प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ आक्रोश व्याप्त- छात्र छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर जड़ा ताला


अनूपपुर/कोतमा

अनूपपुर जिले के तहसील कोतमा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवगवां के प्रभारी प्राचार्य एमएस शाकिर कि हिटलर शाही सातवें आसमान पर है इसके लापरवाही, हिटलर शाही, अकर्मण्यता के चलते देवगवा विद्यालय की पूरी पढ़ाई एवं कार्य व्यवस्था चौपट हो गई है जिसे लेकर देवगवां, धुम्मा, लेदरा, जमुनिया, मुड़धोवा,सड्डी,लोढी़ बेलिया बड़ी, जोगी टोला, सरैया टोला, के साथ-साथ अन्य दर्जनों गांव के सैकड़ों अभिभावकों व हजारों छात्र छात्राओं में आक्रोश देखा जा रहा है यहां के प्रभारी प्राचार्य एमएस साकिर ने अतिथि शिक्षक एवं अन्य अधिकारी कर्मचारियों व छात्र छात्राओं पर आए दिन तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं जिसके चलते यहां की कार्य व्यवस्था बर्बाद हो गई है जिसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा संभाग आयुक्त, कलेक्टर अनूपपुर, जिला पंचायत सीईओ, सहायक आयुक्त जनजाति विभाग अनूपपुर ,विकास खंड शिक्षा अधिकारी अनूपपुर, को की गई लेकिन शासन प्रशासन एवं विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जब साकिर पर कोई कार्यवाही नहीं की गई तो विद्यालय के छात्र छात्राओं ने कल 23 दिसंबर 2022 दिन शुक्रवार को विद्यालय समय में लगभग 10:00 बजे सैकड़ों छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंचकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवगांव के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया छात्र-छात्राओं का कहना था कि इस विद्यालय से प्राचार्य शाकिर को हटाया जाए जिससे यहां की कार्य व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके जब तक प्राचार्य शाकिर यहां से नहीं हटेंगे विद्यालय के मुख्य द्वार का ताला नहीं खुलेगा उसी समय इस विद्यालय में पदस्थ शिक्षक झोलाछाप डॉक्टर एपी शुक्ला ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचकर छात्र छात्राओं को धमकी देते हुए ताला को तोड़कर विद्यालय में प्रवेश कर गए। प्राचार्य साकिर को देवगवा से हटाए जाने के लिए क्षेत्र भर के ग्रामीण जन अब मांग करने लगे हैं कारण की शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ छात्र-छात्राओं को नहीं मिल रहा विद्यालय की पढ़ाई पूरी तरह से चौपट हो गई है इनके द्वारा खरीदी, निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी अतिथि शिक्षक भर्ती के नाम पर संलग्नीकरण कर लाखों रुपए घोटाला किया गया है जो विद्यालय एवं छात्र छात्राओं के लिए हानिकारक है देवगवा के ग्रामीण जनों ने इस विषय पर चिंता करते हुए शासन प्रशासन से मांग किया है कि प्राचार्य साकिर हटाओ शा उ मा वि देवगवां बचाओ। उन्होंने संभाग आयुक्त राजीव शर्मा, कलेक्टर सोनिया मीणा, जिला पंचायत सीईओ, प्रभारी सहायक आयुक्त जनजाति विकास विभाग विजय डेहरिया से मांग किए हैं कि प्रभारी प्राचार्य साकिर को देवगांव से हटाकर इनके द्वारा किए गए कारनामों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

नगरपालिका सामग्री क्रय व निर्माण कार्यों में की गई अनियमितताओं पर निलंबित


अनूपपुर

नगरपालिका परिषद, बिजुरी में सामग्री क्रय किए जाने एवं निर्माण कार्यों में की गई अनियमितताओं पर संचालनालय नगरीाय प्रशासन एवं विकाश भोपाल ने शुक्रवार को नगर पालिका बिजुरी की तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी मीना कोरी को अपने कर्त्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही एवं उदासीनता का बताते हुए इस को कृत्य राज्य शासन के प्रति उनकी निष्ठा संदिग्ध होने का भी प्रमाण है। जिस पर मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 92 में वर्णित प्रावधानों के विपरीत है। अतः उक्त कृत्य के दृष्टिगत मध्यप्रदेश नगरपालिका सेवा (कार्यपालन) नियम, 1973 के नियम 36 (1) में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत मीना कोरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर निलंबन अवधि में मुख्यालय कार्यालय, संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, संभाग- जबलपुर नियत किया गया हैं तथा निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। नगरपालिका परिषद, बिजुरी में सामग्री क्रय किए जाने एवं निर्माण कार्यों में की जा रही अनियमितताओं के संबंध में विभिन्न स्तर से प्राप्त हो रही शिकायतों के दृष्टिगत निकाय में विगत 3 वर्षो में सामग्री क्रय किए जाने एवं निर्माण कार्यों में की गई अनियमितताओं की जांच के लिए संचालनालय के आदेश क्रमांक शि./6/बिजुरी /2022/11405 दिनांक 21 जून 2022 द्वारा सुरेश सेजकर अधीक्षण यंत्री की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाकर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संचालनालय के निर्देश के पालन में जांच समिति द्वारा नगर पालिका परिषद्, बिजुरी का भ्रमण कर मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में क्रय से संबंधित उपलब्ध कराए गए आशिक दस्तावेजों के आधार पर जांच प्रतिवेदन अशासकीय टीप क्रमांक यां.प्र./07/2022/11099 दिनांक 06 सितंबर 2022 के माध्यम से जांच प्रतिवेदन संचालनालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह भी लेख किया गया है कि निर्माण कार्य से संबंधित नस्तिया उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। जांच प्रतिवेदन में समिति द्वारा नगरपालिका परिषद्, बिजुरी के वित्तीय वर्ष 2021-22 के क्रय से संबंधित उपलब्ध कराए गए आंशिक दस्तावेजों के आधार पर दिये गये निष्कर्ष पर यह कि मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी किए गए परिपत्र क्रमांक एफ 4/4139 / 2019 दिनांक 03 सितंबर 2019 में ई-नगरपालिका के माध्यम से समस्त नगरीय स्थानीय निकायों में कम्प्यूटराईज्ड प्रणाली लागू की गई है। अतः समस्त भुगतान ई-नगरपालिका के माध्यम से ही होने चाहिए, जिससे ई-कैशबुक आटोमेटिक संधारित हो जाती है। नगरपालिका, बिजुरी का बचत खाता क्रमांक 30096509320 भारतीय स्टेट बैंक, अनूपपुर में संधारित है, जिसमें राशि रूपये 23.74 करोड़ का व्यय दर्ज है। जबकि ई-कैशबुक में राशि रूपये 11.30 करोड़ दर्ज है। इस प्रकार राशि रूपये 12.44 करोड़ का ऑफलाईन भुगतान किया गया है, जो कि गंभीर वित्तीय अनियमितता के साथ-साथ राज्य शासन के आदेशों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी प्रकार हस्तलिखित कैशबुक दिनांक 14 मार्च 2022 तक ही लिखी गई है, इसके उपरांत कैशबुक में इंद्राज नहीं किया गया है। कैशबुक मे वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल व्यय राशि रूपये 15.47 करोड दर्ज है, जो कि बैंक स्टेटमेंट के आधार पर रूपये 8.27 करोड़ कम है, जिसके अभिलेख निकाय में उपलब्ध नहीं है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 में वर्णित प्रावधानों का उल्लंघन कर एवं कूटरचना कर लगभग रूपये 7,27,57,297.00 की सामग्री क्रय की गई है। उक्त सामग्री क्रय किए जाने में एक ही पीआईसी प्रस्ताव के आधार पर बार-बार सामग्री क्रय की गई है एवं निविदा से बचने के लिए जानबूझकर राशि रूपये 5.00 लाख से कम के क्रय आदेश जारी किए गए हैं, जिससे सामग्री प्रदायकर्ता को अनुचित लाभ पहुचाया गया। जबकि अधिकांश प्रस्तावों में राशि का उल्लेख नहीं है। पीआईसी द्वारा पारित किए गए ऐसे प्रस्तावों का उल्लेख किया गया है, जो मूल पंजी में दर्ज नहीं है एवं कूटरचित प्राक्कलन एवं मांग बनाकर आवश्यकता से अधिक एवं अनावश्यक सामग्री क्रय कर भुगतान किया गया है। एक ही फार्मेट में मुद्रित नोटशीट का उपयोग किया गया है, जिससे सामग्री क्रय की प्रक्रिया की टीप स्पष्ट न होने एवं प्राप्त शिकायत के अनुसार फर्जी हस्ताक्षर होने की संभावना है। अधिकतर नस्तियां कम्प्यूटर ऑपरेटर के द्वारा बनाई एवं संधारित की गई है, जो कि संबंधित शाखा के लिपिक द्वारा संधारित कराई जानी चाहिए, जो कि कूटरचित एवं फर्जी भुगतान की संभावना को बल देता है। इसी प्रकार जनरेटर, बायो टायलेट, कम्पोस्ट बेलिंग मशीन, बेलन, मरच्यूरी बॉक्स यात्री प्रतिक्षालय की सामग्री, स्टील चेयर, ट्रेक्टर, पानी टेंकर ट्रालियों के टायर, प्रिंटर काट्रेज आदि एवं अन्य कई मदों में बिना सामग्री क्रय किए भुगतान किया गया है। जल प्रदाय सामग्री के लिए बिना प्राक्कलन एवं मांग के अनुसार क्रय आदेश जारी किया गया है एवं मुख्यमंत्री शहरी जल प्रदाय योजना के अंतर्गत पाईप लाईन विस्तार कार्य ठेकेदार द्वारा किए जाने के उपरांत भी अनावश्यक रूप से किसी विशेष फर्म को जलप्रदाय सामग्री के नाम पर भुगतान किया गया है। यह सामग्री क्रय के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है एवं एक ही वित्तीय वर्ष में तीन कैशबुक का संधारण किया गया है। उपरोक्त सामग्री क्रय किए जाने में दस्तावेजों की कूटरचना की गई है, जिनके आधार पर अनियमित / फर्जी भुगतान कर निकाय की राशि का अनुपयोगी क्रय पर व्यय किया गया है। अन्य दस्तावेजों एवं रूपये एक लाख से कम राशि की नस्तियों की जांच के उपरांत उक्त राशि में वृद्धि संभावित है उपरोक्त के दृष्टिगत यह स्पष्ट होता है, कि नगरपालिका परिषद्, बिजुरी में वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान नगरपालिका अधिनियम, 1961 एवं उसके अंतर्गत निर्मित मध्यप्रदेश नगरपालिका (लेखा एवं वित्त ) नियम, 2018 में वर्णित प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए कूटरचना कर एवं फर्जी नस्तियां बनाकर बिना सामग्री आए भुगतान किए जाने की कार्रवाई की गई, जिससे निकाय को कुल राशि रूपये 7,27,57,297.00 की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है, जिसके लिए मीना कोरी तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद्, बिजुरी प्रथम दृष्टया उत्तरदायी हैं।

प्रशासन की उदासीनता, 3 वर्ष में शुरू नही हो पाया न्यायालय, 27 से कलमबंद हड़ताल, सौपा ज्ञापन


अनूपपुर/जैतहरी

अनूपपुर जिले के तहसील कार्यालय जैतहरी में प्रस्तावित  सिविल कोर्ट की स्थापना हेतु उच्च न्यायालय जबलपुर के पत्र क्र.ए/451/2020 दिनाँक 22 फरवरी 2020 के अनुसार सर्वसुविधायुक्त न्यायालय कक्ष उपलब्ध कराए जाने हेतु लेख किया गया था उक्त परिपेक्ष में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनूपपुर द्वारा अपने पत्र क्रमांक 554/2/दो/06 जून 2022 दिनांक 03 मार्च 2020 को जिला कलेक्टर महोदय अनूपपुर को पत्र लेखकर सर्वसुविधायुक्त न्यायालय कक्ष उपलब्ध कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया था कलेक्टर महोदय द्वारा अपने पत्र क्रमांक  106 /993/चार /ए.एस.आर./2021 दिनांक 17 फरवरी 2021 तथा 23 जुलाई 2021 द्वारा सर्वसुविधायुक्त न्यायालीन कक्ष उपलब्ध कराए जाने हेतु अनुविभागीय अधिकारी जैतहरी एवं कार्यपालन यंत्री पी.डब्ल्यू.डी.अनूपपुर को लेख किया गया।

उक्त सम्बन्ध में अधिवक्ता संघ जैतहरी के अध्यक्ष गणेश सिंह (एड.) द्वारा बताया गया की समय समय पर वर्ष 2020 से उपरोक्त सर्वसुविधायुक्त न्यायालय कक्ष की उपलब्धता हेतु कलेक्टर महोदय से मुलाकात कर पत्राचार के माध्यम से निवेदन किया जाता रहा है। साथ ही साथ जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनूपपुर रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय जबलपुर तथा मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय जबलपुर को भी संघ द्वारा पत्राचार के माध्यम से किया जाता रहा है । किंतु आज दिनांक तक माननीय जिला प्रशासन द्वारा  सर्वसुविधायुक्त न्यायालीन कक्ष उपलब्ध नही कराया जा सका है । जिससे जैतहरी तहसील में व्यवहार न्यायालय की स्थापना में तीन वर्ष से लगातार उपेक्षित है।

मध्यप्रदेश शासन की मंशानुसार प्रत्येक तहसील में सस्ती एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराए जाने की मंशा है और तहसील जैतहरी में भी सिविल कोर्ट स्थापित किया जाना प्रस्तावित है जो सर्वसुविधायुक्त न्यायालय कक्ष जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध न कराए जाने के कारण आज तक तहसील जैतहरी में सिविल न्यायालय संचालित नही हो सका जिससे क्षुब्ध होकर अधिवक्ता संघ जैतहरी अपने बैठक 20 दिसम्बर 2022 में निर्णय लिया की दिनांक 26 जनवरी 2023 तक सर्वसुविधायुक्त न्यायालय कक्ष न्याय विभाग को जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध नही कराया गया तो दिनांक 27 जनवरी 2023 से अधिवक्ता संघ जैतहरी द्वारा न्यायालीन कार्यो से विरत रह कर अनिश्चित कालीन कलम बंद हड़ताल करने पर विवश होंगे उक्त  सम्बन्ध का ज्ञापन अधिवक्ता संघ जैतहरी द्वारा कलेक्टर महोदय को सम्बोधित ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी जैतहरी को सौपा गया।

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