शादी में गया किशोर 3 दिनों से था लापता नाले में मिला शव, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर/कोतमा

अनूपपुर जिले के कोतमा थाना अंतर्गत शनिवार की सुबह कूदना नाला में 16 वर्षीय किशोर का शव मिलने की सूचना कोतमा पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम उपरांत शव परिजनों को सौंप कर पुलिस जांच पर जुटी हुई है। पुलिस ने बताया कि 3 दिन पहले ही किशोर टीकम यादव की गुमशुदगी की शिकायत बिजुरी थाने पर दर्ज कराई गई थी। शनिवार की सुबह टीकम यादव निवासी नगाराबांध थाना बिजुरी का शव कूदना नाले में मिलने की सूचना मिली, जिस पर मामले की जांच में जुटी हुई है कि आखिर किशोर इस नाले तक कैसे पहुंचा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने उपरांत आगे की जांच की जाएगी। ज्ञात हो कि युवक टीकम 3 मई को अपने घर से बारात बड़ी बेलिया गया हुआ था। जो अपने घर नहीं पहुंचा था। जिसकी गुमशुदगी शिकायत बिजुरी थाने में की गई थी। जहां आज किशोर का शव बरामद हुआ है।

 फिजिक्स वाला एकैडमिक छात्रों को 160 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति देने की योजना 

*पिछले  एकैडमिक वर्ष में मेधावी छात्रों को पहले ही 100 करोड़ से अधिक का पुरस्कार दिया जा चुका है*


भारत के प्रमुख एड-टेक प्लेटफॉर्म, फिजिक्स वाला (पीडब्ल्यू) ने छात्रों की भारी मांग को ध्यान में रखते हुए अपने स्कॉलरशिप एडमिशन टेस्ट (एसएटी) के बहुप्रतीक्षित दूसरे संस्करण को लॉन्च करने की घोषणा की है। पीडब्ल्यू एसएटी 8वीं से 12वीं कक्षा के मेधावी जेईई/नीट उम्मीदवारों और ड्रॉपर्स के लिए 90% तक छात्रवृत्ति प्राप्त करने का मौका देता है, जिससे वे विद्यापीठ सेंटर्स में अनुभवी फैकल्टी सदस्यों से उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।

गुणवत्तापूर्ण ऑफ़लाइन शिक्षा को हर छात्र के लिए वहन करने योग्य व सुलभ बनाने के उद्देश्य से पीडब्ल्यू ने आने वाले एकैडमिक वर्ष में 160 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति देने की योजना बनाई है। पीडब्ल्यू एसएटी का आगामी चरण 2023 में प्रतिदिन 14 मई तक ऑनलाइन और 7 मई व् 14 मई को ऑफलाइन आयोजित किया जाएगा। छात्र पीडब्ल्यू ऐप या वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं और निकटतम विद्यापीठ सेंटर्स में ऑफलाइन परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

इस एकैडमिक वर्ष में फिजिक्स वाला पहले ही 100 करोड़ रुपये से अधिक की स्कॉलरशिप दे चुका है। अप्रैल 2023 तक 100k से अधिक छात्रों ने पीडब्ल्यू एसएटी के लिए पंजीकरण करा लिया है। पीडब्ल्यू एसएटी  ने अब तक 40,000 से अधिक छात्रों को सशक्त बनाया है, और आने वाले चरण में और अधिक छात्रों को इससे फायदा होने की उम्मीद है। बिहार, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, यूपी, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, असम, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ व  अन्य राज्यों में पीडब्ल्यू एसएटी कई चरणों में आयोजित हो रहा है।

पीडब्ल्यू एसएटी परीक्षा, जो छात्रों की मानसिक क्षमता और विद्यालयी योग्यता का आकलन करती है, पीडब्ल्यू के अत्यधिक अनुभवी फैकल्टी द्वारा डेवलप की गई है। ऑनलाइन/ऑफलाइन परीक्षा में आठवीं से बारहवीं कक्षा के लिए गणित, विज्ञान और मानसिक क्षमता शामिल है, जिसमें ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के लिए पीसीएम/पीसीबी शामिल है।

