खनिज रेत, पत्थर, गिट्टी के प्रकरणों से वसूला गया साढ़े आठ लाख से भी अधिक का जुर्माना


अनूपपुर 

म.प्र. शासन खनिज साधन विभाग से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन तथा भण्डारण पर प्रभावी रोकथाम हेतु कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना एवं पुलिस अधीक्षक श्री अखिल पटेल के मार्गदर्शन अनुसार खनिज विभाग द्वारा 01 नवम्बर 2021 से 30 नवम्बर 2021 तक खनिज विभाग द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए खनिज रेत के 7 प्रकरणों का निराकृत कर 70 हजार रुपये, खनिज पत्थर के कुल 12 प्रकरणों का निराकरण कर 7 लाख 16 हजार 500 रुपये एवं खनिज गिट्टी के 3 प्रकरणों के निराकरण में 78 हजार रुपये की जुर्माना राशि वसूली गई है। उक्‍ताशय की जानकारी देते हुए खनि अधिकारी सुश्री आशा लता वैद्य ने बताया है कि माह नवम्बर 2021 में खनि विभाग द्वारा 8 लाख 64 हजार 500 रुपये की जुर्माना वसूली कर राशि शासकीय कोष में जमा कराई गई है।

 सीएम हेल्पलाइन बनी मजाक 17 दिन बाद भी अतिक्रमण नहीं हटा पाई नपा.शिकायत एल 3 अधिकारी तक पहुंची


अनूपपुर 

सीएम हेल्पलाइन 181 जन हेतु-जन सेतु जिला मुख्यालय अनूपपुर में मजाक बनकर रह गई है। 23 नवंबर 2021 को की गई शिकायत एल 1,एल 2, एल 3 अधिकारी के पास पहुंच चुकी है।17 दिन में अतिक्रमण को लेकर की गई शिकायत का समाधान आज तक नहीं निकल पाया।नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत अतिक्रमण की बाढ़ सी आ गई है।जिस तरफ भी देखा जाए अतिक्रमण ही अतिक्रमण नजर आता है नित्य नए अतिक्रमण शासन प्रशासन की लापरवाही से खड़े होते जा रहे हैं।सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 15919256 एवं 15919257 में

