चिकवा, मीनाक्षी की सह पर लोकेंद्र, मनीष, राजू, धर्मवीर, संजय, जनदेल चेक पोस्ट को बना दिया लूट का अड्डा

*इंट्री वसूली की आधा सैकड़ा से ज्यादा शिकायतो के बाद भी बैरियल का वही हाल*


अनूपपुर

म.प्र. की सीमा व अनूपपुर जिले की अंतिम छोर पर स्थित वेंकटनगर चेक पोस्ट (खूंटाटोला) व रामनगर तिराहा चेक पोस्ट से निकलने वाली अंर्तराज्यीय वाहनों के जांच के नाम पर इंट्री की बड़े पैमाने पर अवैध वसूली किये जाने से ट्रक ड्राइवरों वा मालिकों को परेशान होना पड़ा रहा है। इसके पूर्व भी आरटीओ चेक पोस्ट में इंट्री के नाम हो रही रिश्वतखोरी पर केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने सीएम शिवराज सिंह व परिवहन मंत्री गाविंद सिंह राजपूत को पत्र लिख देश में मध्य-प्रदेश का नाम खराब होने तथा मामले को संज्ञान में लेकर सख्त और उचित कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था। जिसके बाद उक्त पत्र सोशल मीडिया में जमकर वाॅयरल हुआ था। इतना ही नही दोनो ही चेक पोस्ट में इंट्री के नाम पर रूपयों की मांग, ड्राइवरों से मारपीट, गाली-गलौज सहित अन्य 42 शिकायते सीएम हेल्पलाईन में दर्ज है। जहां मार्च 2022 से दर्ज इन प्रकरणों में एक भी प्रकरण का निराकरण नही होने पर परिवहन आयुक्त द्वारा जिला परिवहन अधिकारी राम सिया चिकवा तथा वेंकटनगर (खूंटाटोला) चेक पोस्ट व रामनगर चेक पोस्ट की प्रभारी प्रधान आरक्षक मीनाक्षी गोखले को कारण बताओं नोटिस भी जारी किया जा चुका है। लेकिन आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। 

*आधा सैकड़ा शिकायतें, फिर भी इंट्री वसूली*

म.प्र. व छत्तीसगढ़ के सीमा पर स्थित दो चेक पोस्ट जिनमें वेंकटनगर चेक पोस्ट (खूंटाटोला) सहित रामनगर तिराहा चेक पोस्ट है। वहीं रामनगर तिराहा चेक पोस्ट के झिरिया व डोला दो सब बेरियल है। इन दोनो की चेक पोस्टों में इंट्री के नाम पर आधा दर्जन से अधिक शिकायते लंबित है। जिसमें ट्रक मालिक विशाल पाठक ने इंट्री के नाम पर 3200 की मांग करने तथा रसीद नही देने, पंकज दुबे द्वारा हार्वेस्टर रोककर 8 हजार की मांग तथा चालान की रसीद नही देने, गौरव तिरथनी ने ड्राइवर को परेशान किये जाने, कागज छिनने व गाली गलौज कर पैसे की मांग करने, सत्ताराम जाट ने 8 अप्रैल 2022 को गाड़ी का फिटनेस खत्म बता कर फर्जी तरीके से 5 हजार रूपये उमेश यादव के खाते में आनलाईन ट्रांसफर करवाने तथा रसीद नही देने, शिकायतकर्ता उर्मिला ने रामनगर तिरहा चेक पोस्ट में टैक्स के हिसाब से पैसे न लेकर गाड़ियों को बिना चेक किये कम पैसे लेकर गाड़ी छोड़ने तथा प्रधान आरक्षक मीनाक्षी गोखले की दलाली में लोकेन्द्र शर्मा द्वारा वसूली करने, शिकायतकर्ता बबलू धोबी ने 2500 रूपये लेकर रसीद नही दिये जाने तथा शासन द्वारा अधिकृत रामनगर चेक पोस्ट के नाम पर 3 से 4 स्थानों पर रामनगर के नाम से चेक पोस्ट खोले जाने एवं चेक पोस्ट में प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा वसूली करने के साथ लगभग आधा सैकड़ा से ज्यादा शिकायते लंबित है।

