जिले में तीन अलग-अलग घटना में 3 लोगो की मौत


*सर्प काटने से 60 वर्षीय वृद्धा की मौत* 

 अनूपपुर जिला मुख्यालय में 22 जुलाई 2021 कोतवाली अनूपपुर के वार्ड नंबर 10 पुरानी बस्ती अनूपपुर में विगत रात घर में खाना बनाकर सूखा आटा रखने कच्चे घर के अंदर गई 60 वर्षीय वृद्धा प्रेमिया बाई पति धंधा चौधरी के बाएं पैर पैर के पंजे में जहरीला साप ने काट लिया जिसकी सूचना पर पति एवं परिजनों द्वारा जिला चिकित्सालय भर्ती कराने हेतु लाने के पूर्व भी वद्धा की मौत हो गई घटना की सूचना पर जिला अस्पताल चौकी पुलिस द्वारा मृतक के शव का पंचनामा साक्ष्यों के कथन लेकर मृतका के शव का अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप कर जांच प्रारंभ की गई।

*कुआं में गिरने से वृद्धा की मौत*

अनूपपुर जिले में 22 जुलाई 2021 देवहरा पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम डोगलाटोला निवासी बल्देव सिंह गौड़ की 65 वर्षीय पत्नी श्रीमती प्रेमवती विगत दिनों अचानक कुआं में गिर गई जिससे उसकी मौत हो गई घटना की सूचना पर देवहरा पुलिस चौकी द्वारा मृतिका  के शव का पंचनामा शव परीक्षण की कार्यवाही कर जांच प्रारंभ की।

*सुधा बाई ने ग्राम तुम्मीबर में लगायी फांसी*  

अनूपपुर  जिले में 22 जुलाई 2021 देवहरा पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम तुम्मीबर निवासी लक्ष्मण बैगा की 40 वर्षीय पत्नी सुधा भाई ने विगत दिनों अज्ञात कारणों से फांसी लगा ली जिससे उसकी मौत हो गई घटना की सूचना पर देवरा पुलिस द्वारा मृतिका के शव का स्थल पंचनामा कर साक्ष्यों के कथन लिए तथा मृतिका के शव का परीक्षण कराकर अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप कर जांच प्रारंभ की मृतिका के आत्महत्या करने का कारण अब तक पता नहीं चल सका है।

किरर घाट अवरूद्ध सड़क मार्ग जल्द चालू हो नही तो होगा धरना प्रदर्शन 

*मुख्यमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन*


अनूपपुर/पुष्पराजगढ़

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लीला टोला ने शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री म०प्र० शासन भोपाल को द्वारा अनुविभागीय दण्डाधिकारी महोदय पुष्पराजगढ़ जिला अनूपपुर (म0प्र0) को एक ज्ञापन देकर  किरर घाट का अवरूद्ध मार्ग त्वरित चालू कराया जाने की मांग की हैं।

पुष्पराजगढ़ से जिला मुख्यालय अनूपपुर शहडोल रीवा को जोड़ने वाली प्रमुख मार्ग किरर घाट पर वाटरशेट से बना चेक डैम के घटिया निर्माण से वर्षा से दिनांक 08 जुलाई 2021की रात 8 बजे लगभग चेकडेम से पानी की निकासी नाली पर्याप्त न होने के कारण चेकडेम अचानक फूट गया फूटने से संग्रहित जल के तीव्र प्रवाह के कारण किरर घाट को तोड़ा है। पहाड़ के पत्थर गिर जाने से तथा मार्ग टूट जाने से आज दिनांक तक आस्थायी मार्ग चालू नहीं किया गया है।


1. यह है कि पुष्पराजगढ़ से जैतहरी अनूपपुर की दूरी लगभग 50 कि०मी० की दूरी तय करके जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। दिनांक 18/07/2021 को जैतहरी मार्ग पर बस पलट जाने से एक व्यक्ति की मृत्यू हो चुका है। 

2. यह है कि वर्षा के कारण बस का किराया भी इस मालिक बढ़ा दिये है जनता की शोषण हो रहा है। 

3. यह है कि पटना करपा सरई मार्ग का निर्माण कार्य कराया जाये।

अत: श्रीमान अनुविभागीय दण्डाधिकारी (आई.ए.एस.) पुष्पराजगढ़ से विनम्र अनुरोध है कि पुष्पराजगढ़ जिला मुख्यालय अनूपपुर म०प्र० मार्ग अतिशीघ्र चालू किया जाये अन्यथा कांग्रेस पार्टी दिनांक 29 जुलाई 2021 दिन गुरुवार समय 11:00 बजे दिन से करौंदी तिराहा में धरना प्रदर्शन किया जायेगा सूचना वास्ते कार्यवाही सादर सम्प्रेषित है। सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

सोनवानी के बैठते ही सिंह साहब की बल्ले बल्ले, स्वास्थ्य विभाग में काला पीला खेल प्रारंभ


