कोरोना से हुई मौत वाले परिवार के बच्चो को निशुल्क कोर्स कराएगी

ज्ञान प्रकाश ऑफ एजुकेशन की घोषणा, फीस नहीं आएगी शिक्षा में बाधा


अनूपपुर/कोतमा

कोविड 19 महामारी की वजह से देश का हर एक वर्ग आर्थिक परिस्थितियों की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी ओर देश प्रदेश में महंगाई प्रतिदिन आसमान छू कर लोगों की कमर तोड़ रही है। कोरोना संक्रमण के करण किसी ने अपने घर  का मुखिया अपने माता-पिता को खोया तो किसी ने अपने पत्नी पुत्र -पुत्री को खोया ,आज उनके सामने  आर्थिक परिस्थिति ऐसी जटिल खड़ी हो गई कि घर चलाने वाला मुखिया उनका ना रहा है, उनके सिर से मुखिया का साया  हटते ही संजोए सपने पल भर में ही सब कुछ बिखर गया। फिर पढ़ने लिखने वाले छात्र-छात्राओं ने जिन्होंने अपने मुखिया को कोविड महामारी में खो दिया और उनकी शिक्षा दीक्षा अंधकार  को ज्ञान प्रकाश ऑफ एजुकेशन संस्था करेगी अब  दूर। संस्था में प्रवेश लेने वाले सभी छात्रों की चिंता करेगी अब संस्था, छात्रों के पढ़ाई लिखाई में फीस नहीं आएगी कोई बाधा एक संभव मदद करके छात्रों को दी जाएगी तीनों संस्था में शिक्षा।

संस्था में  छात्रों  की  फीस, पढ़ाई लिखाई पर नहीं होगी बाधा- राजेश जैन

   संस्था के अध्यक्ष राजेश जैन,सचिव एवं डायरेक्टर पुष्पेंद्र जैन ,संस्था  समित के सदस्यों ने कोरोना संक्रमण महामारी के वक्त दरिया दिल दिखाते हुए पैसे के कारण बच्चों के भविष्य ना बिगड़े, पढ़ने लिखने वाले छात्र देश का भविष्य उज्जैन बनाने के लिए ज्ञान प्रकाश ग्रुप ऑफ एजुकेशन द्वारा 15 जुलाई  को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए संस्था अध्यक्ष राजेश जैन ने बताया कि ज्ञान प्रकाश आफ एजुकेशन आईटीआई 120 सीट ऐसे इलेक्ट्रीशियन एवं फिटर का प्रवेश होना है इस सत्र से लेकर विगत 2 वर्षों तक जिस किसी छात्र छात्रों ने अपने अभिभावकों को कोरोना संक्रमण महामारी में खोया है उन्हें फ्री शिक्षा विगत 2 वर्षों तक दी जाएगी उन्होंने यह भी बताया कि हमारी तीन संस्थाएं जिले में चल रही है जिसमें महाविद्यालय पारसनाथ में  बीए एंव बीकॉम में प्रवेश लेने वाले छात्र छात्राओं को परिस्थितियों के अनुरूप छोड़ दी जाएगी वही मॉडल कंप्यूटर कॉलेज DCA एंव PGDCA कोर्स करने वाले छात्र छात्राओं  को प्रवेश के वक्त परिस्थितियों के अनुरूप छूट  प्रदान किया जाएगा। 

आईटीआई संस्था में आधी फीस में छात्रों की होगी 2 वर्षो का कोर्स-

कोरोना संक्रमण के कारण आर्थिक परेशानियों से संघर्ष कर रहे तमाम बच्चो को जो हमारी संस्था से शिक्षा ग्रहण करना चाहे उन्हें आधी शुल्क लेकर दो वर्षों तक शिक्षा दी जाएगी, आईटीआई कोर्स की फीस जिसमें 30 हजार की जगह 15 हजार रूपये लेकर दो वर्षों का कोर्स पूरा कराया जाएगा।इस संस्था के सचिव व डायरेक्टर पुष्पेंद्र जैन द्वारा पत्रकारों से प्रेस वार्ता करते हुए बताया कोरोना संक्रमण के दौरान जिन बच्चों के अभिभावक को अपनी जान गवानी पड़ी है ऐसे बच्चों को हमारी संस्था के द्वारा निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी जो दो वर्षों के कोर्स को पूर्ण कराएगी।