*सीएम हेल्प लाईन में आधा सैकड़ा से ज्यादा शिकायतें*

चेक पोस्ट वेंकटनगर (खूंटाटोला) तथा रामनगर तिराहा चेक पोस्ट में अंतर्राज्यीय वाहनों के आने जाने पर इंट्री के नाम पर किये जा रही वसूली पर मार्च 2022 से अब तक 42 शिकायतें दर्ज है। सभी शिकायतों इंट्री के नाम पर रिश्वतखोरी से जुड़ा हुआ है। जहां दोनो ही चेक पोस्ट व रामनगर के दो बेरियल में चेक पोस्ट प्रभारी प्रधान आरक्षक मीनाक्षी गोखले द्वारा 6 प्राईवेट व्यक्तियों को रखा गया है। जो ट्रक चालको व मालिको से इंट्री के नाम पर अवैध वसूली कर रूपयों की मांग करने, वाहन के दस्तावेज को छिनने, गाली गलौज करने, कार्यवाही के नाम पर डराने तथा जबरन चेक पोस्ट में ट्रको को खड़ा करवाने के साथ कई आरोप है। जन चर्चा है कि प्राईवेट व्यक्ति लोकेन्द्र शर्मा अपने आप को परिवहन मंत्री का नजदीकी बताता है, जिसके कारण सैकड़ों शिकायतों के बाद भी परिवहन अधिकारी व चेक पोस्ट प्रभारी उक्त अनाधिकृत व्यक्ति को चेक पोस्ट हटाने से डरते है।

*प्रभारी ने रखे 6 वसूलीबाज*

चेक पोस्ट में चेक पोस्ट प्रभारी मीनाक्षी गोखले द्वारा अनाधिकृत रूप से 6 प्राइवेट व्यक्ति जिनमें लोकेन्द्र शर्मा, राजू राठौर, धर्मवीर तोमर, संजय, जनदेल बघेल उर्फ पाल बाबू तथा मनीष के माध्यम से ट्रक चालको व मालिको से इंट्री के नाम पर 3 से 4 हजार रूपयें की मांग तथा ट्रक चालको से मारपीट तथा गाली गालौज करने तक करते है। लेकिन सीएम हेल्पलाईन में इन प्राइवेट व्यक्तियों का जिक्र नही हो पाता जिसका फायदा उठाते हुये एक वर्ष बाद सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों को बंद कर दिया जाता है। 

*वेंकटनगर में राजू तो रामनगर में मनीष चलाते है चेक पोस्ट*

वेंकटनगर (खूंटाटोला) तथा रामनगर तिराहा चेक पोस्ट में जहां अनाधिकृत रूप से प्राइवेट व्यक्ति लोकेन्द्र शर्मा अपना कब्जा जमाये हुये है। इसके पूर्व तत्कालीन चेक पोस्ट प्रभारी ऋतु शुक्ला की लगातार शिकायतों के बाद परिवहन आयुक्त ने उन्हे निलंबित करते हुये मुख्यालय बुला लिया गया था। वहीं अनाधिकृत व्यक्ति लोकेन्द्र शर्मा की भी शिकायत कम होने का नाम नही ले रही थी। जिसके बाद लोकेन्द्र शर्मा के कहने पर चेक पोस्ट प्रभारी मीनाक्षी गोखले ने अन्य 6 व्यक्तियों को इंट्री वसूली के लिये अनाधिकृत तौर पर चेक पोस्ट में रख लिया और वेंकटनगर खूंटाटोला चेक पोस्ट की कमान राजू राठौर तथा रामनगर चेक पोस्ट की कमान मनीष सिंह बघेल को सौंप दी गई है तथा इनसे हिसाब किताब लिया जाता है। कमान संभाले दोनो प्राइवेट व्यक्ति द्वारा चेक पोस्ट में अन्य राज्यो से म.प्र. आने वाले सभी वाहनो की जांच, ओव्हर लोड़ वाहनों पर चालानी कार्यवाही के साथ परमिट खत्म होने पर धारा 66/192 की कार्यवाही सहित अन्य कार्य वर्तमान समय में इनके द्वारा ही किया जा है। इतना ही नही लोकेन्द्र शर्मा द्वारा अनूपपुर जिले के ट्रक मालिको से सीधे संपर्क कर उनसे इंट्री के नाम पर ली जाने वाली राशि में 15 प्रतिशत तक छूट ऑफर भी दिया जा रहा है। जिसके लिये वेंकटनगर, जैतहरी, अनूपपुर, कोतमा, बिजुरी, रामनगर सहित अन्य स्थानों के ट्रक मालिक अब सीधे लोकेन्द्र शर्मा से सीधे संपर्क करते है। 