फिजिक्स वाला के संस्थापक और सीईओ अलख पांडे ने कहा, "हमारी पीडब्ल्यू एसएटी पहल पूरे भारत में योग्य छात्रों को स्कॉलरशिप और मेंटरशिप के माध्यम से विशेष शैक्षिक अवसर प्रदान करने के लिए फिजिक्स वाला की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारे छात्रवृत्ति कार्यक्रम को अधिक से अधिक छात्रों को सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, यही वजह है कि हम इसे कई चरणों में संचालित करते हैं।छात्र ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षा मोड में से किसी एक का चुनाव करने को स्वतंत्र हैं। आगामी एकैडमिक वर्ष में, मेधावी शिक्षार्थियों को 160 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप देने की योजना है, जिसमें पहले ही 100 करोड़ से अधिक की स्कॉलरशिप वितरित की जा चुकी है। पिछली परीक्षा में दस लाख से अधिक छात्रों की जबरदस्त प्रतिक्रिया वास्तव में प्रेरणादायक रही है, और हम आशा करते हैं कि भविष्य में और भी छात्रों को इससे फायदा मिलेगा।

फिजिक्स वाला के बारे में भारत का अग्रणी एड-टेक संस्थान, पीडब्ल्यू (फिजिक्स वाला), पारंपरिक प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग को फिर से परिभाषित कर रहा है, जो पूरी तरह से खर्चीले ऑफ़लाइन अध्ययन-अध्यापन पर निर्भर करता है। अलख पांडे और प्रतीक माहेश्वरी के दिमाग की उपज, पीडब्ल्यू को 2016 में यूट्यूब चैनल के रूप में शुरू किया गया, जिसमें खुद अलख पांडे जेईई और नीट के उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करते थे।  2020 में प्रतीक के साथ तकनीकी एकीकरण के बाद ऐप लॉन्च किया गया और फिर यह तेजी से आगे बढ़ा। इसने गेट, यूपीएससी, सीडीएस, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग, सीटीईटी और सीए सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों को तैयार करते हुए भारत के 101वें यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया है।  इसने करियर निर्माण और अपस्किलिंग के लिए पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स और पीडब्ल्यू स्किल्स भी लॉन्च किए हैं।

पीडब्ल्यू  छात्रों को मुफ्त और सशुल्क ऑनलाइन कोर्सेज ऑफर करता है।  यह भारत भर में विद्यापीठ और पाठशाला के माध्यम से ऑफलाइन और हाइब्रिड कोचिंग भी प्रदान करता है।  कंपनी के पास हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, मराठी, तेलुगु, कन्नड़ और गुजराती सहित सात भाषाओं में उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री का एक विशाल भंडार है।  पीडब्ल्यू के 48 यूट्यूब चैनलों में 23 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं और गूगल प्ले स्टोर पर 4.5 रेटिंग के साथ 10 मिलियन से अधिक ऐप डाउनलोड हैं। 360 डिग्री लर्निंग के लिए कंपनी ने छात्रों और कामकाजी पेशेवरों के लिए डिमांड वाले कौशल सीखने और आज की नौकरियों के लिए योग्य बनने के लिए अपस्किलिंग पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं। पीडब्ल्यू के  जेईई और नीट के उल्लेखनीय परिणाम कम खर्च में सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाले कोचिंग के साथ छात्रों की सेवा करने की अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं

9 माह बाद भी समस्या ही समस्या, क्या पानी के पाइपलाइन से ज्यादा आवश्यक था एयर कंडीशनर?


