भारत विकास परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ बृहद बृक्षारोपण 


अनूपपुर

कार्यक्रम द्वारा 58 वां स्थापना दिवस मनाया गया ।आज से 58 वर्ष पूर्व 10 जुलाई 1963 को डॉ. सूरज प्रकाश जी द्वारा मानव समाज एवं देश हित में एक सपना संजोया था ,जिसे पूर्ण करने हेतु सब ने संपर्क के बाद सहयोग,संस्कार एवं समर्पण के साथ देश एवं समाज की रक्षा करने का संकल्प लिया था। आज हम सभी भारत विकास परिषद के सदस्य गण पूरी तन्मयता के साथ परिषद के संस्थापक डॉ. सूरज प्रकाश जी द्वारा देखे गए इस सपने को साकार करने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं।


 स्वस्थ ,समृद्ध ,सुसंस्कृत भारत के लक्ष्य को अपने विचारों में समाहित किए हुए, राष्ट्रहित के लिए समर्पित संस्था भारत विकास परिषद द्वारा देश के विभिन्न भागों में स्थापना दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया और अनेक गतिविधियों का संचालन किया गया ।इसी क्रम में शाखा अनूपपुर के द्वारा वृहद मात्रा में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया ।कोरोना की इस वैश्विक महामारी के उपरांत लोगों को प्राणवायु ऑक्सीजन की अहमियत पता चली है।जीवित रहने के लिए आवश्यक इस प्राणवाय का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण स्रोत वृक्ष है ,जो न केवल हमें फल, फूल,अनाज के रूप में भोजन प्रदान करते हैं , वरन् छाया तथा ऑक्सीजन भी देते हैं ।वृक्ष बादलों को भी आकर्षित कर जल बरसाते हैं।


इस प्रकार फसलों के उत्पादन में तथा पानी के स्रोतों के रूप में भी वृक्ष हमें जीवन प्रदान करते हैं।अतः परिषद द्वारा ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए और वातावरण में हरियाली बनाए रखने के लिए तथा प्रकृति का संरक्षण करने की भावना के साथ फलदार तथा छायादार पौधों का वृहद मात्रा में रोपण किया गया। इसके साथ ही शाखा अनूपपुर के सदस्यों द्वारा वृक्षों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया, जिसमें उत्तम स्वास्थ्य तथा स्वच्छ पर्यावरण के लिए वृक्ष क्यों आवश्यक है तथा हम उसकी रक्षा कैसे करें ताकि हमारी भावी पीढ़ी को कोई परेशानी ना हो इस दिशा में प्रयास किए गए। भारत विकास परिषद स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर अनूपपुर के सामतपुर तालाब मेढ़ पर शाखा अनूपपुर द्वारा आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में संरक्षक राम नारायण उरमलिया , भाजपा जिला महामंत्री तथा एडवोकेट भूपेंद्र सिंह सेंगर  ,सलाहकार सुदामा राम पांडे  ,प्रांत सचिव देवेंद्र तिवारी  ,अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह  ,कोषाध्यक्ष राकेश गौतम , पर्यावरण संरक्षक आनंद पांडे , राम सुरेश मिश्रा , प्रियेश राम पांडे , रहस्य धारी पटेल , सत्येंद्र दुबे ,महिला तथा बाल विकास प्रमुख शब्द अधारी राठौर , पंकज गौतम  ,प्रभा श्रीवास्तव ,वंदना सोनी ,रोली श्रीवास्तव , विभा सोनी जी ने अपनी सहभागिता प्रदान की।

 9 करोड़ पानी में आत्मनिर्भर का सपना अधूरा, मजदूर पलायन को मजबूर

सीएम ने रखी थी आधार शिला, मंत्री जी का क्षेत्र फिर भी  नौ दिन चले अढ़ाई कोष


मंत्री जी का इलाका है. 5 वर्ष पहले पूरे ताम झाम के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने करोड़ों की लागत से बनने वाले औद्योगिक विकास क्षेत्र की आधारशिला रखी. युवाओं ने आत्मनिर्भर बनने का सपना भी बुन लिया. लेकिन सपना फिलवक्त तक सपना ही रहा. सब्जबाग के भंवर जाल में अब नहीं फंसना चाहते सो जिन्दगी जीने के लिए पलायन को चुन रहें हैं।

अनूपपुर। सोच अच्छी थी लेकिन शायद बहुतों की नीयत सही नहीं थी. तभी तो करोड़ों की लागत से जिन उद्योगों को स्थापित कराने का सब्जबाग दिखाया गया था वो अब तक बाट खोज रहा है।