*इनका कहना है*

दोनो ही चेक पोस्ट में किसी भी प्राइवेट व्यक्तियों को नही रखा गया है। मै किसी भी प्राइवेट व्यक्तियों को नही जानता हॅॅू। चेक पोस्ट में अगर अवैध इंट्री वसूली हो रही है तो निश्चित ही कार्यवाही की जायेगी।

*आर एस चिकवा, जिला परिवहन अधिकारी अनूपपुर*

देवस्थल पर कब्जा कर बनाया खलिहान, सरपंच व ग्रामीणों ने सीमांकन करा अतिक्रमण हटाने की मांग


अनूपपुर

अनूपपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत परसवार के ग्राम मौहरी में कोयलारीटोला में स्थित देवस्थल पर पड़ोस के पट्टेदार द्वारा खलिहान एवं निस्तार सामग्री रखने के नाम पर अतिक्रमण कर रखे जाने पर आपत्ति करते हुए ग्राम पंचायत सरपंच एवं ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को जनसुनवाई के दौरान आवेदन दे कर देवस्थल के लिए आरक्षित शासकीय भूमि का सीमांकन कराए जाने तथा किए गए अतिक्रमण को हटाकर स्थल को सुरक्षित किए जाने की मांग की है।

इस संबंध में ग्राम पंचायत परसवार सरपंच श्रीमती संतोषी बाई कोल एवं ग्राम मौहरी के कोयलारी टोला के ग्रामीणों द्वारा जन सुनवाई के दौरान कलेक्टर कार्यालय में सौपे गए दस्तावेज एवं पत्रों में उल्लेख करते हुए बताया कि ग्राम मौहरी के कोयलारीटोला में विगत 70 वर्षों से ग्रामीण जन शासकीय भूमि खसरा नंबर 156/1ख रकवा 0, 214 हे,भूमि सुरक्षित है पर पर विगत कई वर्षों से पड़ोस के ग्राम दुलहरा निवासी तुलीराम पटेल पिता गोवर्धन पटेल जो देवस्थल से लगी भूमि को खरीद कर अपना मकान व खेत-वाड़ी बना रखा है जिससे लगी देवस्थल की भूमि की ओर अपना दरवाजा निकालकर देवस्थल की भूमि पर दिन पर दिन अवैध रूप से कब्जा करते आ रहा है वर्तमान समय में तुलीराम पटेल अपने परिवार के साथ देवस्थल की भूमि को कब्जा कर खलिहान बना रखा है वही ट्रैक्टर व अपनी अन्य निजी सामग्रियों को रख कब्जा किए हुए हैं जिससे ग्रामीणों को एकमात्र देवस्थल में पूजा पाठ व अन्य धार्मिक आयोजन करने में परेशानी हो रही है जिसे हटाए जाने की बात पर अवैध कब्जाधारी पटेल व उसके परिजन आदिवासी समुदाय के ग्रामीणों के साथ अभद्रता कर गाली-गलौज व मारपीट करने तक को तैयार रहता है ग्रामीणों द्वारा विगत 15 वर्षों से निरंतर जिला प्रशासन जिले के जनप्रतिनिधियों के समक्ष गांव के एक मात्र सार्वजनिक देवस्थल की भूमि को बचाए रखने के लिए स्थल के सीमांकन कराए जाने व अतिक्रमण किए गए स्थल को मुक्त कराते हुए देवस्थल की भूमि को सुरक्षित कराए जाने की मांग की है किंतु अब तक जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा किसी भी तरह का हस्तक्षेप न किए जाने से अतिक्रमणकारी पटेल के हौसले बढ़ते जा रहे हैं जिससे वह धीरे-धीरे पूरे देवस्थल को अपने कब्जे में कर रखा है जिसे हटाए जाने हेतु एक फिर से ग्रामीणों ने सरपंच के साथ कलेक्टर अनूपपुर को दस्तावेजों सहित पत्र सौंपकर स्थल का सीमांकन कराने एवं अतिक्रमण को हटवाते हुए स्थल को सुरक्षित कराए जाने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट से डॉ. एस एम मंसूरी को मिली जीत, पुलिस कर्मियों को लगा बड़ा झटका


