दिनदहाड़े हुई लाखों रुपए की चोरी का पुलिस ने 48 घंटे में किया पर्दाफाश

*1 लाख 56 हजार नगद सहित तीन आरोपी गिरफ्तार*


अनूपपुर/भालूमाड़ा

अनूपपुर जिले के थाना भालूमाडा़ के अंतर्गत दिनांक 25 जुलाई 2021 को रात्रि में लगभग 8 बजे के आसपास सूने घर का फायदा उठाकर चोरों द्वारा एक सब्जी विक्रेता के घर में लाखों रुपए की चोरी की गई थी जिसको गंभीरता से लेते हुए थाना भालूमाडा़ पुलिस ने अपराध क्रमांक 235/ 21 धारा 457 ,380 ,441, 34 कायम कर मामले की सघनता से विवेचना की गई ज्ञात हो कि रिपोर्ट करता रानू माझी पिता रामचंद्र माझी उम्र 22 वर्ष निवास उत्कल हायर सेकेंडरी स्कूल के पास जमुना के सामने वार्ड क्रमांक 3 के यहां दिनांक 25 जुलाई 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनके घर से अलमारी का ताला तोड़कर 2 लाख 5 हजार नगदी अज्ञात बदमाशों द्वारा चोरी कर ले जाने की रिपोर्ट किया था घटना के हालात से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया जिसमें  पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर के मार्गदर्शन एवं श्रीमान एसडीओपी कोतमा के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी हरिशंकर शुक्ला उनकी टीम द्वारा विवेचना की गई तथा संदेहियो से पूछताछ किए जाने पर बुद्धू लाल बंगाली उर्फ गौतम चटर्जी उम्र 18 वर्ष और रोहित बसोर  पिता सुदामा बसोर उम्र 19 वर्ष को अभिरक्षा में लिया जाकर पूछताछ की गई जो चोरी की वारदात को कबूल करते हुए अपने साथी मंजा बसोर पिता स्वर्गीय भदई बसोर उम्र 32 वर्ष निवासी बनिया टोला कोतमा के पास चोरी का पैसा रखना कबूल किए तीनों आरोपियों से 1 लाख 56 हजार बरामद कर लिया गया है इन्हें न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है इन चोरी की वारदात का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी भालूमाडा़ हरिशंकर शुक्ला उपनिरीक्षक त्रिलोक सिंह प्रधान आरक्षक अमेरिका दास व स्टाफ की कार्यवाही में अहम भूमिका रही उक्त चोरी में शामिल चोरों की गिरफ्तारी हो जाने से आम जनों ने राहत की सांस ली।

ऐसा शिव मंदिर जहाँ खंडित शिवलिंग की होती हैं पूजा, चारो धाम का मिलता हैं पुण्य


खंडित मूर्ति की पूजा का विधान नहीं है लेकिन भोलेनाथ की महिमा अपरम्पार है. मध्यप्रदेश के सतना में एक ऐसा मंदिर भी है जहां लोग खंडित महादेव की पूजा अर्चना करते हैं.अनहोनी की आशंका को दरकिनार कर भक्तों की टोली यहां भगावन भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने आती है

सतना/मध्यप्रदेश

जिला मुख्यालय से तकरीबन 35 किलोमीटर दूर स्थित बिरसिंहपुर कस्बे में भगवान भोलेनाथ का ऐसा मंदिर है. जहां स्वयंभू शिवलिंग स्थापित हैं. जिसे गैवीनाथ धाम के नाम से जाना जाता है. यहां पर खंडित शिवलिंग की पूजा होती है और इसका वर्णन पद्म पुराण के पाताल खंड में है

खंडित शिवलिंग की होती हैं पूजा

सावन के सोमवार में यहां हर साल भक्तों का मेला लगता है. गैवीनाथ धाम को उज्जैन महाकाल का उपलिंग कहा जाता है. किवंदतियों की फेहरिस्त लंबी है

*राजा वीर सिंह की कहानी*

पद्म पुराण के अनुसार त्रेता युग में बिरसिंहपुर कस्बे में राजा वीर सिंह का राज्य हुआ करता था. उस समय बिरसिंहपुर का नाम देवपुर हुआ था. राजा वीर सिंह प्रतिदिन भगवान महाकाल को जल चढ़ाने के लिए घोड़े पर सवार होकर उज्जैन महाकाल दर्शन करने जाते थे और भगवान महाकाल के दर्शन कर जल चढ़ाते थे।

बताया जाता है कि लगभग 60 सालों तक यह सिलसिला चलता रहा. इस तरह राजा वृद्ध हो गए और उज्जैन जाने में परेशानी होने लगी. एक बार उन्होंने भगवान महाकाल के सामने मन की बात रखी.ऐसा माना जाता है कि भगवान महाकाल ने राजा वीर सिंह के स्वप्न में दर्शन दिए. और देवपुर में दर्शन देने की बात कही.इसके बाद नगर में गैवी यादव नामक व्यक्ति के घर में एक घटना सामने आई. कहा जाता है कि घर के चूल्हे से रात को शिवलिंग रूप निकलता था जिसे गैवी यादव की मां मुसल से ठोक कर अंदर कर देती थी और कई दिनों तक यह सिलसिला चलता रहा।

एक दिन महाकाल फिर राजा के स्वप्न में आए और कहां कि मैं तुम्हारी पूजा और निष्ठा से प्रसन्न होकर तुम्हारे नगर में निकलना चाहता हूं. लेकिन गैवी यादव मुझे निकलने नहीं देता. इसके बाद राजा ने गैवी यादव को बुलाया और स्वप्न की बात बताई जिसके बाद गैवी के घर की जगह को खाली कराया गया राजा ने उस स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया और भगवान महाकाल के कहने पर ही शिवलिंग का नाम गैवीनाथ धाम रख दिया गया. तब से भगवान भोलेनाथ को गैवीनाथ के नाम से जाना जाने लगा।

