सेना का हेलिकॉप्टर MI-18V5 क्रैश में 14 में से 13 की मौत होने की खबर


तमिलनाडु में कुन्नूर में बुधवार को दोपहर 12:20 बजे सेना का Mi-17V5 हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। घने जंगलों में हुए इस हादसे के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई। इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका समेत सेना के 14 अफसर सवार थे। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, 13 की मौत हो गई है।

हादसे के करीब एक घंटे बाद यह जानकारी दी गई कि जनरल रावत को वेलिंगटन के मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया है। उनकी स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा है कि वे गंभीर रूप से घायल हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जनरल रावत के दिल्ली स्थित घर उनके परिवार से मिलने पहुंचे। इस हादसे पर रक्षामंत्री संसद में गुरुवार को बयान देंगे।

जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ हैं। उन्होंने 1 जनवरी 2020 को यह पद संभाला। रावत 31 दिसंबर 2016 से 31 दिसंबर 2019 तक सेना प्रमुख के पद पर रहे।

घने जंगल और कम विजिबिलिटी हादसे की वजह दिल्ली में उच्च पदस्थ सूत्रों ने भास्कर को बताया कि हादसे की वजह घने जंगल और कम विजिबिलिटी रहे । खराब मौसम के दौरान बादलों में विजिबिलिटी कम होने की वजह से हेलिकॉप्टर को कम ऊंचाई पर उड़ान भरनी पड़ी। लैंडिंग पॉइंट से दूरी कम होने की वजह से भी हेलिकॉप्टर काफी नीचे उड़ान भर रहा था। नीचे घने जंगल थे इसलिए क्रैश लैंडिंग भी फेल हो गई। इस हेलिकॉप्टर के पायलट विंग कमांडर और सीओ रैंक के अधिकारी थे, ऐसे में मानवीय भूल की आशंका न के बराबर है।

रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग ने दी श्रद्धांजलि अभी जनरल बिपिन रावत के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सेना के सूत्र और कुछ पूर्व अफसरों ने जनरल बिपिन रावत की मौत को लेकर ट्वीट किया है। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग ने जनरल बिपिन रावत को ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है।

 देवी मढिया में मिला अज्ञात भिखारी का शव पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

8 दिसंबर 2021 कोतवाली अनूपपुर अंतर्गत नगर के चचाई रोड स्थित देवी मढ़िया तालाब के पीछे बरगद के पेड़ के नीचे मंगलवार की रात शुभम सिंह पिता मनमोहन सिंह परिहार की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति उम्र लगभग 45 वर्ष जो भिखारी रहा है तथा शनी बाबा के नाम से जाना जाता रहा का शव बरामद किया गया मौके पर कोतवाली निरीक्षक अमर वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर मृतक के शव का पंचनामा किया जिस दौरान अज्ञात मृतक के सिर,गर्दन एवं दोनों पैरों में गंभीर चोट होना पाया गया जिससे अज्ञात मृतक की अज्ञात व्यक्तियों द्वारा हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है,पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा करने बाद देर रात होने के कारण शव को जिला चिकित्सालय के पीएम वार्ड में सुरक्षित रखवा कर बुधवार की दोपहर ड्यूटी डॉक्टर से शव परीक्षण की कार्यवाही कर शव को सुरक्षित रखा गया है वहीं पुलिस अज्ञात मृतक की पहचान हेत पतासाजी में लगी हुई है।

धान उपार्जन केंद्र बदलने से किसान नाराज, २ दिन में समस्या हल नही तो करेंगे आंदोलन

