घर मे अकेली नव विवाहिता की दिन दहाड़े हत्या, पुलिस घटना स्थल पर


*प्रथम दृष्टया से मामला लूटपाट का लग रहा हैं*

अनूपपुर/रामनगर

जिले के अंतिम छोर पर रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर सी कॉलोनी में आज दिन में ही दहला देने वाली घटना घटित हुई यहां मात्र 2 माह पूर्व विवाह होकर आई महिला की अज्ञात व्यक्ति के द्वारा हत्या कर दी गई है। इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार शोभा देवी जो एसईसीएल के बिजुरी वर्कशॉप में कार्य करती हैं जो अपने पुत्र संजय त्रिपाठी पुत्र वधू सौम्या त्रिपाठी की शादी अभी 7 मई उन्नाव  उत्तर प्रदेश में हुई थी पति और सास के साथ सेक्टर सी मकान नंबर एम 04 में रहती हैं। शोभा देवी प्रतिदिन की भाती अपने कार्य पर चली गई एवं उनका पुत्र एवं महिला का पति संजय त्रिपाठी जो श्रीराम फाइनेंस में काम करता है किसी कार्य से पेंड्रा गया हुआ था जिससे महिला घर में अकेली थी। महिला की सास शोभा देवी जब अपने ड्यूटी से दोपहर 3ः30 बजे लौटती है तो घर का नजारा देखकर वह दंग रह जाती हैं जहां उनकी बहू लहूलुहान स्थिति में पड़ी थी जिसे देख वह चिल्लाने लगती हैं जिसे सुनकर आसपास के लोग आते हैं और घटना के नजाकत को देखते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी जाती है जहां रामनगर पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर घटना का मुआयना करती है जहां प्रथम दृष्टया मामला लूटपाट का नजर आता है जहां महिला के कान का झुमका एवं गले की चेन एवं पायल निकाला हुआ पाया जाता है तो अलमारी में रखा सामान बिखरा हुआ था वही गले में सर में काफी चोट है जिसके कारण घर में काफी खून बहता दिखाई दे रहा था। बताया जाता है कि सौम्या त्रिपाठी द्वारा लगभग 2 बजे के आसपास अपने बगल की एक लड़की से बात की गई थी और 3ः30 बजे यह घटना घटित हो जाती है जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि उक्त घटना दो एवं 3 बजे के बीच हुई होगी। वही घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतमा एसडीओपी एवं रामनगर की पुलिस घटनास्थल पर पहुंच कर जांच कर रही है तो पूरे मकान को सील कर दिया गया है एवं फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है इससे पूरे मामले का खुलासा हो सके।

जिले में बनेगा कस्टम हायरिंग सेन्टर बिसाहूलाल ने कृषि मंत्री को सौंपा मांग पत्र


अनूपपुर

नई नई तकनीक का उपयोग मौजूदा समय में देश के किसान कर रहे हैं जिससे खेती का धंधा करने में उन्हें आसानी हो सके कृषि यंत्रों के माध्यम से किसानों की ताकत कई गुना बढ़ जाती है और खेती करने में लागत भी कम होती है अनूपपुर जिले के किसान नई तकनीक का फायदा उठा सकें और यंत्रों के माध्यम से अपनी ताकत को बढ़ा सकें इस उद्देश्य को लेकर अनूपपुर विधायक एवं मध्य प्रदेश शासन  के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री   बिसाहूलाल सिंह ने कृषि मंत्री कमल पटेल  को अपने  निवास में भोजन पर आमंत्रित किया और इस दौरान अनूपपुर जिले में कस्टम हायरिंग सेन्टर बनाए जाने की मांग की है ताकि अनूपपुर जिले के पिछडे एव जनजातीय वर्ग के किसानों को समुचित लाभ मिल सके। 

मंत्री  बिसाहूलाल सिंह को आष्वस्त कराते हुए कृषि मंत्री  श्री पटेल ने कहा कि इसी सत्र में अविलंब अनूपपुर जिले मे कस्टम हायरिंग सेन्टर खोला जाएगा। 

कस्टम हायरिंग खुल जाने से सभी प्रकार के कृषि यंत्र केन्द्र में उपलब्ध रहेंगे। किसान अपनी सुविधा एवं जरुरत के हिसाब से इन यंत्रों को न्यूनतम किराया (सरकारी दर) पर प्राप्त कर उन्नत कृषि कर सकेंगे, निष्चित ही इस केन्द्र के खुल जाने से अनूपपुर जिले को एक बड़ी सौगात मिलेगी। 