आदिम जाति ,आदिम जनजाति व पिछड़ा वर्ग छात्र तीन हजार में कर सकते दो वर्ष कोर्स पूरा-

शासन द्वारा पूर्व से आदिम जाति ,आदिम जनजाति व पिछड़ा वर्ग को जो 6 हजार रुपये की प्रतिवर्ष की छात्रवृत्ति मिल रही है वह भी यथावत रहेगी। उसके अलावा दो वर्ष में 12 हजार रुपए छात्रवृत्ति मिलेंगी, 2 वर्षों में मिलने वाली छात्रों को छात्रवृत्ति 12000 को मिलाकर छात्र अतिरिक्त मात्र 3 हजार रुपये अलग से ज्ञान प्रकाश ऑफ एजुकेशन आईटीआई संस्थान में फीस जमा करके 2 वर्ष का कोर्स आसानी से कर पाएंगे।संस्था के डायरेक्टर पुष्पेंद्र जैन ने बताया संस्था 2011 से संचालित है जो शिक्षा के अलावा सामाजिक कार्यों में भी अपनी सहभागिता समय-समय पर करती आई है।

सड़क निर्माण मे हो रही धांधली, बिना बीसी वर्क आर्डर के बारिश मे जारी है काम 


अनूपपुर/कोतमा 

एसईसीएल कंपनी के ज़मुना कोतमा क्षेत्र का  सिविल विभाग और स्टाफ़ अधिकारी सिविल की कार्यशैली नियम विरुद्ध होने के कारण पूरे क्षेत्र मे चर्चा का विषय बना हुआ है। क्षेत्र के गोविन्दा कॉलोनी मे NIT क्रमांक SECL/JK/SO(C)/E-TED/20-21/38 Dated 29/2/2020 के माध्यम से रूपये 64, 59, 745.72 /- मूल्य का सड़क डामरीकरण  करण का  कार्य किया जा  रहा है। इस  सड़क निर्माण मे स्टाफ़  अधिकारी सिविल के द्वारा  नियम विरुद्ध कार्य पद्धति  से सिविल कार्य बिना ड़रे निरंकुश होकर करवाया जाना जाहिर करता  है  कि  एक ज़िम्मेवार अधिकारी कंपनी के सारे नियम कायदों की धज्जियां उडा रहा है। इस तरह के अधिकारियों से ही कंपनी मे आर्थिक  भ्रष्टाचार को बढावा मिलता है l  ऊपर से बारिश के मौसम मे सड़क डामरीकरण का  कार्य किया जाना दर्शाता है कि कार्य मे जल्द  बाजी  से सड़क की  गुणवत्ता खराब होने से कंपनी को आर्थिक क्षति होगी। केन्द्र और राज्य  सड़क निर्माण के विभाग बारिश मे सड़क  डामरीकरण की  कभी अनुमति नही देते हैँ। संभव है कि ज़मुना कोतमा क्षेत्र के स्टाफ़  अधिकारी सिविल सड़क निर्माण की स्वयं द्वारा खोज की गई  कोई नई  तकनीक के विशेष इंजीनियर हों। इस  बिषय मे कोयला मजदूर सभा (एच एम एस ) के क्षेत्रीय अध्यक्ष  श्रीकांत शुक्ला से संवाददाता ने जानकारी मांगी तब उन्होने कहा  कि  हमें ख़ुशी है  कि श्रमिकों की सुविधा के लिये सड़क डामरीकरण का  कार्य हो रहा है  l  मेरा संघ हमेशा से क्षेत्र मे विकास कार्य की मांग करता  रहा है  l  किंतु जिस प्रकार से सड़क निर्माण का  कार्य नियम कायदों के विरुद् बिना बी सी और वर्क आर्डर के कार्य किया जा रहा है उससे क्षेत्र मे आर्थिक भ्रष्टाचार को बढावा मिलेगा l  सड़क डामरीकरण का  कार्य सूखे मौसम मे होने से सड़क की आयु ज्यादा रहता और श्रमिकों  को लंबे समय तक अच्छी सड़क की सुविधा मिलती। अधिकारी तो आये और दो तीन साल मे गये, दिक्कत तो श्रमिक झेलता है। इस  कार्य को दो तीन माह लम्बित रखकर पूरे कागजी तैयारीसे नियमानुसार कार्य करवाना था। मूलभूत आवश्यक कार्य बरसात मे घरों मे चू  रहा पानी, कॉलोनी की सफाई और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति है। गत वर्ष से कंपनी श्रमिक आवासों मे बिट्यूमन छतों मे लगाने का ल वर्क ऑर्डर जारी है फिर भी गर्मी का मौसम बीत जाने के बाद घरों मे हो रहे रिसाव का कार्य नही किया गया  l  स्टाफ़ अधिकारी सिविल अपने करतूतों को छिपाने के लिये श्रम संघ के लोगों को हो रहे सड़क डामरीकरण स्थल मे ले जाकर फोटो शूट करवाकर उनसे लिये बयान का वीडियो जारी करवा  अपना बचाव कवच तैयार  कर रहे हैं। परंतु मै अन्य संघ के साथियों से अपील करूँगा कि श्रमिक आवास मे रिस रहे पानी और स्वच्छ पेयज़ल के बिषय मे भी श्रमिक आवासों मे स्टाफ़  अधिकारी के साथ  जाकर उनके तकलीफ का भी चर्चा करें और सिविल कार्य करवाने की मांग करें। तभी श्रमिकों  के सच्चे हितैषी  कहलायेंगे अन्यथा आपकी छवि श्रमिकों  के बीच प्रबंधन और विशेष कर  स्टाफ़  अधिकारी सिविल के नियम विरुद्ध कार्य मे भगीदार  होकर उनके प्रवक्ता  ही माने जायेंगे।

