कलेक्टर ने लाला प्रसाद को थाना प्रभारी समक्ष हाजिरी दर्ज कराने दिया आदेश


अनूपपुर

 कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री सोनिया मीना ने अनावेदक लाला प्रसाद पिता गोविन्द प्रसाद उम्र 45 वर्ष निवासी करौंदी थाना राजेन्द्रग्राम जिला अनूपपुर जो वर्ष 2004 से 2020 तक लगातार 10 आपराधिक गतिविधियों में संलग्न पाया गया है को 30 अप्रैल 2022 तक की कालावधि तक प्रत्येक मंगलवार के 12 बजे दिन थाना प्रभारी राजेन्द्रग्राम जिला अनूपपुर (म.प्र.) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर हाजिरी दर्ज कराने का आदेश दिया है। उन्होंने अनावेदक को आदेश दिया है कि वह अपने आपराधिक कृत्यों को पूर्णतः त्याग दे, अन्यथा एक भी आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की दशा में उसके विरुद्ध जिला बदर का प्रकरण पुनः प्रांरभ किया जाकर समुचित कार्यवाही की जा सकेगी। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि उपरोक्त आदेश का पालन न करने, उल्लंघन करने या विरोध करने पर, म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 14 के अंतर्गत अनावेदक को गिरफ्तार किया जावेगा जो 03 वर्ष के कारावास व जुर्माने से दण्डनीय होगा।         

       पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने अनावेदक के विरुद्ध प्रतिवेदन में लेख किया है कि, अनावेदक वर्ष 2004 से अपराध जगत में प्रवेश कर लगातार आपराधिक जीवन व्यतीत कर रहा है। अनावेदक आदतन अपराधी है जो थाना क्षेत्र राजेन्द्रग्राम में चोरी, गुण्डागर्दी, लड़ाई-झगड़ा, मारपीट करना जैसे अपराधों में संलिप्त होकर लगातार अपराध घटित करता चला आ रहा है। अनावेदक के भय व आतंक से क्षेत्र की आम जनता के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। अनावेदक के आपराधिक गतिविधियों में अंकुश लगाने हेतु समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियां की गई, किन्तु अनावेदक के आचरण में कोई सुधारात्मक परिवर्तन नहीं हुआ है, बल्कि लगातार अपराध घटित करता चला आ रहा है। अनावेदक के आपराधिक कृत्यों से आम जनता उसके विरुद्ध थाने में रिपोर्ट करने व न्यायालय में गवाही देने से डरते हैं। अनावेदक का समाज में स्वछंद विचरण करना समाज के लिए घातक है। उपरोक्त परिस्थितियों में अनावेदक के विरुद्ध म.प्र. सुरक्षा एवं लोक व्यवस्था नियम की धारा 5, 6, 7 के अंतर्गत कार्यवाही किया जाना आवश्‍यक है।

गुप्ता ट्रेडर्स राजेन्द्रग्राम एवं गणपति बीकानेर स्वीट्स जमुना कालरी के संचालकों पर 10-10 हजार रुपये की शास्ति अधिरोपित


अनूपपुर 

 न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री सरोधन सिंह ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं नियम 2011 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राजेन्द्रग्राम स्थित फर्म गुप्ता ट्रेडर्स के संचालक बृजेश गुप्ता पर धारा 52 के तहत एवं जमुना कॉलरी स्थित गणपति बीकानेर स्वीट्स एवं नमकीन के संचालक शैतान सिंह पर धारा 51 के तहत 10-10 हजार रुपये की शास्ति (अर्थदण्ड) अधिरोपित की है। विदित हो कि फर्म गुप्ता ट्रेडर्स का बासमती गोल्ड पोहा का नमूना जांच उपरांत मिथ्याछाप (मिसब्राण्डेड) एवं गणपति बीकानेर स्वीट्स एवं नमकीन का बीकानेरी बर्फी (लूज) का नमूना जांच उपरांत अवमानक स्तर का पाया गया। उक्त दोनो खाद्य पदार्थों का नमूना जांच हेतु  अनूपपुर जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा लिया गया था।  

