आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका का कई माह से नही हुआ मानदेय भुगतान- अफसाना बेगम


अनूपपुर

अनूपपुर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन सीटू की जिला अध्यक्ष अफसाना बेगम ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिला प्रशासन की अहम लापरवाही से नहीं हुआ माह नवंबर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका का मानदेय भुगतान मुख्यमंत्री पर आरोप लगाती है की हाल मे राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के कर्मचारी अधिकारीयो का 4% डीए बडा कर खुश किया गया है, जो कुल मंहगाई भत्ता 38% हो गया इस प्रकार केन्द्र व राज्य सरकार कर्मचारी वर्ग अत्यधिक मेहरबान है। यह भाजपा का चुनावी हत्यखंडा है, भाजपा सरकार को लगता है कि कर्मचारी इनको चुनाव जीतला देगे, क्या मंहगाई कर्मचारी, अधिकारी के लिए है, बाकी हम लाखों आंगनवाडी कार्यकर्ता सहायिका मिनी कार्यकर्ता, आशा उष्ण सहयोगी कार्यकर्ता, मध्यान भोजन कर्मियों रसोईया, किसानों,सहयोगी कार्यकर्ता, मध्यान भोजन कर्मियों रसोईया, किसानों, मजदूरों, श्रमिकों के लिए मंहगाई नहीं है? क्या हम लोगों का परिवार नही है, कर्मचारी अधिकारी तो सिर्फ अपने विभाग का कार्य करते हैं जो सिर्फ 6 घंटे ही काम करते है, सप्ताह में 5 दिन ही कार्य करते इसके अलावा अनेको छुट्टीया, मेडिकल छुट्टीया, पेंशन, परिवार व स्वयं के इलाज कि सुविधा, बीमा, ग्रेज्युटी, टीए डीए मंहगाई भत्ता इतनी सारी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। सरकार उन पर अत्याधिक मेहरबान आखिर क्यों? हम लोग भी शासकीय कार्य करती हैं, एक नहीं अनको विभाग, महिला एवं बाल विकास के अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग, निवार्चन विभाग, स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, पोस्ट ऑफिस सुकन्या पशु गणना आदि विभागों का कार्य सरकार द्वारा लिया जाता है। इतने सारे काम के बदले हमें क्या दिया जाता है मानदेय । जो कार्यकर्ता को मात्र 10हजार रूपये, सहायिका को 5 हजार रूपये मिनी कार्यकर्ता को सिर्फ साडे ₹7000 माह का वह भी कई बार अधिकारीयो की मनमानी के चलते कटौती कर ली जाती है । और तो और नवंबर 2022 से आज तक मानदेय का भुगतान नहीं हुआ । आशा उषा सहयोगी कार्यकर्ता जो 24 घंटे का काम करती उसे भी प्रोत्साहन राशि कुछ कुछ तथा मानदेय दो हजार रुपये माह दिया जाता है, स्कूलों, आंगनवाडी केन्द्रों में भोजन बनाने वाली रसोईया को सरकार द्वारा क्या दिया जाता है आंगनवाड़ी में रसोइयों जो दो टाइम का भोजन बनाती है सिर्फ 500/- सौ रूपये मासिक और जो स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाती है उन्हें बिना मासिक और जो स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाती है उन्हें बिना किसी सुख-सुविधा के 40 बच्चों के खाना बनाने पर 2000 /- हजार रूपये माह का । कितनी संवेदनशील सरकार है, ? यह सरकार विकास का, प्रगति का, गरीबों, मजदूरों, किसानों, श्रमिकों की हितैषी होने का दम भरती है। आंगनवाडी कार्यकर्ता सहायिका, आशा उषा सहयोगी कार्यकर्ता, मध्यान भोजन कर्मियों रसोईया महिला, श्रमिकों किसानों के व्दारा अनेको आंदोलन अपनी न्यायोचित, अपने हक अधिकारों की आवाज उठाते हुए वर्षों से करते चले आ रहे हैं परंतु केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा अनदेखी की जा रही हैं। आंदोलन को दबाने के लिए हिटलर शाही रास्ता अपनाने से भी पिछे नहीं रहती । अनेक आंदोलन के बाद केन्द्र सरकार द्वारा आंगनवाडी कार्यकर्ता और सहायिका के मानदेय 2018 मे जो वृद्धि की थी वह राशि प्रदेश की भाजपा सरकार के द्वारा चार वर्ष बीत चुके हैं वह नहीं दी गई, इतना ही नहीं प्रदेश की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराजसिह चौहान द्वारा 2018 में 8 अप्रैल को की गई घोषणा जिसमें सेवा निवृत्त पर आंगनवाडी कार्यकर्ता को 1 एक लाख रुपये, सहायिका को 75/- हजार रूपये एक मुश्त देने, मृत्यु हो जाने पर दो लाख रुपये की सहायता देने मृत्यु के उपरांत आंगनवाडी कार्यकर्ता सहायिका के परिवार को अंतेष्टी हेतु 5 /- हजार रूपये की सहायता राशि देने की घोषणा को आज तक लागू नहीं किया गया है कितनी संवेदनशील सरकार है क्या ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का अधिकार है । समुचे प्रदेश की आंगनवाडी कार्यकर्ता सहायिका मिनी कार्यकर्ता आशा उषा सहयोगी कार्यकर्ता, मध्यान भोजन कर्मियों रसोईया महिला श्रमिकों किसानों बेरोजगार युवकों सभी मिलकर भाजपा की सरकार को सत्ता में आने से रोकने का काम करना होगा व एक साथ ही एक नारा दिया है वह यह है की शासकीय कर्मचारी घोषित करो, जब तक शासकीयकर्मचारी घोषित नही किया जाता हैं तब तक न्यूनतम वेतन 26 हजार कार्यकर्ता को सहायिका को 18 हजार रुपये मासिक दिया जाए, आशाउषा कार्यकर्ता को भी न्यूनतम वेतन 26 हजार रूपय दिया जाए रसोरसोईया को शासकीय मजदूर के दर की मजदूरी दी जाए कम से कम ₹ 10000 मासिक तो वोट मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को तत्काल लागू करो तो वोट मिलेगा, पेंशन योजना लागू करो तो वोट मिलेगा, मेडिकल सुविधा योजना लागू की जाए तो वोट मिलेगा। इन नारो लेकर सरकार घेरना होगा तभी आप लोग अपना अधिकार ले सकेगी। 