*8 सूत्रीय मांग को लेकर किसानों ने कलेक्टर को सौपा ज्ञापन*


अनूपपुर

 अनूपपुर जिले के ग्राम बेलिया बड़ी के किसानो का धान उपार्जन केंद्र पहले देवगवां था जिसे बदलकर कोतमा कर दिया गया हैं जबकि कुछ किसानों के धान कट चुके है और कुछ के कट रहे हैं केंद्र बदलने से किसान काफी चिंतित हैं। देवगवां बेलिया बड़ी से 3 किलोमीटर है जिससे किसान बैलगाड़ी और अन्य साधन से कम खर्चे में किसान अपना धान बेच देते थे जबकि अब कोतमा कर देने से 12 किलोमीटर किसानों को जाना पड़ेगा जिसके कारण भाड़ा और समय ज्यादा खर्च होगा जबकि अन्य गांव का देवगवां केंद्र अभी भी है  जिसके कारण  किसान काफी ज्यादा नाराज हैं कुछ किसान अभी नाराजगी व्यक्त करने जिला मुख्यालय अनूपपुर कलेक्टर कार्यालय पहुँच गए और कलेक्टर महोदया को किसानों ने अपनी समस्या को बताते हुए 8 बिंदु की मांग का ज्ञापन सौपे है किसानों की समस्या को देखते हुए कलेक्टर महोदया ने समस्या हल करने का आश्वासन दिया है। किसानों ने ज्ञापन में यह भी अल्टीमेटम दिया है कि अगर 2 दिन में किसानों की समस्या हल नही हुई तो किसान कोविड़ 19 के नियमो का पालन करते हुए आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे जिसकी समस्त जबाबदारी प्रशासन की होगी।

*ये है किसानो की समस्याएं*

1. प्रार्थीगण ग्राम बेलिया बड़ी जिला अनुपपुर मध्यप्रदेश के मूल निवाशी है और जीवकोपार्जन हेतु सहकारी समिति से ऋण लेकर कृषि का कार्य करते हैं। 

2. यह कि इस वर्ष के पूर्व वर्षों से ग्राम बेलिया बड़ी के खरीफ फसलों के उत्पादों की खरीदी शासन के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति देवगवां के द्वारा अन्नपूर्णा वेयरहाउस जो की ग्राम देवगवां में स्थिति हैं जिसकी दूरी प्रार्थीगणों के ग्राम से मात्र 3 किलोमीटर है।

3. यह कि इस वर्ष खरीफ फसलों के उपार्जन हेतु आदिम जाति सेवा सहकारी समिति देवगवां के द्वारा ग्राम बेलिया बड़ी के किसानों के लिए प्रथक से ग्राम बेलिया बड़ी से 12 किलोमीटर दूर कोतमा में मार्कफेड के गोदामों के पास बनाया गया है। जबकि अन्य गावो के लिए उपार्जन केंद्र  देवगवां अन्नपूर्णा वेयरहाउस में ही है।

4. यह कि ग्राम बेलिया बड़ी में कुछ लघु एवं कुछ बड़े कृषक है जो पूर्णरूपेण शासन के उपार्जन व्यवस्थाओं पर आश्रित है छोटे कृषक जिनके पास मात्रा 5 क्विंटल के फसल उत्पाद है उन्हें अपने फसल उत्पादों के विक्रय हेतु नए उपार्जन केंद्र कोतमा ले जाने में उनके फसल के विक्रय मूल्य से ज्यादा उन्हें भाड़ा ( ट्रांसपोर्टिंग चार्ज) देना पड़ेगा, चुकी अन्य जिलों में फसल उत्पादों को उपार्जन केंद्र तक लाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों के द्वारा किसान रथ का संचालन किया जा रहा है लेकिन हमारे ग्राम में ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है, विचारणीय है कि ऐसी स्तिथि में किसान करे तो करे क्या। 

5. यह कि ग्राम बेलिया बड़ी के किसानों के फसल उत्पाद को विक्रय करने के लिए प्रशासन के द्वारा समुचित केंद्र की व्यवस्था नहीं की जाएगी तो किसानों के फसल उत्पादों एवं किसानों की दुर्दशा हो जाएगी और किसान कर्ज में लदे रहेंगे।

6. यह कि किसानों की फसल यदि शासन के द्वारा उचित प्रबंध कर नहीं खरीदी जाएगी तो किसानों के सारे फसल उत्पादों को बिचौलियों द्वारा खरीद लिया जाएगा और किसान ऐसा करने को मजबूर होंगे।

7. यह कि ग्राम बेलिया बड़ी से कोतमा पहुच मार्ग अभी निर्माणधीन है जिसके कारण किसानों को अपने फसल उत्पादों को कोतमा ले जाने में भारी असुविधा का भी सामना करना पड़ेगा।

8. यह कि यदि शासन के द्वारा उपार्जन केंद्र का उचित प्रबंध कर धान की खरीदी नहीं की जाएगी तो ग्राम बेलिया बड़ी के आधे से अधिक किसान कर्ज के मनोव्यज्ञानिक दबाब में आकर किसी भी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं।

किसानो ने कलेक्टर महोदया से आग्रह किये हैं कि हमारा धान उपार्जन केंद्र पुनः देवगवां करके किसानों की समस्या हल किया जाए। 


MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget