छात्रवृत्ति में लापरवाही जिला शिक्षा अधिकारी को कलेक्टर ने जारी किया नोटिस 


अनूपपुर

कलेक्टर सोनिया मीना ने सीएम हेल्पलाईन पोर्टल अंतर्गत छात्रवृत्ति संबंधित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण नही करने पर सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (एक) एवं (दो) का उल्लंघन होने के फलस्वरूप जिला शिक्षा अधिकारी श्री तुलाराम आर्मो को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर सुश्री मीना ने जारी किए गए नोटिस में जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि छात्रवृत्ति की लंबित शिकायतों के संबंध में छात्रों के साथ बैठक आयोजित कर छात्रों को योजना की जानकारी देते हुए संतुष्टिपूर्वक प्रकरण निराकरण कर 03 दिवस के अन्दर जवाब प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

छात्र छात्राओं वन भ्रमण कर वनों के संसार को नजदीक से देख, अनुभूति का आनंद लिया


अनूपपुर

वन मंडल अनूपपुर के वन परिक्षेत्र कोतमा अंतर्गत चपानी बीट के कक्ष क्रमांक RF 426 के मध्य स्थित धार्मिक स्थल साईंबाबा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवगवा एवं हाई स्कूल बेलिया बड़ी  के 120 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस दौरान छात्र-छात्राओं ने वनों के संसार को नजदीक से देखा वह अनुभव प्राप्त कर अनुभूति का आनंद लिया, कार्यक्रम के प्रेरक एवं मास्टर ट्रेनर श्रवण कुमार पटेल एवं शशिधर अग्रवाल ने बच्चों को वन भ्रमण कराकर वनों में पाए जाने वाली घास,मिट्टी पेड़-पौधे वन्य प्राणियों की जानकारी देते हुए बताया कि वनों में बहुतायत मात्रा में विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे होते हैं जिससे हमें उपयोगी लकड़ियों के साथ विभिन्न प्रकार की औषधियां मिलती है,विभिन्न प्रकार के पेड़ वर्षा काल मे होती वर्षा को अपनी जड़ों में अवशोषित कर नदी-नालों के माध्यम से हमें पानी देते हैं वही हरे भरे वनों से ऑक्सीजन मिलता है जिससे हम जीवित रहते हैं,हमें वनों की रक्षा करनी चाहिए तथा वन्य प्राणियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए,प्रकृति का संतुलन बने रहने से हम सभी का जीवन सफल होगा नहीं तो बड़े-बड़े शहरों में उत्पन्न हो रही ऑक्सीजन एवं अन्य तरह की बीमारियों व समस्याओं का सामना करना पढ़ सकेगा,इस दौरान वन परीक्षेत्र अधिकारी कोतमा विकास सेठ ने छात्र-छात्राओं को सांकेतिक रूप में वन्य प्राणियों के पगमार्क,विष्ठा का अवलोकन कराते हुए कहा कि वनों में विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षियों के साथ वन्यप्राणी रहते हैं जिसमें बिल्ली प्रजाति के वन्यप्राणियों के नाखून अंदर होने से पगमार्ग में दिखाई नहीं जब कभी उन्हें चट्टानों,पेड़ों में चढ़ने या शिकार करना होता है तभी वह उनके नाखून बाहर निकालते हैं,उन्होंने डॉग प्रजाति के वन्यप्राणियों के नाखून बाहर होने की जानकारी दी उन्होंने वन्यप्राणियों को आवाज,पगमार्क व उनकी बनावट के हिसाब से पहचाने जाने की बात कहते हुए कहा कि वनों में पाए जाने वाले घास से का अपना एक महत्व है जो वर्षा ऋतु के पानी को अवशोषित करते हैं तथा भूमि के मिट्टी के कटाव को रोकते हैं उन्होंने अधिक से अधिक पेड़ लगाने तथा उनकी रक्षा करने की बात कही इस दौरान वन कक्ष के अंदर स्थित वन्य प्राणी भालू के रहवासी क्षेत्र जिसे भीमगुफा कहा जाता है को बच्चों को दिखाया गया,उन्होंने वनों में लगने वाली आग के लगने के कारणों को बताते हुए गर्मी के मौसम में आग लगने पर स्वयं बुझाने का प्रयास करने अड़ोस-पड़ोस की लोगों तथा वन विभाग को सूचित करने का आह्वान करते हुए कहा कि वनों में आग लगने से कई तरह के नुकसान होते हैं,इस दौरान वन्यप्राणी भालू एवं जंगली खरगोश के मल ,विष्ठा को दिखाया गया कार्यक्रम दौरान छात्र-छात्राओं ने चित्रकला प्रश्नोत्तरी के साथ गीत,भाषण में अपनी सहभागिता दी।