भाजपा जिलाध्यक्ष  बृजेष गौतम ने मंत्री  बिसाहूलाल सिंह का आभार जताया है कि उन्होने अनूपपुर जिले मे यह केन्द्र स्थापित करने हेतु पहल की जो प्रषासंनीय है इस सेंटर के खुलने से जिले के किसानों को काफी फायदा होगा और वह अपने मन मुताबिक कृषि यंत्रों की खरीदी कर सकेंगे उपरोक्त जानकारी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह ने दी

बरसात के पूर्व हल्की बारिश में निर्माणाधीन चेकडेम की एप्रोन पट्टी टूटकर बही

*टूटी एप्रोन पट्टी छुपाने के लिए ठेकेदार उसके ऊपर डाल दी मिट्टी निर्माण घटिया निर्माण अपनी कहानी खुद बयां कर रहा है*

*मनरेगा का कार्य जेसीबी से करवाकर ठेकेदार  मजदूरों के हक पर डाका डॉल रहा है*


अनूपपुर

ग्राम पंचायतों में छोटे छोटे कार्यो पर जमकर नियमो की धज्जियां  उड़ाई जाती है जमकर भ्रष्टाचार किया जाता है ठेकेदार से लेकर सचिव सरपंच एव जिले के बड़े अधिकारियों की भी अहम भूमिका रहती हैं निर्माण की रूपरेखा, स्वीकृति, भुगतान के अतिरिक्त प्रक्रिया में जिले से लेकर पंचायत तक जिम्मेदार शामिल होते है, प्रत्येक कार्य में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से कमीशन सभी का तय होता है, इसलिए भ्रष्टाचार में कार्यवाही की जगह सभी अपने हिसाब से छिपाने का प्रयास करते है और शिकायतों को ठंडे बस्ते में डालकर पैसो का बंदरबांट कर लिया जाता है।


*यह हैं मामला*

जनपद पंचायत अनूपपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलियाबडी के घेचुरी नाला में लगभग 15 लाख की लागत से निर्मित चेक डैम नीचे पानी के बहाव को कम करने, चेकडेम को नुकसान से बचाने के लिए एप्रोन की आरसीसी पट्टी बनाई जाती हैं वह पहली हल्की बारिश में नीचे से टूट कर बह गयी जिम्मेदारों ने अपने कर्मो को छिपाने के लिए उस पर जेसीबी लगाया और मिट्टा से ढक दिया गया, तांकि किसी को भ्रष्टाचार की परत दिखाई न दे। जब भ्रष्टाचार की हकीकत सामने आई तो अधिकारियों के नियम व बातें भी बदल गये, सच्चाई का जानने के लिए कुछ लोग चेक डेम स्थल पर पहुंचे तो वास्तविकता में चेक डेम की नीव ही कमजोर दिख रही हैं जिस पर रेत और मिट्टी का भराव करके नींव की कमजोरी को छुपाया जा रहा है इस लीपापोती में सचिव, इंजीनियर, सरपंच सभी शामिल है।

*पत्रकारों ने भी की शिकायत* 

यह मामला इतना ज्यादा तूल पकड़ चुका है भ्रष्टाचार की आम जनता ग्रामवासी तो इसकी शिकायत तो कर ही रहे है मगर अब जिले के कुछ पत्रकार भी खबर प्रकाशित करने के अलावा लिखित आवेदन देकर शिकायत कलेक्टर से किये हैं अब देखना यह हैं कि पत्रकारों की शिकायत का कितना असर पड़ता हैं या फिर मेरी मुर्गी के 3 टांग वाली कहावत सिद्ध हों जायेगी और जांच के बाद फ़ाइल बन्द हों जायेगी इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।

*कमीशन के खेल में निर्माण*

पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्य में हर अधिकारियों का कमीशन तय कर दिया जाता है, जिसके कारण गुणवत्ता को ध्यान में न रखते हुए प्रत्येक निर्माण कार्य को अंजाम दिया जाता है। इतना ही नही अनावश्यक रूप से चेक डेम का निर्माण इसलिए किया जाता है क्योकि निर्माण के लिए स्वीकृत राशि से लगभग आधे राशि में चेक डेम निर्मित हो जाता है, इसलिए ज्यादातर पंचायतों में इंजीनियर व सचिव चेक डेम बनाने का प्रयास करते है।

