जमा नही किया गया था, इसके लिए धर्मेंद्र चौबे द्वारा कई बार लिखित आवेदन दिया गया परंतु नगर पालिका ने कोई ध्यान नही दिया जिससे संविदाकार परेशांन होकर धर्मेंद्र चौबे ने जबलपुर उच्च न्यायालय की शरण ली। अधिवक्ता दीपक पांडेय उच्च न्यायालय जबलपुर को अपना केस दिया, जिसके बाद अधिवक्ता ने सीएमओ को लीगल नोटिस भेजकर टीडीएस सर्टिफिकेट या उक्त राशि के भुगतान करने बावत रजिस्ट्रड पत्र भेजा था, जिसका नगर पालिका परिषद द्वारा कोई जवाब नही दिया गया। अधिवक्ता दीपक पांडेय द्वारा हाई कोर्ट जबलपुर में याचिका प्रस्तुत की गयी। मार्च 2023 में हाई कोर्ट ने नगर पालिका पसान और आयकर विभाग शहडोल को नोटिस जारी किया था, लगभग पांच महीने बाद फिर से केस लगा था, नगर पालिका सीएमओ द्वारा हाई कोर्ट के नोटिस के बावजूद जवाब नही दिये जाने और उदासीन रवैया व लापरवाही के कारण 01 सितंबर 2023 को न्यायालय ने रिस्पॉण्डेंट नम्बर दो को बीस हजार रुपये का जमानति वारंट जारी करते हुए 05 सितंबर 2023 को उपस्थित होने के निर्देश दिये हैं।

एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांगों को लेकर वकीलों ने किया धरना प्रदर्शन, सौपा ज्ञापन


अनुपपुर/कोतमा

अनुपपुर जिले की अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता मंच इकाई के पदाधिकारियों द्वारा 1 सितम्बर 2023 को अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौपा गया। विदित हो कि हमारे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2012 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में वकीलों की एक महा पंचायत बुलाई थी, जिसमें मुख्यमंत्री ने वकीलों से बात किये थे कि हम इसी सत्र में मध्य प्रदेश एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जल्द ही लेकर आएंगे किंतु अधिवक्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से कई बार आग्रह किया, किंतु मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए आज तक प्रोटेक्शन एक्ट लागू नही कर पाए, वही राजस्थान सरकार ने अधिवक्ताओं के लिए प्रोटेक्शन एक्ट बिल पास कर दिया है, और दिल्ली सरकार ने अधिवक्ताओं के लिए मेडिकल क्लेम पॉलिसी लागू कर दी है, जिसको लेकर अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता मंच इकाई अनुपपुर कोतमा द्वारा अधिवक्ताओं के हित के प्रोटेक्शन एक्ट की मांग करते शासन प्रशासन तक अपनी मांग पँहुचाते हुए धरना प्रदर्शन किए, और ज्ञापन सौपे, जिसमे अधिवक्ता मंच कोतमा के समस्त पदाधिकारी सुशील पांडेय, शिव विश्कर्मा, त्रिवेणी शकर तिवारी, राजेश सोनी मुकेश तिवारी, संजीव जायसवाल, प्रकाश तिवारी एवम समस्त वरिष्ठ एवम कनिष्ठ अधिवक्ता शामिल रहे।

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