प्रशासनिक उदासीनता ने लोगों की उम्मीदों को इस कदर तोड़ा कि आज की तारीख में युवा रोजगार के लिए पलायन को मजबूर हो गया है. कहानी मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह के विधानसभा क्षेत्र अनूपपूर अंतर्गत जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर कदम टोला की है.तो मामला कुछ ये है कि नेशनल हाईवे 43 के बगल की ही भूमि उद्योग स्थापित करने के लिए आवंटित की गई. इसे औद्योगिक क्षेत्र का नाम दिया गया. 2016 में भाजपा सरकार के तत्कालीन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लगभग 9 करोड़ की लागत से औद्योगिक विकास क्षेत्र के विकास की आधार शिला कदम टोला पर रखी. इस परियोजना को हरी झंडी दिखाने का मुख्य उद्देश्य अनूपपुर जिले के युवाओं की औद्योगिक विकास में भागीदारी सुनिश्चित करना था. उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था. लेकिन मजाल है जो एक कदम भी आगे बढ़कर जिम्मेदारों ने अपनी कही पूरी की हो. 5 वर्ष बीत गए हैं लेकिन नतीजा अब तक सिफर ही है।

5 वर्ष बीतने के बाद भी नहीं हुई शुरुआत बिजली उत्पादन से इसने अपनी एक खास जगह बनाई है. सपना था प्रदेश का ये छोटा सा जिला औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर अपनी पुख्ता पहचान बना सके. परंतु 5 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक यहां पर स्थित 22 हेक्टेयर भूमि पर उद्योग के लिए कुछ खास नहीं हुआ. स्ट्रक्चर तैयार है जिसमें बिजली की भी व्यवस्था हो चुकी है, लेकिन परियोजना को संवारने के लिए उद्योग विभाग द्वारा किसी भी प्रकार का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है. जिसके कारण सडक़, बिजली सहित अन्य संसाधनों की उपलब्धता के बाद भी औद्योगिक एरिया से किसी प्रकार की ईकाइयां स्थापित नहीं हो सकी है।

सत्ता बदलाव के बाद भी रहा अछूतामध्यप्रदेश में 2018 चुनाव के बाद उम्मीद कांग्रेस नीत सरकार से थी. उम्मीद थी कि अब जिले का विकास होगा. लेकिन वो हो न सका. सत्ता परिवर्तन के बाद वर्तमान समय में भाजपा सरकार सत्ता पर काबिज है, ये परियोजना अब भी सिस्टम की खूंटी पर लटकी हुई है।

पूर्व में हुई थी नीलामीजिले के कदम टोला स्थित पर 22 हेक्टेयर में प्रस्तावित 110 भूखंड है. सूत्र बताते हैं कि 44 भूखंड की नीलामी कराई गई थी. कार्य में लेट लतीफी इतनी हुई कि नीलामी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी उद्यमियों को औद्योगिक केंद्र के विकास का इंतजार करना पड़ा. सो, औद्योगिक क्षेत्र में कंपनियां नहीं आ पाई लिहाजा नए सिरे से अब पुनः नीलामी की प्रक्रिया कहने की बात की जा रही है। 

रोजगार के लिए जिले के युवा हो रहे पलायनअनूपपुर में औद्योगिक विकास की गति इतनी सुस्त रही है कि पहले भी पलायन होता रहा है लेकिन अब इसमें गति आ गई है. जिले में बेरोजगारी के आंकड़े की बात करें तो- वर्तमान समय में (जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार) , 30 जून 2021 तक बेरोजगार की संख्या डराने वाली है. जो कुछ यूं हैं-कुल संख्या- 27024 पुरुष -15901 महिला -11123

क्या कहते हैं बेरोजगार जिले के कदम टोला स्थित औद्योगिक क्षेत्र के युवा सूरज कपूर बताते हैं कि बीजेपी सरकार में औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण कराया गया और कहा गया था कि यहां के युवा वर्ग को रोजगार दिया जाएगा. काम अधूरा रहा और बंद भी हो गया. युवाओं का कहना है कि पैसे का बंदरबांट कर दिया गया. युवाओं के पास सुझावों की भी कमी नहीं है. कहते हैं- उस समय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नहीं इसकी घोषणा की थी आज भी प्रदेश के मुख्यमंत्री वही हैं और जिले में मध्य प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह भी इसी क्षेत्र से आते हैं. अगर वह चाहे तो जैविक क्षेत्र चालू हो सकता है.वर्तमान समय में जिले के बेरोजगार युवा इंदौर, भोपाल, गुजरात, छत्तीसगढ़ जैसी जगहों पर रोजगार के लिए पलायन करते हैं।