पुलिस की कबाड़ माफिया पर कार्यवाही, अवैध कबाड़ जप्त भोल्ले का ठीहा बंद

नही चलने दिया जाएगा अवैध कारोबार, अवैध कारोबारियों को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा - एसपी जितेंद्र पवार


अनूपपुर/बिजुरी

अनूपपुर जिले के बिजुरी थाना अंतर्गत अवैध कबाड़ के ठीहे पर पुलिस ने कार्यवाही करते हैं हुए अवैध कबाड़ को जप्त करते हुए कबाड़ की दुकान बंद करवा दी है अवैध कार्यो पर संज्ञान में लेते हुए गंभीरता के साथ नवागत पुलिस अधीक्षक अनूपपुर जितेंद्र पवार के द्वारा सबसे पहले तो खुद ही बिजुरी थाना का मुआयना कर जिले के समस्त थानों में रात रात भर जाकर थाना प्रभारियों को निर्देशित करते हुए खुद भी शहर में गस्त लगाकर अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसने के लिए फिल्डिंग लगाई। और तीसरी बार जब कबाड़ीयो द्वारा खुलेआम चोरी की घटनाओं को अंजाम देना बंद नहीं किया गया । तब नवागत तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक जितेंद्र पवार ने बिजुरी पुलिस की टीम बनाकर छापामार कार्रवाई की गई जिसमें भोल्ले सोनी  कबाड़ माफिया बिजुरी के यहां छापामार कार्रवाई कर अवैध कबाड़ जप्त करवाकर बड़ी कार्रवाई की गई। इससे कहीं ना कहीं जनता के दिलों में एक उम्मीद की किरण जाग गई है कानून व्यवस्था को सही रखना है तो पुलिस को अवैध कार्यो में लिप्त लोगो के ऊपर पुलिस को कठोर कार्यवाही करनी पड़ेगी। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जिले के अंदर में अवैध कारोबारियों को पनपने नहीं दिया जाएगा। अनूपपुर जिले के अंदर अवैध कारोबार को चलने नही दिया जाएगा।

शिकायतकर्ता की शिकायत निकली झूठी, वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर की जांच ग्रामीण, हुए लामबंद