अनूपपुर

जब सैंया भए कोतवाल तो काहे का डर की कहावत जिला चिकित्सालय अनूपपुर समेत पूरे जिले में चरितार्थ हो रही है यहां तरह-तरह के आरोप प्रत्यारोप का दौर विगत कई वर्षों से जारी है जिले की चिकित्सा व्यवस्था पूर्णता चौपट हो गई थी जिसे गंभीरता से देखते हुए डॉक्टर सोनवानी को सीएमएचओ पद से हटा दिया गया था लेकिन उन्होंने शासन प्रशासन को चैलेंज करते हुए हाईकोर्ट से स्टे लाकर अब उन्होंने कुर्सी संभाल लिए है सूत्र बताते हैं कि अपने बैसाखी के बलबूते के पी सिंह के साथ काला पीला करने में लगे हैं। बताया गया है जिले के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की झड़ी लगाकर किसी और कि टोपी किसी और के सिर में रखते हुए  मीडिया अधिकारी जो लगभग अपने मनमर्जी तरीका से नौकरी करते हुए भ्रष्टाचार के मामले में सुई के नोंक की जगह में म्यान बनाकर शासन प्रशासन को अंधेरे में रखते हुए उक्त म्यान में कुंडली मारकर बैठे के पी सिंह का कुछ माह पूर्व से लगभग 3 माह तक बुरे दिन चल रहे थे। कारण की अनूपपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ सीएमएचओ बीडी सोनवानी को लालच देकर व भ्रम में डालकर मेवा खाने के जुगाड़ में उनके द्वारा जिला प्रशासन तक की आंखों में खूब धूल झोंका गया । जब विगत 3 माह पूर्व  कोविड-19 को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अनूपपुर जिले के बढ़ते संक्रमण, रोकथाम व सुरक्षा का जायजा लिया जा रहा था। तब सीएमएचओ बीडी सोनवानी के द्वारा सही जवाब न दिए जाने पर नाराज मुख्यमंत्री द्वारा तत्काल उन्हें पदीय दायित्वों से किनारे करते हुए अन्य काम कराए जाने को आदेशित किया गया । उसी दरमियान शासन प्रशासन द्वारा जिले में पदस्थ बरिष्ठ डॉक्टर एससी राय को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का दायित्व संभाले जाने का आदेश जारी करते हुए कोरोना संक्रमण मैं किसी तरह की लापरवाही ना हो को लेकर पदस्थ कर दिया गया।और उस दरम्यान बीडी सोनवानी संकट कालीन स्तिथि में जिले से गायब होकर उच्चतम न्यायालय की शरण में जाकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा किए गए कार्यवाही को चैलेंज करते रहे। इस बीच लगभग 3 माह तक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एस सी राय के कार्यकाल में मीडिया अधिकारी केपी सिंह को कई वर्षों से नौकरी के नाम पर नेतागिरी करने का जो लाभ मिल रहा था । वह अपने आप समाप्त हो गया, कारण की डॉक्टर रॉय के पास यह चलने वाला नहीं था, इस दौरान अंततः उच्चतम न्यायालय से बीडी सोनवानी को स्थगन आदेश मिल गया। सोनवानी के स्थगन आदेश मिलते ही डिप्टी ईएमआईओ के पी सिंह कि माने तो पुन: चार चांद लग गए और श्री सोनवानी के द्वारा स्थगन आदेश को लेकर कुर्सी संभालते ही के पी सिंह फिर अपने पुराने रास्ते में चलने लगे, अब इन दिनों मीडिया अधिकारी के पी सिंह की नेतागिरी, स्वास्थ्य विभाग के छोटे कर्मचारियों सहित अन्य लोगों में भी देखे जाने को मिल रही है । कारण की " सैंया भए कोतवाल तो भय काहे का " वैसे भी मीडिया अधिकारी के पी सिंह के द्वारा कई बार अपने विभाग के अन्य कर्मचारियों एवं आमजन  के पास कांग्रेश पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय सिंह राहुल भैया को अपना करीबी रिश्तेदार बता कर धमकाने एवं कार्यवाही करा देना की बात कहीं जा चुकी है।

सूत्र बताते है कि जब से स्थगन आदेश लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की कुर्सी पर बीडी सोनवानी बैठे हुए हैं ,डिफ्टी ईएमआईओ जिले का सभी योजनाओं को दरकिनार करते हुए मनमर्जी तरीका अपनाते हुये 4 से 5 दिन तक गायब रहना जब जंहा मन कहे अपने मनमर्जी मुताबिक कार्य करना ,तथा उक्त तीन महीनों की भरपाई जो डॉ रॉय के कार्यकाल में नही हो सका।अब्य पूरा करने में उतारू हैं । कारण की इन्हें तो अब ना कोई देखने वाला और ना कोई सुनने वाला है।अनूपपुर जिले के लिए सबसे बड़े दुख की बात तो यह है कि ऐसे व्यापारी किस्म  के अधिकारी-कर्मचारी जो अनूपपुर में केवल व्यापार या कमाई के उद्देश्य जुड़कर जिले के आदिवासी बाहुल्य एवं भोले भाले लोगों का शोषण कर केवल अपना खानापूर्ति करने में उतारू हैं अगर ऐसे अधिकारी कर्मचारियों पर समय रहते शासन प्रशासन द्वारा कार्यवाही नहीं की गई तो यह जिले की जनता को बेवकूफ बनाकर व्यापार की तरह कमाई करते हुए जिले को खोखला करने में देरी नहीं करेंगे। सारी जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुई है।

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