भाजपा महिला मोर्चे में पूर्णिमा सिंह को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया, लोगों ने दी शुभकामनाएं


अनूपपुर

भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा जिला कार्यकारिणी कुछ दिनों पहले घोषित की गई, जिसमें  भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष श्री ब्रजेश गौतम  के निर्देशानुसार महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रश्मि खरे द्वारा श्रीमति पूर्णिमा सिंह को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया है। जिससे जिला में खुशी का माहौल है पूर्णिमा सिंह को पूरे जिले से उपाध्यक्ष बनने पर शुभकामनाएं और बधाइयां मिल रही है इनके नियुक्ति से महिला मोर्चा संगठन  एक अच्छा पदाधिकारी मिल गया है जिससे संगठन को मजबूती मिलेगी पूर्णिमा सिंह भारतीय जनता पार्टी में कई वर्षों से पार्टी में अपनी सेवाएं दे रही थी इनकी पार्टी में कार्य करने की लगन को देखकर इन्हें जिले के महत्वपूर्ण पद से नवाजा गया हैं। पार्टी आशा करती है कि पूर्णिमा सिंह अपने मिले हुए दायित्व को बखूबी निभाने में कामयाब होगी।

भाजपा में बरगवां के कार्यकर्ता जिला पदाधिकारी के योग्य नहीं या गुटबाजी का शिकार


अनूपपुर

अनूपपुर विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगवां के भाजपा कार्यकर्ता, क्या भाजपा सहित विभिन्न मोर्चा एवं प्रकोष्ठ में जिला पदाधिकारी बनने के योग्य नहीं हैl यदि हैं तो अभी तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के अलावा प्रमुख भाजपा संगठन एवं विभिन्न मोर्चों में जिले के महत्वपूर्ण पद इस पंचायत के भाजपा कार्यकर्ताओं को क्यों नहीं प्रदान किए जाते हैंl क्या इस पंचायत के कार्यकर्ता मात्र जिला कार्यसमिति या विशेष आमंत्रित सदस्य के ही योग्य हैंl हालांकि इस पंचायत से युवा भाजपा कार्यकर्ता नीरज गुप्ता को युवा मोर्चा का जिला मंत्री, भाजपा का सह मीडिया प्रभारी एवं किसान मोर्चा का वर्तमान में मीडिया प्रभारी बनाया गया हैl लेकिन प्रमुख पदों में हमेशा ही इस पंचायत के कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज ही किया गयाl नजरअंदाज करने के कारण अनेकों बार सोशल मीडिया में संगठन की कार्यशैली पर सवाल भी उठाए जा चुके हैंl यदि पूर्व के कार्यकाल में नजर दौड़ाई जाए तो इस पंचायत से स्वर्गीय लखन लाल मिश्र को जिला कार्यसमिति सदस्य बनाया गया था और वर्तमान में संदीप पुरी को भाजपा का विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया हैl सवाल यह उठता है कि क्या इस पंचायत के कार्यकर्ता सदस्य पद भर के लिए उपयुक्त हैं जबकि विधानसभा या लोकसभा चुनाव में कड़ी मेहनत के बाद प्रत्याशियों को विजय श्री भी हासिल होती रही हैl