अनूपपुर

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में हाईकोर्ट का आदेश पलट दिया है सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि कोई ड्यूटी नहीं करता तो उसके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं है अनूपपुर के बहुचर्चित डॉक्टर मंसूरी प्रकरण सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया मामला 23 साल पुराने प्रकरण में पुलिस कर्मियों को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अभियोजन की अनुमति नहीं होने के कारण अनुपपुर न्यायालय द्वारा दर्ज किए गए प्रकरण को खारिज कर दिया था जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में डॉक्टर मंसूरी परिवार की ओर से अपील दायर की गई थी सुप्रीम कोर्ट के दो सदस्य युगल पीठ के जस्टिस अभय ओक तथा जस्टिस राजेश बिंदल ने स्पेशल लीव पिटिशन स्वीकार की और कहा कि आधिकारिक कर्तव्यों का पालन स्पष्ट नहीं होने पर शासन के अभियोजन की अनुमति आवश्यक नहीं है युगल पीठ ने निचली अदालत द्वारा आरोपों को सही मानते हुए हाईकोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया

अनूपपुर न्यायालय में डॉ एस. एम मंसूरी द्वारा प्रस्तुत परिवाद जो जिसमें उन्होंने बताया था कि उनकी बहू की तरफ से जबलपुर महिला थाना में उनके पुत्र एवं परिवारजनों के विरुद्ध दहेज प्रताड़ना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी पुलिस ने धारा 498, 506, 34 तथा दहेज एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था महिला थाना में पदस्थ एएसआई सुरेखा परमार, टीआई लक्ष्मी कुशवाहा, कांस्टेबल मीणा गोसाई, उषा गुप्ता, अकील खान प्रमोद शर्मा रोहिणी प्रसाद लखन सिंह, व पूर्व बहू महजबी, उनके चार भाई, फिरोज अहमद, मोहम्मद रियाज, अब्दुल वहीद, मोहम्मद सादिक सभी 7 जुलाई 2000 की सुबह 5 बजे अनूपपुर उनके घर पर दबिश दी थी सभी ने उनके उनकी पत्नी, पुत्रों, और पुत्री के साथ बदसलूकी गाली गलौज मारपीट लूटपाट करते हुए अपराधिक कृत्य किया था उसके बाद उन्हें अनूपपुर थाना लाया गया था और वहां 30 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी रिश्वत नहीं देने पर हथकड़ी लगाकर घुमाया था अपने साथ घटित घटना के विरोध में कार्रवाई हेतु अनूपपुर न्यायालय में परिवाद दायर किया था जिस पर न्यायालय ने 24 लोगों की गवाही के उपरांत 8 पुलिसकर्मियों और 5 अन्य कुल 13 लोगों के विरुद्ध धारा 147, 323, 294, 506 बी, 34 के तहत प्रकरण दर्ज करने का आदेश जारी किया था जिला न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए पुलिसकर्मियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जबलपुर हाईकोर्ट के न्यायाधीश आर. सी. मिश्रा ने 2 मई 2010 को याचिका खारिज कर दी थी और इस बात की स्वतंत्रता दी थी कि याचिकाकर्ता चाहे तो निचली अदालत में उठाए गए बिंदुओं को उठाने के लिए स्वतंत्र है। हाईकोर्ट में डॉक्टर मंसूरी की ओर से एडवोकेट अरविंद श्रीवास्तव ने पैरवी की थी।

इसके बाद अनूपपुर न्यायालय ने अनावेदक पुलिसकर्मियों व अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय कर किए थे , जिसके बाद परिवाद की मुख्य आरोपी सुरेखा परमार एस. आई ने दूसरी बार हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी हाई कोर्ट जबलपुर ने धारा 197 के तहत शासन से अभियोजन की अनुमति नहीं होने के कारण अनूपपुर न्यायालय के आदेश को खारिज करने की मांग की थी जिसे स्वीकार करते हुए मुख्य आरोपी पुलिस कर्मी का नाम डिस्चार्ज कर दिया गया था, इसी बीच डॉक्टर एस. एम. मंसूरी का देहांत हो गया।

हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ डॉक्टर मंसूरी के पुत्र डॉक्टर मुस्ताक मंसूरी ने उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में स्पेशल लीव पिटिशन दायर की सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले का अवलोकन करते पाया कि महिला थाना जबलपुर के अधिकार क्षेत्र में अनूपपुर थाना नहीं आता है इसके बावजूद भी पुलिस टीम ने सुबह 5 बजे दबिश दी थी अधिकारिक कर्तव्य स्पष्ट नहीं होने के कारण शासन की अभियोजन की अनुमति आवश्यक नहीं है सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए अनूपपुर न्यायालय के आदेश को सही करार दिया डा मंसूरी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट नवीन कुमार सिंह ने पैरवी की अनूपपुर न्यायालय में डॉक्टर मंसूरी की ओर से एडवोकेट साबिर अली पैरवी कर रहे हैं।

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