दबंग सचिव बना रहा है भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड, कार्यवाही न होने से बना बादशाह

राजनैतिक पकड़ एवं अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त तिवारी की है बल्ले-बल्ले


इंट्रो- अपने चहेते फर्म ठेकेदार को ग्राम पंचायत कटकोना मे लाकर सचिव ब्रजेश तिवारी ने भ्रष्टाचार का गढ़ बना दिया है, जिसे देखने वह बोलने वाला कोई भी नहीं जिसने शिकायत की वह शिकायत कहां दफन हो गई किसी को आज तक पता नहीं चला बताया तो यहां तक जाता है कि सचिव को राजनैतिक सहित जनपद स्तर के उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों का भी संरक्षण प्राप्त है इसलिए सचिव अपनी मनमानी करते हुए ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की बाढ़ सी लगाने में तुले हुए हैं !

अनूपपुर/कोतमा

कोतमा जनपद अंतर्गत 2 ग्राम पंचायतों में पदस्थ सचिव दोनों ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार करने में तुले हुए हैं पूर्व में खमरौध ग्राम पंचायत के लोगों ने सचिव की शिकायत जनसुनवाई में कलेक्टर के पास की थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो सकी, ऐसा ही हाल इन दिनों सचिव ने ग्राम पंचायत कटकोना में भी कर रखा है निर्माण कार्यों पर जमकर भ्रष्टाचार अपने चहेते फार्म के ठेकेदार को लाकर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी कर पैसे को हजम करने में तुले हुए हैं, बताया जाता है कि पूर्व में भी इनके ऊपर कई आरोप भ्रष्टाचार के लग चुके हैं !

*बिलो को कर दिया धुंधला*

ग्राम पंचायत से किए गए भुगतान के ऑनलाइन जितने भी बिल दिखाई दे रहे हैं उन बिलो को धुंधला कर दिया गया है बताया जाता है कि सचिव ने अपने रिश्तेदार उमा कंस्ट्रक्शन के नाम से फर्म बनाकर ग्राम पंचायत में बिल लगाकर पैसे को आहरित करने का काम कर रहे हैं कई काम तो ऐसे हैं जहां पर बिना इंजीनियर के मूल्यांकन के ही बिलों को उमा कंस्ट्रक्शन के नाम पर निकाल दिया गया है, अगर इस उमा कंस्ट्रक्शन फर्म की जांच की जाए तो सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा !

*सचिव ने कर दिया घोटाले पर घोटाला*

जानकारी के अनुसार सचिव ने ग्रेवल मार्ग जो हरी से चेहरा टोला सड़क पर बनाई जानी थी जिसकी लंबाई लगभग 700 मीटर थी इस सड़क में नाम मात्र का मुरूम डालकर ₹793924 उमा कंट्रक्शन के नाम पर भुगतान कर दिया गया, तो वही बिना इंजीनियर के मूल्यांकन किए ही लगभग ₹400000 पुलिया निर्माण जो की बेल सिंह के घर के पास उरा पहुंच मार्ग पर बनाया गया था उस राशि को भी उमा कंस्ट्रक्शन के नाम पर भुगतान कर दिया गया, मजे की बात तो यह है सचिव ने तालाब में ही तालाब स्वीकृत कर पूरे पैसे भ्रष्टाचार की होली खेल दी, बताया जाता है कि रामसिंह कटकोना के तालाब में जो पूर्व से ही बना हुआ था उसी में ₹462000 स्वीकृत कर पैसे को आहरित कर लिया गया अब जांच क्यों नहीं हो रही सचिव को किसका अभयदान है इतने बड़े  भ्रष्टाचार करने के बावजूद भी सभी जिम्मेदारों ने चुप्पी साध रखी है !

दस्तावेज तथा सुरक्षा मानकों का पालन नही होने पर 34 ऑटो रिक्‍शा जब्त


अनूपपुर

परिवहन एवं यातायात विभाग द्वारा यात्री सुरक्षा को दृष्टिगत रख संयुक्त रूप से ऑटो रिक्षा की सघन जांच अभियान के तहत शनिवार एवं रविवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रांतर्गत 34 ऑटो रिक्‍शा का अवैध संचालन पाए जाने पर जब्त कर संबंधित थाना क्षेत्रों तथा थाना जैतहरी आरटीओ कार्यालय ट्राफिक थाना अनूपपुर, थाना राजेन्द्रग्राम, पुलिस चौकी फुनगा, थाना चचाई, थाना अमरकंटक एवं थाना भालूमाड़ा में खड़ा कराया गया। आरटीओ आर.एस. चिकवा ने बताया है कि ऑटो रिक्‍शा (टैम्पो) के आवश्‍यक दस्तावेजों का परीक्षण तथा सुरक्षा मानकों की जांच की गई, जिसमें उपयुक्तता प्राप्त न होने पर संबंधित वाहनों को अग्रिम कार्यवाही के लिए जब्त किया गया है। उन्होंने बताया है कि जिलेभर में यात्री सुरक्षा के लिए आवश्‍यक कार्यवाही के लिए वाहन चेकिंग अभियान को जारी रखा जाएगा।