*गुटबाजी तो नहीं है कारण*

यदि अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बरगवां पंचायत में गुटबाजी की बात की जाए तो भले ही यह पंचायत क्षेत्र रहा है लेकिन गुटबाजी हमेशा हावी रही है पहले रामलाल गुट हावी रहा और अब बिसाहूलाल गुट हावी हो चुका हैl हालांकि अनूपपुर विधानसभा उपचुनाव के पूर्व की बात की जाए तो यहां हमेशा ही पूर्व विधायक रामलाल रौतेल एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश द्विवेदी का इस पंचायत में संगठन में दखल रहा हैl हालांकि  द्विवेदी  यहां संगठन  के विषय में  उतना ध्यान नहीं देते थे  जितना रामलाल रौतेल पहले तो पूर्व विधायक का गुट हमेशा हावी रहा लेकिन अब कांग्रेस से भाजपा में आ चुके बिसाहूलाल सिंह का गुट भी हावी हो चुका हैl लेकिन संगठन में इन दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं को जिला पदाधिकारी नहीं बनाया गयाl जबकि बिसाहू गुट के वर्तमान जिला अध्यक्ष बृजेश गौतम के बीच सामंजस्य भी अच्छे हैंl सवाल यह उठता है कि यदि रामलाल गुट वर्तमान समय में हल्का पड़ रहा है तो बिसाहू गुटके भाजपा कार्यकर्ताओं को महती जिम्मेदारी क्यों नहीं सौंपी गईl इस गुट के संदीप पुरी को महज विशेष आमंत्रित सदस्य बनाकर खानापूर्ति कर दी गईl और तो और भाजपा के प्रमुख संगठन के अलावा विभिन्न मोर्चा के जिला पदाधिकारियों की घोषणा की गई उसमें भी बरगवां पंचायत के भाजपा कार्यकर्ताओं को मात्र कार्यसमिति सदस्य ही बनाया गयाl हालांकि अभी भी भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला कार्यकारिणी की घोषणा होना शेष है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि हमेशा की तरह इस मोर्चे में भी बरगवां पंचायत की अनदेखी ही की जाएगीl

*प्रत्येक बूथ में मिली थी विजय*

अनूपपुर विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगवां के प्रत्येक बूथों में भाजपा के कार्यकर्ताओं की लगन और मेहनत के कारण भाजपा प्रत्याशी उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी से आगे रहे हैं और पूर्व में भी एक- दो मतदान केंद्र के अलावा हमेशा भाजपा प्रत्याशियों को विजयश्री हासिल होती रही हैl जबकि अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र में ऐसी अन्य पंचायतें कम ही हैं जहां प्रत्येक बूथ पर भाजपा प्रत्याशी को विजय प्राप्त हुई थीl यदि कार्यकर्ता समय-समय पर पार्टी के कार्यक्रम एवं चुनावों में अपनी महती भूमिका अदा करता है और समय आने पर उन्हें संगठन में तवज्जो नहीं दी जाती है तो असंतोष या दुखी होना लाजमी हैl

दो परिवार के लिए यह वर्ष बना यादगार, विरोध के बाद भी अपनाया परिवार 


अनूपपुर/राजनगर

कोयलांचल क्षेत्र के झीमर कालरी में वर्तमान समय मे रहने वाले पनिका परिवार की ये दस्ता बड़ी ही रोचक है। लगभग 50 वर्ष पूर्व एक परिवार में अनूपपुर जिले के भाद गांव में छः सदस्य थे पति पत्नी व उनके चार बच्चों से ये परिवार भरा पूरा था। परिवार का आपस मे किसी बात को लेकर एक भाई ने घर छोड़ने का फैसला किया और कुछ दिनों बाद मौका देखकर वह घर छोड़कर बाहर जीवन यापन करने की सोच कर कमाने के लिए निकल गये।

            घर छोड़ने के बाद कुछ दिनों तक इधर उधर भटकते रहे, फिर एक अंजान शक्स ने उन्हे सहारा दिया और अपनी औलाद की तरह उसे अपने घर मे पनाह दी, सहारा मिलने के बाद झीमर कालरी (भुकभुका) में रुकने का फैसला किया और कुछ दिनों तक साथ रहने लगे और परिवार ने अपना बेटा और लड़के ने भी पिता के रूप में स्वीकार कर लिया जो यंहा कोल माइंस में कोयला परिवहन में रोड सेल में काम करने लगा,चाय भी बेचा ,इसी बीच  जानकारी हुई कि चक्का/वजन उठाकर  कॉलरी में भर्ती हो रही है तो इन्होंने भी चक्का/ वजन उठाया और कोल माइंस में भर्ती भी हो गई।