जब अतिक्रमण को लेकर शिकायत की गई तो नगरपालिका अनूपपुर द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया गया बल्कि अपने पत्र क्रमांक 1883 दिनांक 25/11/2021 को सीएम हेल्पलाइन में जानकारी प्रेषित की गई कि पुलिस बल प्राप्त होते ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन आश्चर्य की बात है की एल 1 अधिकारी द्वारा खानापूर्ति की गई अतिक्रमण आज भी यथावत बना हुआ है।समयावधि समाप्त होने के बाद सीएम हेल्पलाइन से एल 2 अधिकारी को मामला स्थानांतरित कर दिया गया लेकिन उसके बावजूद भी जिला मुख्यालय के शहर में अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है। इसके बाद एल 3 अधिकारी के पास शिकायत पहुंच चुकी वहां भी कार्यवाही अभी तक होते नजर नहीं आई।सीएम हेल्पलाइन केवल नाम के लिए है कार्यवाही कहीं भी नजर नहीं आती।शिकायतकर्ता ने बताया कि पूर्व में भी सीएम हेल्पलाइन में अन्य विभाग से संबंधित शिकायत दर्ज की गई थी लेकिन कार्यवाही एल 4 अधिकारी के पास जाकर लंबित पड़ी रही और उस अधिकारी का रिटायरमेंट हो गया उसे कोई सजा नहीं दी गई। इस तरह कहा जा सकता है की सीएम हेल्पलाइन केवल दिखावे के लिए बनी हुई है कार्यवाही कुछ भी नजर नहीं आती।मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री को इस संबंध में जानकारी प्रेषित की गई है की सीएम हेल्पलाइन पर पैनी नजर डालें और कार्यवाही सुनिश्चित कराएं। सीएम हेल्पलाइन जिस उद्देश्य को लेकर बनी की जन हेतु-जन सेतु का कार्य करेगी लेकिन संबंधित अधिकारी उसके उद्देश्यों पर पलीता लगाते नजर आ रहे हैं।जब सीएम हेल्पलाइन का हाल बेहाल है तो लोग क्या उम्मीद कर सकते हैं कहां लोगों की सुनवाई होगी।जिला मुख्यालय का शहर अनूपपुर है यहां किसी भी और नजर डाला जाए तो चारों तरफ अतिक्रमण की बाढ़ सी आ गई है।जिला मुख्यालय में ही नहीं पूरे जिले के अंदर देखी जा सकती है इसे प्रशासन की सुस्ती ही कहा जाएगा जिसके कारण नए-नए अतिक्रमण को बढ़ावा मिलता जा रहा है। अच्छी चौड़ी सड़कें सकरी गली ही बन गई हैं और जिन गलियों में आने जाने की राह है वहां दुकाने फैली हुई है। लोगों को आने जाने में कितनी तकलीफ होती है यह किसी को नजर नहीं आ रहा स्टेशन से बस स्टैंड हो या किसी भी मार्ग पर नगर पालिका क्षेत्र में आने जाने में हर किसी को तकलीफ है।लेकिन नगरपालिका, राजस्व ,जिला प्रशासन, पुलिस विभाग किसी को भी शहर के अतिक्रमण से कोई लेना देना नहीं है।शहर में कोई पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से दुकानों के सामने चौराहे पर जहां खाली जगह मिली वहां पार्किंग होती रहती है इस पर किसी की नजर नहीं जा रही। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय शिवराज सिंह जी चौहान से अपेक्षा है सीएम हेल्पलाइन को तत्काल प्रभाव से बंद करा दें।जब छोटी छोटी बाते एल 1, एल 2 ,अधिकारी तक नहीं निपट पा रही तो किस काम का सीएम हेल्पलाइन...?

मवेशी बाजार तालाब मेढ पर लगातार जारी है अतिक्रमण, जिम्मेदारो को नही चिंता..? 

*नोटिस जारी कर प्रशासन सो रहा गहरी नींद, नहीं हो रही कार्यवाही*


अनूपपुर/कोतमा

नगर पालिका परिषद कोतमा क्षेत्र में भू माफियाओ ने अतिक्रमण की होड़ मचा रखी है जिसे देखने सुनने वाला दूर दूर तक कोई नही है।आज आलम ऐसा नजर आ रहा है कि कोतमा के मुख्य सड़क मार्ग,सार्वजनिक तलाबो की 30 मीटर दूरी पर ही मेढ़ो में अतिक्रमण नगर पालिका के नाक के नीचे जोर शोर से चल रहा है।नगर पालिका की वार्ड नं 04 दर्री टोला में नगर पालिका कर्मचारियों के आवास के लिए नजूल की प्रस्तावित भूमि पर बहु मंजिला मकान पूंजी पति/धन्ना सेठों के बन गए और नगर पालिका,कोतमा राजस्व विभाग के अधिकारी एवम जनप्रतिनिधि अपनी आंखों से सब कुछ देखते हुए भी चुप चाप है।वही मवेशी बाजार से लगे सार्वजनिक तालाब जो मवेशियों के लिए पानी की सुविधा के लिए बनाया गया था आज अतिक्रमणकारी अपने अपने महल व दुकान तान रहे हैं। बीते 4 महीनो से लगातार तालाब के 30 मीटर की दूरी पर,तालाब मेढ़ एवम कोतमा के मुख्य सड़क मार्ग से लगी भूमि पर कुछ रसूखदार खुलेआम अतिक्रमण कर रहे हैं और राजस्व विभाग,नगर प्रशासन और जनप्रतिनिधि चुपचाप बैठे हुए हैं।वही नगरीय प्रशासन ने निर्माण कार्य कराने वाले लोगो को कारण बताओ नोटिस देकर कुंभकर्णीय नींद पर चले गए हैं और निरंतर निर्माण कार्य जारी है।वही स्थानीय लोगों की माने तो वार्ड नं 04 तालाब मेढ़ पर हो रहे अतिक्रमण पर राजनीतिक संरक्षण भी अतिक्रमणकारियो को प्राप्त है,जिससे बेधडक होकर बिना डर के तालाब की भूमि पर अतिक्रमण तेजी से किया जा रहा है।

