रक्तदान, महादान, जीवनदान, एमबी पावर सीएसआर ने शिविर लगाकर 46 यूनिट रक्त किया संग्रहित 


 

अनूपपुर 

हिंदुस्तान पावर समूह के ताप विद्युत उपक्रम एमबी पावर की सीएसआर शाखा ने क्षेत्र में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के  प्रयासों के तहत अनूपपुर और शहडोल जिला ब्लड बैंक के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। कंपनी परिसर स्थित अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर में कंपनी कर्मियॊं, उनके परिवार के सदस्यों और कामगारों ने रक्तदान किया। शिविर में कुल 46 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ। 

शिविर के आयोजन से पहले रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और रक्तदान की महत्ता व लाभों से अवगत कराने के लिए जागरुकता सत्रों का आयोजन किया गया। कंपनी के प्लांट हेड एवं सीओओ बसंता कुमार मिश्रा ने शिविर में उपस्थित होकर रक्तदाताओं को उत्साहित किया। उन्होंने कहा, " रक्तदान न सिर्फ मानवीय कार्य है, बल्कि यह रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायी है। ऐसी पहल जिंदगी  बचाने की दिशा में प्रेरक पहल है।" शिविर के आयोजन में सीएसआर विभाग के शुभाशीष चक्रवर्ती ने समन्वयक की भूमिका निभाई । इस रक्तदान शिविर से अनूपपुर और शहडोल ब्लड बैंक दोनों लाभान्वित होंगे। यह पहल रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में स्वास्थ्य प्रशासन के प्रयासों की एक कड़ी है। इन सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र दिए गये। 

कंपनी के मानव संसाधन एवं प्रशासन विभाग के महाप्रबंधक  आरके खटाना ने भी रक्तदान कर लोगों को इस मानवीय कार्य के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिविर की तैयारियों का जायजा भी लिया। इस मौके पर अनूपपुर के सीएमएचओ डा. एससी राय भी उपस्थित थे। सीएसआर के अधिकारी सत्यम सलील ने रक्तदाताओं के प्रति आभार जताया। रक्तदाताओं में से एक अरविंद कुमार सिंह कहते हैं, " रक्तदान महादान है। मैं इसे मानवतावादी कार्य मानता हूं।" यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है।"

उल्लेखनीय है कि एमबी पावर का सीएसआर विभाग पिछले कई वर्षों से रक्तदान शिविर आयोजित कर क्षेत्र में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है।

शौचालय निर्माण की 9 लाख की राशि का गबन पर पूर्व रोजगार सहायक को सीईओ ने भेजा जेल


अनूपपुर

स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वीकृत शौचालय निर्माण कार्य में 77 हितग्राहियों के नाम कूट रचना कर 9 लाख 24 हजार का भुगतान न होना जांच के दौरान आरोप प्रमाणित पाए जाने पर जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत गोधन के पूर्व रोजगार सहायक वीरेंद्र केवट को जिला पंचायत द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर वसूली की राशि 9 लाख 24 हज़ार जिला पंचायत के खाते में जमा कर रसीद सहित जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया था, परंतु संबंधित द्वारा वसूली की राशि जमा नहीं करने पर 24 मई न्यायालय कलेक्टर अनूपपुर के समक्ष में सुनवाई कर वीरेंद्र केवट से राशि वसूली हेतु भी आदेशित किया गया था। किन्तु राशि जमा नहीं होने पर अपर कलेक्टर (विकास) अभय सिंह ओहरिया ने मंगलवार को पूर्व ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत गोधन को मामला मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 की धारा 2 जा, फौ,के तहत 31 जनवरी से 1 मार्च तक जिला जेल में निरूद्ध करने के आदेश जारी करते हुए जिला जेल के जेलर को अनावेदक को 31 जनवरी को कार्यालय जिला पंचायत अनूपपुर में हाजिर कराने को भी कहा हैं। जिला पंचायत के विहित अधिकारी अपर कलेक्टर (विकास) अभय सिंह ओहरिया ने वसूली हेतु 25 जनवरी को पुनः कारण बताओ नोटिस जारी कर वीरेंद्र केवट को अंतिम सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए वसूली राशि जमा कर 31 जनवरी 2023 को अपराह्न 2:00 बजे कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने तथा अनुपस्थिति एवं प्रस्तुत जवाब समाधान कारक न पाए जाने की दशा में मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 की उप धारा 2 के तहत जिला जेल की एक पक्षीय कार्रवाई की नोटिस देते हुए इसके लिए स्वतः ही उत्तरदाई होने का उल्लेख किया था किन्तु वसूली राशि वीरेंद्र केवट पुत्र गजाधर केवट द्वारा जमा नहीं करने और समाधान कारक जवाब नहीं मिलने पर कार्यवाही की गई है।

नियमितीकरण पर हाईकोर्ट की अवमानना, 4 को नोटिस जारी  दिया 4 हफ्तों का समय


अनूपपुर

गुरुजी के नियमितीकरण पर हाईकोर्ट की अवमानना पर सचिव स्कूल शिक्षा विभाग सहित 3 को नोटिस चार हफ्तों का समय दिया हैं। जिले में कार्यरत गुरुजी के नियमितीकरण के लिए मंगलवार को याचिका अधिवक्ता दीपक पाण्डेय ने प्रस्तुत की जिस पर हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, कलेक्टर अनूपपुर, जिला समवंयक सर्व शिक्षा अभियान अनूपपुर एवं आयुक्त सहायक आदिवासी विकास अनूपपुर को नोटिस देते हुए निर्देशित किया था कि तीन महीने के अंदर याचिकाकर्ता के आवेदन पर नियमानुसार कार्यवाही कर सूचित करें। किन्तु प्रशासन ने समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नही होने पर आवेदक ने अवमानना याचिका प्रस्तुत की। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता हेमलता राठौर गुरुजी शा. प्राथमिक विद्यालय करहिबाह सहित शेष अन्य की तरफ से बहस करते हुए अधिवक्ता दीपक पाण्डे ने बताया कि पात्रता परीक्षा पास करने के बाद नियमितीकरण के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर ने याचिकाकर्ता हेमलता राठौर सहित अन्यन के लिए अनुशंशा की थी उसके बाद भी नियमितीकरण नहीं किया जा रहा है, जिस पर अवमानना याचिका दायर की गई जिस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद प्रतिवादी को चार हफ्ते का समय दिया हैं।

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