लॉकडाउन खुलते ही लापरवाही बिना मास्क वाले 22 लोगो से वसूले 3 हजार


अनूपपुर/कोतमा

जुलाई महीने में कोरोना संक्रमण के प्रति लोग लापरवाह होते जा रहे हैं।16 जुलाई शुक्रवार को प्रशासन की संयुक्त टीम राजस्व पुलिस नगर पालिका ने बिना मास्क बाजारों में घूमने वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया। एसडीएम ऋषि सिंघाई, एसडीओपी शिवेंद्र सिंह, तहसीलदार मनीष शुक्ला, सीएमओ विकास चंद्र मिश्रा  थाना प्रभारी राकेश वैश ने नगर के मुख्य बाजारों का दौरा किया। बाजारों में ग्राहकों व दुकानदारों को हिदायत दी कि वे मुंह पर मास्क लगाकर रखें और दुकानों में भीड़ न होने दें। मास्क न लगाने वाले दुकानदारों पर एसडीएम ऋषि सिंघाई सख्त दिखाई दिये।  बाजार में कपड़े एवं जूता चप्पल के शोरूम संचालक को जब बिना मास्क के देखा तो शोरूम में पहुंचकर उन्हें लताड़ लगाई और मास्क न लगाने पर उनका चालान काट दिया। एसडीएम ने कहा कि मास्क लगाना न केवल खुद के लिए बल्कि दूसरों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है। जिले में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार ने नाइट क‌र्फ्यू भी लगा दिया है।अगर यूं ही लापरवाही बरती गई तो स्थिति और खराब हो सकती है।शहर में व्यवस्था बनाए रखना दुकानदारों के हाथ में है।वे खुद भी मास्क् लगाएं और दुकान में आने वाले ग्राहकों को भी मास्क लगाने का संदेश दें। थाना प्रभारी राकेश वैश ने कहां लाकडाउन खुलने के बाद लोग बेधड़क बिना मास्क लगाए हुए भीड़ में आ जा रहे हैं। इसको रोकने के लिए पुलिस सख्त हो गया है। नगर सहित क्षेत्र में मास्क न पहनने वालों की जांच शुरू किया गया है। पुलिस भी बिना मास्क लगाए हुए लोगों पर चालानी कार्यवाही लगातार कर रही है।कोतमा तहसीलदार मनीष शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया की शुक्रवार को नगर के गांधी चौक, से पूरे बाजार क्षेत्र तथा ग्रामीण बाजारों में भी मास्क की जांच की गई।ना पहनने वाले दुकानदारों सहित नागरिकों पर भी चलानी कार्यवाही की गई जो लगातार जारी रहेगी। पुलिस विभाग एवं नगर पालिका के द्वारा कुल 22 लोगों का चालान किया गया जिसमें ₹3000 जुर्माने की राशि वसूल की गई ।

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