*रसूखदारो ने तालाब की भूमि पर अतिक्रमण की मचाई होड़*

कोतमा मवेशी बाजार स्थित तालाब कई वर्षो पुराना है, अमलई देवरी निवासी महराज की पुस्तैनी भूमि पर मवेशियों जानवरो के लिए पानी पीने की सुविधा के लिए सार्वजनिक रूप से तालाब खुदवाया गया था,किंतु कुछ वर्षों पहले ही देवरी निवासी महराज द्वारा उत्तम जायसवाल को तालाब एवम तालाब से लगी भूमि का क्रय विक्रय कर दिया गया और चंद वर्षो बाद ही उत्तम जायसवाल ने भी बेचू केवट को तालाब एवम तालाब से लगी भूमि का क्रय विक्रय कर दिया और बेचू नामक व्यक्ति ने 11 व्यक्तियों को पटवारी हल्का कोतमा खसरा नं 741 की रजिस्ट्री करा दी।वर्ष 2018 में कोतमा के एक सीएमओ ने मवेशियों के तालाब से लगी मेढ़ पर निर्माण कार्य करने की रसूखदार व्यक्तियों से सांठगांठ कर आनन फानन में अनुमति ऑनलाइन दिला दी थी।किंतु 4 वर्ष तक अतिक्रमणकारी रसूखदार चुपचाप बैठे रहे और कुछ महीनो पहले 6 अतिक्रमणकारियो ने तालाब से 30 मीटर की दूरी पर ही तालाब मेढ़ व मुख्य सड़क मार्ग से लगी भूमि पर बहुमंजिला इमारत तानी जा रही है।सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार जबकि अतिक्रमणकारियों की भूमि खसरा नं.741 की रजिस्ट्री है और अतिक्रमणकारी 742,743 पर अतिक्रमण निर्माण कार्य कर रहे हैं।

*नपां.की पूर्व अनुशंसा निरस्त योग्य,फिर भी रसूखदार सब पर भारी*

लाखो करोड़ों कीमती भूमि को कोतमा मवेशी बाजार पर स्थित तालाब भूमि को रसूखदारो ने चंद वर्षो पहले सस्ते दाम में खरीदा और 2018 में नगर पालिका से निर्माण कार्य की ऑनलाइन अनुशंसा भी करवा ली।लेकिन 4 वर्षो तक निर्माण कार्य शुरू नही किया अब 2021 में उसी अनुशंसा के आधार पर तालाब मेढ़ पर अतिक्रमण कार्य रसूखदार अरुण तिवारी(विचारपुर),संजय केसरवानी,लक्की शर्मा (मौहरी),गुंजन चक्रवर्ती एवम 2 कोतमा के अन्य व्यक्तियों का निर्माण कार्य जोर शोर से चल रहा है।जिसको देखते हुए 2 बार नगर पालिका कोतमा द्वारा नोटिस अब तक जारी की जा चुकी है,नगर पालिका परिषद द्वारा पत्र क्र. 248/नपा/राजस्व/2021 दिनांक 22/09/2021 को संजय केसरवानी पिता रामनारायण केसरवानी को निर्माण कार्य रोकने के संबंध में नोटिस जारी किया गया और नगर पालिका द्वारा पत्र में साफ शब्दों में अभिलेख किया गया है कि पूर्व में ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से आराजी खसरा नं.741/3 की अनुशंसा दिनांक 21/12/2018 को जारी की गई थी जो कि भूमि विकास अधिनियम 2012 के प्रावधान के अनुसार जल श्रोत के 30 मीटर की दूरी में होने के कारण पूर्व आदेश निरस्त योग्य है।

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