जिले में रोजगार के साधनअनूपपुर जिले में वर्तमान समय में एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 14 कोल माइंस संचालित हैं. इनमें हसदेव क्षेत्र भी आता है. परंतु 90 के दशक से कोल माइंस में मजदूरों की भर्ती बंद हो चुकी है. मोजर बेयर, सोडा फैक्ट्री -अमलाई इत्यादि जिले में संचालित है. परंतु स्थानीय युवाओं को यहां भी प्राथमिकता नहीं दी जाती।

कह कहते हैं अधिकारीअनूपपुर जिले के उद्योग विभाग के जिला अधिकारी रतन सिंह धावर ने बातचीत में कहा कि मुख्यालय व प्रदेश स्तर पर जितने भी औद्योगिक क्षेत्र प्रतिक्षित हैं सभी को एक साथ निविदा के माध्यम से प्रस्तावित किया जाएगा. आगामी जुलाई-अगस्त तक विज्ञापन निकलने की पूरी संभावना है. पूर्व में स्ट्रक्चर अविकसित होने के कारण जो ऑनलाइन फॉर्म भरे थे उन्हें पुनः भरना पड़ेगा. जो भी पात्र होंगे प्रक्रिया के आधार पर जल्द ही भूखंड आवंटित किया जाएगा. जिले में औद्योगिक क्षेत्र खुलने के कारण स्थानीय युवाओं को यहां पर रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

संभाग के नाम रौशन, बांधवी अमेरिका में होने वाले शूटिंग वर्ल्ड कप के लिए चयनित


म.प्र. के शहडोल की बांधवी सिंह का चयन अमेरिका के पेरू में होने वाले शूटिंग वर्ल्‍ड कप के लिए हुआ है।

शहडोल

शूटिंग के क्षेत्र में जानी-मानी खिलाड़ी और शहडोल के कुंअर यशवर्धन सिंह की सुपुत्री बांधवी सिंह का चयन अमेरिका के पेरू में होने वाले शूटिंग वर्ल्ड कप के लिए हुआ है। बांधवी सिंह शहडोल मुख्यालय की रहने वाली हैं और इनके पिता यशवर्धन सिंह राजघराने से संबंध रखते हैं। अपने पिता से प्रेरणा लेकर बांधवी ने कक्षा दसवीं से ही शूटिंग में दिलचस्पी दिखाते हुए इसका अभ्यास शुरू कर दिया था और पिछले 5 सालों में अपने इस खेल के हुनर की बदौलत उन्होंने राज्य स्तर और नेशनल स्तर पर कई मेडल जीते हैं ।

कोरोना के कारण अभी बीच में गेम नहीं हो पाए लेकिन अब कोरोना की दूसरी लहर समाप्त होते ही गेम की शुरुआत हो गई है। बांधवी को साउथ अमेरिका के पेरू शहर में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए चयनित किया गया है। यह खबर मिलते ही शहडोल के लोगों में खुशी का माहौल है।

मध्य प्रदेश के शूटर्स में बांधवी सिंह का अपना अलग ही मुकाम है। वर्ल्ड कप के लिए अभी जुलाई महीने में भोपाल में रहकर अभ्यास करेंगी इसके बाद 1 अगस्त से 12 अगस्त तक दिल्ली में ट्रायल होंगे वहां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी और इसके बाद साउथ अमेरिका में होने वाले वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने जाएंगी।

*पहले दिल्ली में होंगे ट्रायल*

बांधवी भोपाल में जुलाई महीने में अभ्यास करेगी और इसके बाद 1 अगस्त से दिल्ली में होने वाले ट्रायल में हिस्सा लेंगे इस ट्रायल में पूरे देश से 18 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से ट्रायल के बाद पेरू के लिए सिलेक्शन होगा इसके लिए बांधवी सिंह में पूरी तैयारी की है।

*फूफा बिपिन रावत ने हमेशा किया प्रोत्साहित*

उल्लेखनीय है कि शूटर बांधवी भारत के पूर्व थल सेना अध्यक्ष कर्नल विपिन रावत की भतीजी हैं। बांधवी को फूफा विपिन रावत ने शूटिंग के लिए काफी प्रोत्साहित भी किया है। पिता यशवर्धन सिंह से प्रेरणा लेकर उन्होंने अपने गेम की शुरुआत की है और उनका सपना है कि देश के लिए खेलते हुए नाम रोशन करें।


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