पटवारी काम बन्द, बस्ता जमा करके गए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर


अनूपपुर

मध्यप्रदेश पटवारी संघ भोपाल के आव्हान पर प्रदेश के समस्त पटवारी अपनी 28 वर्ष पुरानी न्यायोचित मांगो हेतु आंदोलनरत है। इसी क्रम में अनूपपुर जिले में कलेक्टर को संबोधित कर दिनांक 21अगस्त 2023 को ज्ञापन प्रेषित किया गया था। जिसमें आंदोलन के दूसरे चरण में दिनांक 23 अगस्त 23 से 3 दिवस के सामूहिक अवकाश पर रहे व दिनांक 26 अगस्त 2023 को भोपाल में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया। परन्तु मध्यप्रदेश शासन ने पटवारियों की मांगो की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। शासन की पटवारियों के प्रति उपेक्षा से व्यथित होकर मध्यप्रदेश के पटवारी आंदोलन के तीसरे चरण में प्रवेश कर रहे हैं जिसमे से प्रदेश के समस्त पटवारी अनिश्चितकालीन कलमबंद / लैपटाप बंद हडताल पर रहेंगे। तहसील, कोतमा जिला अनूपपुर के समस्त पटवारी अपना चार्ज तहसील कार्यालय में जमा कर अनिश्चितकालीन हडताल पर जा रहे हैं जिसकी सूचना सादर प्रेसित की जा चुकी हैं।

 कोर्ट आदेश के बाद भी अनुकंपा नियुक्ति के लिए दर-दर भटक रहा आदिवासी युवक


अनूपपुर

भारत सरकार की उपक्रम कोल इंडिया के अनुसांगी कंपनी एस ईसीएल के जमुना कोतमा क्षेत्र  आमाडांड ओसीपी में मुंशी पद पर कार्यरत राम प्रीत सिंह पिता स्व विशंभर सिंह निवासी छोहरी पोस्ट लतार थाना भालूमाडा जिला अनूपपुर मध्य प्रदेश जिनका  1 दिसंबर 2011 को सेवा काल में निधन हो गया। तब से अनुकंपा नियुक्ति को लेकर स्वर्गीय राम प्रीत सिंह का परिवार जिसमें पत्नी चार बेटे और दो बेटियों का परिवार दर-दर की ठोकर खा रहा है। स्वर्गीय राम प्रीत सिंह पिता स्व विशंभर सिंह जानकारी के अनुसार आश्रित पुत्र अनुकंपा नियुक्ति को लेकर 2011 से लगातार प्रयास करता रहा किंतु अधिकारियों के चक्कर में उन्हें आज तक नौकरी नहीं मिल पाई जिसके चलते स्वर्गीय रामप्रीत सिंह के बड़े बेटे नौकरी के लिए ओवर ऐज होने के कारण सबसे छोटा बेटा रोहित सिंह 2021 में पुनः आवेदन प्रक्रिया चालू किया किंतु 2 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक नौकरी मिलने के आसार नहीं दिख रहे। स्वर्गीय रामप्रीत सिंह का छोटा पुत्र रोहित सिंह अपने शिकायत पत्र के माध्यम से थाना भालूमादा में मामला दर्ज कराया की कार्मिक प्रबंधक राजकुमार बंजारे द्वारा मुझे नौकरी दिलाने के एवज में ₹100000 की मांग की । किंतु रोहित द्वारा बताया गया कि 2011 से पिता जी की मृत्यु होने के पश्चात आर्थिक आय बंद हो गई जिससे  हमारे परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति होने के कारण मैं ₹100000 नहीं दे पाया बल्कि किस्तों में देने की बात रखी लेकिन कार्मिक प्रबंधक राजकुमार बंजारे द्वारा मेरी पूरी फाइल ही अपने घर उठा लेआएऔर आमाडांड ओसीपी में मे पिताजी की सर्विस सीट या कोई अन्य आवश्यक दस्तावेज है ही नहीं।

जिला आबकारी अधिकारी को लोकायुक्त ने 01 लाख 20 हजार की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार


उमरिया

उमरिया जिले में लोकायुक्त रीवा की आबकारी अधिकारी पर बड़ी ट्रैप कार्यवाही की हैं।  निपेंद्र सिंह पिता  नारेंद्र सिंह , निवासी ग्राम एवं थाना अमलाई ,तहसील बुढार ,जिला शहडोल मध्य प्रदेश लोकायुक्त में रीनी गुप्ता जिला आबकारी अधिकारी जिला उमरिया के खिलाफ 01 लाख 20 हजार रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। कार्यालय कक्ष जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय जिला उमरिया में लोकायुक्त ने आबकारी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए ट्रेस किया।

*यह है मामला*

शिकायतकर्ता निपेंद्र सिंह द्वारा शिकायत की गई थी कि जिला आबकारी अधिकारी उमरिया  श्रीमती रीनी गुप्ता द्वारा शराब जप्ती का झूठा केस न बनने के आवाज में रिश्वत मांगी जा रही है उसके द्वारा बहुत दिनों से बहुत परेशान किया जा रहा है, इस बात की शिकायत लोकायुक्त संभाग रीवा के पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह धाकड़ को की गई थी , उन्होंने इस शिकायत का सत्यापन कराया तो शिकायत सही पाई गई , वास्तविकता में जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती रीनी गुप्ता द्वारा 30,000 रुपए प्रति महीना,  4  महीने का कुल 1,20,000 रुपए की डिमांड की गई , जिस पर से आज ट्रेप कार्यवाही आयोजित की गई  और आज दिनांक 29.08.2023 को  आरोपिया द्वारा शिकायतकर्ता से 1,20,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया है, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है। लोकायुक्त की कार्यवाही में प्रवीण सिंह परिहार उप पुलिस अधीक्षक, प्रमेंद्र कुमार निरीक्षक,  सहित 12 सदस्यीय टीम शामिल रही।

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