जिला मुख्यालय अनूपपुर के वन्यजीव संरक्षक,सर्पप्रहरी एवं मास्टर ट्रेनर शशिधर अग्रवाल कोतमा क्षेत्र के सर्पप्रहरी हरिवंश प्रसाद पटेल ने बच्चों को विभिन्न प्रजाति के पाए जाने वाले जहरीले एवं सामान्य सर्पों की पहचान एवं उनके द्वारा डसने पर तत्काल शासकीय चिकित्सालय में उपचार कराए जाने तथा सर्पों का संरक्षण किए जाने की बात कही,अनुभूति कार्यक्रम में बच्चों द्वारा रंगोली बनाई तथा कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया,इस दौरान बच्चों को वन,वन्यप्राणियों के संरक्षण एवं स्वच्छता बनाए रखने हेतु शपथ दिलाई गई तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं मे सहभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदाय कर पुरस्कृत किया गया,कार्यक्रम में ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी उप सरपंच ओम प्रकाश पांडे,परिक्षेत्र सहायक कोतमा जे,डी,धारवे, परिक्षेत्र सहायक लतार विनोद कुमार मिश्रा,ग्राम वनसुरक्षा समिति कोठी अध्यक्ष महेश यादव,छिल्पा समिति अध्यक्ष वैशाखू प्रजापति के साथ विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिका एवं वन परिक्षेत्र कोतमा के वनरक्षक, अभिलाष सोनी राघवेंद्र तिवारी एवं समस्त स्टॉप वनरक्षक सुरक्षाश्रमिक एवं स्थानीय पत्रकार विनोद कुमार पांडे कोतमा से दैनिक भास्कर के भरत मिश्रा ग्रामीण जन सम्मिलित रहे हैं।

मॉर्निंग वाक के दौरान खोज निकाला दुर्गम पहाड़ियों के बीच झरना और स्वच्छ जल स्रोत

*दुर्गम पहाड़ियों के बीच पर्यटन स्थल की खोजकर्ता बने समाजसेवी राकेश पांडेय और सुशील गौतम*


अनूपपुर/डोला

अनूपपुर जिले के अंतिम छोर में बसे नगर परिषद डोला में एक प्राकृतिक जलधरा के नाम से जाने जाने वाला धाम तुर्राधाम जहां पर 12 माह 24 घंटा एक समान जलधारा निकलती थी जिसका जल यहां पर निवास कर रहे लोग के लिए अमृत के समान था व तुर्राधाम पिकनिक स्पॉट के नाम से भी जाना जाता था लेकिन विगत वर्ष पहले तुर्राधाम के नजदीक में हल्दीबाड़ी भूमिगत खदान संचालित होने से वह जलधारा विलुप्त हो चुकी हैं। लेकिन वही नगर परिषद डोला में एक बार जलधारा की खोज क्षेत्र के ही समाजसेवी राकेश पांडे जो मॉर्निंग वॉक के लिए निकले हुए थे सुबह उन्हें झज्जर की आवाज सुनाई दी जिसको वह देखते देखते जलधारा के समीप पहुंचे और उसको देखने के बाद वहां का जल पीने के बाद अन्य लोगों को को भी उस जगह के बारे में जानकारी दिए साथ ही नगर परिषद डोला के मुख्य नगरपालिका अधिकारी अध्यक्ष उपाध्यक्ष लोगों ने भी जाकर जलधारा को देखा उसके सुंदरीकरण के लिए आगे हाथ बढ़ाएं। जब मानव जीवन को अपने सामान्य वातावरण से बाहर के स्थानों में रहने जाना होता है तब यह दौरा ज्यादा से ज्यादा एक साल के लिए मनोरंजन, व्यापार, अन्य उद्देश्यों से किया जाता है, यह उस स्थान पर किसी ख़ास क्रिया से सम्बंधित नहीं होता है।" पर्यटन दुनिया भर में एक आरामपूर्ण गतिविधि के रूप में लोकप्रिय हो गया है

*नगर परिषद अब करेगी पर्यटन स्थल बनाने में सहयोग*

नगर परिषद डोला के करीब लगभग 1 किलोमीटर दूर दुर्गम स्थल की खोज की गई जहां पर ना जाने का रास्ता था ना ही पहुंच मार्ग था ऐसे समूचे जगह की खोज समाजसेवी राकेश पांडे और सुशील गौतम के द्वारा की गई, ऐसे दुर्गम स्थल की खोज के बारे में जब हमारे संवाददाता ने जानने की कोशिश की तो दोनों ही खोजकर्ता व्यक्तियों ने बताया कि हम लोग सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे और ऊपर से हमको पानी के गिरने की आवाज आई तभी हम लोगों उस दिशा की ओर बढ़ने लगे यहां कुछ अनोखी चीज देखने को मिली जब नीचे उतरे तो पाया कि वहां एक छोटा सा पानी का झरना और छोटा सा गुफा है ऐसी अनोखी चीजों को देखकर हमारे मन में यह बात आई कि इसको हम पर्यटन स्थल का रूप दे सकने में कामयाब हो सकते हैं फिर आगे हम लोगों ने यहां नीचे उतरने का रास्ता भी श्रमदान करके बनाया ! आगे समाजसेवियों ने बताया कि इसको नगर परिषद की मदद से हम एक भव्य रूप देना चाहते हैं।

*इनका कहना है*

हाल ही में नगर परिषद डोला के अंतर्गत खोज किए गए जलधारा की जानकारी परिषद को दी गई है परिषद बैठक करके इस मुद्दे में चर्चा करते हुए आगे का कार्य करेगी।

*रविशंकर तिवारी नगर परिषद उपाध्यक्ष डोला*

मॉर्निंग वॉक के समय पानी के गिरने की आवाज सुनाई दी जिस को देखते हुए हम उस दिशा में बड़े और हमें एक स्वच्छ जलधारा मिली जिसका नाम छोट डोला जलधारत रखा गया है साथ ही सौदरियकरण व पर्यटक बनाने के लिए नगर परिषद को कहा गया है जल्द ही इस पर कार्य चालू किया जा सकता है।

*राकेश पांडे समाजसेवी डोला*

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