बीमार पत्नी को मायके में छोड़ बेवा को लेकर फरार दो बच्चों का बाप

*पत्नी परेशान, ससुराल पक्ष पत्नी को नहीं दे रहा घर में इंट्री, इंसाफ की गुहार कोई नही सुन रहा*


शहडोल/उमरिया

बीमार बच्चों सहित पत्नी को मायके छोड़ किसी जरूरी काम से भोपाल कहकर निकला पति शहडोल से अपने दोस्त की बेवा को लेकर चंपत हो गया। पति की गैर मौजूदगी पर ससुराल में इंट्री न मिलने से हताश पीड़िता द्वारा पति की घर वापसी न होने पर 6 फरवरी को शहडोल के कोतवाली थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई। लेकिन, कोतवाली पुलिस इस मामले में पीड़िता का सहयोग नही कर पा रही हैं।

ससुराल में छत से गिरने की वजह से दोनों पैरों से अपाहिज हुई पीड़िता पुष्पा तिवारी ने बताया कि उसका मायका ग्राम गोवर्दय थाना मानपुर जिला उमरिया एवं ससुराल घरौला मोहल्ला वार्ड क्रमांक 14 कोतवाली थाना शहडोल है। उसकी शादी वर्ष 2004 में द्वारिका प्रसाद तिवारी के सुपुत्र विकास से हुई थी। दो साल पहले वर्ष 2019 में ससुराल पर छत से गिरने की वजह से आई चोट से वह कमर के नीचे दोनों पैरों से अपंग हो गई। उसके दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा जन्मजात मिर्गी की बीमारी से पीड़ित है।

पीड़िता के मुताबिक ससुराल में शादी के बाद सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। लेकिन जबसे वह अपंग हुई तो ससुराल पक्ष के लोग अंदर से उससे ईर्ष्या रखने लगे, लेकिन पति का बराबर सहयोग मिलता रहा। उसने बताया कि इस बीच जरुरी काम से भोपाल जाने की बात कहते हुए पति ने उसे बच्चों सहित 28 जनवरी 2021 को मायके छोड़ा और 30 जनवरी को यह कहकर निकले कि उन्हें 31 जनवरी को जरूरी कार्य से भोपाल निकलना है। उनकी यहां से रवानगी के बाद जब हमने उनके मोबाइल पर बात करनी चाही तो संपर्क नहीं हो सका। घबराकर इस आशय की सूचना से ससुराल पक्ष को भी अवगत कराया, लेकिन वहां से कोई संतोषजनक जबाव नहीं मिला।

पति की लोकेशन लेने जब वह पहली मर्तबा शहडोल पहुंचीं, तो सास और ससुर ने उन्हें किसी भी सूरत में घर पर इंट्री न देने की बात कही। यह भी बोले लड़के की गैर मौजूदगी पर अब उन्हें उसकी जरूरत नहीं है। देवर से मिली तो वह बोले भाभी चिंता मत कीजिए, भाई साहब जहां भी होंगे शीघ्र ही लौट आएंगे। इतना कहकर वह अपने ससुराल सतना चले गए और हम अपने मायके वापस आ गए।

पीड़िता ने बताया कि दो-चार दिन इंतज़ार किया और जब पति की कोई लोकेशन नहीं मिली तो वह दूसरी मर्तबा फिर ससुराल पक्ष से इस मामले में सहयोग की अपेक्षा की। लेकिन सास-ससुर ने इस बार भी उसे घर के अंदर इंट्री नहीं दी, तब वह अपने देवर के सहयोग से कोतवाली थाना शहडोल में पति के गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई।

इस बीच मोहल्ले के लोगों से पता चला कि उसका 38 वर्षीय पति विकास तिवारी मोहल्ले की एक (रजक परिवार) बेवा महिला को लेकर चंपत हो गया है। इस बात का जिक्र उसने ससुराल में किया, तो जबाव मिला इस मामले में वह उसकी कोई मदद नहीं कर सकते। यह भी बताया कि जब उसके द्वारा इस आशय की सूचना से कोतवाली पुलिस को अवगत कराया गया, तो वहां से कोई सहयोग नही मिल पा रहा है।