अनूपपुर/वनगंवा

नवगठित नगर परिषद वनगंवा की चकाचौंध के बीच, जेईएम पोर्टल से दना दन सरकारी सामान की खरीददारी की जानकारी सार्वजनिक हुआ एवं शिकायत के बाद 13 बिंदुओं के खरीदी को निरस्त भी कर दिया गया। कुछ गिनती के एयर कंडीशनर के लिए लिये लाखों का प्रस्ताव देखने को मिला जिनमे 4 लाख की कीमती एयर कंडीशनर कौतूहल का विषय बन गयी और सालों से गर्मियों में नगर परिषद को, जिस पानी की समस्या ने घेर रखा था वह आज भी यथावत जारी है।

अनूपपुर जिले के अंतर्गत अक्सर सुर्खियों में रहने वाले नगर परिषद बनगवां में अपने मूलभूत हक की लड़ाई के लिए जनता ने सड़क का रास्ता आजमाना पड़ गया। हम आपको बता दें कि नगर परिषद बनगवा में निर्वाचन के पूरे 9 महीने बीत चुके हैं मगर जनता को अभी तक मूलभूत आवश्यकताओं के लिए सड़क पर उतर के लड़ना पड़ रहा है।

यह बातें एक बेहद गम्भीर लापरवाही की तरफ इशारा कर रहीं है कि, जिस सरकार ने नल जल योजना के नाम पर हर घर को नल कनेक्शन से जोड़ने के नाम पर वोट लिया है आज उसी सरकार को अध्यक्षीय समर्थन देने नगर परिषद बनगवां की आवाम अपनी पानी की समस्या से पानी पानी हो गयी। निकाय चुनावों में प्रत्येक वार्डो के लिए जनप्रतिनिधि निर्वाचित हुए है परन्तु जनप्रतिनिधि अपने वार्ड की समस्याओ के लिए शासन से क्यों नहीं लड़ पा रहे हैं यह चिंता का विषय लगातार बन रहा है।

विगत दिनो शुक्रवार की सुबह वार्ड क्रमांक 1 के बनगवा दफाई और विशेषर दफाई के लोगों ने नगर परिषद का घेराव करने के लिए निकले तो उसे देखते हुये निर्वाचित अध्यक्ष एवं मुख्य नगर परिषद अधिकारी कार्यालय से ही निकल गए। जनता ने निराश होते हुए जनप्रतिनिधि एवं मुख्य नगर परिषद अधिकारी को खोजते हुए चाय की दुकान पर ही पहुंचकर घेर लिया। अब ये इस जनता को कौन समझाए की इस नगर के राजा और मंत्री का रूप नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ के लिए जो कार्य ज्यादा जरूरी है वही कार्य करने वह चाय दुकान पर गए थे।

हालांकि कई सवाल जन चर्चाओं में अभी भी चल रहे हैं कि, जनसेवा के लिए संविधान की शपथ लेकर आए हुए जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी अब जनता की समस्याओं से ही दूर भाग रहे हैं। विदित हो कि अध्यक्ष समेत सभी जनप्रतिनिधियों को निर्वाचन के 9 महीने बीत जाने बाद पाइपलाइन और पानी की समस्या की याद नही आयी।

अगर उन्हें यह मालूम था पानी का अकाल नगर में हर साल पड़ता है फिर गर्मी आने से पहले ही पीआईसी में पाइपलाइन के लिए प्रस्ताव क्यों नहीं बनाए गए। जल की समस्या इंसान की मूलभूत समस्या है जिसको सरकार से प्राप्त करने के लिए हर व्यक्ति के पास संवैधानिक अधिकार मौजूद है, फिर इतनी गम्भीर समस्या को हल्के में लेकर कैसे जाने दे सकती है नगर परिषद बनगवां? क्या संवेधानिक अधिकारों का उनकी नजर में कोई मोल नहीं है जो पानी की समस्या के लिए इतनी बड़ी लापरवाही बरती गई।

हम बता दे कि वार्ड क्रमांक 1 की पार्षद पार्वती पनिका द्वारा निर्वाचन के बाद लगातार पानी की समस्या को लेकर परिषद को अवगत कराया गया और इसके लिए आवेदन भी दिया गया था, मगर किसी भी अधिकारियों ने उस बात को गंभीरता से नहीं लिया और बेबस होकर वार्ड वासियों के साथ वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद पति जीतेन्द्र कुमार पनिका एवं वार्ड क्रमांक 4 के पार्षद पति भीम जयसवाल को सड़क पर उतरना पड़ा।

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