मौसम का मिजाज अचानक बदला, गलन वाली ठंड बढ़ी, घास पर जम ओंस की बूंदे


अनूपपुर

मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली अमरकंटक में आज शुक्रवार की सुबह पूरे मैदानी क्षेत्र व नदी तटीय क्षेत्रों में बर्फ की चादर बहुत ज्यादा जम गई थी गलन भरा प्रातःकाल रहा। शासकीय उद्यान के अनेक क्षेत्रों में बर्फ की चादर जैसा नजर आया वही नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्रों में भी ज्यादा ठंड का प्रकोप दिखा तथा अमरकंटक के मैदानी क्षेत्रों व वैतरणी नदी , कपिला नदी क्षेत्रो में भी घास पर बर्फ जमा दिखा।

वैसे देखा जाता था की दिसंबर माह तथा जनवरी माह तक में अमरकंटक में बर्फ की चादर पड़ी दिख जाया करती थी पर इस बार ऐसा नहीं हुआ। फरवरी माह के शुरुआती दिनों में इस बार बर्फ जमा, गलन भी खूब रही । लोगो को अलाव का सहारा लेना पड़ा । प्रशासन को तनिक भी आभास नहीं था की अचानक इतनी गलन भरा दिन आ जायेगा जिससे अलाव की व्यवस्था समय पर किया जा सके । वैसे ठंड कई दिनों से पड़ ही रही थी लेकिन बर्फ जमेगा यह अनुमान नहीं था । शांतिकुटी आश्रम के संत महामंडलेश्वर रामभूषण दास जी ने बताया की यह जो आज बर्फ पड़ा है ,अचानक ही हो गया । यह इस वर्ष का पहला बर्फ ही है जो इतना ज्यादा ओस की बूंदे जमी नजर आयी है ,मानो प्रकृति ने सफेद चादर धरती पर बिछा दी हो ।

ट्रक ने अधेड़ को मारी ठोकर घटना स्थल पर हुई मौत, ट्रक जप्त वाहन चालक फरार


अनूपपुर/जैतहरी

अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना अंतर्गत ग्राम धनगवां पड़रिया निवासी पूरन सिंह पिता वीरन सिंह राठौर उम्र लगभग 50 वर्ष जो म शुक्रवार को बाजार खुटाटोला घर के लिए घरेलू सामग्री लेने के लिए लगभग 3 बजे  मेंन रोड में ऑटो या बस के इंतजार में सड़क के किनारे खड़ा था तभी तेज रफ्तार से वेंकटनगर से अनूपपुर की और जा रहे ट्रक क्रमांक CG 20 BD 1018 के चालक द्वारा लापरवाही से चलाते हुए ठोकर मार दिया  जिसकी घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई जिसकी जानकारी स्थानीय लोगो द्वारा जैतहरी थाने को पुलिस द्वारा घटना स्थल पर पहुच कर शव का पंचनामा बनाकर मर्ग कायम करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया पुलिस द्वारा ट्रक को जप्त कर ट्रक चालक की खोजबीन की जा रही है।

वन विभाग की लापरवाही से नर्सरी में लगी भीषण आग, फलदार पौधे झुलसे


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के वन परिक्षेत्र बिजुरी अंतर्गत वार्ड क्रमांक 12 वन विकास निगम अंतर्गत फलदार पौधे व वृक्ष लगाए हुए थे जिसमें आज दिनांक भीषण आग लग जाने के कारण वहां पर लगे पेड़ पौधे झुलस गए हैं। दोपहर 1 बजे भीषण आग लगने के लगभग 3 घंटे बीतने के बाद भी वन परीक्षेत्र अंतर्गत कोई भी कर्मचारी व अधिकारी मौके पर नही पहुंचा जिससे साफ तौर से ये अनुमान लगाया जा सकता है कि फारेस्ट कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही के कारण हजारों की संख्या में पेड़ झुलस गए 

हालांकि मौके पर  वार्ड पार्षद पति व नपा की फायर ब्रिगेड की गाड़ी  व पुलिस की 100 नंबर की गाड़ी मौके पर पहुंच कर कर्मचारियों द्वारा आग बुझाने का प्रयास किया गया लेकिन जिस जगह पर आग लगी थी उस जगह को कांटेदार तार से घिरे होने के कारण नगर पालिका की फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं ले जाए जा सका जिससे नगर पालिका के कर्मचारियों व वन निगम के गार्ड को झाड़ियों के माध्यम से ठोक ठोक कर बुझाने को मजबूर थे जिससे कड़ी मशक्कत करनी पड़ी जिसके बाद आग पर काबू पा लिया गया  आग बुझने तक फॉरेस्ट के कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं थे उपस्थित जहां कहीं ना कहीं फॉरेस्ट रेंजर की लापरवाही देखने को मिली जिसके कारण छोटे-छोटे पौधे सहित फलदार वृक्ष झुलस गए हैं... आखिर इसका जिम्मेदार कौन है। क्या वन विभाग के बड़े अधिकारी जिम्मेदारों पर  कार्यवाही करेंगे।

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