कुछ दिनों तक परिवार के सदस्यों द्वारा घर छोड़कर गए हुए अपने बेटे व भाइयों ने वापसी का इंतजार किया।अपने रिश्तेदारों में भी खोजबीन की गई परन्तु कोई जानकारी नही मिली और आगे जीवन की राह में निकल पड़े।

*आखिरकार परिवार को छोड़कर बच्चा गया कँहा। और क्या कर रहा था*

 कुछ दिनों बाद विवाह हुआ और विवाह कर वैवाहिक जीवन व्यतीत करने लगा। और पत्नी से इन्हें एक पुत्री व तीन पुत्र की प्राप्ति हुई,धीरे धीरे समय बीतता गया और बच्चे बड़े हो गए, कुछ समय बाद काफी बिमार रहने लगा और आये दिन हॉस्पिटल में भर्ती रहने लगा।

 अपनी मृत्यु से पहले अपनी पत्नी को अपने खानदान व घर छोड़ने की पूरी बात विस्तार पूर्वक जानकारी दिया और सभी बातों को गोपनीय ही रखने को कहा,काफी समय बीतने के बाद महिला  2019 में अपने पुत्र को सारी बातें विस्तार से बताई।

 माँ की बातों को सुनकर बड़े पुत्र सहित सभी बच्चों और परिवार के सभी सदस्यों के आंखों में आंसू भर आया। तब इनके बच्चों को जिज्ञासा हुई थी नजदीकी गांव भाद जा कर पता लगाने कि कोशिश की कि यह घटना वास्तव मेंकितना  सच है। 

*गांव के सरपंच ने भी  की इस बात की पुष्टि*

 लगभग 1983 से सरपंच के पद पर काबिज सरपंच ने बताया कि यह मामला ग्राम पंचायत भाद का ही है जंहा पनिका समाज के एक पुत्र स्वर्गीय रज्जू उर्फ राजकुमार पनिकाके यंही गाँव मे रहते थे, इस बात की पुष्टि गांव के सरपंच के द्वारा किया गया,बताया गया कि एक परिवार के तीन पुत्रो में एक पुत्र लगभग 50 वर्ष पूर्व किन्हीं कारणों से घर छोड़कर चला गया था यह व्यक्ति जिसका नाम राजकुमार पनिका था जो कि आज इस दुनिया मे नही है किंतु परिवार के कुछ सदस्यों ने तो अपने बिछड़े हुए भाई के परिवार को स्वीकार कर लिया किंतु कुछ ने आपत्ति भी जताई। लगभग 2 साल बाद परिवार के सभी सदस्यों में से एक ने आज भी स्वीकार नही किया बाकि सभी ने इस बात को स्वीकार कर अपना परिवार का सदस्य मान लिया कि यह हमारा ही परिवार है और अपने भाई की मृत्यु से काफी दुखी थे किंतु इस बात से काफी खुश थे कि हमारा बिछड़ा हुआ खानदान/परिवार आज कई सालों बादहमें मिल ही गया जो  हमारे साथ हैं,बिछड़े हुए परिवारों से मिलकर सभी की आंखे नम हो गई।

 *डूमर कछार के झीमर से जुड़ा हुआ है मामला* 

बिछड़ा हुआ परिवार वर्तमान नगर परिषद डूमरकछार (तात्कालिक ग्राम पंचायत डूमर कछार) के  बसाहट झीमर के जनपद सदस्य मानमती पनिका, बृजलाल पनिका उर्फ राजवीर पनिका, तीरथ पनिका व कृष्णा पनिका का परिवार है।

 *साल का आखिरी महीना रहेगा  यादगार* 

कहते हैं कि साल का आखिरी महीना कुछ न कुछ हमेशा छीन लेता है किंतु दो परिवारों के लिए 2021 वरदान साबित हो रहा है।

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