*चारों धाम जितना फल मिलता है यहां*

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहां पर चारों धाम से लौटने वाले भक्त भगवान भोलेनाथ के दर गैवीनाथ धाम पहुंचकर चारों धाम का जल चढ़ाते हैं.पूर्वज बताते हैं कि जितना चारों धाम भगवान का दर्शन करने से पुण्य मिलता है.उससे कहीं ज्यादा गैवीनाथ में जल चढ़ाने से मिलता है लोग कहते हैं कि चारों धाम का जल अगर यहां नहीं चढ़ा तो चारों धाम की यात्रा अधूरी मानी जाती है यहां पर पूरे विंध्य क्षेत्र से भक्त पहुंचते है हर सोमवार यहां हजारों भक्त पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं और मन्नत मांगते हैं और यहां आने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है

 इश्क और जंग में सब जायज है जेंडर बदलकर पूजा ने रचाई किरण से शादी


फर्रुखाबाद में रहने वाले पूर्व प्रधान के ट्रांसजेंडर पूजा ने गोरखपुर के रेलवे कर्मी की पुत्री से छह दिन पहले घर में विवाह किया था। पूजा ने अपना जेंडर बदलकर अंकित नाम रखा और अपने प्यार को अंजाम तक पहुंचाया है।

कहते हैं इश्क और जंग में सब जायज है.., वैसे तो इस बात को अक्सर जात-पात और धर्म से जोड़कर देखा जाता है लेकिन यदि यही बात जेंडर को लेकर हो तो चौंकना लाजमी है। जी हां, फर्रुखाबाद में इश्क का ऐसा खुमार छाया कि पूजा ने किरन से शादी रचाने के लिए अपना जेंडर ही बदल लिया। अंकित बनकर पूजा से घर में शादी रचाई तो बखेड़ा खड़ा हो गया है। गोरखपुर में रहने वाले किरन के पिता ने पुलिस से शिकायत की तो सारा मामला सामने आ गया। 

*गोरखपुर पुलिस उठा ले गई*

पूर्व प्रधान बलवीर सिंह यादव फर्रुखाबाद शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सातनपुर में रहते हैं। बीते दिनों गोरखपुर से आई पुलिस उनके घर से पुत्री पूजा उर्फ अंकित और किरन को पकड़कर ले गई। थानाक्षेत्र गुलरिया में तैनात दारोगा दीनबंधु ने बताया था कि गोरखपुर के मोहल्ला बंगाई टोला रखसरवा जंगल, गोरखपुर निवासी भगेलूू प्रसाद ने पुत्री किरन गुप्ता को बहला-फुसलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज करा रखा है। जब किरन ने अंकित उर्फ पूजा से शादी करने की जानकारी दी तो सभी के होश उड़ गए।

*इस तरह हुआ प्यार*

पुलिस की पूछताछ में सामने आया रेलवे में काम करने वाले भगेलू प्रसाद कुछ समय पहले फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन में बुकिंग क्लर्क थे। इस दौरान उनका संपर्क बलवीर सिंह यादव से हुआ तो दोनों परिवारों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों परिवारों का एक दूसरे के घर आना जाना शुरू हो गया। इससे किरन और ट्रांसजेंडर पूजा भी एक दूसरे के घर आने जाने लगीं। इस बीच दोनों में प्यार के साथ नजदीकियां बढ़नी शुरू हो गईं। पूजा और किरन ने एक दूसरे काे कभी न छोड़ने और साथ रहने का फैसला किया। लोगों की मानें तो 29 वर्षीय पुत्री पूजा का रहन-सहन और व्यवहार हमेशा लड़कों की तरह रहा। उसकी बैठक भी युवकों के साथ रहती थी। पिछले दिनों ट्रांसजेंडर पूजा ने दिल्ली के चिकत्सक से मिलकर अपना जेंडर बदलने की प्रक्रिया शुरू की और नाम बदलकर अंकित यादव रख लिया था।

*दोनो बालिग हैं*

बलवीर सिंह की पत्नी राजेश्वरी कहती हैं कि उनका बेटा अंकित और किरन गुप्ता बालिग हैं और किरन खुद आई थी। शादी करने का फैसला उन दोनों का है। किरन 19 जुलाई को गोरखपुर से अकेले उनके घर आई थी। 20 जुलाई को किरन और अंकित ने घर में ही शादी की। इसके बाद दोनों मऊदरवाजा स्थित काली मंदिर गए थे, जहां अन्य रस्में पूरी की कराई गईं। ट्रांसजेंडर पूजा को पूरी तरह युवक बनाने की प्रक्रिया दिल्ली के चिकित्सक के यहां चल रही। उनका आरोप है कि रेलवे कर्मी को पहले से इसके बारे में जानकारी थी, लेेकिन उन्होंने तथ्यों को छिपाकर पुलिस को गुमराह किया।

*अंकित के पास दो आधार कार्ड*

अंकित बनने के बाद पूजा ने अपने आधार कार्ड को संशोधित कराकर अंकित यादव के नाम से जारी करा लिया। दोनों आधार कार्ड में जन्मतिथि 18 जुलाई 1991 दर्शायी गई है। किरन गुप्ता के आधार कार्ड में जन्मतिथि 21 अगस्त 1993 गई है। पूजा के स्वजन ने किरन की ओर से एक अनुबंध पत्र भी दिखाया जो तहसील सदर से 20 जुलाई को बनवाया गया है। इसमें किरन ने बालिग होने व अंकित यादव से स्वेच्छा से शादी करने का उल्लेख किया है।

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