*राजनैतिक पकड़ का खेल*

नियम के अनुसार ग्राम पंचायत ग्राम की निर्माण एजेन्सी होती है, लेकिन राजनीतिक पकड वाले व्यक्ति अपने स्तर पर चेक डेम को स्वीकृति करा लेते है और ठेके पर कार्य को लेकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जाता है, सचिव को भी कार्य से मुक्ति मिल जाती है और अपना कमीशन लेकर अन्य व्यवस्थाओं को देखता रहता है, वही कुछ इंजीनियर स्वयं ठेकेदार बन जाते है तो कुछ अपना कमीशन तय करते है और आल इज वेल की श्रेणी में निर्माण को हरी झंडी दे देते है यही हाल एसडीओ का है।

*शिकायत पर नही करते अमल*

जनपद में बैठे अधिकारी और जिले में बैठे मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत दिया जाता है, लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नही की जाती है, किसी मामले में अगर जांच कमेटी बनाकर जांच भी किया जाये तो वह जांच कहां और किस दस्तावेज में हुआ यह न तो शिकायतकर्ता को पता होता है और न ही लोगों को इसकी जानकारी होती है, कुल मिलाकर न तो शिकायत पर अधिकारी अमल करते है और न ही कभी कार्यवाही किया जाता है। मगर शिकायतों का दौर अभी भी चालू है देखना हैं कि कार्यवाही होती है या सिर्फ जांच या अभयदान।

*भ्रष्टाचार करने का अनूठा उपाय*

जिलेभर की पंचायतों में चेक डेम की गिनती की जाये और उसके गुणवत्ता व सुनिश्चित स्थलों की जांच की जाये तो 80 प्रतिशत चेक डेम फेल हो जायेंगे, अन्य निर्माण कार्यो की अपेक्षा सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला निर्माण कार्य अब चेक डेम ही है। स्वीकृति लागत अगर 15 लाख है तो ठेकेदार इसे 7 लाख में निर्मित कर देगा और एसडीओ, इंजीनियर व सीईओ इसे गुणवत्तायुक्त बताकर वाहवाही लूट लेंगे, लेकिन कहीकत यही है कि ज्यादा कमीशन के फेर में चेक डेम का निर्माण ज्यादा से ज्यादा कराया जाता है।

*नियम कानून जेब मजदूरों के हक पर डाका*

चेक डेम का कार्य जेसीबी मशीन (बैकोलोडर) से कराया गया, जबकि नियम यह कहता है कि मनरेगा मजदूर के तहत काम करना चाहिए, लेकिन कार्य जेसीबी से कराया गया हैं, अनाधिकृत ठेकेदार शीलू जोशी के द्वारा निर्माण कार्य किया गया और इंजीनियर अरविंद उइके की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा इस निर्माण कार्य में है। गुणवत्ताहीन कार्य की शिकायतें उच्चाधिकारियों को लगातार की जा रही है, चेक डैम कार्य में कमीशनबाजी और निर्माण कार्य मे नियम विरुद्ध तरीके से प्राइवेट ठेकेदार कार्य कर रहे है। इस निर्माण की यदि जांच की जाए तो तय मानक से सभी कम पाए जाएंगे। पूर्व में भी शिकायत हो चुकी है एवं जांच में गुणवत्ताहीन कार्य पाया गया यह स्थिति अभी भी बनी हुई है। चेक डैम के इस पूरे खेल में जनपद पंचायत इंजीनियर एसडीओ की जिम्मेदारी संदिग्ध है जो निर्माण कार्यों की बिना जांच किये पूर्ण राशि का भुगतान करा रहे हैं।

*इनका कहना है*

चेक डेम अभी निर्माणाधीन हैं कार्य पूरा नही हुआ है इसकी शिकायत हुई हैं जिले के उच्च अधिकारी जांच कर रहे है जांच के बाद अगर जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर कार्यवाही की जाएगी

*बी एन मिश्रा सीईओ जनपद पंचायत अनूपपुर*

अभी कार्य निर्माणाधीन है रेत माफिया नाला से रेत चोरी करके ले गए कुछ लोग रेत निकाले गड्ढे की फ़ोटो खींचकर मेरी शिकायत कर रहे है एप्रोन पट्टी इसलिए टूट गयी की जिस दिन वो बनाई गई थी उसी दिन पानी गिर गया और सेंट्रिंग सहित एप्रोन पट्टी बह गई।

*शीलू जोशी ठेकेदार*

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