जिला चिकित्सालय के सफाई कर्मचारी 2 माह से वेतन नही, काम बंद, धरने पर बैठे

*स्वास्थ्य विभाग ठेकेदार की बड़ी लापरवाही, खाने के पड़े लाले, मिल रही है धमकी*


अनुपपुर

साफ सफाई कर्मचारी जो गंदगी साफ करने का कार्य करते हैं वह कार्य कोई भी नही कर पाते उसको बाद भी इन लोगो को कई समस्यायों का सामना करने को मजबूर है।जिला चिकित्सालय अनुपपुर में आज 13 दिसम्बर से सफाई कर्मचारियो का 2 माह से वेतन न मिलने के कारण काम बंद कर जिला चिकित्सालय के पास धरने पर बैठ गए हैं जिला चिकित्सालय के सफाई कर्मियों द्वारा कलेक्टर अनुपपुर को लिखे पत्र के अनुसार वेतन व पीएफ कटौती की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौपा था समय पर कार्यवाही न होने पर काम बंद कर दिये हैं। बाकी वेतन भुगतान को लेकर वो लोग प्रभारी मंत्री मीना सिंह एवं बेसाहू लाल सिंह को भी सूचना दे चुके है मगर कुछ भी समाधान अभी तक नही हो पाया है ज्ञापन को कॉपी  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अनुपपुर को भी दी जा चुकी है। मगर कही भी सुनवाई नही हो पा रही हैं।

*अधिकारी ठेकेदार मस्त*

वेतन भुगतान न होने की सूचना लगातार अधिकारियों कर्मचारियों और ठेकेदार को समय समय पर देते थे में केवल आश्वासन के अलावा कुछ नही मिला बस यही जबाब मिलता था कि 4 दिन में पूरा भुगतान हो जाएगा। मगर जिले के अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार अपने आप मे मस्त है उन लोगो को सफाई कर्मचारियों समस्यायों से कोई मतलब ही नही है।

*वेतन न मिलने से खाने के पड़े लाले*

जिला चिकित्सालय के सफाई कर्मियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अक्टूबर नवंबर  2 माह का वेतन रुका हुआ है जिससे कारण सफाई कर्मचारियों को आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है, वेतन ना मिलने के कारण से परिवार का भरण पोषण ठीक ढंग से नहीं कर हो पा रहा हैं। दुकान वाले अधिक उधारी हो जाने की वजह से उधारी में सामान देने से भी मना कर दिये हैं। और लगातार दुकान वाले घर पर आकर रुपयों की मांग करते हैं जिससे कर्मचारियो को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। समय से वेतन न मिलने के कारण उन लोगो की परेशानियां बहुत ज्यादा बढ़ गयी हैं। अब उन लोगो को खाने के लाले पड़ गए हैं।

*पीएफ में भी गोलमाल*

सफाई कर्मचारियों को जो वेतन दिया जाता हैं उसमें से नियमानुसार हर माह वेतन से पीएफ काट लिया जाता हैं मगर ठेकेदार द्वारा जितना पीएफ काटा जाता है उतना जमा नही किया जा रहा है। जिससे सफाई कर्मचारियों को अपने की रुपयों का नुकसान उठाना पड़ रहा हैं। ठेकेदार अपनी पूरी तरह मनमानी में उतारू हो गया है मगर ऐसे लापरवाह ठेकेदार पर कोई अंकुश लगाने को तैयार नही है।

*मिल रही है धमकी*

सफाई कर्मचारियों के काम बंद हो जाने के बाद ठेकेदार का सुपरवाइजर के द्वारा काम पर लौटने को बोल रहा हैं कर्मचारियों का वेतन न मिलने पर काम पर लौटने को तैयार नही है तो सुपरवाइजर द्वारा कर्मचारियों को लगातार धमकी दी जा रही हैं कि अगर काम और नही लौटे तो सभी का काम से तो निकाल देंगे और मामला भी दर्ज करवा देगे। क्या वेतन मांगने न्याय मांगना कोई जुर्म है।

*कैसे होगी सफाई*

सफाई कर्मचारियों के काम बंद करने के बाद जिला चिकित्सालय में साफ सफाई नही हो पाएगी जिससे के कारण चारो तरफ गंदगी ही गंदगी नजर आएगी। जिसके कारण बीमारी फैलने का डर बना रहेगा वैसे भी कोरोना का नया वायरस की एंट्री भारत मे हो चुकी है ऐसे में अस्पताल आने जाने वाले कैसे अपने आप को बचा पाएंगे ये कहना बड़ा1 मुश्किल है समय रहते अगर समाधान न हुआ तो बहुत ही विकराल स्थिति बन सकती हैं।

*इनका कहना है*

सफाई कर्मचारियों की समस्या का समाधान हो गया है एक माह का वेतन देने का आदेश हो गया है सफाई कर्मचारी आज से ही काम पर लौट गए हैं।

*डॉ. एस सी राय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अनूपपुर*

बजट के अभाव में सफाई कर्मचारियों का वेतन रुका था कर्मचारियो का वेतन भुगतान जल्द हो जाएगा कर्मचारी काम पर लौट आये हैं।

*डॉ. एस आर परस्ते सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय अनूपपुर*

जब तक हमारा 2 माह का वेतन नही मिलेगा हम लोग काम पर नही लौटेंगे

*मनीषा राणे, मनमोहन राणे, कमल राणे सफाई कर्मचारी*



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