पीड़िता की पुश्तैनी भूमि पर दबंगों का जबरन कब्जा, न्यायालय के स्थगन आदेश को दिखा रहे  ठेंगा..?


इंट्रो -पीड़िता महिला को आए दिन मिल रही धमकी पर धमकी, न्यायालय तहसील कोतमा के स्थगन आदेश के बाद भी दबंग कर रहे धान की फसल की कटाई, पीड़ित ने थाने पर लगाई न्याय की गुहार ..!

अनूपपुर/कोतमा

कोतमा तहसील क्षेत्र में आजकल पुस्तैनी भूमि स्वामियों की अपने पुश्तैनी भूमि पाने के लिए पीड़ित लोग दर-दर भटक रहे,सीधे-साधे लोगों के साथ कुछ जालसाज मिलकर कूट रचना रचित कर फर्जी दस्तावेजों के सहारे लाखों-करोड़ों कीमती भूमि पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। दबंग व्यक्तियों द्वारा ऊंची पहुंच पकड़ के कारण गरीब असहाय लोगों की पुश्तैनी भूमि पर कब्जा करने का खेल खेला जा रहा है। कोतमा तहसील क्षेत्र में आज आलम ऐसा है की दबंगों की दबंगई बढ़ चढ़कर बोल रही हैं, उन्हें कानून का डर भय नजर नहीं आ रहा है और बेधड़क होकर  कानून को ठेंगा दिखाकर दबंगई के दम पर पुश्तैनी भू स्वामियों की कृषि भूमि पर जबरन ट्रैक्टर वाहन चलवा कर जुताई करा दी जाती है और आनन-फानन में पीड़िता महिला की पुश्तैनी भूमि पर धान की फसल की बुवाई करा दी जाती है। जबकि पीड़ित महिला कीर्तन बाई पिता नत्थू गोड़ द्वारा पहले ही अपनी पुश्तैनी कृषि भूमि पर ट्रैक्टर लगाकर जुताई कराकर धान फसल की बुवाई कर दी गई इसके बावजूद दबंगों ने अपनी दबंगई के दम पर ट्रैक्टर चलवा कर उसकी फसल को पहले नष्ट कर पुनःधान की फसल जबरन लगवा दी गई। पीड़ित महिला न्याय के लिए इधर-उधर भटकती फिरती रही, अंततः न्यायालय तहसील कोतमा की शरण पर जाकर समस्त राजस्व अभिलेख दस्तावेजों के साथ प्रतिवेदन अपना प्रस्तुत किया तब जाकर उसे न्याय की आस जगी।


पीड़िता महिला की कई एकड़ भूमि पर दबंगों का कब्जा-


पीडि़त महिला कीर्तन बाई पिता नत्थू गोड़ उम्र 47 वर्ष निवासी ग्राम- बनवारी, थाना-भालूमाडा़, तहसील -कोतमा, हाल निवासी ग्राम हरद,जिला अनूपपुर की निवासी है। कोतमा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित भूमि शिकायतकर्ता कीर्तन बाई पिता स्व.नत्थू गोड़ ,पत्नी बोहित सिंह एंव बेलाबाई (बेबा) पति स्वर्गीय नत्थू सिंह गोड़ की पुश्तैनी आराजी भूमि खसरा नंबर 167, 201, 202, 203/2, 197/2/2, 449/2/2,611/1/2/2, 621/1/2/2, 772 ,774/2, 775/2 क्रमशः रकवा 0.085, 0.053, 0.539, 0.271,  0.053,  0.639, 0.134, 0.275, 0.081, 0.053, 0.320 हे. कुल 11किता जुमला रकवा 2.503 हे. ग्राम मनमारी,पटवारी हल्का गोहण्ड्रा नं.14 रा.नि.मा. कोतमा - तहसील ,थाना- कोतमा में स्थित भूमि पर उसके ही रिश्तेदार सुखन्तू बेबा फूल सिंह,आशा पुत्री फूल सिंह दोनों निवासी मनमारी एंव राजेन्द्र सिंह गोड़ निवासी बधवाटोला व्दारा षडयंत्र पूर्वक पीड़िता की उक्त भूमियों पर जबरन अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है जिसे देखने सुनने वाला कोई नहीं है। दिनांक 17  एंव 18/07/2021 को पीड़िता महिला की पुश्तैनी कृषि भूमि पर शुकन्तू बेबा,आशा सिंह गोड़ , राजेन्द्र सिंह गोड़ तीनों मिलकर पीड़िता की भूमि पर जबरन कब्जा के नियत से ट्रैक्टर लगाकर जोताई करा कर धान की फसल बुवाई जाती है जबकि उक्त भूमि पर पीड़िता महिला पहले ही धान की फसल की बुवाई करा दी गई थी किंतु दबंगों ने ऊंची पहुंच पकड़ और दबंगई के दम पर पहले पीड़िता की फसल को नष्ट कर पुनः धान उन्हीं खेतों पर बुवाई करा दी।


फरियादी ने न्यायालय तहसील से न्याय की लगाई गुहार,स्थगन आदेश के बाद फसल की कटाई जोरो पर-