अनूपपुर

 कोतमा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत धुरवासिन कोटमी आर एफ 442 में जंगल भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जगदीश यादव पिता कधाई यादव तथा अन्य लोगों के द्वारा वन भूमि पर कब्जा किए जाने की शिकायत स्थानीय निवासी हरिप्रसाद यादव के द्वारा कुछ ग्रामीणों को गुमराह करते हुए अनूपपुर जिला कलेक्टर एवं वन विभाग के अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराई गई थी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी कोतमा विकास सेठ के द्वारा शिकायत की जांच हेतु टीम गठित की गई जिसमें डिप्टी रेंजर जे डी धार्वे, अभिलाष सोनी वन विभाग के बीट गार्ड सोमपाल सिंह आकाश सोनी कुशल मानिकपुरी आशीष पांडे मनोज चौधरी के द्वारा मौके पर पहुंचकर वन विभाग की जमीन पर अवैध अतिक्रमण भवन निर्माण मुनारा निर्माण से संबंधित की गई शिकायत की जांच  ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों एवं शिकायतकर्ता की उपस्थिति में की गई , वन विभाग की जांच टीम के द्वारा मौके पर कक्ष क्रमांक आर एफ 442 से लगे हुए मुनारा क्रमांक 1 से 10 तक की जीपीएस निर्देशांक से मिलान किया गया, मौके पर जांच और बयानों में शिकायत झूठी पाई गई और मौके पर वन भूमि पर किसी प्रकार का कोई कब्जा किया जाना नहीं पाया गया।


*दर्ज हुआ बयान*


ग्राम पंचायत धुरवासिन के कोटमी  के कक्ष क्रमांक आर एफ 442 में किए गए अवैध निर्माण और कब्जे की शिकायत की जांच करने पहुंची वन विभाग की टीम के समक्ष शिकायत पत्र में जिन लोगों के हस्ताक्षर दर्ज किए गए थे उन सभी व्यक्तियों को बुलाकर मौके पर उनका बयान लिया गया शिकायत पत्र में किए गए हस्ताक्षर को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने साफ तौर पर इंकार कर दिया कि उन्हें झांसा देकर शिकायत पत्र पर गलत हस्ताक्षर करा लिया गया उनके द्वारा गांव के ही हरि प्रसाद यादव के द्वारा यह कहकर शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर कराया गया कि वन विभाग की समिति का गठन हो रहा है जिसमें सभी का नाम दर्ज होना है ऐसा झूठ बोलकर झूठी शिकायत पर हस्ताक्षर करा लिए गए, शिकायत पत्र में हस्ताक्षर किए गए व्यक्ति गेद लाल यादव राम सिंह लालमणि यादव तथा अन्य लोगों ने मौके पर हरिप्रसाद यादव के द्वारा किस तरह से गुमराह करके झूठी शिकायत में हस्ताक्षर कराया गया अपने बयान के माध्यम से सभी लोगों ने वन विभाग की टीम के समक्ष अपनी बात रखी।


*मुनारा और अवैध अतिक्रमण की हुई जांच*


शिकायतकर्ता के द्वारा आर एफ 442 जंगल भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण तथा मनमानी तरीके से बनाए गए वन विभाग के मुनारे  की गई जांच के दौरान शिकायत निराधार पाई गई और यहां पर शिकायतकर्ता के द्वारा अनावश्यक रूप से स्थानीय ग्रामीणों को परेशान किए जाने का आरोप उपस्थित ग्रामीणों ने शिकायतकर्ता के ऊपर लगाए हैं।


*घरेलू विवाद के कारण की गई शिकायत*


मौके पर पहुंची वन विभाग की जांच टीम के समक्ष उपस्थित दर्जनभर से अधिक ग्रामीणों ने इस बात की शिकायत दर्ज कराई कि गांव के ही रहने वाले हरिप्रसाद यादव के द्वारा उनके परिवारिक विवाद चल रहे हैं और अपने परिवारिक विवाद के कारण झूठी शिकायतें हरिप्रसाद यादव के द्वारा जगदीश प्रसाद यादव के खिलाफ की जा रही हैं और उसके साथ ही अन्य लोगों को भी निशाना बनाया जा रहा है जबकि वन विभाग की भूमि पर ना तो किसी का मकान बना है और ना ही किसी का कब्जा है लेकिन निजी स्वार्थ सिद्धि के लिए हरिप्रसाद यादव इस तरह की हरकतें लगातार गांव में कर रहा है जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं


इनका कहना है

शिकायत मिलने के पश्चात हमारे द्वारा जांच टीम गठित की गई मौके पर जांच उपरांत पाया गया कि शिकायतकर्ता के परिवारिक विवाद चल रहा हैं और वह गलत शिकायत कर लोगों को परेशान कर रहा है मौके पर वन विभाग की भूमि पर कोई भी कब्जा नहीं पाया गया और मुनारा से संबंधित शिकायत भी गलत पाई गई।

*विकास रेंजर वन परीक्षेत्र कोतमा*

हमारे द्वारा मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता ,गवाहों , ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों तथा आम जनता के बीच शिकायत पत्र की जांच की गई जो निराधार पाया गया।

*जेडी धार्वे डिप्टी रेंजर  वन परिक्षेत्र कोतमा*

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget