संगीता नर्सिंग मामले में नही हुई कार्यवाही, थाने के सामने न्याय के लिए धरने पर बैठे पत्रकार


बिजुरी

बीते दिनों बिजुरी के पत्रकारों ने संगीता नर्सिंग होम की अव्यवस्था की खबर का प्रकाशन प्रमुखता से किया था जिससे बौखलाए संगीता नर्सिंग होम संचालक द्वारा दवाब बनाने के लिए बिजुरी के पत्रकारों के खिलाफ शिकायत की गई जिसके बाद बिजुरी के पत्रकारों ने भी इसकी निष्पक्ष जांच कराकर f.i.r. करने का सामूहिक ज्ञापन दिया था  लेकिन मामला लगातार एक हफ्ते से विचाराधीन है जबकि  बिजुरी थाना प्रभारी द्वारा दो दिनों में कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब तक कार्यवाही नहीं करने से नाराज बिजुरी के पत्रकारों ने थाने के बाहर धरने पर बैठे इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब चौथे स्तंभ को कार्रवाई करवाने में इतनी दिक्कतें हो रही है तो आम पब्लिक को कितनी परेशानी होती होंगी  और यह भी कहना गलत नहीं होगा कि कहीं ना कहीं बिजुरी थाना प्रभारी संगीता नर्सिंग होम के लगातार संपर्क में है जिसके कारण पत्रकारों के द्वारा की गई शिकायत पर अब तक f.i.r. नहीं की गई है अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी इस पर संज्ञान लेते हैं या देश के चौथे स्तंभ को भी अपनी मांग के लिए धरने पर यूंही धरने पर बैठना होगा।

*इनका कहना है*

पत्रकार डॉक्टर के खिलाफ धरने पर बैठे हैं पूरे मामले की जांच की जा रही है जांच के बाद वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

*राजेश उइके थाना प्रभारी बिजुरी*

फोन पे से रोजगार सहायक लेता है रिश्वत नही करता काम ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत


अनूपपुर

पुष्पराजगढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत करपा के सैकड़ों लोग सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर रोजगार सहायक द्वारा हर काम के लिए पैसे की मांग करने की शिकायत करते हुए कलेक्टार के नाम अपर कलेक्टमर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत जिला पंचायत एवं कलेक्टर से करने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर आज कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए पहुंचे। ग्राम पंचायत के लोग इस रोजगार से इतना त्रस्त है कि उन्होंने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री से पत्र लिखकर की है।

शिकायत में ग्राम पंचायत के लोगों ने बताया कि फोन पे के माध्यम से विधवा महिला हेमवती बैगा से 10 हजार रुपए लेकर आवास योजना का लाभ नहीं दिया गया। इसके साथ ही रोजगार सहायक जसवंत नायक के द्वारा ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास के नाम सभी लोगों से जियो टैग के नाम पर ऑनलाइन के माध्यम से 10 से 20 हजार रुपए की मांग की गई। ग्राम पंचायत के लोगों ने बताया कि इस रोजगार सहायक ने कई बार लोगों को धमकी दी कि जिस से शिकायत करनी है कर दो। मेरा ग्राम पंचायत में अपने हिसाब से काम करूंगा। लोगों ने बताया कि 2019 और 20 में ग्रामीणों की शिकायत पर जांच कराई गई थी। जिसमें 13 लाख के गबन के मामले में वसूली के आदेश भी दिए गए थे। किंतु उसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की। इस पूरे मामले में पुष्पराजगढ़ जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने इसकी शिकायत अमरकंटक थाने में भी दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस द्वारा भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिस से परेशान होकर आज सैकड़ों ग्राम वासियों ने एक बार फिर कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।

8 माह पहले बाइक चालक की मौत के मामले में पुलिस ने बस को किया जप्त


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के फुनगा चौकी क्षेत्र अंतर्गत पयारी नंबर 1 बस स्टैण्ड के पास 8 माह पूर्व अज्ञात वाहन द्वारा बाइक को सामने से ठोकर मार दिया था, जिस पर बाइक चालक बिहारी लाल कुशवाहा की मौत हो गई थी। तब पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 279, 304ए के तहत मामला दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया। ने आसपास लगे सीसी टीवी फुटेज की जांच की गई। जहां दुर्घटना वाले प्रयाग बस क्रमांक एमपी 18 पी 1899 द्वारा किये जाने का खुलासा हुआ था। लेकिन बस मालिक को लगातार दो बार नोटिस के बाद भी बस व उसके चालक को पेश करने की बात कही गई। वहीं लकिन बस मालिक सोनील जायसवाल द्वारा हर बार नोटिस लेने से मना कर दिया गया। पूरे मामले में बस को जब्त करने के साथ चालक को गिरफ्तार नही किया जा सका। मामले में 8 माह बीत जाने तथा चालान न्यायालय में पेश न होने पर पुलिस अधीक्षक ने फुनगा चौकी प्रभारी को बस जब्त कर चालक को गिरफ्तार करने के निर्देश दिये के बाद 8 माह बाद फुनगा चौकी प्रभारी सुमित कौशिक ने 18 दिसम्बर को बस को जब्त कर लिया गया है। लेकिन बस चालक राकेश कुमार पुत्र के.पी. मिश्रा अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। फुनगा चौकी प्रभारी सुमित कौशिक के अनुसार कॉलरी कर्मचारी बिहारी लाल गुप्ता जो कि 29 मार्च की सुबह लगभग 3.30 बजे जमुना से अनूपपुर बाइक से आ रहे थे। जहां शहडोल की ओर से आ रही प्रयाग बस क्रमांक एमपी 18 पी 1899 ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुये सामने से ठोकर मार मौके से फरार हो गया। दुर्घटना से बाइक चालक की मौत हो गई थी। जहां फुनगा पुलिस की तत्परता से सीसी टीवी फुटेज की जांच सहित आसपास के लोगो से पूछताछ के दौरान उक्त बस का पता चला। लेकिन बस मालिक पुलिस द्वारा अगस्त व सितम्बर माह में भेजी गई नोटिस के बाद भी न तो बस और ना ही चालक को चौकी लाया गया। इसके बाद 18 दिसम्बर को पुलिस ने राजनगर से इलाहाबाद जा रही बस को फुनगा चौकी के पास से जब्त कर लिया गया। लेकिन बस में दूसरा चालक चला रहा था। बस मालिक सोनील जायसवाल ने बताया कि दुर्घटना करने वाला बस चालक राकेश कुमार पिता के.पी. मिश्रा जो की नर्मदा परिक्रमा करने वाले यात्रियों को लेकर दूसरी बस में गया है। वहीं अब पुलिस जहां 8 माह बाद बस को जब्त करने में सफलता पाई लेकिन अब तक आरोपी चालक मौके से फरार है।

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