पीड़िता के मुताबिक पुलिस ने बीच में उसके पति की लोकेशन मुम्बई में एक किराए के कमरे में रहने की दी। उस समय देवर मुम्बई भी गए। वहां जाने पर पता चला कि मकान मालकिन ने उनके कृत्य की जानकारी लगते ही उनसे अपना कमरा खाली करवा लिया है। इस तरह वहां से भी निराशा हाथ लगी।

पीड़िता ने बिलखते हुए बताया कि यह बात सही है कि उनके पति, बेवा महिला की पति एक अच्छे मित्र रहे। पति के गुजरने के बाद बेवा के घर किसी न किसी काम को लेकर उनका आना-जाना भी बना रहा। उसे कभी यह महसूस ही नहीं हुआ कि उनके पति शर्मनाक ऐसी हरकत कर सकते हैं। पति की गैर मौजूदगी पर ससुराल में इंट्री न मिलने से पीड़िता पुष्पा अपने दो बीमार बच्चों के साथ मायके में रहकर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाते हुए इंसाफ की गुहार लगा रही है।

28 जून से बिलासपुर रीवा चलेगी, शहडोल से कटनी के बीच सारे स्टॉपेज समाप्त


अनूपपुर

काफी इंतजार के बाद रेलवे ने जनता की समस्या और कोरोना महामारी की कमी होने पर बिलासपुर से रीवा 08247 और रीवा से बिलासपुर 08248 स्पेशल सवारी गाड़ी को रेलवे ने हरी झंडी दे दी हैं यह ट्रेन 28 जून 2021 से शुरू होगी मगर लोगो की परेशानी का सबब यह है कि इस गाड़ी का शहडोल कटनी के बीच सभी स्टेशनों पर स्टापेज समाप्त कर दिए गए है जिससे लोगो को काफी असुविधा होगी।

वैक्सीनेशन महाभियान में प्रशासन की बड़ी चूक सेंटरों में भारी भीड़

*बिना मास्क के सोशल डिस्टेंस की यदि धज्जियाँ, जिम्मेदार नदारद*


अनूपपुर

21 जून योग दिवस दिन सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा वैक्सीनेशन महाभियान शुरू किया गया रहा मगर शुरू होते ही अनेक खामियां नजर आने लगीं प्रशासन मीटिंग करके कागजो में तैयारी कर लेती हैं मगर मैदान में जाकर देखने से यह पता चलता है कि तैयारी अच्छी नही रही जिला मुख्यालय उत्कृष्ट विद्यालय में वैक्सिनेशन के लिए जो इंतजाम किए गए हैं वहाँ पर भीड़ देखकर लगता है सोशल डिस्टेंस है ही नही लोग तो नियमो को नही मानते मगर पालन करवाने वाले लोग भी वहाँ से नदारद हैं बहुत सारे लोगो के चेहरे पर मास्क ही नही है कोरोना संक्रमण तो जिले  समाप्ति की ओर है बाजार खुल गया हैं  मगर अभी हाल में नए वेरिएंट डेल्टा प्लस की एंट्री म.प्र.में  हो चुकी हैं इस कारण से लापरवाही करना खतरों से खेलने जैसा है प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता है। केवहाँ की व्यवस्था देखकर लगता हैं कि जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही हैं। वैक्सीनेशन सेंटर में काफी भीड़ देखने को मिल रही हैं सेंटर का एक ही मुख्य द्वार होने के कारण बढी भीड़ वैक्सीनेशन में लग रही देरी लोग सुबह से  खड़े है लाइन में नहीं लग रहा नंबर लोगो मे बढ़ रहा आक्रोश जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों को ध्यान दिया जाना आवश्यक है। नही तो इसका खामियाजा पूरे जिले को भुगतना पड़ सकता हैं।

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