पीड़िता कीर्तन बाई गोड़ की भूमियों पर उपरोक्त दबंगों द्वारा अवैध कृषि कार्य/जोताई कर अवैध कब्जा किए जाने को लेकर पीड़िता महिला कीर्तन बाई न्यायालय तहसील कोतमा की शरण में न्याय के लिए जा पहुंची, जहाँ माननीय न्यायालय तहसील, तहसील कोतमा द्वारा उक्त आराजी पर अवैध कब्जा किए जाने पर आगामी आदेश तक के लिए स्थगन आदेश दिनांक 12/10/2021 जारी किया जाता है। और सुखन्तू सिंह गोड़ ,,आशा सिंह गोड़ , राजेन्द्र सिंह गोड़ को भूमियों पर लगी धान की फसल  आगामी आदेश तक ना कटाई करने तथा आवेदिकागण के शांति पूर्ण कब्जें में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न करने का स्थगन आदेश न्यायालय तहसील कोतमा द्वारा जारी किया जाता है, इसके बावजूद न्यायालय तहसील के आदेशों की अवहेलना करते हुए सुखन्तू बेबा फूल सिंह, आशा पुत्री फूल सिंह गोड़, राजेन्द्र सिंह गोड़ द्वारा प्रार्थीया की भूमियों से धान की फसल की कटाई दबंगई के साथ खुलेआम धड़ल्ले से की जा रही है जिसकी शिकायत पीड़िता महिला ने थाने पर दर्ज कराई है।

CCF ने किया हाथी प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण, हाथियों के निरंतर विचरण से ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश 


अनूपपुर

15 नवंबर 2021 छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन क्षेत्र से 27 सितंबर की रात आए 40 हाथियों के समूह का मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा तहसील एवं वन परिक्षेत्र अंतर्गत मलगा टॉकी,आमाडाड, बरंतराई,फुलकोना आदि क्षेत्रों में विगत 49 दिनों से निरंतर विचरण कर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं जिस का आंकलन करने के लिए सोमवार की दोपहर मुख्य वन संरक्षक वन वृत्त शहडोल पी,के,वर्मा ने वन मंडल अधिकारी अनूपपुर डॉ ए,ए, अंसारी के साथ हाथी प्रभावित इलाके का भ्रमण कर आम जनों एवं वन विभाग के कर्मचारियों से बातचीत कर सतर्कता बनाए रखने एवं हाथियों के समूह से आमजन को दूर रखने,निरंतर मुनादी कराते रहने तथा राजस्व विभाग के साथ मिलकर गांव वालों की फसलों एवं अन्य तरह के नुकसान का सर्वेक्षण कराने में मदद कर मुआवजा दिलाए जाने हेतु प्रकरण तैयार कराए जाने की बात कही इस दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी कोतमा परिवेश सिंह भदौरिया के साथ वन विभाग का मैदानी अमला उपस्थित रहा है ज्ञातव्य है कि रविवार की शाम40 हाथियों का समूह मलगा के महानीम कुंडी जंगल से निकल कर फुलवारी टोला से मनेंद्रगढ़- मरवाही मुख्य मार्ग पार कर  आमाडाड ओ,सी,एम, कॉलरी के पास से कोहका,करकटीटोला, मन्टोलिया,बड़काटोला,ऊरा,खोडरी नंबर 2,सेमरा गांव में लगी धान की फसलों को अपना आहार बनाते-चरते हुए सोमवार की सुबह भलमुडी से पुनः रोड पार कर सैतिनचुआ गांव से तिलवारी एवं पनहीबूडा जंगल में चले गए सोमवार की शाम हाथियों का समूह पनहीबूडा टांकी के जंगल से गुल्लूटोला से बिछड़ीटोला की ओर धान की खेती में चऱने के लिए देर शाम पहुंच गए हाथियों के द्वारा निरंतर किए जा रहे नुकसान को लेकर इलाके के दर्जनों गांव के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है जिससे भारी आक्रोश की स्थिति निर्मित है अब तक हाथियों द्वारा किए गए नुकसान पर सही तरह से मुआवजा का आकलन ना हो पाने तथा मुआवजा की राशि नुकसान के रूप में कम होने से ग्रामीण वर्ष भर में एक फसली फसल लेकर पूरे साल भर के खाने के लिए आवाज एकत्रित कर लेते हैं लेकिन इस बार कई ऐसे छोटे किसान हैं जिनके एक भी फसल हाथियों के कारण नहीं बच पा रही है जिसको लेकर ग्रामीण चिंतित है वही शासन व वन विभाग द्वारा अब तक छत्तीसगढ़ की सीमा से आए अब तक के सबसे बड़े हाथियों के समूह को वापस भेजने या अन्य कोई योजना शासन या जिला स्तर से प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा ना बनाए जाने तथा अन्य कोई उपाय न करने पाने से ग्रामीणों में चिंता का विषय बना हुआ है।

कलेक्टर की मानवीय संवेदना पहल के तहत अज्ञात नवजात बालिका पहुँची शिशु गृह


अनूपपुर 

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री सोनिया मीना के मानवीय संवेदना तथा हर जरूरतमंद को सहयोग व मानव अधिकारों के प्रति संकल्पबद्धता, महिलाओं को सशक्‍त बनाने के पहल के तहत बाल कल्याण समिति अनूपपुर द्वारा शासकीय अस्पताल में अज्ञात जन द्वारा 3 दिन की मासूम बालिका को कोतमा के शासकीय अस्पताल के बाहर लगे पालने में छोड़कर चले जाने का पता चलते ही अबोध बालिका को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.सी. राय व बीएमओ कोतमा डॉ. दीवान के सहयोग से तत्काल उचित चिकित्सा उपलब्ध कराते हुए सर्वाेत्तम हित तथा बाल संरक्षण व देखभाल के तहत बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष कुमार ध्रुव, विद्यानन्द शुक्ला, ललित दुबे, मोहनलाल पटेल, सीमा यादव द्वारा महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विनोद परस्ते व सहायक संचालक जिला बाल कल्याण अधिकारी श्रीमती मंजूषा शर्मा से तत्काल समन्वय कर चाइल्ड लाइन की मदद से विशेष एंबुलेंस द्वारा शहडोल स्थित शिशु गृह शिवालय पहुँचाया गया। नवजात बालिका पूर्ण रूप से स्वस्थ है।

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