       न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री सिंह ने बृजेष गुप्ता एवं शैतान सिंह को 30 दिवस के भीतर 0210 मेजर हेड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा अनूपपुर में ट्रेजरी चालान के माध्यम से उक्त राशि जमा करने एवं चालान की मूल प्रति न्यायालय न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी जिला अनूपपुर में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सुरक्षा के नाम पर लाखो खर्च फिर भी सुरक्षा के नाम हो रहा खिलवाड़

*ये कैसी सुरक्षा लापरवाही या साजिश, सुरक्षा गार्ड के रहते हो रही है सेंधमारी*


अनूपपुर

एसईसीएल ने पूर्व में सुरक्षा का जिम्मा प्राइवेट ठेकेदारों को सौंप दिया था ठेकेदारों के द्वारा प्राइवेट लोगों को रखकर कॉलरी परिसर सुरक्षा का इंतजाम देखती थी, लेकिन फिर से एसईसीएल ने प्राइवेट ठेकेदारों के माध्यम से सुरक्षा का जिम्मा हटाते हुए एसआईएसएफ (राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल) के जिममें सौंप दिया, पर इनके रहते कॉलरी की सुरक्षा पर सेंध लगाते हुए कोल माफियाओं ने बड़े-बड़े ट्रक वाहन परिसर के अंदर घुसा कर कोयला चोरी पिछले 3 महीनों से करते रहे थे और इन्हें भनक तक नहीं लगी आश्चर्य की बात तो यह है की 28 नवंबर की दरमियानी रात पकड़े गए ट्रेलर वाहन की जानकारी एसआईएसएफ के जवानों को नहीं है ! वह तो गनीमत रही कि परिसर में मौजूद कांटा बाबू ने ट्रेलर वाहन को देख लिया और इसकी जानकारी तत्काल ही खान प्रबंधक को दी तब जाकर मामला खुला कि परिसर में बड़े वाहनों से कोयले चोरी  एसआईएसएफ सुरक्षा पर तैनात जवानों के रहते भी हो रही हैं !

*प्रति जवान 50 हजार  तनख्वाह*

मिली जानकारी के अनुसार कॉलरी प्रबंधन प्रतिमाह प्रत्येक जवान ₹50000 के हिसाब से एसआईएसएफ के जवानों के लिए सुरक्षा के नाम पर पेमेंट करती है जिससे कालरी की सुरक्षा पर कोई सेध ना लगा सके, पर लाखों खर्च करने के बावजूद कालरी सुरक्षा पर सेध लगना कहीं ना कहीं  एसआईएसएफ की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े करती है अब प्रबंधन इनके ऊपर क्या कार्यवाही करती हैं आगे ही पता चलेगा हालांकि प्रबंधन का कहना है सुरक्षा का जिम्मा हमने एसआईएसएफ के हवाले कर रखा है !

*3 नंबर गेट पर 3 जवान की ड्यूटी*

मिली जानकारी के अनुसार 28 नवंबर की दरमियानी रात जब ट्रेलर वाहन परिसर के अंदर कोयला लोड पाया गया तो 3 नंबर गेट (जहां से कोयला ट्रांसपोर्ट के लिए ट्रेलर वाहन आते जाते हैं) पर  एसआईएसएफ  देवेंद्र नामक जवान की ड्यूटी थी पर माफियाओं ने सुरक्षा को सेंध लगाते हुए वाहन को परिसर के अंदर घुसाने में सफल रहे और इसकी भनक एसआईएसएफ के जवान को नहीं लगी बड़े आश्चर्य की बात है कि इतनी बड़ी घटना परिसर में घटी और सुरक्षा पर तैनात जवान को इसकी जानकारी ना हो, हालांकि पुलिस ने बूम बैरियर में तैनात कर्मचारियों के विरुद्ध भी विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है अब पुलिस के जांच के बाद ही आगे का पता चलेगा कि किसकी लापरवाही से ट्रेलर वाहन परिसर के अंदर प्रवेश किया !

*इनका कहना है*

कॉलरी प्रबंधन से हमने 28 नवंबर की दरमियानी रात बूम बैरियर (3 नंबर गेट) में तैनात कर्मचारियों की सूची मांगी है सूची आते ही आगे की कार्यवाही की जाएगी ! 

*अजय बैगा थाना प्रभारी रामनगर*

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